उत्तराखंड में मुख्यमंत्री बदलने को कांग्रेस ने बताया भाजपा की नाकामी…

उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी देवेंद्र यादव ने बुधवार को कहा कि उत्तराखंड में चार साल में भाजपा ऐसा कोई कार्य नहीं कर पायी जो जनता के हित में हो। अब मुख्यमंत्री बदल कर भाजपा ने यह साबित भी कर दिया। भाजपा ने ऐसा अपनी नाकामी छिपाने के लिए किया है। जनता सब जानती है। वह विधानसभा चुनाव में इसका करारा जबाव देगी।

वह यहां संवाददाता सम्मेलन में भाजपा और सरकार पर जमकर बरसे। उन्होंने गैरसैंण में बजट सत्र के दौरान आंदोलनकारी महिलाओं, बच्चों और पुरुषों पर लाठीचार्ज तीखी आलोचना की। यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने चार साल तक प्रदेश को सिर्फ लूटा है। जमकर भ्रष्टाचार किया है। जब जनता के बीच छीछालेदर शुरू हुई गई तो मुख्यमंत्री को बदल कर अपने दाग धोने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार से आम आदमी में हताश है। 

प्रदेश प्रभारी ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में गोपेश्वर में 200 बेड का बेस चिकित्सालय मंजूर हुआ था। जमीन के साथ ही टोकन मनी भी जारी हो गई थी पर भाजपा सरकार ने इन चार सालों में उस पर कोई कार्य नहीं किया। अब जमीन उसी विभाग को वापस हो गई है जिससे ली गई थी। …और यह सरकार विकास की बात कर रही है।

उन्होंने तपोवन-रैणी आपदा पर कहा कि 2013 में केदारनाथ आपदा के समय कांग्रेस सरकार ने समय रहते स्थिति को पटरी पर लाने का कार्य किया, लेकिन इस आपदा से उत्तराखंड की भाजपा सरकार ने कोई सीख नहीं ली। इसी का नतीजा है कि अभी भी 100 से अधिक लोगों को पता नहीं चल पाया है। नैतिकता के आधार पर इस सरकार को त्यागपत्र दे देना चाहिए। उनकी राष्ट्रपति से भी मांग की है कि ऐसी भ्रष्ट और संवेदनहीन सरकार को बर्खास्त करें।

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इस मौके पर सह प्रदेश प्रभारी राजेश धर्मानी, जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह रावत, प्रदेश महामंत्री हरिकृष्ण भट्ट, मुकेश नेगी, प्रकाश जोशी, मनीष खंडूरी, पूर्व काबीना मंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी, विधायक केदारनाथ मनोज रावत, बदरीनाथ प्रभारी उर्मिला बिष्ट, गणेश गोदियाल आदि मौजूद रहे।

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