मिर्जापुर धर्मांतरण केस

मिर्जापुर धर्मांतरण केस में लुक आउट नोटिस जारी, देश से भागने की फ़िराक में हैं दो आरोपी

मिर्जापुर। मिर्जापुर धर्मांतरण मामले में कार्रवाई कर रही पुलिस को जैसे ही खबर मिली कि, आरोपी इमरान और लकी अली खान देश छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। वह तुरंत ही एक्शन में आ गई  और बिना समय गवाएं दिल्ली एयरपोर्ट व नेपाल बॉर्डर की तरफ टीमें रवाना कर दी। पुलिस ने आरोपियों की घेरेबंदी करने के लिए कुल पांच टीमों को अलग-अलग दिशाओं में तैनात कर दिया है, ताकि वे किसी भी तरफ से भाग न पायें।

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पहले भी दुबई जा चुका है इमरान

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रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि, इमरान और लकी खान दुबई जाने की कोशिश में हैं। इमरान पहले भी दुबई जा चुका है, ऐसे में पुलिस को शक है कि, धर्मांतरण मामले में फंसने के बाद वह विदेश भाग सकता है, जिसके लिए पुलिस पहले से ही सतर्क थी और दोनों आरोपियों पर नजर बनाये हुए थी। दावा है कि, पुलिस को सर्विलांस फोन कॉल्स के ज़रिए आरोपियों की हरकतों और प्लानिंग के बारे में अहम जानकारी मिली है।

प्रोटेक्टेड फोल्डर में मिले सबूत

गौरतलब है कि, उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर जिले में जिम की आड़ में धर्मांतरण रैकेट चल रहा था, जिसका पर्दाफाश उस वक्त हुआ जब एक महिला ने महिला हेल्प लाइन (1090) पर कॉल कर मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद, पुलिस को एक मोबाइल फोन पर पासवर्ड से सुरक्षित एक फोल्डर मिला, जिसमें 50 से ज़्यादा महिलाओं की तस्वीरें और वीडियो थे। इनमें घूमने-फिरने और शादियों की भी तस्वीरें शामिल थीं।

50 से ज़्यादा महिलाओं के फोटो और वीडियो मिले

शिकायत के बाद, पुलिस ने सबसे पहले मोहम्मद शेख अली को पूछताछ के लिए बुलाया। शुरुआती पूछताछ में उसने सभी आरोपों से इनकार किया और महिला की शिकायत को झूठा बताया। हालांकि, जब उसका मोबाइल फोन चेक किया गया, तो एक पासवर्ड-प्रोटेक्टेड फोल्डर मिला। पुलिस ने उससे फोन को अनलॉक करने को कहा तो वह घबराने लगा और बहाने बनाने लगा, लेकिन पुलिस के दबाव में उनसे फोल्डर को अनलॉक किया, तो उसमें 50 से ज़्यादा महिलाओं के फोटो और वीडियो मिले।

कई जिम में डाली गई रेड

फोल्डर में महिलाओं के घूमते, बाहर जाते और यहां तक ​​कि शादियों के भी फोटो थे। फोल्डर में कुछ महिलाओं के साथ आरोपियों की भी तस्वीरें थी, जो अलग-अलग जिम से जुड़ी थीं। डिजिटल सबूतों के आधार पर पुलिस ने पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया। इसके बाद पुलिस ने मिर्ज़ापुर के कई जिम में रेड डाली और कई गिरफ्तारियां की। इस दौरान कई और महिलाएं भी सामने आईं और पुलिस के साथ अपने अनुभव शेयर किए। पुलिस ने बताया कि, धर्मांतरण का ये रैकेट KGN 1, KGN 2.0, KGN 3, आयरन फायर और फिटनेस क्लब जैसे जिम से चलाया जा रहा था।

छह आरोपी अरेस्ट 

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इस मामले में अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिसमें एक पुलिस ऑफिसर भी शामिल है। दो आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनके नाम इमरान और लकी है। पुलिस ने इन्हें पकड़ने के लिए लुकआउट नोटिस जारी किया है और इन पर 25,000 रुपये का इनाम भी रखा गया है। अब खबर मिल रही है कि ये दोनों आरोपी देश से भागने की फ़िराक में हैं। बताया जा रहा है कि शुरुआत में दो महिलाओं ने फॉर्मल कंप्लेंट कीं, जबकि 25 से 30 महिलाओं ने इनडायरेक्ट कंप्लेंट कीं।

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अमीर घरों की महिलाओं को बनाते थे निशाना

पुलिस ने बताया कि, आरोपी अमीर घरों की महिलाओं को टारगेट करते थे। गैंग का एक मेंबर महिला को फंसाने का काम करता है। इस काम में अगर वह असफल हो जाता था, तो दूसरा आ जाता था। गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद शेख अली, फैसल खान, ज़हीर और शादाब शामिल हैं। शादाब GRP में कांस्टेबल था, जिसे पुलिस एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया गया था।

महिलाओं ने शेयर किये अनुभव

मिर्जापुर के एसएसपी सोमेन बर्मा ने बताया कि, जब महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी, तब कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले थे, लेकिन जब आरोपी को पूछताछ के लिए बुलाया गया और उसके मोबाइल में मौजूद  प्रोटेक्टेड फोल्डर को खोला गया, तब सारे सबूत मिले, जिसे देखकर पुलिस हक्की बक्की रह गई। एसएसपी ने बताया, महिलाओं को ले जाने वाली गाड़ियां भी बरामद कर ली गई हैं। कई महिलाओं ने पुलिस से बिना अपनी पहचान बताए बात की और धर्म बदलने से जुड़ी जानकारी शेयर की।

दिया जाता था फ्री जिम ट्रेनिंग का लालच

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महिलाओं ने पुलिस को बताया कि, उन्हें फ्री जिम ट्रेनिंग का लालच दिया गया था और इस दौरान उनकी तस्वीरें क्लिक की गईं। इसके बाद जब उनके नंबर एक्सचेंज होते थे और उन्हें ट्रेनिंग टिप्स दिए जाते थे, उसके बाद पर्सनल बातचीत भी होने लगती है। अगर महिलाएं इसमें इंटरेस्ट दिखातीं, तो दोस्ती बढ़ाई जाती और उन्हें घुमाने के लिए बाहर ले जाया जाता है। पुलिस ने जब मामले की जांच शुरू की तो पता चला कि महिलाओं को  बुर्का पहनाकर मिर्ज़ापुर के बाज़ारों, मंदिरों, मज़ारों और दूसरी जगहों पर ले जाया जाता था और धीरे-धीरे उन्हें इस्लाम की खूबियां बताई जाती थीं। इसके बाद उन्हें इस्लाम कबूल करने के लिए मनाया जाता था। अगर महिलाएं ऐसा करने से मना करती हैं, तो उन्हें उनके सेक्सुअल एक्सप्लॉइटेशन के फ़ोटो और वीडियो दिखाए जाते थे और उनसे पैसे मांगे जाते थे, जो महिलाएं पैसे नहीं दे पाती थीं, उन पर धर्म बदलने का दबाव डाला जाता था।

कई महिलाओं ने बदला है धर्म

पुलिस ने बताया, पूरा गैंग एक बार में एक ही महिला पर काम करता था। अगर कोई औरत एक जिम में नहीं फंसती थी, तो उसे दूसरे और फिर तीसरे जिम में भेज दिया जाता था। जिम चलाने वाले औरतों की फ़ोटो आपस में शेयर करते थे, और उन्हें “टारगेट” बताते थे। जांच करने वालों का दावा है कि गैंग ने कई लेयर वाला अंदरूनी ट्रैपिंग सिस्टम बना लिया था। पुलिस को यह भी पता चला है कि धार्मिक नारे लगाए जाते थे और बातचीत में एक से ज़्यादा शादी का ज़िक्र होता था। पुलिस का कहना है कि कई औरतों का धर्म बदला गया है। मामले की पूरी छानबीन की जा रही है, आरोपियों को बक्शा नहीं जायेगा।

 

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