
सपनों के शहर मुंबई और भारतीय सिनेमा की चकाचौंध के पीछे का अंधेरा एक बार फिर बेपर्दा हो गया है। हाल ही में मशहूर फिल्ममेकर संजय गुप्ता के वर्सोवा स्थित आवास पर उनका शव मिलने की खबर ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस दुखद घटना ने बॉलीवुड के उस स्याह पहलू को दोबारा चर्चा में ला दिया है, जहां पर्दे पर लाखों-करोड़ों दिलों पर राज करने वाले सितारे अपनी जिंदगी के आखिरी पलों में बिल्कुल अकेले रह गए। हिंदी और क्षेत्रीय सिनेमा का इतिहास ऐसी कई दुखद कहानियों से भरा पड़ा है, जब दिग्गज कलाकारों का निधन बंद कमरों में हुआ और दुनिया को इसकी भनक कई घंटों या दिनों बाद लगी।
इसे भी पढ़ें- फ्राइडे को सिनेमाघरों और OTT पर मचेगा धमाल, रिलीज होंगी ये 5 बड़ी फ़िल्में
कलाकारों की इस तन्हाई और रहस्यमयी मौत का सिलसिला नया नहीं है, बल्कि दशकों पुराना है। आइए नजर डालते हैं भारतीय सिनेमा के उन चंद मशहूर और दुखद मामलों पर, जिनकी मौत की खबर ने देश को हिलाकर रख दिया था।
गुरु दत्त
हिंदी सिनेमा के इतिहास में क्लासिक फिल्मों के रचनाकार और महान अभिनेता-निर्देशक गुरु दत्त का मामला सबसे शुरुआती और स्तब्ध कर देने वाले मामलों में से एक है। 10 अक्टूबर 1964 को महज 39 वर्ष की आयु में गुरु दत्त मुंबई के पेडर रोड स्थित अपने फ्लैट में मृत पाए गए थे।
अपनी मशहूर फिल्मों ‘प्यासा’ और ‘कागज के फूल’ के जरिए सिनेमा को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाले इस दिग्गज कलाकार की निजी जिंदगी बेहद उथल-पुथल से भरी थी। पत्नी व मशहूर गायिका गीता दत्त से अलग होने के बाद वे अपने फ्लैट में अकेले रह रहे थे। तत्कालीन मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस जांच के मुताबिक, उनकी मौत अत्यधिक नींद की गोलियों और शराब के जानलेवा संयोजन के कारण हुई थी। कई लोग इसे आत्महत्या मानते हैं। हालांकि, इस महान निर्देशक का इस तरह असमय चले जाना सिनेमा जगत की सबसे बड़ी त्रासदियों में गिना जाता है।
परवीन बाबी
70 और 80 के दशक में अपनी ग्लैमरस छवि और अदाकारी से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली अभिनेत्री परवीन बाबी की कहानी भी उतनी ही दर्दनाक है। 22 जनवरी 2005 को मुंबई के जुहू स्थित उनके फ्लैट में उनका शव बरामद किया गया था। उनकी मौत का खुलासा तब हुआ जब उनकी हाउसिंग सोसाइटी के सेक्रेटरी ने पुलिस को सूचना दी कि परवीन बाबी के घर के बाहर दो दिनों से न तो दूध का पैकेट उठाया गया था और न ही अखबार।
पुलिस ने जब डुप्लीकेट चाबी से दरवाजा खोला, तो अंदर का नजारा हैरान कर देने वाला था। अपने अंतिम दिनों में गंभीर मानसिक स्थिति, डायबिटीज और पैर में गैंग्रीन से जूझ रहीं परवीन बेहद एकाकी जीवन जी रही थीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर किसी बाहरी चोट या जहर के निशान नहीं मिले, लेकिन दुनिया से कटकर अकेले दम तोड़ने वाली इस स्टार की मौत ने इंडस्ट्री के खोखलेपन को उजागर कर दिया था।
ओम पुरी
अपनी दमदार आवाज और समानांतर व व्यावसायिक सिनेमा में अपनी अभिनय क्षमता का लोहा मनवाने वाले दिग्गज अभिनेता ओम पुरी की मौत भी कुछ इसी तरह की परिस्थितियों में हुई थी। जनवरी 2017 में 66 वर्षीय ओम पुरी अपने लोखंडवाला स्थित अपार्टमेंट की रसोई में मृत पाए गए थे।
घटना का पता तब चला जब उनका ड्राइवर उन्हें रोज की तरह पिक करने के लिए घर पहुंचा। बार-बार घंटी बजाने पर भी जब अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो जांच करने पर उनका शव पाया गया। उनके सिर पर मामूली चोट का निशान था और फर्श पर खून बिखरा हुआ था, जिससे शुरुआती तौर पर कई तरह की आशंकाएं जताई गईं। पुलिस ने घर के कर्मचारियों से लंबी पूछताछ की और गहराई से जांच की। अंततः पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद यह निष्कर्ष निकाला गया कि उनका निधन दिल का दौरा पड़ने से हुआ था।
महेश आनंद
90 के दशक की मशहूर एक्शन फिल्मों में खलनायक और नकारात्मक भूमिकाओं से अपनी पहचान बनाने वाले अभिनेता महेश आनंद फरवरी 2019 में अपने वर्सोवा स्थित फ्लैट में मृत पाए गए थे। 57 वर्षीय महेश आनंद लंबे समय से मुख्यधारा के सिनेमा से दूर थे और वित्तीय व व्यक्तिगत संकटों का सामना कर रहे थे।
उनकी मौत की जानकारी तब सामने आई जब उनके घर काम करने वाली मेड पहुंची और काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उनकी बहनों को सूचित किया गया और पुलिस व फायर ब्रिगेड की मदद से दरवाजा तोड़ा गया। महेश आनंद का शव लिविंग रूम में पड़ा मिला और पास में शराब की बोतल रखी थी। पड़ोसियों का कहना था कि उन्होंने कई दिनों से एक्टर को नहीं देखा था और उन्हें लगा कि वे किसी शूटिंग के सिलसिले में शहर से बाहर गए होंगे।
ब्रह्मा मिश्रा
सुपरहिट वेब सीरीज ‘मिर्जापुर’ में ‘ललित’ का यादगार किरदार निभाकर रातों-रात घर-घर में लोकप्रिय हुए युवा अभिनेता ब्रह्मा मिश्रा का निधन भी बेहद त्रासद रहा। दिसंबर 2021 में वर्सोवा के यारी रोड स्थित अपने किराए के फ्लैट में वे मृत पाए गए थे। ब्रह्मा मिश्रा फ्लैट में अकेले रहते थे। उनकी मौत के दो-तीन दिनों बाद जब फ्लैट से तेज बदबू आने लगी, तो आसपास के पड़ोसियों ने संदेह होने पर तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित किया।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जब दरवाजा खोला, तो अभिनेता का शव बाथरूम के अंदर मिला। दिल का दौरा पड़ने के कारण असमय दुनिया छोड़ गए इस उभरते हुए कलाकार की मौत ने उनके प्रशंसकों और सह-कलाकारों को झकझोर कर रख दिया था।
रवींद्र महाजनी
मराठी सिनेमा के ‘हैंडसम हंक’ और अनुभवी अभिनेता रवींद्र महाजनी की दुखद मौत की घटना 14 जुलाई 2023 को सामने आई थी। 77 वर्षीय महाजनी पुणे के तालेगांव दाभाड़े के पास अंबी गांव में एक किराए के फ्लैट में बीते आठ महीनों से अकेले रह रहे थे।
उनकी मौत का खुलासा भी तब हुआ जब फ्लैट से अत्यधिक दुर्गंध आने पर पड़ोसियों ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी। पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर जब दरवाजा तोड़ा, तो अंदर उनका शव पड़ा हुआ था। चिकित्सकीय जांच और पुलिस की आशंका के मुताबिक, शव बरामद होने से कम से कम दो से तीन दिन पहले ही उनका निधन हो चुका था। मराठी फिल्मों के इतने बड़े सितारे का इस तरह गुमनामी और तन्हाई में चले जाना बेहद व्यथित करने वाला था।
चकाचौंध के पीछे छिपी तन्हाई
संजय गुप्ता के हालिया निधन से लेकर गुरु दत्त, परवीन बाबी और रवींद्र महाजनी तक की ये दुखद घटनाएं यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि पर्दे पर दर्शकों की वाहवाही और ताली बटोरने वाले सितारों का अंत कभी-कभी कितना अकेला और खामोश होता है। बंद कमरों, अलगाव और देर से मिलने वाले शवों की ये कहानियां बॉलीवुड और ग्लैमर की दुनिया के उस अनकहे सच को सामने लाती हैं, जहां शोहरत के पीछे का एकाकीपन अक्सर जानलेवा साबित होता है।
इसे भी पढ़ें- अब सिनेमाघरों में लगेंगे ठहाके, लौट रहा है गोविंदा युग, इस डेट को रिलीज हो रही वरुण-डेविड की फिल्म



