लखनऊ: मौनी अमावस्या का दिन सनातन धर्म में विशेष महत्व रखता है। यह तिथि पितरों की कृपा प्राप्त करने के साथ-साथ देवी-देवताओं का आशीर्वाद पाने के लिए भी अत्यंत शुभ मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान शिव और भगवान विष्णु की सच्चे मन से पूजा करने पर जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है। कहा जाता है कि मौनी अमावस्या के दिन अगर कुछ कार्य गुप्त रूप से किए जाएं, तो व्यक्ति के जीवन में बरकत आने लगती है और पितृ दोष समेत कई परेशानियों से मुक्ति मिलती है।

मौनी अमावस्या पर गुप्त दान का विशेष महत्व
शास्त्रों में मौनी अमावस्या के दिन गुप्त दान को अत्यंत पुण्यदायी बताया गया है। गुप्त दान का अर्थ है ऐसा दान, जिसकी जानकारी न तो दान लेने वाले को हो और न ही आपके परिवार या परिचितों को। इस प्रकार का दान करने से व्यक्ति को विशेष फल की प्राप्ति होती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं। मान्यता है कि गुप्त दान करने से आर्थिक, मानसिक और पारिवारिक समस्याएं धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं।
गुड़, गेहूं और लाल वस्त्र का गुप्त दान
अगर आप चाहते हैं कि सूर्य और मंगल ग्रह आपके जीवन में शुभ फल दें और भगवान विष्णु की कृपा बनी रहे, तो मौनी अमावस्या के दिन गुप्त रूप से गुड़, गेहूं और लाल वस्त्र का दान करें। धार्मिक विश्वास है कि इससे पितरों का आशीर्वाद मिलता है और कुंडली में सूर्य व मंगल की स्थिति मजबूत होती है, जिससे आत्मविश्वास और कार्यक्षेत्र में सफलता बढ़ती है।
काले तिल से पितृ दोष से मुक्ति
मौनी अमावस्या के दिन काले तिल का दान पितृ दोष से मुक्ति दिलाने वाला माना गया है। आप चाहें तो किसी मंदिर में गुप्त रूप से काले तिल का दान कर सकते हैं। इसके साथ ही काले तिल मिश्रित जल से शिवलिंग का अभिषेक करने पर भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होने का मार्ग प्रशस्त होता है।
धन का गुप्त दान और लक्ष्मी कृपा
इस पावन तिथि पर गुप्त रूप से धन का दान करना भी बेहद शुभ माना गया है। मान्यता है कि ऐसा करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और व्यक्ति के जीवन में धन, वैभव और स्थायित्व आता है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोगों के लिए यह उपाय विशेष रूप से फलदायी माना गया है।
अन्न, वस्त्र और अन्य वस्तुओं का दान
मौनी अमावस्या के दिन अन्न, वस्त्र, जूते-चप्पल, चारपाई जैसी आवश्यक वस्तुओं का गुप्त दान भी किया जा सकता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन वस्तुओं के दान से शनि, सूर्य, गुरु, मंगल और चंद्रमा जैसे ग्रह शांत होते हैं, जिससे जीवन में आने वाले संकट टल जाते हैं और सुख-शांति बनी रहती है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय विश्वासों पर आधारित है। इसके परिणाम व्यक्ति विशेष की आस्था और कर्मों पर निर्भर करते हैं।
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