नई दिल्ली: पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) उन निवेशकों के लिए बेहतरीन विकल्प है, जो कम जोखिम के साथ हर महीने तय आय चाहते हैं। यह योजना भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त है और फिलहाल इसमें 7.4 प्रतिशत सालाना ब्याज दर दी जा रही है। ब्याज का भुगतान हर महीने सीधे खाते में किया जाता है, जिससे यह स्कीम रिटायरमेंट प्लानिंग और नियमित इनकम के लिए भरोसेमंद मानी जाती है।

₹9 लाख जमा करने पर कितनी होगी मासिक इनकम
अगर आप पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम में एकमुश्त ₹9,00,000 का निवेश करते हैं, तो 7.4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर के हिसाब से आपको हर महीने करीब ₹5,550 की फिक्स्ड इनकम मिलेगी। यह राशि हर माह तय तारीख पर खाते में जमा होती है, जिससे खर्चों की प्लानिंग आसान हो जाती है।
POMIS योजना की प्रमुख खूबियां
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम की अवधि 5 साल होती है। इसमें एकल खाता या संयुक्त खाता खोला जा सकता है, जिसमें न्यूनतम 1 और अधिकतम 3 लोग शामिल हो सकते हैं। खाताधारक नॉमिनी नियुक्त कर सकता है और जरूरत पड़ने पर नामांकन बाद में भी जोड़ा जा सकता है। यह खाता भारत के किसी भी पोस्ट ऑफिस में ट्रांसफर किया जा सकता है, जिससे स्थान बदलने पर भी सुविधा बनी रहती है।
टैक्स से जुड़ी अहम जानकारी
POMIS से मिलने वाला मासिक ब्याज पूरी तरह टैक्सेबल होता है और यह निवेशक की आयकर स्लैब के अनुसार कर के दायरे में आता है। इस योजना में निवेश पर धारा 80C के तहत कोई टैक्स छूट नहीं मिलती। हालांकि, पोस्ट ऑफिस ब्याज पर TDS नहीं काटता, लेकिन निवेशक को इसे अपनी आय में दिखाना अनिवार्य होता है।
कितनी राशि कर सकते हैं जमा
खाता खोलने के लिए न्यूनतम ₹1,000 जमा करना जरूरी है और इसमें केवल एक बार ही निवेश किया जा सकता है। सिंगल अकाउंट में अधिकतम ₹9 लाख और संयुक्त खाते में अधिकतम ₹15 लाख तक जमा किए जा सकते हैं। एक व्यक्ति द्वारा सभी खातों में मिलाकर कुल निवेश भी इसी सीमा के भीतर होना चाहिए। खाता खोलने के एक साल बाद निवेशक कभी भी खाता बंद कर सकता है।
समय से पहले खाता बंद करने के नियम
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम खाता एक साल पूरा होने से पहले बंद नहीं कराया जा सकता। यदि खाता 3 साल पूरे होने से पहले बंद किया जाता है, तो जमा राशि का 2 प्रतिशत काटा जाएगा। वहीं, 3 साल पूरे होने के बाद खाता बंद कराने पर 1 प्रतिशत की कटौती की जाती है। शेष राशि खाताधारक को वापस कर दी जाती है।
Sarkari Manthan Hindi News Portal & Magazine