
भारत की राजनीति में आए ऐतिहासिक नारी शक्ति वंदन अधिनियम की गूंज अब बॉलीवुड के गलियारों में भी सुनाई दे रही है। लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले इस कानून के प्रभावी होने के साथ ही मनोरंजन जगत के दिग्गजों ने सरकार के इस फैसले का खुले दिल से स्वागत किया है।
इसे भी पढ़ें नारी शक्ति वंदन सम्मेलन: सीएम धामी का ऐलान, अब आधी आबादी के हाथ में होगी उत्तराखंड की तकदीर
साकार हुआ सपना
फिल्मी हस्तियों का मानना है कि, यह केवल एक राजनीतिक बदलाव नहीं है, बल्कि उस सामाजिक क्रांति की शुरुआत है जिसका सपना दशकों से देखा जा रहा था। जन्नत फेम अभिनेत्री सोनल चौहान से लेकर एक्शन स्टार सुनील शेट्टी तक, तमाम बड़े सितारों ने इसे देश की आधी आबादी की जीत बताया है। कलाकारों का मानना है कि, जब नीति-निर्धारण के स्तर पर महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, तभी समाज की सोच में व्यापक बदलाव आएगा और देश विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच बॉलीवुड अभिनेत्री सोनल चौहान ने अपनी गहरी खुशी जाहिर की है। हाल ही में उज्जैन के सुप्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर पहुंची सोनल ने वहां भस्म आरती में हिस्सा लिया और भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। मंदिर प्रांगण में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने इस कानून के प्रति अपना अटूट समर्थन व्यक्त किया।
राजनीतिक मंच पर मिलेगी पहचान
सोनल ने कहा कि, हमारा देश आज जिस गति से प्रगति कर रहा है, उसमें महिलाओं की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने इस कदम को समय की मांग बताते हुए कहा कि, भारत जैसे देश में, जहां स्त्री शक्ति को पूजा जाता है, वहां उनके सशक्तिकरण की दिशा में ऐसा ठोस काम होना बेहद जरूरी था। अभिनेत्री ने इस बात पर जोर दिया कि, महिलाएं जन्मजात शक्तिशाली होती हैं और अब इस कानून के माध्यम से उनकी उस शक्ति को प्रशासनिक और राजनैतिक मंच पर भी पहचान मिलेगी।
बॉलीवुड के अन्ना यानी सुनील शेट्टी ने भी इस मुद्दे पर अपनी बेबाक राय साझा की है। सुनील शेट्टी का मानना है कि, महिलाओं के हित में उठाए गए किसी भी कदम को कभी भी पर्याप्त नहीं कहा जा सकता क्योंकि उन्होंने समाज के लिए बहुत कुछ कुर्बान किया है। एक्टर ने कहा कि चाहे शिक्षा हो, सुरक्षा हो या फिर आरक्षण, महिलाओं के लिए हर क्षेत्र में विशेष प्रयास किए जाने चाहिए।
मुकेश ने की पहल की सराहना
उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि यह आरक्षण केवल कुछ सीटों का आवंटन नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत नींव तैयार करने जैसा है। शेट्टी के अनुसार, जब महिलाएं सशक्त होंगी, तभी समाज की जड़ें मजबूत होंगी और देश का भविष्य सुरक्षित होगा। उनके शब्दों में, महिलाओं की प्रगति ही असल मायने में देश की प्रगति का पैमाना है।
सिनेमा जगत के मशहूर कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने भी इस पहल की सराहना की है। उन्होंने कहा कि, महिलाओं को आगे बढ़ाने वाला हर फैसला सराहनीय है और इसका स्वागत किया जाना चाहिए। छाबड़ा का मानना है कि रचनात्मक क्षेत्रों की तरह राजनीति में भी महिलाओं की सक्रियता बढ़ने से नए दृष्टिकोण और संवेदनशीलता सामने आएगी।
मजबूत होगा लोकतांत्रिक ढांचा
वहीं, अभिनेता रितेश देशमुख ने भी सरकार के इस कदम को अपना पूरा समर्थन दिया है। रितेश ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए जो भी प्रयास किए जा रहे हैं, उन्हें पहले से ही समाज का समर्थन मिलना चाहिए था। उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि अब महिलाओं को समाज में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के अनुरूप अधिकार और अवसर मिलने जा रहे हैं, जिससे पूरे लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूती मिलेगी।
अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी भावनाओं को साझा करते हुए इस कानून का स्वागत किया। उन्होंने इसे एक ऐसी पहल बताया जो होनहार और सच्चे लोगों को बेहतर मौके प्रदान करेगी। ईशा ने कहा कि, वह हमेशा से महिला सशक्तिकरण से जुड़ी गतिविधियों का हिस्सा रही हैं और संसद में महिलाओं के लिए रास्ता साफ होना एक बड़ी उपलब्धि है।

उनका मानना है कि, महिलाओं को आगे बढ़ने का पूरा हक मिलना चाहिए और यह कानून उस हक को दिलाने में मील का पत्थर साबित होगा। बॉलीवुड सितारों की यह एकजुट प्रतिक्रिया दर्शाती है कि, समाज का प्रभावशाली वर्ग इस बदलाव को लेकर कितना उत्साहित है।
बढ़ेंगी लोकसभा में सीटें
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने इस कानून के क्रियान्वयन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए प्रस्तावित मसौदे को मंजूरी दे दी है। इस नई योजना के तहत लोकसभा की कुल सीटों की संख्या को भविष्य में बढ़ाकर 816 करने का प्रस्ताव है, जिसमें से 33 प्रतिशत यानी 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। यह आंकड़ा वर्तमान संख्या से कहीं अधिक है, जो यह सुनिश्चित करेगा कि देश की सर्वोच्च नीति-निर्माण सभा में महिलाओं की आवाज न केवल सुनी जाए, बल्कि वह निर्णायक भी हो।
बॉलीवुड के इन सितारों का मानना है कि जब पर्दे पर दिखाई जाने वाली महिला प्रधान कहानियां असल जिंदगी में राजनैतिक धरातल पर उतरेंगी, तभी सही मायनों में नारी शक्ति का वंदन सफल होगा। देशभर में इस कानून को लेकर चल रही चर्चा के बीच फिल्मी सितारों का यह समर्थन महिला सशक्तिकरण के मुद्दे को और अधिक मजबूती प्रदान कर रहा है।
इसे भी पढ़ें मिशन 2027: यूपी की आधी आबादी को साधने की तैयारी में भाजपा, ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ होगा मास्टरस्ट्रोक



