विश्व में सुख शान्ति के लिए भारत का हिन्दू राष्ट्र होना जरूरी: स्वामी आनन्द स्वरूप

शंकराचार्य परिषद व भाग्योदय फाउण्डेशन के तत्वावधान में हिन्दू पंचायत सम्पन्न

लखनऊ । विश्व में यदि सुख और शान्ति की स्थापना करनी है उसके लिए भारत का हिन्दू राष्ट्र (हिन्दू गणराज्य) होना परम आवश्यक है। पूरी दुनिया जब इस्लामिक बारूद के ढेर पर खड़ी हो, ऐसे में विश्व शान्ति के लिए अथवा इन बारूदों को समाप्त करने (निष्क्रिय करने) के लिए भारत का हिन्दू राष्ट्र होना बहुत जरूरी है। यह ईश्वर इच्छा है, भवितव्यता है। इस दिशा में परिस्थितियां अनुकूल बनती जा रही हैं, सनातनी समाज एकजुट हो रहा है। हिन्दू समाज हो अथवा हमारे अन्य पंथावलम्बी बन्धु, सभी इसकी आवश्यकता, महत्ता व गरिमा को अब समझने लगे हैं।

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विश्व में सुख शान्ति के लिए भारत का हिन्दू राष्ट्र होना जरूरी: स्वामी आनन्द स्वरूप

यह बात अपराह्नकाल गोमतीनगर के विपुल खण्ड स्थित स्मृति भवन सभागार में शंकराचार्य परिषद के अध्यक्ष स्वामी आनन्द स्वरूप जी महाराज ने कही। वह शंकराचार्य परिषद तथा भाग्योदय फाउण्डेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘‘हिन्दू रिपब्लिक ऑफ हिन्दुस्थान के लिए हिन्दू पंचायत’’ में अपने अध्यक्षीय भाषण में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि इसके लिए शंकराचार्य परिषद और भाग्योदय फाउंडेशन के तत्वावधान में देश भर में हिंदू  पंचायतों का आयोजन किया जा रहा है। इसके जरिए भारत में रहने वाले हर व्यक्ति में देशभक्ति और मां भारती के प्रति लगाव पैदा किया जा रहा है। कहा कि जो भी व्यक्ति भारत को सगा मानता है, वह हमारा अपना है। विश्व में सुख शान्ति के लिए भारत का हिन्दू राष्ट्र होना जरूरी: स्वामी आनन्द स्वरूप

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भाग्योदय फाउण्डेशन के अध्यक्ष व संस्थापक राम महेश मिश्र के मुख्य मंचीय समन्वयन में आहूत हिन्दू पंचायत में बोलते हुए शंकराचार्य परिषद के राष्ट्रीय पार्षद डॉ. विद्याशंकर उपाध्याय ने कहा कि यह देश अनादि काल से हिन्दू राष्ट्र ही रहा है और केवल संविधान की प्रस्तावना में नामांतरण मात्र से इसका मूल चरित्र परिवर्तित नहीं हो सकता। जिस तरह गेहूँ के खेत मे घास कितना भी उग जाय, उसे कभी घास का खेत नहीं बोला जाता; उसी तरह कितने भी मत – मजहब अतिक्रमण करें, यह देश हिन्दू राष्ट्र ही रहेगा। उन्होंने कहा कि परन्तु, औपचारिक रूप से पुनः इसे हिन्दू राष्ट्र के रूप में स्थापित करने हेतु जनदबाव अति आवश्यक है, जो शंकराचार्य परिषद और भाग्योदय फाउंडेशन की अगुवाई में अवश्य ही सम्भव होगा। विश्व में सुख शान्ति के लिए भारत का हिन्दू राष्ट्र होना जरूरी: स्वामी आनन्द स्वरूप

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भाग्योदय फाउण्डेशन में अध्यात्म एवं शिक्षा प्रभाग के निदेशक रविराज सिंह ने इस मौके पर सनातन/हिन्दू समाज में आयी कमियों की चर्चा करते हुए उसमें सुधार लाने हेतु स्वामी विवेकानंद के विचारों एवं वेदांत दर्शन के प्रकाश में विभिन्न उपायों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि हिन्दू राष्ट्र से तात्पर्य उन समस्त लोगों से है जो हमारे भारत में निवास करते हैं और एकता एवं अखण्डता में विश्वास करते हैं। हिन्दू राष्ट्र का आधार हिन्दू धर्म होगा, चूंकि वह हमारा वैदिक सनातन धर्म है। विश्व में सुख शान्ति के लिए भारत का हिन्दू राष्ट्र होना जरूरी: स्वामी आनन्द स्वरूप

उन्होंने कहा कि हिन्दू धर्म कोई मत या मजहब नहीं है बल्कि वह एक समग्र पूर्ण जीवन पद्धति है जिसके पर्याप्त वैश्विक आधार हैं, जो मानवीय मूल्य पूरी मानवता का पोषण करते है। वे सर्वे भवन्तु सुखिन: सर्वे सन्तु निरामयाः का समर्थन करते हैं ऐसे मानवीय मूल्यों की समष्टि से हमारा वैदिक सनातन हिन्दू धर्म निर्मित हुआ है। इस राष्ट्र का प्राण केन्द्र धर्म है। भाग्योदय प्रतिनिधि ने कहा कि जब तक यह राष्ट्र धर्म की नींव पर टिका रहेगा, तब तक यह राष्ट्र जीवित रहेगा। युवा विदुषी आयुषी राणा के ओजस्वी उद्बोधन को सुनकर सबमें अदभुत राष्ट्रभक्ति के भाव जागरण का संचार हुआ।

विश्व में सुख शान्ति के लिए भारत का हिन्दू राष्ट्र होना जरूरी: कार्यक्रम में ब्रह्मर्षि स्वामिश्री विष्णुदेवाचार्य जी महाराज, पीठाधीश्वर सनातन धाम मंदिर व प्रबंधक स्वामिश्री पुरुषोत्तमाचार्य गुरुकुल विद्यापीठ, हनुमंत पुरम्, नगरौर बहराइच, शंकराचार्य परिषद के राष्ट्रीय सचिव सुरेश पाण्डेय, प्रदेश अध्यक्ष लालजी शुक्ल तथा भाग्योदय स्वास्थ्य शिक्षा प्रभाग के निदेशक डॉ. वंशराज मौर्य, फाउंडेशन के सलाहकार प्रमिल द्विवेदी, न्यासी नीना अग्रवाल, हरीश पाण्डेय, पुनीत कालरा, प्रदीप गुप्ता आदि मौजूद थे।