Home Decor Tips: फर्नीचर के निशानों से खराब हो रही है दीवार? अपनाएं ये आसान उपाय

Home Decor Tips: घरों में दीवारों की सुंदरता बनाए रखना हर गृहस्थ की पहली प्राथमिकता होती है, लेकिन रोजमर्रा के इस्तेमाल में फर्नीचर के कारण दीवारों पर पड़ने वाले काले निशान और खरोंचें अक्सर इस सुंदरता को फीका कर देते हैं। यह समस्या तब और गंभीर हो जाती है जब घर में हाल ही में पेंट कराया गया हो और कुछ ही दिनों के भीतर कुर्सी, टेबल या अन्य फर्नीचर के रगड़ने से दीवार पर स्कफ मार्क्स नजर आने लगते हैं।

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हर घर की समस्या

गृह सज्जा से जुड़े जानकारों का कहना है कि, यह दिक्कत लगभग हर घर में देखने को मिलती है। फर्नीचर को दीवार के बिल्कुल करीब रखना, उसे बार-बार खिसकाना या अनजाने में टकरा जाना… ये सभी दीवार की पेंट की गई सतह को नुकसान पहुंचाते हैं।

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समय के साथ यह नुकसान इतना बढ़ जाता है कि दीवार का पूरा कोना बदरंग दिखाई देने लगता है और उन्हें फिर से पेंट कराने की नौबत आ जाती है।

 क्यों पड़ते हैं निशान  

दीवार और फर्नीचर के बीच लगातार होने वाला घर्षण ही इसका मुख्य कारण है। जब कोई भारी सामान जैसे सोफा, कुर्सी या टेबल दीवार से सटा रहता है और उसे थोड़ा भी हिलाया-डुलाया जाता है, तो उसका किनारा सीधे पेंट की सतह से रगड़ खाता है। कई घरों में फर्नीचर को दीवार से बहुत सटाकर रखने की आदत भी होती है, जो इस समस्या को और बढ़ा देती है। रोजमर्रा के उपयोग के दौरान कुर्सी पीछे खिसकती है या मेज हल्की सी आगे-पीछे होती है। यही मामूली हरकत धीरे-धीरे दीवार पर काले धब्बे, खरोंच या हल्के दाग के रूप में सामने आती है।

घर्षण को रोकें

घर की साज-सज्जा से जुड़े जानकारों की राय है कि, दीवार पर निशान पड़ जाने के बाद उसे साफ करना या दोबारा पेंट कराना संभव तो है, लेकिन इस प्रक्रिया को बार-बार दोहराने में समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है। ऐसे में बेहतर यही है कि, फर्नीचर और दीवार के बीच होने वाले घर्षण को पहले ही रोका जाए। इसके लिए फर्नीचर के उन हिस्सों की पहचान जरूरी है जो दीवार के सीधे संपर्क में आते हैं। अगर किसी कुर्सी, टेबल या अन्य सामान का किनारा बार-बार दीवार से टकराता है, तो वहां सुरक्षा के तौर पर छोटे पैड लगाना एक कारगर उपाय माना जाता है।

फेल्ट पैड बन सकते हैं समाधान

बाजार में उपलब्ध फर्नीचर फेल्ट पैड इस समस्या से निपटने में मददगार साबित हो सकते हैं। ये छोटे और मुलायम पैड होते हैं, जिन्हें आमतौर पर फर्नीचर के पैरों या उन हिस्सों पर चिपकाया जाता है जो किसी सतह के सीधे संपर्क में आते हैं। ये अलग-अलग आकार और मोटाई में उपलब्ध होते हैं। ऐसे में इन्हें फर्नीचर की जरूरत के हिसाब से चुना जा सकता है। खास बात यह है कि, इनका इस्तेमाल केवल फर्श को खरोंच से बचाने तक सीमित नहीं होता बल्कि सही स्थान पर लगाए जाने पर ये फर्नीचर और दीवार के बीच सीधे संपर्क और रगड़ को भी काफी हद तक कम कर सकते हैं।

दीवार की सुरक्षा कैसे करते हैं पैड

फेल्ट पैड फर्नीचर और दीवार के बीच एक नरम परत की तरह काम करते हैं। जब फर्नीचर हल्का सा हिलता है या पीछे की तरफ खिसकता है, तो उसका सख्त हिस्सा सीधे पेंट से नहीं टकराता। इसके तीन प्रमुख फायदे होते हैं। पहला, घर्षण कम होने से दीवार पर स्कफ मार्क्स बनने की आशंका घट जाती है। दूसरा, अचानक टकराव की स्थिति में पैड झटके को कुछ हद तक सोख लेता है। तीसरा, फर्नीचर खिसकाने के दौरान होने वाली रगड़ की आवाज भी कम हो जाती है, जिससे घर में शांति बनी रहती है।

पैड खरीदते समय बरतें सावधानी

हर तरह के फर्नीचर के लिए एक जैसा पैड उपयुक्त नहीं होता। खरीदने से पहले फर्नीचर के वजन पर ध्यान देना चाहिए। भारी फर्नीचर के लिए मजबूत और अच्छी गुणवत्ता वाले पैड की आवश्यकता होती है। इसके बाद पैड का आकार भी देखना चाहिए। पैड इतना बड़ा होना चाहिए कि, वह फर्नीचर के संपर्क वाले हिस्से को पूरी तरह ढक सके। बहुत छोटा पैड लगाने का कोई लाभ नहीं होता। इसके अलावा पैड की मोटाई भी अहम भूमिका निभाती है, जिन स्थानों पर फर्नीचर और दीवार के बीच बार-बार संपर्क होता है, वहां अधिक कुशन वाली मोटी परत वाला पैड लगाना चाहिए।

लगाने से पहले सतह की सफाई जरूरी

पैड लगाने से पहले संबंधित सतह को अच्छी तरह साफ करना आवश्यक है। धूल, मिट्टी या चिकनाई मौजूद रहने पर पैड का चिपकने वाला हिस्सा ठीक से नहीं टिकता, जिससे कुछ ही दिनों में वह निकल सकता है। सतह साफ करने के बाद उसे पूरी तरह सूखने देना चाहिए। इसके बाद ही पैड को सही स्थान पर लगाकर कुछ समय तक दबाकर रखना चाहिए ताकि वह मजबूती से चिपक जाए। जल्दबाजी में फर्नीचर खिसकाने से पैड अपनी जगह से हट सकता है और उसका उद्देश्य पूरा नहीं हो पाता।

समय-समय पर बदले

फेल्ट पैड स्थायी समाधान नहीं होते और लगातार इस्तेमाल के कारण इनकी सतह घिस जाती है, गंदगी जमा हो सकती है या चिपकने वाला हिस्सा कमजोर पड़ सकता है। ऐसे में समय रहते इन्हें बदल देना चाहिए। यदि पैड बहुत पतला हो गया हो या अपनी जगह से हटने लगा हो, तो उसे तुरंत नए पैड से बदल देना चाहिए। इसके साथ ही समय-समय पर फर्नीचर के पीछे और दीवार के आसपास की स्थिति की जांच भी करते रहनी चाहिए, ताकि किसी भी नुकसान को शुरुआती चरण में ही पहचाना जा सके।

 बचाव पर ध्यान

दीवार पर निशान पड़ने के बाद उन्हें साफ करने के लिए तमाम घरेलू नुस्खे आजमाए जाते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि, हर तरह की पेंट की सतह पर एक ही तरीका असरदार साबित हो, यह जरूरी नहीं। कई बार ज्यादा रगड़ने या गलत क्लीनिंग प्रोडक्ट के इस्तेमाल से पेंट की स्थिति और बिगड़ सकती है। ऐसे में अगर दीवार पर बार-बार निशान बन रहे हैं, तो केवल उन्हें साफ करने पर ही ध्यान केंद्रित करने के बजाय यह समझना जरूरी है कि, आखिर ये निशान बनते क्यों हैं।

फर्नीचर और दीवार के बीच थोड़ी दूरी बनाए रखना, टकराव वाले स्थानों पर फेल्ट पैड लगाना और फर्नीचर को सावधानीपूर्वक खिसकाना। ये छोटे-छोटे उपाय दीवार की पेंट को लंबे समय तक नया और आकर्षक बनाए रखने में मददगार साबित हो सकते हैं।

 

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