
हरिद्वार। पवित्र गंगा नदी की धारा में आस्था का महासागर उमड़ा। सोमवती अमावस्या स्नान पर्व के अवसर पर हरिद्वार में करीब 76 लाख श्रद्धालुओं ने हरकी पैड़ी समेत विभिन्न गंगा घाटों पर पवित्र स्नान किया। लाखों-करोड़ों भक्तों की इस अभूतपूर्व भीड़ ने एक तरफ गंगा मां की आराधना की तो दूसरी ओर शहर और घाटों पर भारी मात्रा में कूड़ा छोड़ दिया।
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देश के कोने-कोने से आते हैं श्रद्धालु
अनुमान है कि, श्रद्धालुओं ने करीब 200 टन कूड़ा विभिन्न घाटों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर बिखेर दिया, जिसकी सफाई के लिए हरिद्वार नगर निगम की टीम को पूरी रात कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। सोमवती अमावस्या का पर्व हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि, इस दिन गंगा स्नान करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और पुण्य का लाभ होता है। इसी आस्था के चलते देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे।

हरकी पैड़ी, विष्णु घाट, अलकनंदा घाट, सुभाष घाट, नई घाट, मालवीय घाट सहित सभी प्रमुख घाटों पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही। दिन भर घाटों पर स्नान का सिलसिला चलता रहा। श्रद्धालु न केवल स्नान कर रहे थे, बल्कि पूजा-अर्चना, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठान भी कर रहे थे, लेकिन इस विशाल श्रद्धा-भीड़ के साथ-साथ कूड़े का अंबार भी लग गया।
प्लास्टिक की बोतलें, थाली-पत्र, फूल-माला, कपड़े, खाने के पैकेट, खाली पैकेट और अन्य अपशिष्ट सामग्री हर तरफ बिखरी पड़ी थी। घाटों की सीढ़ियों, किनारों, बाजारों की गलियों और सड़कों पर कूड़े के ढेर लग गए थे। ऐसी स्थिति में हरिद्वार नगर निगम के अधिकारियों और सफाई कर्मचारियों पर भारी जिम्मेदारी आ पड़ी।
रात भर चला सफाई अभियान
देर रात जब घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ कम हुई, तो नगर निगम की स्वच्छता टीम तुरंत सक्रिय हो गई। रात करीब 9 बजे से सफाई अभियान शुरू किया गया। पुलिस प्रशासन से वाहनों के आवागमन की अनुमति मिलते ही 90 ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित भारी मशीनरी और सैकड़ों सफाई कर्मी घाटों पर पहुंचे। विष्णु घाट, अलकनंदा घाट, सुभाष घाट, नई घाट, मालवीय घाट और अन्य प्रमुख स्नान स्थलों पर विशेष सफाई अभियान चलाया गया।सफाई कर्मी बिना रुके पूरी रात काम करते रहे।

उन्होंने घाटों की सीढ़ियों, चबूतरे, आसपास की गलियों और सार्वजनिक स्थानों से कूड़ा एकत्रित किया। सुबह 4 बजे तक प्रमुख घाटों और मार्गों की सफाई लगभग पूरी कर ली गई। करीब 200 टन कूड़े को 90 ट्रैक्टर ट्रॉली में भरकर सराय स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट पहुंचाया गया। नगर आयुक्त आईएएस नंदन कुमार ने रात करीब 2 बजे खुद घाटों का निरीक्षण किया।
उन्होंने सफाई कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान सहायक नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी भी उनके साथ मौजूद रहे। नगर आयुक्त ने सफाई कर्मियों के उत्साहवर्धन को भी विशेष महत्व दिया और उनकी रातभर की मेहनत की सराहना की।
एक दिन में निकला 200 कूड़ा
हरिद्वार नगर निगम के 60 वार्डों में रोजाना 250 से 300 टन कूड़ा निकलता है, जिसका नियमित निस्तारण किया जाता है, लेकिन सोमवती अमावस्या जैसे बड़े पर्व पर एक दिन में अतिरिक्त 200 टन कूड़े का बोझ निगम के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। फिर भी निगम की टीम ने बेहद कम समय में यह जिम्मेदारी बखूबी निभाई।

सहायक नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी ने बताया, श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए मुख्य नगर आयुक्त के निर्देश पर तुरंत बड़ा सफाई अभियान शुरू किया गया। हमारी टीम पूरी रात डटी रही और निर्धारित समय में सभी प्रमुख घाटों व मार्गों की सफाई पूरी कर ली गई। जहां-जहां अभी भी सफाई बाकी है, वहां दिन में भी कार्य जारी रहेगा। हमारी कोशिश है कि, शहर की स्वच्छता व्यवस्था जल्द से जल्द पूरी तरह बहाल हो जाए।
कम से कम इस्तेमाल करें प्लास्टिक
इस अभियान में मुख्य सफाई निरीक्षक संजय शर्मा, सफाई निरीक्षक धीरेंद्र सेमवाल और नगर निगम की पूरी स्वच्छता टीम ने उल्लेखनीय कार्य किया। कर्मचारियों ने थकान को दरकिनार कर गंगा घाटों को फिर से स्वच्छ और सुंदर बनाने का प्रयास किया। सोमवती अमावस्या स्नान पर्व पर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था निश्चित रूप से सराहनीय है, लेकिन साथ ही यह भी जरूरी है कि हम अपनी आस्था के साथ-साथ पर्यावरण और गंगा की स्वच्छता का भी ध्यान रखें। प्लास्टिक का कम इस्तेमाल, कूड़े को निर्धारित स्थानों पर ही फेंकना और “स्वच्छ गंगा, स्वच्छ हरिद्वार” का संकल्प लेकर चलना ही सच्ची श्रद्धा होगी।
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