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खुरपिया औद्योगिक क्लस्टर को मिलेगी रफ्तार, सीएम धामी ने केंद्र से मांगा सहयोग

सीएम धामी NICDIT की बैठक में हुए शामिल, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की अध्यक्षता

देहरादून। उत्तराखंड में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट यानी एनआईसीडीआईटी की तीसरी शीर्ष मॉनिटरिंग बैठक में वर्चुअल माध्यम से हिस्सा लिया।

यह बैठक केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित की गई, जबकि मुख्यमंत्री धामी ने मुख्यमंत्री आवास से इसमें प्रतिभाग किया। बैठक के दौरान देशभर में चल रही औद्योगिक कॉरिडोर परियोजनाओं की प्रगति, उनके समयबद्ध क्रियान्वयन और जरूरी आधारभूत संरचनाओं के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत समीक्षा की गई।

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खुरपिया औद्योगिक क्लस्टर की प्रगति पर चर्चा

बैठक में मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड में विकसित किए जा रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, खुरपिया की मौजूदा प्रगति और राज्य सरकार द्वारा इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड सरकार आईएमसी खुरपिया को राज्य के औद्योगिक विकास के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसके समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण तथा सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है।

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मुख्यमंत्री ने बैठक में जानकारी दी कि इस परियोजना के लिए निर्धारित की गई एक हजार दो एकड़ भूमि पूरी तरह से एनयूआईटीएल के कब्जे में आ चुकी है। उन्होंने बताया कि फिलहाल परियोजना स्थल पर किसी प्रकार की कोई बाधा मौजूद नहीं है, जिससे निर्माण कार्य को तय समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ाने के लिए जरूरी आधार पूरी तरह तैयार हो चुका है।

ईपीसी अनुबंध और निर्माण कार्य पर अपडेट

मुख्यमंत्री ने बैठक में यह भी बताया कि आईएमसी खुरपिया के विकास से जुड़ा ईपीसी अनुबंध बीस मार्च दो हजार छब्बीस को औपचारिक रूप से निष्पादित किया जा चुका है, और परियोजना स्थल पर निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है। उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत कुल चौबीस दशमलव एक किलोमीटर राइट ऑफ वे यानी आरओडब्ल्यू को पूरी तरह क्लियर कर संबंधित ईपीसी ठेकेदार को सौंप दिया गया है, जिसके बाद सड़क निर्माण सहित अन्य जरूरी कार्य अब तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं।

कनेक्टिविटी और बिजली आपूर्ति पर जोर

मुख्यमंत्री ने बैठक में इस बात पर खास जोर दिया कि किसी भी बड़े औद्योगिक क्लस्टर की सफलता केवल वहां औद्योगिक इकाइयों की स्थापना तक ही सीमित नहीं होती, बल्कि इसके लिए मजबूत सड़क कनेक्टिविटी, भरोसेमंद बिजली आपूर्ति और आधुनिक ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर का होना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने बताया कि इसी सोच के साथ राज्य सरकार आईएमसी खुरपिया की बाहरी अवसंरचना को मजबूत करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर काम कर रही है।

इसी क्रम में उन्होंने जानकारी दी कि राज्य सरकार नागला-किच्छा एसएच-चौवालीस मार्ग के करीब साढ़े दस किलोमीटर हिस्से को फोरलेन बनाए जाने के लिए जरूरी समन्वय और कार्यवाही सुनिश्चित कर रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह मार्ग आईएमसी खुरपिया को बेहतर सड़क संपर्क प्रदान करने के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने में अहम भूमिका निभाएगा।

बिजली आपूर्ति के मोर्चे पर भी मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए निर्बाध और पर्याप्त विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में पिटकुल द्वारा चार सौ बटा दो सौ बीस केवी उपकेंद्र के समयबद्ध निर्माण के लिए जरूरी कार्यवाही और समन्वय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मजबूत बिजली और सड़क कनेक्टिविटी आईएमसी खुरपिया में स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों के लिए एक ठोस आधार तैयार करेगी।

दिसंबर 2028 तक पूरा होगा ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर

बैठक में मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि आईएमसी खुरपिया से जुड़े ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर के कार्यों को दिसंबर दो हजार अट्ठाईस तक समयबद्ध तरीके से पूरा किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना के हर चरण की लगातार निगरानी की जाए, विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखा जाए और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता तथा गति दोनों पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि परियोजना तय समय-सीमा में पूरी हो सके।

 आर्थिक विकास पर फोकस

मुख्यमंत्री ने बैठक में यह भी रेखांकित किया कि आईएमसी खुरपिया उत्तराखंड में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने, स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करने और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति देने की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण परियोजना है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि परियोजना के विकास के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार और कौशल विकास के पर्याप्त अवसर मिलें, जिससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों का व्यापक विस्तार हो सके।

केंद्र से सहयोग की अपेक्षा

मुख्यमंत्री धामी ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को निर्धारित समयसीमा के भीतर धरातल पर उतारने के लिए भारत सरकार तथा एनआईसीडीआईटी और एनआईसीडीसी द्वारा गठित विशेष प्रयोजन वाहन यानी एसपीवी से जरूरी सहयोग और समन्वय की अपेक्षा जताई। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से आईएमसी खुरपिया को एक आधुनिक, प्रतिस्पर्धी और निवेश के अनुकूल औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि उत्तराखंड सरकार परियोजना से जुड़े सभी राज्य स्तरीय मुद्दों के समाधान के लिए पूरी तरह तत्पर है, और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आईएमसी खुरपिया के विकास कार्य में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो। इसके लिए राज्य सरकार निरंतर निगरानी और प्रभावी समन्वय बनाए रखेगी।

विकसित भारत के संकल्प से जुड़ी परियोजना

बैठक के समापन पर मुख्यमंत्री धामी ने विश्वास जताया कि आईएमसी खुरपिया आने वाले समय में उत्तराखंड के औद्योगिक विकास को एक नई दिशा देने के साथ-साथ निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप उत्तराखंड में आधुनिक औद्योगिक आधारभूत संरचना के निर्माण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान राज्य के सचिव विनय शंकर पांडेय भी उपस्थित रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना पूरी होने के बाद उत्तराखंड में औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन की दृष्टि से एक बड़ा बदलाव ला सकती है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

 

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