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	<title>Sarkari Manthan</title>
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	<description>Hindi News Portal &#38; Magazine</description>
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		<title>नेतन्याहू की एक धमकी से डरा पाकिस्तान, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ को डिलीट करने पड़े पोस्ट</title>
		<link>https://sarkarimanthan.com/pakistan-scared-by-a-threat-from-netanyahu</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nisha Shukla]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Apr 2026 06:25:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>इस्लामाबाद। अंतरराष्ट्रीय राजनीति के मंच पर उस समय हड़कंप मच गया, जब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय से मिली सीधी चेतावनी के बाद अपने शब्द वापस लेने पड़े। यह मामला केवल एक सोशल मीडिया पोस्ट को हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने वैश्विक कूटनीति में पाकिस्तान &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://sarkarimanthan.com/pakistan-scared-by-a-threat-from-netanyahu">नेतन्याहू की एक धमकी से डरा पाकिस्तान, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ को डिलीट करने पड़े पोस्ट</a> appeared first on <a href="https://sarkarimanthan.com">Sarkari Manthan</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>इस्लामाबाद।</strong> अंतरराष्ट्रीय राजनीति के मंच पर उस समय हड़कंप मच गया, जब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय से मिली सीधी चेतावनी के बाद अपने शब्द वापस लेने पड़े। यह मामला केवल एक सोशल मीडिया पोस्ट को हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने वैश्विक कूटनीति में पाकिस्तान की कमजोर स्थिति और इजरायल के बढ़ते प्रभाव को एक बार फिर सतह पर ला दिया है। इस्लामाबाद वार्ता जैसी महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय बैठक से ठीक पहले हुए इस घटनाक्रम को विशेषज्ञों ने पाकिस्तान का कूटनीतिक आत्मसमर्पण करार दिया है।</p>
<p><strong> इसे भी पढ़ें- <a href="https://sarkarimanthan.com/trump-appeals-pardon-netanyahu-let-him-focus-on-the-iran-war">ट्रंप की अपील: नेतन्याहू को माफी दो, ईरान युद्ध पर करने दो फोकस</a></strong></p>
<h5><strong>आसिफ ने इजराइल के खिलाफ की टिप्पणी</strong></h5>
<p>विवाद की शुरुआत तब हुई जब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अपने आधिकारिक &#8216;एक्स&#8217; हैंडल पर इजरायल के खिलाफ बेहद आक्रामक और विवादित टिप्पणी की। आसिफ ने इजरायल को मानवता के लिए अभिशाप बताया था। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर आग की तरह काम किया, लेकिन यह आग जल्द ही पाकिस्तान के लिए मुसीबत बन गई।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone wp-image-107756 size-full" src="https://sarkarimanthan.com/wp-content/uploads/2026/04/Netanyahu-a-e1775799904279.webp" alt="Netanyahu" width="600" height="364" /></p>
<p>जैसे ही यह पोस्ट इजरायली नेतृत्व की नजर में आई, तेल अवीव से प्रतिक्रिया आने में देर नहीं लगी। बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने इस पर आधिकारिक और बेहद सख्त आपत्ति दर्ज कराई। इजरायल ने स्पष्ट रूप से कहा कि, इस तरह की अपमानजनक भाषा किसी भी जिम्मेदार राष्ट्र के मंत्री को शोभा नहीं देती। इजरायल के रुख की आक्रामकता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि, उन्होंने पाकिस्तान की उस भूमिका पर ही सवाल उठा दिए, जिसे वह दुनिया के सामने पेश करने की कोशिश कर रहा था।</p>
<h5><strong>वैश्विक अलगाव से जूझ रहा पाकिस्तान</strong></h5>
<p>इजरायली प्रधानमंत्री के कार्यालय से जारी संदेश में कहा गया कि, पाकिस्तान एक तरफ तो खुद को अंतरराष्ट्रीय शांति वार्ताओं में एक तटस्थ मध्यस्थ के रूप में स्थापित करने का ढोंग कर रहा है और दूसरी तरफ उसके शीर्ष मंत्री घृणा फैलाने वाली भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। इजरायल ने चेतावनी दी कि, यदि पाकिस्तान अपनी इस तरह की गतिविधियों को नहीं रोकता, तो उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।</p>
<p>पाकिस्तान, जो पहले से ही आर्थिक कंगाली और वैश्विक अलगाव से जूझ रहा है के पास इस दबाव को झेलने की शक्ति नहीं थी। आनन-फानन में रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ को अपना पोस्ट डिलीट करना पड़ा। यह कदम पाकिस्तान की उस लाचारी को दर्शाता है, जहां वह घरेलू राजनीति के लिए इजरायल विरोध का कार्ड तो खेलता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय दबाव आते ही घुटने टेक देता है।</p>
<p>यह पूरा विवाद एक ऐसे संवेदनशील समय पर हुआ है जब पाकिस्तान इस्लामाबाद वार्ता की मेजबानी करने जा रहा है। पाकिस्तान इस मंच का उपयोग दुनिया को यह दिखाने के लिए करना चाहता था कि, वह क्षेत्रीय शांति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच चल रही संभावित शांति प्रक्रियाओं के संदर्भ में।</p>
<h5><strong>नाजुक दौर से गुजर रहा पाकिस्तान</strong></h5>
<p>हालांकि, ख्वाजा आसिफ के एक गैर-जिम्मेदाराना बयान और उसके बाद इजरायल के सामने झुकने की घटना ने पाकिस्तान के पीसमेकर वाले दावों की हवा निकाल दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि, इस घटना ने पाकिस्तान की कूटनीतिक विश्वसनीयता को भारी नुकसान पहुंचाया है। जब कोई देश खुद को मध्यस्थ बताता है, तो उससे निष्पक्षता की उम्मीद की जाती है। आसिफ के पोस्ट ने साबित कर दिया कि, पाकिस्तान की सोच अभी भी कट्टरपंथ और पूर्वाग्रहों से ग्रस्त है।</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञों का कहना है कि, पाकिस्तान इस समय बेहद नाजुक दौर से गुजर रहा है। देश की अर्थव्यवस्था अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और पश्चिमी देशों की मदद पर टिकी है। ऐसे में इजरायल जैसे शक्तिशाली देश से सीधे टकराना, जिसके संबंध अमेरिका से बेहद गहरे हैं, पाकिस्तान के लिए आत्मघाती साबित हो सकता था।</p>
<h5><strong>बिना शर्त पाक ने मानी हार</strong></h5>
<p>एक्सपर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान की यह त्वरित प्रतिक्रिया दर्शाती है कि, इस्लामाबाद में बैठे हुक्मरान जानते हैं कि वे किसी भी वैश्विक प्रतिबंध या कूटनीतिक बहिष्कार को सहन करने की स्थिति में नहीं हैं। इजरायल की कड़ी आपत्ति के बाद बिना किसी स्पष्टीकरण के पोस्ट हटा देना यह प्रमाणित करता है कि, पाकिस्तान ने बिना शर्त हार मान ली है। यह न केवल ख्वाजा आसिफ की व्यक्तिगत हार है, बल्कि यह पाकिस्तान की विदेश नीति की विफलता का भी प्रतीक है।</p>
<p>यह घटना इस बात का भी प्रमाण है कि, आधुनिक युग में सोशल मीडिया बयान किस तरह से युद्ध और शांति के बीच की रेखा बन सकते हैं। एक रक्षा मंत्री का बयान केवल उसका निजी विचार नहीं होता, बल्कि उसे देश की आधिकारिक नीति माना जाता है। ख्वाजा आसिफ ने शायद घरेलू स्तर पर वाहवाही लूटने के लिए यह बयान दिया था, लेकिन उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि, डिजिटल युग में उनकी एक क्लिक पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय किरकिरी करा देगी।</p>
<p>इजरायल ने इस मौके का इस्तेमाल पाकिस्तान को यह बताने के लिए किया कि, वह अब पुराने ढर्रे की कूटनीति बर्दाश्त नहीं करेगा। नेतन्याहू प्रशासन ने पाकिस्तान की दोहरी नीति को दुनिया के सामने बेनकाब कर दिया है, एक तरफ शांति की बातें और दूसरी तरफ चरमपंथी भाषा।</p>
<h5><strong> इजराइल के गलियारों में खलबली</strong></h5>
<p>रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ द्वारा पोस्ट डिलीट किया जाना पाकिस्तान के लिए एक बड़ा सबक है। यह घटना दर्शाती है कि, खोखली बयानबाजी और हकीकत के बीच बड़ा अंतर होता है। पाकिस्तान यदि वास्तव में अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक जिम्मेदार खिलाड़ी बनना चाहता है, तो उसे अपनी नीतियों और बयानों में गंभीरता लानी होगी।</p>
<p>फिलहाल, इस डिजिटल सरेंडर ने यह साफ कर दिया है कि, जब बात वैश्विक ताकत और कूटनीतिक दबाव की आती है, तो पाकिस्तान के बड़े-बड़े दावे ताश के पत्तों की तरह ढह जाते हैं। इजरायल की एक धमकी ने इस्लामाबाद के गलियारों में जो खलबली मचाई है, उसकी गूंज लंबे समय तक सुनाई देगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong> इसे भी पढ़ें- <a href="https://sarkarimanthan.com/netanyahus-major-statement-amid-the-hormuz-crisis">होर्मुज संकट के बीच नेतन्याहू का बड़ा बयान, सोच से पहले खत्म होगी जंग, तबाह हो चुका है ईरान</a></strong></p>
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		<title>राशिफल 10 अप्रैल 2026: आज किन राशियों को मिलेगी गुड न्यूज और किन्हें रहना होगा सावधान? यहां देखें</title>
		<link>https://sarkarimanthan.com/horoscope-for-april-10-2026</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nisha Shukla]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Apr 2026 05:09:08 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>  राशिफल 10 अप्रैल 2026: आज शुक्रवार को वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का संयोग बन रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, आज ग्रहों की बदलती चाल और कई शुभ योगों का निर्माण हो रहा है, जिसका सीधा प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा। इस बदलाव के चलते कुछ राशि वालों को &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>  राशिफल 10 अप्रैल 2026: </strong>आज शुक्रवार को वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का संयोग बन रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, आज ग्रहों की बदलती चाल और कई शुभ योगों का निर्माण हो रहा है, जिसका सीधा प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा। इस बदलाव के चलते कुछ राशि वालों को करियर में तरक्की और व्यापार में बड़ी सफलता मिल सकती है। वहीं, कुछ जातकों को आर्थिक लाभ होने की भी पूरी उम्मीद है। हालांकि, ग्रहों की यह स्थिति कुछ राशियों के लिए सतर्क रहने का संकेत भी दे रही है। आइए विस्तार से जानते हैं मेष से लेकर मीन तक के जातकों का दिन आज कैसा बीतेगा।</p>
<p><strong>इसे भी पढ़ें- <a href="https://sarkarimanthan.com/horoscope-for-april-9-2026">राशिफल 9 अप्रैल 2026: इन 5 राशियों के लिए वरदान साबित होगा धनु राशि में चन्द्रमा का गोचर</a></strong></p>
<h5><strong>मेष </strong></h5>
<p>आज का दिन आपके लिए काफी चुनौतीपूर्ण रह सकता है, इसलिए हर कदम सोच-समझकर उठाएं। व्यापार में किसी भी तरह का जोखिम लेने से बचें क्योंकि पुराने निवेश से नुकसान होने की आशंका है। वाणी पर नियंत्रण रखें, वरना करीबी रिश्तों में कड़वाहट आ सकती है और कानूनी विवादों से दूर रहना ही आपके हित में होगा।</p>
<h5><strong>वृषभ  </strong></h5>
<p>आर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन संतुलित रहेगा, लेकिन आपको फिजूलखर्ची पर लगाम लगानी होगी। कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ तालमेल बैठाकर चलें और किसी की बातों को दिल पर न लें। विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है और उन्हें अपनी मेहनत का उचित फल मिलेगा। शाम को परिवार के साथ बिताया समय आपको मानसिक शांति प्रदान करेगा।</p>
<h5><strong>मिथुन </strong></h5>
<p>पैतृक संपत्ति के मामलों में आज आपको बड़ी सफलता मिल सकती है जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। भाइयों के सहयोग से व्यापार की बाधाएं दूर होंगी और रुका हुआ धन वापस मिलने के योग बन रहे हैं। सामाजिक दायरे में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी और जीवनसाथी के साथ आपके संबंध पहले से अधिक मधुर और प्रगाढ़ होंगे।</p>
<h5><strong>कर्क  </strong></h5>
<p>आज आपको भाग्य का पूरा साथ मिलेगा और लंबे समय से अटका हुआ कोई महत्वपूर्ण कार्य पूरा हो सकता है। पिताजी की सलाह मानकर किए गए कार्यों में आपको भारी धन लाभ होने की संभावना है। पुराने मित्रों से अचानक मुलाकात आपकी खुशियों को दोगुना कर देगी। संतान की ओर से कोई सुखद समाचार मिलने से मन प्रसन्न रहेगा।</p>
<h5><strong>सिंह </strong></h5>
<p>आज का दिन मिले-जुले परिणाम देने वाला रहेगा इसलिए महत्वपूर्ण कार्यों में सावधानी बरतें। संतान की शिक्षा को लेकर मन में थोड़ी चिंता रह सकती है, लेकिन शाम तक स्थिति सामान्य हो जाएगी। घर में किसी धार्मिक आयोजन की रूपरेखा बन सकती है। बुजुर्गों की सेहत का विशेष ध्यान रखें और उनके साथ समय व्यतीत करें।</p>
<h5><strong>कन्या </strong></h5>
<p>नौकरीपेशा जातकों के लिए आज का दिन पदोन्नति के संकेत दे रहा है, जिससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा। साझेदारी में किया गया व्यापार आपको बड़ा मुनाफा दिला सकता है। दांपत्य जीवन में खुशहाली रहेगी और आप जीवनसाथी के साथ भविष्य की योजनाएं बनाएंगे। शाम का समय मित्रों के साथ मनोरंजन में व्यतीत होगा।</p>
<h5><strong>तुला</strong></h5>
<p>आज वाहन चलाते समय आपको विशेष सावधानी बरतनी होगी क्योंकि छोटी सी लापरवाही खर्च बढ़ा सकती है। शत्रुओं से सावधान रहें क्योंकि वे आपकी छवि बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। कामकाज के सिलसिले में की गई यात्राएं थकान भरी लेकिन परिणामकारक सिद्ध होंगी। किसी भी बड़े निवेश से पहले विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें।</p>
<h5><strong>वृश्चिक</strong></h5>
<p>मेहनत और लगन से आप आज हर मुश्किल कार्य को समय पर पूरा करने में सफल रहेंगे। आलस्य का त्याग करें वरना हाथ आया कोई अच्छा अवसर निकल सकता है। जीवनसाथी के लिए आप कोई कीमती उपहार खरीद सकते हैं। अपनी गुप्त योजनाओं को किसी के साथ साझा न करें और अपने लक्ष्यों पर केंद्रित रहें।</p>
<h5><strong>धनु </strong></h5>
<p>आज का दिन आपके लिए खुशियों की सौगात लेकर आया है और हर तरफ से लाभ के अवसर मिलेंगे। व्यापार में नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए समय उत्तम है जो भविष्य में फलदायी होगा। परिवार में सुख-शांति का माहौल रहेगा और भाई-बहनों का भरपूर सहयोग प्राप्त होगा। आर्थिक स्थिति पहले से काफी बेहतर होगी।</p>
<h5><strong>मकर </strong></h5>
<p>सेहत के मामले में आज का दिन थोड़ा कमजोर रह सकता है इसलिए अपने खान-पान का ध्यान रखें। सामाजिक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी जिससे आपकी लोकप्रियता में इजाफा होगा। माता के साथ किसी बात पर वैचारिक मतभेद हो सकते हैं जिन्हें शांति से सुलझाएं। कामकाज के बीच खुद के लिए भी समय निकालना आज जरूरी होगा।</p>
<h5><strong>कुंभ</strong></h5>
<p>आज भाग्य आपके द्वार पर दस्तक दे रहा है और आपको एक साथ कई अच्छे समाचार मिल सकते हैं। आय के नए स्रोत विकसित होंगे जिससे आपकी जमा पूंजी में वृद्धि होगी। पढ़ाई में जुटे जातकों को आज अपनी मेहनत का शानदार परिणाम मिल सकता है। घर में किसी नए मेहमान के आने से उत्सव जैसा माहौल बना रहेगा।</p>
<h5><strong>मीन</strong></h5>
<p>आज मन में एकाग्रता की कमी रह सकती है इसलिए जरूरी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाएं। दूसरों की मदद करना अच्छी बात है लेकिन अपने हितों की अनदेखी न करें। राजनीति से जुड़े लोगों के लिए आज का दिन प्रगति वाला रहेगा। रुका हुआ पैसा मिलने से आपकी कई व्यावसायिक योजनाएं फिर से गति पकड़ेंगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>इसे भी पढ़ें- <a href="https://sarkarimanthan.com/horoscope-for-april-8-2026">राशिफल 8 अप्रैल 2026: वृषभ और कुंभ राशि के जातकों को आज होगा धन लाभ, जानें- अपनी किस्मत का हाल</a></strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>The post <a href="https://sarkarimanthan.com/horoscope-for-april-10-2026">राशिफल 10 अप्रैल 2026: आज किन राशियों को मिलेगी गुड न्यूज और किन्हें रहना होगा सावधान? यहां देखें</a> appeared first on <a href="https://sarkarimanthan.com">Sarkari Manthan</a>.</p>
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		<item>
		<title>वास्तु टिप्स: पर्स और लॉकर में छिपी छोटी गलतियां आपको बना सकती हैं कंगाल</title>
		<link>https://sarkarimanthan.com/vastu-tips-small-mistakes-hidden-in-your-purse-can-make-you-bankrupt</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nisha Shukla]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 16:30:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म/अध्यात्म]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>आर्थिक समृद्धि और सुख-शांति की चाह हर मनुष्य को होती है। हम दिन-रात मेहनत करके धन कमाते हैं ताकि अपना और अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित कर सकें, लेकिन कई बार तमाम कोशिशों और कड़ी मेहनत के बावजूद हाथ में पैसा नहीं टिकता। अक्सर हम इसे अपनी बुरी किस्मत मान लेते हैं, जबकि वास्तु शास्त्र &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://sarkarimanthan.com/vastu-tips-small-mistakes-hidden-in-your-purse-can-make-you-bankrupt">वास्तु टिप्स: पर्स और लॉकर में छिपी छोटी गलतियां आपको बना सकती हैं कंगाल</a> appeared first on <a href="https://sarkarimanthan.com">Sarkari Manthan</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>आर्थिक समृद्धि और सुख-शांति की चाह हर मनुष्य को होती है। हम दिन-रात मेहनत करके धन कमाते हैं ताकि अपना और अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित कर सकें, लेकिन कई बार तमाम कोशिशों और कड़ी मेहनत के बावजूद हाथ में पैसा नहीं टिकता। अक्सर हम इसे अपनी बुरी किस्मत मान लेते हैं, जबकि वास्तु शास्त्र और ज्योतिष विज्ञान के अनुसार, इसका कारण हमारे धन रखने के स्थान से जुड़ी कुछ गंभीर गलतियां हो सकती हैं।</p>
<p><strong>इसे भी पढ़ें- <a href="https://sarkarimanthan.com/vastu-tips-follow-these-vastu-rules-when-building-a-prayer-room">वास्तु टिप्स: पूजा घर बनाने में करें वास्तु के इन नियमों का पालन, बनी रहेगी सुख-समृद्धि</a></strong></p>
<p>हमारे पर्स और घर की तिजोरी यानी लॉकर केवल सामान रखने की जगह नहीं हैं, बल्कि ये ऊर्जा के केंद्र हैं। यदि इन स्थानों पर नकारात्मक ऊर्जा का वास हो जाए, तो मां लक्ष्मी का आगमन रुक जाता है और बरकत खत्म होने लगती है।</p>
<p>ज्योतिष विशेषज्ञों का मानना है कि, जाने-अनजाने में की गई छोटी-मोटी लापरवाही हमारे जीवन में बड़े आर्थिक संकट का कारण बन सकती है, इसलिए यह समझना अत्यंत आवश्यक है कि हम अपने धन का प्रबंधन आध्यात्मिक और वास्तु के दृष्टिकोण से कैसे कर रहे हैं।</p>
<h5><strong>पुराने बिल और रसीद</strong></h5>
<p>पर्स की बात करें तो इसे वास्तु में चल-लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। बहुत से लोगों की आदत होती है कि वे अपने पर्स में पैसों के साथ-साथ पुराने बिल, रसीदें, रद्दी कागज और बस या ट्रेन के पुराने टिकट भर लेते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, पर्स में कागज का कचरा रखना राहु दोष को निमंत्रण देता है। यह अव्यवस्था न केवल नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती है, बल्कि पैसों के प्रवाह को भी बाधित करती है।</p>
<p>पुराने बिल खर्चों का प्रतीक होते हैं और इन्हें पर्स में रखने से अनावश्यक खर्चों में वृद्धि होती है। इसके अलावा, पर्स का फटा होना या बहुत ज्यादा गंदा होना भी दरिद्रता को आमंत्रित करता है। एक साफ-सुथरा और व्यवस्थित पर्स सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है जिससे धन की आवक बनी रहती है। साथ ही, फटे हुए नोटों को पर्स में रखना भी अशुभ माना जाता है क्योंकि ये रुकी हुई ऊर्जा के प्रतीक होते हैं जो आपकी आर्थिक उन्नति को थाम देते हैं।</p>
<h5><strong>अलग-अलग रखें नोट और सिक्के</strong></h5>
<p>धन प्रबंधन में एक और बड़ी भूल जो अक्सर लोग करते हैं, वह है सिक्कों और नोटों को एक साथ मिला कर रखना। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, नोट और सिक्के अलग-अलग धातुओं और ऊर्जाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं, जब सिक्कों की खनक नोटों के साथ टकराती है, तो यह एक प्रकार का ऊर्जा असंतुलन पैदा करती है।</p>
<p>सिक्कों को हमेशा पर्स के एक अलग हिस्से में रखना चाहिए और नोटों को उनकी कीमत के अनुसार व्यवस्थित क्रम में रखना चाहिए। धन का इस तरह से सम्मान करना मां लक्ष्मी को प्रसन्न करता है।</p>
<h5><strong>देवी देवताओं की तस्वीर</strong></h5>
<p>इसके साथ ही, कई लोग अपनी गहरी आस्था के कारण पर्स में देवी-देवताओं की तस्वीरें रखते हैं। हालांकि, सुनने में यह धार्मिक लगता है, लेकिन वास्तु के हिसाब से यह गलत है। पर्स को हम अक्सर गंदे हाथों से छूते हैं या उसे पीछे की जेब में रखते हैं, जिससे उन पवित्र तस्वीरों का अनादर होता है। भगवान का स्थान मंदिर में होता है, अपवित्र वस्तुओं के साथ पर्स में नहीं। यदि आप सुरक्षा के लिए कुछ रखना चाहते हैं, तो शुभ यंत्र या गोमती चक्र जैसे प्रतीकों का उपयोग कर सकते हैं।</p>
<h5><strong>सही दिशा में हो लॉकर</strong></h5>
<p>घर की तिजोरी या लॉकर का महत्व भी पर्स से कम नहीं है। लॉकर को हमेशा घर की सही दिशा में होना चाहिए क्योंकि गलत दिशा में रखा धन पानी की तरह बह जाता है। वास्तु के अनुसार, लॉकर को हमेशा दक्षिण की दीवार से सटाकर इस तरह रखना चाहिए कि उसका दरवाजा उत्तर दिशा की ओर खुले। उत्तर दिशा को भगवान कुबेर की दिशा माना जाता है और इस दिशा में खुलने वाली तिजोरी में धन की कभी कमी नहीं होती। यदि किसी कारणवश तिजोरी का मुख दक्षिण की ओर खुलता है, तो यह भारी धन हानि और स्वास्थ्य संबंधी खर्चों का कारण बन सकता है। तिजोरी को कभी भी अंधेरे कोने में या बीम के नीचे नहीं रखना चाहिए, क्योंकि बीम का मानसिक और वित्तीय दबाव धन वृद्धि को रोकता है।</p>
<h5><strong>साफ-सुथरा रखें तिजोरी</strong></h5>
<p>लॉकर के अंदर का वातावरण भी आपकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित करता है। कई लोग अपनी तिजोरी में पुराने गहनों के टूटे हुए हिस्से, बेकार के दस्तावेज या ऐसी चीजें रखते हैं जिनका वर्षों से उपयोग नहीं हुआ है। यह अनावश्यक सामान ऊर्जा के मार्ग में अवरोध पैदा करता है। तिजोरी को हमेशा साफ, सुगंधित और व्यवस्थित रखना चाहिए। तिजोरी में लाल या पीले रंग का रेशमी कपड़ा बिछाना बहुत शुभ होता है क्योंकि ये रंग सौभाग्य और समृद्धि के प्रतीक हैं। साथ ही, तिजोरी के अंदर एक छोटा सा शीशा इस तरह लगाएं कि उसमें धन का प्रतिबिंब दिखे, जिसे वास्तु में धन को दोगुना करने का एक प्रभावशाली उपाय माना जाता है।</p>
<p>पर्स और लॉकर से जुड़ी ये छोटी-छोटी सावधानियां और वास्तु के नियम न केवल हमारे खर्चों पर लगाम लगाते हैं, बल्कि मानसिक शांति भी प्रदान करते हैं। यदि आप भी बार-बार आर्थिक तंगी या अचानक आने वाले खर्चों से परेशान हैं, तो एक बार अपने पर्स और लॉकर की जांच जरूर करें। इन बुनियादी बदलावों को अपनाकर आप अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं और अपनी मेहनत की कमाई को न केवल सुरक्षित रख सकते हैं, बल्कि उसमें निरंतर वृद्धि भी देख सकते हैं। सुशासन और व्यवस्था केवल बाहर ही नहीं, बल्कि हमारे बटुए और तिजोरी के भीतर भी होनी चाहिए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>इसे भी पढ़ें- <a href="https://sarkarimanthan.com/money-does-not-stay-in-the-house-remove-these-vastu-defects">इन 7 गलतियों की वजह से घर में नहीं रुकता पैसा, दूर करें ये वास्तुदोष, होने लगेगी बरकत</a></strong></p>
<p>The post <a href="https://sarkarimanthan.com/vastu-tips-small-mistakes-hidden-in-your-purse-can-make-you-bankrupt">वास्तु टिप्स: पर्स और लॉकर में छिपी छोटी गलतियां आपको बना सकती हैं कंगाल</a> appeared first on <a href="https://sarkarimanthan.com">Sarkari Manthan</a>.</p>
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		<title>कैल्शियम की गोलियां खाने के बाद भी क्यों नहीं जाता हड्डियों का दर्द, यहां जानें</title>
		<link>https://sarkarimanthan.com/why-bone-pain-does-not-go-away-even-after-taking-calcium-tablets</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nisha Shukla]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 15:30:58 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, अव्यवस्थित जीवनशैली और खानपान ने सेहत को बुरी तरह से प्रभावित कर रखा है। नतीजतन समय से पहले शरीर कई गंभीर बीमारियों का गढ़ बन रहा है। हमारे खानपान और जीवनशैली का असर सिर्फ सेहत ही नहीं बल्कि हड्डियों पर भी पड़ रहा है। हड्डियां समय से पहले कमजोर हो &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, अव्यवस्थित जीवनशैली और खानपान ने सेहत को बुरी तरह से प्रभावित कर रखा है। नतीजतन समय से पहले शरीर कई गंभीर बीमारियों का गढ़ बन रहा है। हमारे खानपान और जीवनशैली का असर सिर्फ सेहत ही नहीं बल्कि हड्डियों पर भी पड़ रहा है। हड्डियां समय से पहले कमजोर हो रही हैं, जिससे जोड़ों में दर्द, सीढ़ियां चढ़ते समय घुटनों की आवाज और पीठ में जकड़न आदि। ये समस्या बूढ़ों में ही नहीं युवाओं में भी देखने को मिल रही है।</p>
<p><strong>इसे भी पढ़ें- <a href="https://sarkarimanthan.com/48-drugs-fail-quality-test-including-calcium-blood-pressure-drugs">48 दवाएं गुणवत्ता परीक्षण में विफल, कैल्शियम-ब्लड प्रेशर की दवाएं भी शामिल</a></strong></p>
<h5><strong>हड्डियों और दांतों में होता है 99% कैल्शियम</strong></h5>
<p>हड्डियों को मजबूत करने का जो सबसे पहला समाधान जो हमारे दिमाग में आता है वह है कैल्शियम सप्लीमेंट। ऐसे में हम मेडिकल स्टोर से कैल्शियम की गोलियां खरीद आते हैं और खाना शुरू कर देते हैं, लेकिन हफ्तों बीत जाने के बाद भी हड्डियों का दर्द जस का तस बना रहता है। आखिर ऐसा क्यों होता है। आइए जानते हैं हेल्थ एक्सपर्ट्स से।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-107704 size-full" src="https://sarkarimanthan.com/wp-content/uploads/2026/04/Benefits-of-calcium-supplements-b-e1775726948548.webp" alt="Benefits of calcium supplements" width="600" height="400" /></p>
<p>हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि, सिर्फ कैल्शियम खा लेना हड्डियों की मजबूती की गारंटी नहीं है। हड्डियों की सेहत एक जटिल विज्ञान है, जहां कैल्शियम के साथ-साथ कई अन्य विटामिन और हमारी जीवनशैली का तालमेल होना अनिवार्य है। उनका कहना है कि, हड्डियों की सेहत के लिए कैल्शियम निस्संदेह सबसे महत्वपूर्ण खनिज है क्योंकि हमारे शरीर का लगभग 99 फीसदी कैल्शियम हड्डियों और दांतों में जमा होता है।</p>
<p>ऐसे में जब खून में कैल्शियम की कमी होने लगती है, तो शरीर हड्डियों से कैल्शियम खींचना शुरू कर देता है, जिससे वे कमजोर और भंगुर हो जाती हैं। इसी कमी को पूरा करने के लिए लोग सप्लीमेंट्स का सहारा लेते हैं। हालांकि, हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि नियमित रूप से कैल्शियम लेने के बावजूद दर्द बने रहने के पीछे सबसे प्रमुख कारण एब्जॉर्प्शन यानी अवशोषण की कमी है। आप जो कैल्शियम खा रहे हैं, जरूरी नहीं कि, वह आपकी हड्डियों तक पहुंच ही रहा हो। अगर शरीर उसे सोख नहीं पा रहा है, तो वह कैल्शियम हड्डियों को फायदा पहुंचाने के बजाय शरीर के अन्य अंगों में जमा होकर समस्या पैदा कर सकता है।</p>
<h5><strong>विटामिन डी भी अनिवार्य</strong></h5>
<p>कैल्शियम के सही तरीके से काम न कर पाने के पीछे विटामिन डी की भारी कमी एक बड़ा कारण है। विटामिन डी वह चाबी है जो शरीर में कैल्शियम के प्रवेश का रास्ता खोलती है। अगर आपके शरीर में विटामिन डी का स्तर कम है, तो आप कितना भी कैल्शियम क्यों न खा लें, आंतें उसे अवशोषित नहीं कर पाएंगी।</p>
<p>यही कारण है कि, कैल्शियम लेने के बावजूद हड्डियां कमजोर बनी रहती हैं। इसके साथ ही मैग्नीशियम और विटामिन के-2 का अभाव भी हड्डियों के निर्माण में बाधा डालता है। मैग्नीशियम कैल्शियम को हड्डियों के ऊतकों में सक्रिय करता है, जबकि विटामिन के-2 एक ट्रैफिक पुलिस की तरह काम करता है, जो यह सुनिश्चित करता है कि, कैल्शियम खून से निकलकर सीधे हड्डियों और दांतों में जाए।</p>
<p>हमारी आधुनिक जीवनशैली और गलत खानपान भी हड्डियों के दर्द को बरकरार रखते हैं। ज्यादा नमक, कैफीन और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स का सेवन शरीर से कैल्शियम को बाहर निकाल देता है। इसके अलावा, धूम्रपान और शराब का सेवन हड्डियों की डेंसिटी को तेजी से कम करता है, जिससे सप्लीमेंट का असर खत्म हो जाता है।</p>
<h5><strong>दिनचर्या में सुधार जरूरी</strong></h5>
<p>महिलाओं में उम्र के साथ होने वाले हॉर्मोनल बदलाव, विशेषकर मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन का स्तर गिरना, हड्डियों की रक्षात्मक परत को कमजोर कर देता है। ऐसी स्थिति में सिर्फ कैल्शियम सप्लीमेंट लेना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि एक संपूर्ण स्वास्थ्य दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है। हड्डियों के दर्द से स्थायी छुटकारा पाने के लिए सिर्फ दवाइयों पर निर्भर रहने के बजाय अपनी दिनचर्या में सुधार करना बेहद जरूरी है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-107705 size-full" src="https://sarkarimanthan.com/wp-content/uploads/2026/04/Benefits-of-calcium-supplements-c-scaled-e1775726984584.webp" alt="Benefits of calcium supplements" width="600" height="400" /></p>
<p>सूरज की रोशनी विटामिन डी का सबसे प्राकृतिक स्रोत है, इसलिए रोजाना सुबह कुछ समय धूप में बिताना आपके कैल्शियम सप्लीमेंट के असर को काफी हद तक बढ़ा सकता है। डाइट में विविधता लाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। कैल्शियम के लिए सिर्फ दूध पर निर्भर न रहकर रागी, तिल, बादाम और हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल करना चाहिए, क्योंकि ये मैग्नीशियम और अन्य सूक्ष्म पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं।</p>
<h5><strong>पैदल चले या हल्की एक्सरसाइज करें</strong></h5>
<p>शारीरिक सक्रियता जैसे पैदल चलना या हल्की एक्सरसाइज हड्डियों पर सकारात्मक दबाव डालती है, जिससे वे अधिक कैल्शियम सोखती हैं और मजबूत बनती हैं। हड्डियों को लंबे समय तक स्वस्थ रखने के लिए सही लाइफस्टाइल अपनाना अनिवार्य है। लंबे समय तक एक ही जगह बैठकर काम करने से बचना चाहिए और हर एक घंटे में छोटा ब्रेक लेकर शरीर को मूव करना चाहिए।</p>
<p>प्रोटीन युक्त आहार जैसे दालें और पनीर हड्डियों के ढांचे को मजबूती देते हैं। तनाव को कम रखना और पर्याप्त नींद लेना भी जरूरी है, क्योंकि नींद के दौरान ही शरीर ऊतकों की मरम्मत करता है। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि, बिना डॉक्टरी जांच के कैल्शियम की हाई डोज न लें, क्योंकि यह कब्ज या किडनी की समस्या पैदा कर सकता है।  हड्डियों की मजबूती के लिए सही पोषण, सक्रिय जीवनशैली और संतुलित डाइट का बेहतर तालमेल आवश्यक है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>इसे भी पढ़ें- <a href="https://sarkarimanthan.com/caution-do-not-eat-iron-calcium-pills-together-in-pregnancy">सावधानी: गर्भावस्था में एक साथ न खाएं आयरन-कैल्शियम की गोलियां</a></strong></p>
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		<title>33 साल बाद बड़े पर्दे पर देखने को मिलेगी &#8216;सनम बेवफा&#8217;, क्या बिगड़ेगा नई फिल्मों का खेल?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Nisha Shukla]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 14:30:48 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>बॉलीवुड के सुल्तान सलमान खान का जादू सिर्फ उनकी नई फिल्मों तक सीमित नहीं है बल्कि उनकी पुरानी क्लासिक्स आज भी सिनेमाघरों में भीड़ जुटाने का माद्दा रखती हैं। एक तरफ जहां उनके प्रशंसक उनकी आगामी फिल्म ‘मातृभूमि’ और वामशी पेडिपल्ली के साथ उनके अगले बड़े प्रोजेक्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। वहीं &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>बॉलीवुड के सुल्तान सलमान खान का जादू सिर्फ उनकी नई फिल्मों तक सीमित नहीं है बल्कि उनकी पुरानी क्लासिक्स आज भी सिनेमाघरों में भीड़ जुटाने का माद्दा रखती हैं। एक तरफ जहां उनके प्रशंसक उनकी आगामी फिल्म ‘मातृभूमि’ और वामशी पेडिपल्ली के साथ उनके अगले बड़े प्रोजेक्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। वहीं दूसरी तफ बॉक्स ऑफिस पर पुरानी यादें ताजा होने वाली हैं।</p>
<p><strong>इसे भी पढ़ें- <a href="https://sarkarimanthan.com/pankaj-tripathis-daughter-ashi-tripathi-steps-into-bollywood-excited-about-her-cinematic-journey">पंकज त्रिपाठी की बेटी आशी त्रिपाठी का बॉलीवुड की ओर कदम, सिनेमाई सफर को लेकर उत्साहित</a></strong></p>
<h5><strong>1991 की ब्लॉकबस्टर फिल्म है ‘सनम बेवफा’ </strong></h5>
<p>साल 1991 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘सनम बेवफा’ एक बार फिर थिएटर्स में दस्तक देने जा रही है। 10 अप्रैल को होने वाली यह री-रिलीज न केवल पुरानी यादों को जिंदा करेगी, बल्कि इसी दिन रिलीज हो रही नई फिल्मों के लिए भी एक बड़ी चुनौती पेश कर सकती है। बीते कुछ समय से सलमान खान के बॉक्स ऑफिस आंकड़ों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। उनकी पिछली फिल्म ‘सिकंदर’ उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई और बॉक्स ऑफिस पर इसे असफलता का सामना करना पड़ा।</p>
<p>हालांकि, उससे पहले आई उनकी फिल्म ‘टाइगर 3’ ने सम्मानजनक कमाई जरूर की थी, लेकिन वह भी सलमान खान के उस मेगा-स्टार वाले बेंचमार्क को नहीं छू सकी जिसकी उम्मीद ट्रेड एनालिस्ट और फैंस को थी। वर्तमान में सलमान के पास दो बड़े प्रोजेक्ट्स हैं, जिनमें अपूर्व लाखिया की ‘मातृभूमि’ सबसे प्रमुख है। इसके अलावा वह जल्द ही दिल राजू की फिल्म पर काम शुरू करने वाले हैं, लेकिन इन सबके बीच 10 अप्रैल की तारीख ने सबका ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है, क्योंकि सलमान खान की एक कल्ट क्लासिक फिल्म सिनेमाघरों में वापसी कर रही है।</p>
<h5><strong>90 में लाख में बनी थी फिल्म</strong></h5>
<p>साल 1991 में जब सावन कुमार टाक के निर्देशन में बनी ‘सनम बेवफा’ रिलीज हुई थी, तो इसने सफलता के नए कीर्तिमान रच दिए थे। यह फिल्म पाकिस्तानी पंजाबी फिल्म ‘हक मेहर’ से प्रेरित थी और उस दौर में मात्र 90 लाख रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने 14.25 करोड़ रुपये का शानदार कलेक्शन किया था।</p>
<p>फिल्म में सलमान खान के साथ चांदनी की केमिस्ट्री को खूब पसंद किया गया था, जबकि प्राण और डैनी डेन्जोंगपा जैसे दिग्गजों ने अपनी अदाकारी से फिल्म में जान फूंक दी थी। दिलचस्प बात यह भी है कि, यह इकलौती ऐसी फिल्म है जिसमें सलमान खान ने अपने ही नाम यानी &#8216;सलमान&#8217; का किरदार निभाया था। पिछले कुछ वर्षों में पुरानी फिल्मों को दोबारा रिलीज करने का ट्रेंड काफी सफल रहा है। साल 2024 में इसकी शुरुआत हुई और 2025 में ‘सनम तेरी कसम’ की जबरदस्त सफलता ने इसे एक लाभदायक बिजनेस मॉडल बना दिया।</p>
<p>इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए फरवरी 2026 में सलमान की फिल्म ‘तेरे नाम’ को फिर से रिलीज किया गया था, जिसे दर्शकों का भरपूर प्यार मिला। अब 10 अप्रैल को ‘सनम बेवफा’ रिलीज हो रही है, जिसकी एडवांस बुकिंग हैदराबाद, इंदौर और महाराष्ट्र के जलगांव जैसे शहरों में शुरू हो चुकी है। हैदराबाद के प्रसिद्ध एएमबी गाचीबोवली जैसे बड़े मल्टीप्लेक्स में इस फिल्म के शो रखे गए हैं जो यह दर्शाता है कि प्रदर्शकों को आज भी सलमान खान के पुराने दौर की फिल्मों पर पूरा भरोसा है।</p>
<h5><strong>खतरे में आई मृणाल ठाकुर की डकैत</strong></h5>
<p>10 अप्रैल का दिन बॉक्स ऑफिस के लिए काफी अहम होने वाला है, क्योंकि इस दिन मृणाल ठाकुर और अदिवि शेष की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘डकैत’ भी रिलीज हो रही है। ‘डकैत’ पहले ही कई बार पोस्टपोन हो चुकी है, जिससे फिल्म को लेकर एक सकारात्मक माहौल बना हुआ है। हालांकि जानकारों का मानना है कि, सलमान खान की फिल्म की री-रिलीज से ‘डकैत’ को शुरुआती खतरा नहीं लग रहा था, लेकिन जिस तरह से ‘सनम बेवफा’ को लेकर हाइप बढ़ा हुआ है उससे नई फिल्म को कुछ मुश्किल हो सकती है।</p>
<p>अगर दर्शक नई फिल्म के बजाय सलमान की नॉस्टैल्जिक लव स्टोरी को देखने थिएटर पहुंच जाते हैं तो ‘डकैत’ के कलेक्शन पर सीधा असर पड़ेगा। इसके साथ ही बाजार की मौजूदा स्थिति भी ‘सनम बेवफा’ के पक्ष में नजर आ रही है, क्योंकि हालिया रिपोर्टों के अनुसार ‘धुरंधर 2’ का तूफान अब थमता नजर आ रहा है और फिल्म ‘भूत बंगला’ के एक हफ्ते आगे बढ़ने से थिएटर में काफी जगह खाली हो गई है जिसका सीधा फायदा भाईजान की फिल्म को मिल सकता है।</p>
<h5><strong>आज भी जुबान पर रहते हैं सनम बेवफा के गाने</strong></h5>
<p>सोशल मीडिया पर सलमान खान के प्रशंसक इस खबर से काफी उत्साहित हैं। उनके लिए ‘मातृभूमि’ की रिलीज से पहले ‘सनम बेवफा’ को बड़े पर्दे पर देखना किसी उत्सव से कम नहीं है। फिल्म के सदाबहार गाने आज भी लोगों की जुबां पर हैं और यही वजह है कि 33 साल बाद भी यह फिल्म चर्चा का केंद्र बनी हुई है।</p>
<p>सलमान खान का स्टारडम ऐसा है कि, वह अपनी पुरानी फिल्मों से भी नई फिल्मों को कड़ी टक्कर देने का दम रखते हैं। अब 10 अप्रैल को यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या 1991 का यह &#8216;सलमान&#8217; 2026 के आधुनिक बॉक्स ऑफिस पर भी अपनी बादशाहत कायम रख पाता है या नहीं। फिलहाल थिएटर मालिक खुश हैं क्योंकि उन्हें पता है कि सलमान खान के नाम पर टिकट खिड़की पर जमकर रौनक होने वाली है।</p>
<p><strong>इसे भी पढ़ें- <a href="https://sarkarimanthan.com/bollywood-actors-like-sonu-nigam-salman-khan-and-ajay">राजपाल यादव को मिला बॉलीवुड का साथ, सोनू, सलमान और अजय समेत इन एक्टरों ने बढ़ाया मदद का हाथ</a></strong></p>
<p>The post <a href="https://sarkarimanthan.com/sanam-bewafa-will-be-seen-on-the-big-screen-after-33-years">33 साल बाद बड़े पर्दे पर देखने को मिलेगी &#8216;सनम बेवफा&#8217;, क्या बिगड़ेगा नई फिल्मों का खेल?</a> appeared first on <a href="https://sarkarimanthan.com">Sarkari Manthan</a>.</p>
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		<title>राज्यसभा की शपथ से पहले नीतीश का बड़ा धमाका, अब यही रहूंगा, बिहार छोड़ दूंगा</title>
		<link>https://sarkarimanthan.com/nitishs-big-statement-before-taking-oath-in-rajya-sabha</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nisha Shukla]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 13:28:41 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली। भारतीय राजनीति में पलटीमार और यू-टर्न जैसे शब्दों के पर्याय बन चुके बिहार के कद्दावर नेता नीतीश कुमार ने एक बार फिर पूरी सियासी बिसात ही पलट दी है। गुरुवार, 9 अप्रैल को जब नीतीश कुमार पटना से दिल्ली की धरती पर उतरे, तो किसी को अंदाजा नहीं था कि वह अपने भविष्य &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://sarkarimanthan.com/nitishs-big-statement-before-taking-oath-in-rajya-sabha">राज्यसभा की शपथ से पहले नीतीश का बड़ा धमाका, अब यही रहूंगा, बिहार छोड़ दूंगा</a> appeared first on <a href="https://sarkarimanthan.com">Sarkari Manthan</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> भारतीय राजनीति में पलटीमार और यू-टर्न जैसे शब्दों के पर्याय बन चुके बिहार के कद्दावर नेता नीतीश कुमार ने एक बार फिर पूरी सियासी बिसात ही पलट दी है। गुरुवार, 9 अप्रैल को जब नीतीश कुमार पटना से दिल्ली की धरती पर उतरे, तो किसी को अंदाजा नहीं था कि वह अपने भविष्य को लेकर इतना बड़ा ऐलान कर देंगे।</p>
<p><strong>इसे भी पढ़ें- <a href="https://sarkarimanthan.com/both-naveen-and-nitish-kumar-were-elected-unopposed-to-the-upper-house-of-parliament-rajya-sabha-on-march-16">नितिन नवीन और नीतीश कुमार ने बिहार विधानमंडल की सदस्यता से दिया इस्तीफा</a></strong></p>
<h5><strong>लेने जा रहे राज्यसभा की सदस्यता</strong></h5>
<p>राज्यसभा सदस्यता की शपथ लेने से ठीक एक दिन पहले नीतीश कुमार ने मीडिया के सामने आकर जो कहा, उसने न केवल बिहार की सत्ता में हलचल पैदा कर दी है, बल्कि एनडीए गठबंधन के भीतर भी नए सवालों को जन्म दे दिया है। बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर दशकों तक राज करने वाले नीतीश ने अब साफ कर दिया है कि उनका ठिकाना अब पटना नहीं, बल्कि दिल्ली होगा।</p>
<p>दिल्ली पहुंचते ही नीतीश कुमार के तेवर बदले-बदले नजर आए। मीडियाकर्मियों से बात करते हुए उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा, कल मैं शपथ लूंगा और अब यहीं रहूंगा। बहुत समय तक वहां (बिहार) काम किया, अब वापस यहां (दिल्ली) आ रहा हूं। नीतीश कुमार का यह बयान इसलिए चौंकाने वाला है क्योंकि अब तक यह माना जा रहा था कि, वह राज्यसभा सांसद बनने के बावजूद बिहार की राजनीति को रिमोट कंट्रोल से चलाएंगे, लेकिन नीतीश ने आगे बढ़कर कहा, हमने तय कर लिया है कि यहीं रहेंगे और वहां वाला (मुख्यमंत्री पद) छोड़ देंगे। वहां का छोड़ के यहां आए हैं&#8230; नए लोगों को कर देंगे।</p>
<h5><strong>पुराने दिनों को किया याद</strong></h5>
<p>नीतीश कुमार का इशारा साफ है कि, वह अब सक्रिय रूप से बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने का मन बना चुके हैं। उन्होंने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि, वह पहले भी दिल्ली में ही थे सांसद और केंद्रीय मंत्री के तौर पर, फिर बीच में बिहार चले गए थे और अब फिर से अपने पुराने घर यानी राष्ट्रीय राजनीति में लौट आए हैं।</p>
<p>नीतीश कुमार का यह बयान जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के उस दावे के ठीक उलट है, जो उन्होंने कुछ दिनों पहले किया था। संजय झा ने स्पष्ट रूप से कहा था कि, नीतीश कुमार केवल सत्र के दौरान दिल्ली में रहेंगे और बाकी समय पटना में रहकर एनडीए सरकार का मार्गदर्शन करेंगे। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया था कि, बिहार नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही आगे चलेगा, लेकिन दिल्ली की हवा लगते ही नीतीश कुमार ने जो यू-टर्न लिया है, उससे यह सवाल उठने लगा है कि, क्या जेडीयू के भीतर सब कुछ ठीक है? या फिर नीतीश कुमार ने बिहार की उलझी हुई राजनीति से खुद को पूरी तरह अलग करने का फैसला कर लिया है?</p>
<h5><strong>72 घंटे में बिहार को मिल सकता है सीएम</strong></h5>
<p>नीतीश कुमार ने यहां तक कह दिया कि तीन-चार दिन में बिहार नया करवा देंगे, जिसका सीधा अर्थ है कि, आने वाले 72 से 96 घंटों के भीतर बिहार को नया मुख्यमंत्री मिल सकता है।</p>
<p>जब मीडिया ने नीतीश कुमार से उनके बेटे निशांत कुमार के सक्रिय राजनीति में आने और भविष्य की भूमिका को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने बहुत ही नपे-तुले अंदाज में उत्तर दिया। नीतीश ने कहा, उनके (निशांत) बारे में हमारे नेता बताएंगे। नीतीश का यह जवाब भी रहस्यमयी है। क्या वह अपने बेटे के लिए कोई बड़ी भूमिका देख रहे हैं या फिर संगठन के भीतर किसी और को अपनी विरासत सौंपना चाहते हैं, यह अभी भविष्य के गर्भ में है।</p>
<h5><strong>तेज हुईं अटकलें</strong></h5>
<p>नीतीश कुमार के इस बयान ने बिहार में नई सरकार के गठन की अटकलों को तेज कर दिया है। उनके शब्दों वहां इतना काम किए हैं&#8230; अब मेरे मन में हुआ कि अब यहीं रहें&#8230; से स्पष्ट है कि, वह अब रिटायरमेंट या मार्गदर्शक की भूमिका में नहीं, बल्कि राज्यसभा के जरिए दिल्ली की राजनीति में सक्रिय पारी खेलने की तैयारी में हैं। बिहार में अब अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? क्या बीजेपी के किसी चेहरे को कमान मिलेगी या जेडीयू का कोई नया नेता सामने आएगा? ये वो सवाल हैं जिनका जवाब अगले तीन-चार दिनों में मिलना तय है।</p>
<p>नीतीश कुमार का यह महा-पलायन बिहार की राजनीति के एक बड़े अध्याय का अंत माना जा सकता है। उन्होंने साफ कर दिया है कि, उन्होंने बिहार में अपना काम पूरा कर लिया है और अब वह दिल्ली की राजनीति में अपनी नई पारी की शुरुआत करने जा रहे हैं। शुक्रवार को राज्यसभा की सदस्यता की शपथ के साथ ही बिहार की सत्ता का केंद्र बिंदु भी बदलता नजर आएगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>इसे भी पढ़ें- <a href="https://sarkarimanthan.com/bihar-rajya-sabha-elections-ndas-clean-sweep-all-five-candidates-including-nitish-kumar-and-nitin-naveen-win">बिहार राज्यसभा चुनाव: राजग का &#8216;क्लीन स्वीप&#8217; नीतीश कुमार और नितिन नवीन समेत पांचों उम्मीदवार विजयी</a></strong></p>
<p>The post <a href="https://sarkarimanthan.com/nitishs-big-statement-before-taking-oath-in-rajya-sabha">राज्यसभा की शपथ से पहले नीतीश का बड़ा धमाका, अब यही रहूंगा, बिहार छोड़ दूंगा</a> appeared first on <a href="https://sarkarimanthan.com">Sarkari Manthan</a>.</p>
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		<item>
		<title>इंटीग्रल विश्वविद्यालय में शुरू हुआ 5वां एआईयू राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता</title>
		<link>https://sarkarimanthan.com/5th-aiu-national-moot-court-competition-begins-at-integral-university-lucknow</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 13:08:12 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[प्रादेशिक]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>लखनऊ। इंटीग्रल विश्वविद्यालय के विधि संकाय ने आज 5वें एआईयू राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता-2026 का औपचारिक उद्घाटन किया। 9 से 11 अप्रैल तक चलने वाली यह तीन दिवसीय प्रतिष्ठित प्रतियोगिता देश भर से आए आकांक्षी विधिवेत्ताओं को उनके अधिवक्ता कौशल और शोध क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करेगी। केंद्रीय सभागार में आयोजित उद्घाटन समारोह &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ।</strong> इंटीग्रल विश्वविद्यालय के विधि संकाय ने आज 5वें एआईयू राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता-2026 का औपचारिक उद्घाटन किया। 9 से 11 अप्रैल तक चलने वाली यह तीन दिवसीय प्रतिष्ठित प्रतियोगिता देश भर से आए आकांक्षी विधिवेत्ताओं को उनके अधिवक्ता कौशल और शोध क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करेगी।</p>
<p>केंद्रीय सभागार में आयोजित उद्घाटन समारोह पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुआ, जो विधि शिक्षा के नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक था।विधि संकायाध्यक्ष एवं डीन प्रो. (डॉ.) नसीम अहमद ने स्वागत भाषण में कहा कि यह प्रतियोगिता संकाय के उस दृष्टिकोण का प्रमाण है, जो न्याय के प्रति समर्पित पूर्णांकीकृत विधिवेत्ताओं को तैयार करने पर केंद्रित है।इसके बाद कुलसचिव प्रो. (डॉ.) मोहम्मद हारिस सिद्दीकी ने संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय की स्थापना (2004) से लेकर वर्तमान में उपलब्धियों तक की यात्रा पर प्रकाश डाला।</p>
<p>विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. फुरकान कमार ने विधि शिक्षा में उत्कृष्टता के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए कहा कि एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज़ (एआईयू) द्वारा पहली बार किसी निजी विश्वविद्यालय को यह राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता प्रदान करना गौरव का विषय है। उन्होंने प्रो. (डॉ.) नसीम अहमद के अथक प्रयासों की सराहना की।</p>
<p>समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश राज्य विधि आयोग के अध्यक्ष माननीय जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव (सेवानिवृत्त) ने विधिक नैतिकता के सर्वोच्च मानकों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने अधिवक्ता की व्यापक भूमिका पर बल दिया, जिसमें समाज के कमजोर वर्गों का उत्थान, संविधान के मूल्यों की रक्षा और समाज के प्रति उपयोगिता शामिल है। उन्होंने बॉलीवुड फ़िल्म धुरंधर से उदाहरण देते हुए कहा कि बलिदान परमो धर्मः बलिदान सर्वोच्च कर्तव्य है, अतः देशसेवा में सदैव बलिदान के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए ।</p>
<p>वस्तु एवं सेवा कर अपीलीय ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष माननीय जस्टिस संतोष कुमार श्रीवास्तव ने विधिक परिदृश्य के बदलते स्वरूप पर अमूल्य विचार साझा करते हुए मूट कोर्ट्स की छात्रों में आत्मविश्वास जगाने वाली भूमिका पर प्रकाश डाला।प्रो-चांसलर डा.सैयद नदीम अख्तर ने कहा कि “मूट कोर्ट केवल तर्कों की प्रतियोगिता नहीं है”, बल्कि यह अधिवक्ता के व्यावहारिक पक्ष, सत्यनिष्ठा और विधि पेशे के प्रति अटूट समर्पण का माध्यम है। उन्होंने विश्वविद्यालय के नाम ‘इंटीग्रल’ के अर्थ पर जोर देते हुए कहा कि यह व्यावसायिक शिक्षा के साथ मूल्य और नैतिकता का समावेश करता है।</p>
<p>अतिथियों द्वारा विधि संकाय की प्रमुख पत्रिका ‘इंटीग्रल लॉ रिव्यू’ के पांचवें खंड का विमोचन भी किया गया।समारोह के बाद प्रतिभागी टीमों ने लॉट ड्रॉ और शोधकर्ता परीक्षा दी, जिससे प्रतियोगिता के दौर की औपचारिक शुरुआत हो गई। आगामी दिनों में टीमों के बीच कठिन मुकाबले देखने को मिलेंगे।</p>
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		<item>
		<title>रितु झिंगोन ने लॉन्च की अपनी दूसरी फोटो बुक ‘कॉन्फ्लुएंसः द जर्नी टू द सेकर्ड शोर्स’</title>
		<link>https://sarkarimanthan.com/ritu-jhingon-launches-her-second-photobook-confluences-the-journey-to-the-sacred-shores</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 13:05:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Feature Slider]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[लाइफस्टाइल]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली। जानी-मानी फोटोग्राफर रितु झिंगोन ने आज नई दिल्ली में अपनी दूसरी फोटो बुक ‘कॉन्फ्लुएंसः द जर्नी टू द सेकर्ड शोर्स’ का लॉन्च किया। इस लॉन्च के बाद कुंभ मेले तथा उनके नज़रिए से आस्था को दस्तावेज के रूप में सहेजने पर चर्चा हुई। हार्परकॉलिन्स इंडिया द्वारा प्रकाशित, यह पुस्तक 2013 के बाद से &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://sarkarimanthan.com/ritu-jhingon-launches-her-second-photobook-confluences-the-journey-to-the-sacred-shores">रितु झिंगोन ने लॉन्च की अपनी दूसरी फोटो बुक ‘कॉन्फ्लुएंसः द जर्नी टू द सेकर्ड शोर्स’</a> appeared first on <a href="https://sarkarimanthan.com">Sarkari Manthan</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> जानी-मानी फोटोग्राफर रितु झिंगोन ने आज नई दिल्ली में अपनी दूसरी फोटो बुक ‘कॉन्फ्लुएंसः द जर्नी टू द सेकर्ड शोर्स’ का लॉन्च किया। इस लॉन्च के बाद कुंभ मेले तथा उनके नज़रिए से आस्था को दस्तावेज के रूप में सहेजने पर चर्चा हुई।</p>
<p>हार्परकॉलिन्स इंडिया द्वारा प्रकाशित, यह पुस्तक 2013 के बाद से कुंभ मेले के प्रति झिंगोन के गहरे जुड़ाव को दर्शाती है। अपनी पाँच यात्राओं के दौरान, उन्होंने इस विशाल जनसमूह के भव्य पैमाने तथा शांत, अंतरंग एवं पलों को अपने कैमरे में कैद किया है। उनकी तस्वीरें नदी किनारे के संपूर्ण मानवीय अनुभव- रीति-रिवाजों, साधु-संतों और रोज़मर्रा के जीवन को -एक दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत करती हैं; ’कॉन्फ्लुएंस’ यानि शाब्दिक रूप से संगम, जिसे वह “डुबकी से पहले की शांति“ कहती हैं।</p>
<p>“कुंभ सिर्फ़ अपनी ओर आकर्षित ही नहीं करता बल्कि यह बुलाता है,झिंगोन ने कहा।साधकों के उस सागर में, मुझे एक विरोधाभास नज़र आयाः जहाँ अफ़रा-तफ़री और भक्ति, दोनों एक-दूसरे में पूरी तरह से गुंथे हुए थे। मैं इन पलों को शांत फ्रेम में ढालना चाहते थी, जहां साधारण के भीतर ही कुछ असाधारण उभरकर सामने आता है।</p>
<p>पुस्तक का लॉन्च नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में विजु़अल आर्ट गैलेरी में एक फोटोग्राफ प्रदर्शनी के साथ हुआ। प्रदर्शनी में पिछले कई सालों के दौरान कुंभ और नदी किनारों की बड़े आकार की तस्वीरें पेश की गई थीं। ‘कॉन्फ्लुएंस’ से पहले झिंगोन की पहली पुस्तक थी ‘बनारस (2023)। उनकी नई पुस्तक नदी वाले शहरों, तीर्थ यात्रा के रास्तों और आस्था से जुड़े स्थानों को लेकर उनके अनुभवों पर आधारित है। यह प्रदर्शनी भारत के तीर्थ स्थलों और नदी-संस्कृति पर झिंगोन के मौजूदा कार्यों काएक हिस्सा है।‘कॉन्फ्लुएंसः द जर्नी टू द सैकर्ड शोर्स’ अग्रणी बुकस्टोर्स एवं ऑनलाईन प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध है।</p>
<p>The post <a href="https://sarkarimanthan.com/ritu-jhingon-launches-her-second-photobook-confluences-the-journey-to-the-sacred-shores">रितु झिंगोन ने लॉन्च की अपनी दूसरी फोटो बुक ‘कॉन्फ्लुएंसः द जर्नी टू द सेकर्ड शोर्स’</a> appeared first on <a href="https://sarkarimanthan.com">Sarkari Manthan</a>.</p>
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		<item>
		<title>एसआरएमयू में ‘सस्टेनेबल इनोवेशन 2.0’ विषयक तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का हुआ शुभारंभ</title>
		<link>https://sarkarimanthan.com/three-day-international-conference-on-sustainable-innovation-2-0-inaugurated-at-srmu</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 13:03:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Feature Slider]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रादेशिक]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>लखनऊ/बाराबंकी। श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी (एसआरएमयू) एवं इंटरनेशनल फैशन बिजनेस एक्सचेंज काउंसिल (आईएफबीईसी) के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को ‘सस्टेनेबल इनोवेशन-2.0’ विषयक तीन दिवसीय ‘इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस’ का उद्घाटन विविध कार्यक्रमों के साथ हुआ। 11 अप्रैल तक चलने वाला यह तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘ब्रिजिंग रिसर्च एंड इंडस्ट्री फॉर रेजिलिएंट फ्यूचर’ की थीम पर केंद्रित है। &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://sarkarimanthan.com/three-day-international-conference-on-sustainable-innovation-2-0-inaugurated-at-srmu">एसआरएमयू में ‘सस्टेनेबल इनोवेशन 2.0’ विषयक तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का हुआ शुभारंभ</a> appeared first on <a href="https://sarkarimanthan.com">Sarkari Manthan</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ/बाराबंकी।</strong> श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी (एसआरएमयू) एवं इंटरनेशनल फैशन बिजनेस एक्सचेंज काउंसिल (आईएफबीईसी) के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को ‘सस्टेनेबल इनोवेशन-2.0’ विषयक तीन दिवसीय ‘इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस’ का उद्घाटन विविध कार्यक्रमों के साथ हुआ। 11 अप्रैल तक चलने वाला यह तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘ब्रिजिंग रिसर्च एंड इंडस्ट्री फॉर रेजिलिएंट फ्यूचर’ की थीम पर केंद्रित है।</p>
<p>सम्मेलन का आयोजन हाइब्रिड मोड में किया जा रहा है। इस बहु-विषयक सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, कला एवं गणित (एसटीईएएम) के संगम को फैशन और सस्टेनेबिलिटी से जोड़ना है, ताकि वैश्विक स्तर पर पर्यावरणीय एवं नैतिक चुनौतियों का सामूहिक समाधान खोजा जा सके। उद्घाटन सत्र में विश्वविद्यालय की प्रो-चांसलर इंजी. पूजा अग्रवाल, कुलपति प्रो. (डॉ.) विजय कुमार तिवारी, आईएनएसएच के निदेशक एवं कॉन्फ्रेंस के चेयरपर्सन प्रो. (डॉ.) बी. एम. दीक्षित, कासर टेक्नोलॉजीज के चेयरपर्सन डॉ. कैलाश नाथ महापात्रा, कुलसचिव प्रो. (डॉ.) हेमेंद्र शर्मा एवं कांफ्रेंस से जुड़े सदस्य तथा सैकड़ों प्रतिभागी उपस्थित थे।</p>
<p>उद्घाटन सत्र के दौरान आईएनएसएच के निदेशक एवं कॉन्फ्रेंस के चेयरपर्सन प्रो. (डॉ.) बी. एम. दीक्षित ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि यह सम्मेलन शोध और उद्योग के बीच की खाई को पाटने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि शैक्षिक अनुसंधान तब तक अधूरा है जब तक वह उद्योगों के लिए व्यावहारिक न बन जाए। यह आयोजन युवा शोधकर्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों को एक मंच प्रदान कर रहा है। आईएफबीईसी के फाउंडर विनीत पारिख ने अपने ऑनलाइन स्वागत भाषण के माध्यम से सभी को संबोधित करते हुए कहा कि फैशन इंडस्ट्री तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रही है, ऐसे में सस्टेनेबल इनोवेशन को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने शोध एवं उद्योग के बीच मजबूत साझेदारी पर जोर देते हुए कहा कि यह सम्मेलन वैश्विक स्तर पर सहयोग, नेटवर्किंग और नवाचार को बढ़ावा देने का प्रभावी मंच साबित होगा।</p>
<p>विश्वविद्यालय के चांसलर इंजी. पंकज अग्रवाल ने अपना सन्देश भेजकर कॉन्फ्रेंस के आयोजन कमेटी को शुभकामनाएं दिया और कहा कि &#8216;रिसिलिएंट फ्यूचर&#8217; (सशक्त भविष्य) के लिए बदलाव जरूरी है। उन्होंने आईएफबीईसी, योगदानकर्ता संस्थाओं सिंथेटिक एंड आर्ट सिल्क मिल्स रिसर्च एसोसिएशन, बॉम्बे टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशन, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी एवं स्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी मुंबई के सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह तालमेल भारत को वैश्विक सतत नवाचार का केंद्र बनाएगा। प्रो-चांसलर इंजी. पूजा अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक समस्याओं का समाधान देना है।</p>
<p>उन्होंने फैशन उद्योग में बढ़ते पर्यावरणीय संकट पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एसआरएमयू इस दिशा में शोध एवं उद्योग सहयोग को बढ़ावा दे रहा है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) विजय कुमार तिवारी ने सभी को संबोधित करते हुए सस्टेनेबिलिटी के चार स्तंभ पर्यावरणीय, सामाजिक, आर्थिक और संस्थागत सस्टेनेबिलिटी की चर्चा की। आगे उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अनुसंधान एवं नवाचार के लिए प्रतिबद्ध है। सतत विकास ही एकमात्र रास्ता है और इस सम्मेलन में एसटीईएएम, फैशन व स्थिरता जैसे विविध विषयों को शामिल करना एक सराहनीय कदम है। उन्होंने छात्रों और शोधकर्ताओं से आह्वान किया कि वे टिकाऊ प्रौद्योगिकियों को अपनाएं।</p>
<p>यूनिवर्सिटी फॉर बिजनेस एंड टेक्नोलॉजी, कोसोवो के रेक्टर प्रो. एडमंड हजरिजी ने ऑनलाइन संबोधन में कहा कि स्थिरता कोई राष्ट्रीय सीमा नहीं देखती। उन्होंने भारत और यूरोप के बीच शैक्षिक साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया और युवा शोधकर्ताओं को सीमा पार सहयोग बढ़ाने की सलाह दी। कासर टेक्नोलॉजीज के चेयरपर्सन एवं को-मैनेजिंग डायरेक्टर तथा प्रेसिडेंट, आर एंड डी ब्रेंटवुड डॉ. कैलाश नाथ महापात्रा ने कहा कि उद्योग की सबसे बड़ी चुनौती &#8216;लागत प्रभावी स्थिरता&#8217; है। उन्होंने कहा कि जब तक हरित तकनीक किफायती नहीं होगी, उसका व्यापक उपयोग संभव नहीं है।</p>
<p>उन्होंने एसआरएमयू के शोधकर्ताओं से उद्योग-उन्मुख अनुसंधान करने का आग्रह किया। मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए डीजी- रिसर्च एंड इनोवेशन, तथा सीईओ- आईआईटी-टीबीआई, केआईआईटी यूनिवर्सिटी, भुवनेश्वर के प्रो. (डॉ.) मृत्युंजय सुआर ने कहा कि भारत को &#8216;फास्ट फैशन&#8217; से &#8216;सस्टेनेबल फैशन&#8217; की ओर बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग, डिजाइन और प्रबंधन को मिलाकर ही हम सर्कुलर इकोनॉमी (परिपत्र अर्थव्यवस्था) हासिल कर सकते हैं। उन्होंने एसआरएमयू को इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभाने पर बधाई दी।</p>
<p>इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में सभी का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कुलसचिव प्रो. (डॉ.) हेमेंद्र शर्मा ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, सहयोगी संस्थानों आईएफबीईसी, योगदानकर्ता संस्थाओं सिंथेटिक एंड आर्ट सिल्क मिल्स रिसर्च एसोसिएशन, बॉम्बे टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशन, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी एवं स्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी मुंबई और मीडियाकर्मियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने सम्मेलन को सफल बनाने में तकनीकी टीम के प्रयासों की भी सराहना की। इस तीन दिवसीय ‘सस्टेनेबल इनोवेशन-2.0’ विषयक ‘इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस’ में रिसर्च पेपर प्रेजेंटेशन के लिए ऑनलाइन एवं ऑफलाइन कुल 6 सामानांतर सत्र चलाये जा रहे हैं। जिसमे पहेल दिन देश भर के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, शोध केंद्रों एवं उद्योगों से बड़ी संख्या में प्रतिभागी इस सम्मेलन में शामिल हुए और शोध पत्र प्रस्तुत किये।</p>
<p>कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रो. रीतू चंद्रा, प्रो. (डॉ.) मंजु पांडेय, प्रो. (डॉ.) नरेंद्र बहादुर सिंह, सुश्री नेहा गुप्ता, प्रो. (डॉ.) गजेंद्र सिंह, प्रो. (डॉ.) अपूर्व आनंद, प्रो. (डॉ.) रजाउर रहमान, प्रो. (डॉ.) नीरजा जिंदल, प्रो. (डॉ.) अश्वनी कुमार, प्रो. (डॉ.) अपूर्व आनंद, प्रो. (डॉ.) कृष्णा श्रीवास्तव, प्रो. (डॉ.) ताबिश किदवई, प्रो. (डॉ.) अमित सिंह, प्रो. (डॉ.) प्राची भार्गव, प्रो. (डॉ.) वी. एन. पाठक, सुश्री प्रुवा वर्मा, प्रो. (डॉ.) आर. एस. बाजपेयी समेत सभी विभागों के डीन, डायरेक्टर, हेड उपस्थित थे। सम्मेलन के पहले दिन का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।</p>
<p>The post <a href="https://sarkarimanthan.com/three-day-international-conference-on-sustainable-innovation-2-0-inaugurated-at-srmu">एसआरएमयू में ‘सस्टेनेबल इनोवेशन 2.0’ विषयक तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का हुआ शुभारंभ</a> appeared first on <a href="https://sarkarimanthan.com">Sarkari Manthan</a>.</p>
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		<title>सरकारी खरीद में यूपी का योगी मॉडल बना नंबर-1, डिजिटल स्ट्राइक से बचे 9700 करोड़</title>
		<link>https://sarkarimanthan.com/ups-yogi-model-became-the-number-one-in-government-procurement</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nisha Shukla]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 12:40:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>लखनऊ।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य ने सरकारी ई-मार्केटप्लेस यानी जेम पोर्टल के माध्यम से खरीदारी करने में पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी डिजिटल शक्ति का लोहा मनवाया है। वित्त वर्ष 2025-26 के नवीनतम आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि उत्तर प्रदेश अब केवल अपनी विशाल जनसंख्या या &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://sarkarimanthan.com/ups-yogi-model-became-the-number-one-in-government-procurement">सरकारी खरीद में यूपी का योगी मॉडल बना नंबर-1, डिजिटल स्ट्राइक से बचे 9700 करोड़</a> appeared first on <a href="https://sarkarimanthan.com">Sarkari Manthan</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ। </strong> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य ने सरकारी ई-मार्केटप्लेस यानी जेम पोर्टल के माध्यम से खरीदारी करने में पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी डिजिटल शक्ति का लोहा मनवाया है। वित्त वर्ष 2025-26 के नवीनतम आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि उत्तर प्रदेश अब केवल अपनी विशाल जनसंख्या या राजनीतिक महत्व के लिए ही नहीं जाना जाता, बल्कि वह तकनीक के माध्यम से सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार और लेटलतीफी को खत्म करने वाला अग्रणी राज्य बन चुका है।</p>
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<h5><strong>जेम पोर्टल से हुई खरीद</strong></h5>
<p>इस वित्त वर्ष में यूपी सरकार ने जेम पोर्टल के माध्यम से 22,337 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड खरीदारी की है, जो कि देश के अन्य बड़े औद्योगिक राज्यों जैसे गुजरात, महाराष्ट्र और दिल्ली की तुलना में कहीं अधिक है। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उत्तर प्रदेश ने इस प्रक्रिया में न केवल रिकॉर्ड खरीदारी की, बल्कि अपनी कुशल रणनीतियों के माध्यम से जनता के टैक्स के हजारों करोड़ रुपये बचाकर सरकारी खजाने को भी मजबूती प्रदान की है।</p>
<p>इस सफलता के पीछे उत्तर प्रदेश सरकार की वह सुदृढ़ जेम खरीद नीति है जिसे 26 नवंबर 2024 को आधिकारिक रूप से लागू किया गया था। इस नीति के लागू होते ही राज्य में दशकों से चली आ रही पारंपरिक टेंडरिंग व्यवस्था का सूर्यास्त हो गया। पुराने सिस्टम में जहां अक्सर सिंडिकेट और बिचौलियों का बोलबाला रहता था, वहीं जेम पोर्टल ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बना दिया है।</p>
<p>नीति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि, नई व्यवस्था लागू होते ही सरकार ने तुरंत उन 33 से अधिक बड़ी खरीद प्रक्रियाओं को रद्द कर दिया जिनके लिए पुराने नियमों के तहत निर्देश जारी किए जा चुके थे। सरकार का यह कड़ा संदेश स्पष्ट था कि अब खरीद की गुणवत्ता और कीमत से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।</p>
<p>आंकड़ों के उतार-चढ़ाव को देखें तो साल 2023-24 में सरकारी खरीद 20,248 करोड़ रुपये थी, जो नीतिगत बदलाव के दौर में यानी 2024-25 में घटकर 16,822 करोड़ रुपये रह गई थी, लेकिन जैसे ही नया सिस्टम पूरी तरह सक्रिय हुआ, वित्त वर्ष 2025-26 में इसमें एक अभूतपूर्व उछाल देखने को मिला और यह 22,337 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई।</p>
<p>उत्तर प्रदेश की इस गौरवगाथा का सबसे चमकदार हिस्सा वह 9,700 करोड़ रुपये की बचत है, जो रिवर्स ऑक्शन यानी उल्टी बोली की प्रक्रिया से संभव हुई है। रिवर्स ऑक्शन एक ऐसी डिजिटल प्रक्रिया है, जहां सामान बेचने वाली कंपनियां सरकारी ऑर्डर पाने के लिए एक-दूसरे से मुकाबला करती हैं और अपनी कीमतें कम करती जाती हैं।</p>
<p>आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि, साल 2025-26 में राज्य सरकार ने 10 लाख रुपये से ऊपर के लगभग 19,962 टेंडर जारी किए थे, जिनमें से 42 प्रतिशत टेंडर इसी रिवर्स ऑक्शन प्रक्रिया के माध्यम से पूरे किए गए। इन टेंडरों की जो शुरुआती अनुमानित कीमत 16,284 करोड़ रुपये आंकी गई थी, वह डिजिटल प्रतिस्पर्धा के बाद घटकर मात्र 6,523 करोड़ रुपये रह गई। इस प्रकार सरकार ने अपनी औसत लागत में लगभग 60 प्रतिशत की भारी कटौती करने में सफलता प्राप्त की। यह बचत दर्शाती है कि, पारदर्शी तकनीक के माध्यम से किस प्रकार सरकारी संसाधनों का अधिकतम सदुपयोग किया जा सकता है।</p>
<p>केंद्र सरकार ने भी उत्तर प्रदेश की इस सक्रियता और दूरदर्शिता की मुक्त कंठ से प्रशंसा की है। दिल्ली के गलियारों में अब उत्तर प्रदेश की जेम खरीद नीति को एक आदर्श नीति के रूप में देखा जा रहा है। केंद्र ने देश के अन्य राज्यों को भी मशविरा दिया है कि वे उत्तर प्रदेश के इस मॉडल का अध्ययन करें और अपने यहां इसी तरह की पारदर्शी व्यवस्था लागू करें।</p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान इस उपलब्धि पर गर्व महसूस करते हुए सभी विभागों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि, जेम पोर्टल के माध्यम से खरीद न केवल एक विकल्प है बल्कि अब यह एक अनिवार्य जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने उन टॉप 10 विभागों की सराहना की जिन्होंने इस पोर्टल का अधिकतम लाभ उठाया है और पिछड़े हुए विभागों को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने की चेतावनी दी है।</p>
<p>उत्तर प्रदेश द्वारा स्थापित यह नया रिकॉर्ड केवल वित्तीय आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य की बदलती छवि का प्रतीक है। जिस प्रदेश को कभी धीमी प्रशासनिक प्रक्रियाओं के लिए जाना जाता था, आज वही प्रदेश गुजरात और महाराष्ट्र जैसे विकसित राज्यों को पछाड़कर ई-गवर्नेंस के शिखर पर बैठा है। 22,337 करोड़ की खरीद और 9,700 करोड़ की बचत यह साबित करती है कि, अगर नेतृत्व की नीयत साफ हो और तकनीक का सही समावेश किया जाए, तो बड़े से बड़े लक्ष्य को प्राप्त करना मुमकिन है।</p>
<p>यूपी की यह जेम क्रांति अब देश के अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है, जो आने वाले समय में भारत की समग्र अर्थव्यवस्था और सरकारी कार्यप्रणाली को नई दिशा देने का काम करेगी। भ्रष्टाचार पर इस डिजिटल प्रहार ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि भविष्य का उत्तर प्रदेश न केवल समर्थ होगा, बल्कि वह पूरी तरह से पारदर्शी और जवाबदेह भी होगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
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