
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने चौथे टी20 मुकाबले में श्रीलंकाई महिला टीम को 30 रन से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 4-0 की अजेय बढ़त बना ली है। इस मुकाबले में स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की विस्फोटक बल्लेबाजी ने मैच का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में मोड़ दिया। हालांकि, मैच के दौरान टॉप ऑर्डर बल्लेबाज हरलीन देओल को बल्लेबाजी के लिए नहीं भेजे जाने पर सवाल उठे, जिस पर कप्तान हरमनप्रीत कौर ने बड़ा खुलासा किया है।
मैच के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा कि टीम की रणनीति हरलीन देओल को मौका देने की थी, लेकिन स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने इतनी शानदार शुरुआत दिला दी कि प्लान बदलना पड़ा। हरमनप्रीत के मुताबिक, टीम को तेजी से रन बनाने की जरूरत थी, इसलिए ऋचा घोष को ऊपर भेजा गया क्योंकि वह कम गेंदों में ज्यादा रन बना सकती हैं। इसी वजह से हरलीन को बल्लेबाजी का मौका नहीं मिल सका।
स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 162 रन की जबरदस्त साझेदारी की। स्मृति मंधाना ने 80 रन और शेफाली वर्मा ने 79 रन की धमाकेदार पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों के सामने श्रीलंकाई गेंदबाज पूरी तरह बेबस नजर आईं। इसके बाद ऋचा घोष ने मैदान पर आते ही आक्रामक अंदाज दिखाया और सिर्फ 16 गेंदों में 40 रन ठोक दिए, जिसमें चार चौके और तीन छक्के शामिल रहे। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी 10 गेंदों में 10 रन बनाकर पारी को मजबूती से फिनिश किया।
लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंकाई महिला टीम 20 ओवर में 191 रन ही बना सकी। टीम की ओर से कप्तान चमारी अट्टापट्टू ने 52 रन की अहम पारी खेली, जबकि हासिनी परेरा ने 33 रन जोड़े। भारतीय गेंदबाजों में अरुंधति रेड्डी और वैष्णवी शर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 2-2 विकेट हासिल किए। भारतीय टीम की इस जीत ने सीरीज में उसका दबदबा और मजबूत कर दिया है।


