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	<title>उत्तर प्रदेश &#8211; Sarkari Manthan</title>
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	<title>उत्तर प्रदेश &#8211; Sarkari Manthan</title>
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		<title>गाड़ी फिटनेस के नियमों में छूट, अब यूपी के हर जिले में खुलेंगे एटीएस, ये है योगी सरकार का मास्टरप्लान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Nisha Shukla]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 12 May 2026 08:00:36 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>लखनऊ। उत्तर प्रदेश में व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच को लेकर लंबे समय से चली आ रही दिक्कतों और कड़े नियमों के जाल को अब योगी सरकार पूरी तरह खत्म करने जा रही है। प्रदेश के परिवहन विभाग ने आटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) की स्थापना के लिए बनाई गई अपनी पुरानी और जटिल मानक संचालन &#8230;</p>
<p>&lt;p&gt;The post <a rel="nofollow" href="https://sarkarimanthan.com/now-ats-will-be-opened-in-every-district-of-up-this-is-the-master-plan-of-yogi-government">गाड़ी फिटनेस के नियमों में छूट, अब यूपी के हर जिले में खुलेंगे एटीएस, ये है योगी सरकार का मास्टरप्लान</a> first appeared on <a rel="nofollow" href="https://sarkarimanthan.com">Sarkari Manthan</a>.&lt;/p&gt;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ।</strong> उत्तर प्रदेश में व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच को लेकर लंबे समय से चली आ रही दिक्कतों और कड़े नियमों के जाल को अब योगी सरकार पूरी तरह खत्म करने जा रही है। प्रदेश के परिवहन विभाग ने आटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) की स्थापना के लिए बनाई गई अपनी पुरानी और जटिल मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में बड़े बदलाव का निर्णय लिया है। अब तक यूपी में एक जिले में अधिकतम तीन एटीएस खोलने का जो प्रतिबंध था, उसे केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के निर्देशों के अनुरूप हटाया जा रहा है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब निजी निवेशक प्रदेश के किसी भी जिले में मांग और जरूरत के अनुसार कितने भी एटीएस केंद्र खोल सकेंगे।</p>
<p><strong>इसे भी पढ़ें- <a href="https://sarkarimanthan.com/up-cabinet-expansion-ministers-allotted-offices">यूपी कैबिनेट विस्तार: मंत्रियों को आवंटित हुए दफ्तर, आज शाम तक मिल जाएगी आवास की चाबी</a></strong></p>
<h5><strong>शासन को भेजा गया प्रस्ताव</strong></h5>
<p>परिवहन विभाग ने इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है, जिसे जल्द ही हरी झंडी मिलने की उम्मीद है। इस बदलाव से न केवल निजी निवेश बढ़ेगा, बल्कि वाहन स्वामियों को फिटनेस के लिए दूसरे जिलों की लंबी दौड़ से भी बड़ी राहत मिलेगी। उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग द्वारा पूर्व में तैयार की गई एसओपी वास्तव में केंद्रीय नियमों की अनदेखी कर बनाई गई थी, जिसकी वजह से पिछले तीन सालों से प्रदेश में फिटनेस केंद्रों का जाल नहीं बिछ सका था।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-111108 size-full" src="https://sarkarimanthan.com/wp-content/uploads/2026/05/Automated-Testing-Station-a-e1778571325318.webp" alt="Automated Testing Station" width="600" height="374" /></p>
<p>पुराने नियमों के तहत एक आवेदक पूरे राज्य में अधिकतम तीन एटीएस ही संचालित कर सकता था और एक जिले की सीमा के भीतर भी तीन से ज्यादा केंद्रों की अनुमति नहीं थी। विभाग की यह नियमावली केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम 1989 के नियम 175 की भावना के विपरीत थी, जहां केंद्रों की संख्या पर कोई पाबंदी नहीं लगाई गई है।</p>
<p>इस विरोधाभास के कारण उत्तर प्रदेश के 25 जिलों में एटीएस निर्माण के लिए एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ, क्योंकि निवेशकों के लिए शर्तें अव्यावहारिक थीं। अब जब केंद्र सरकार ने मैनुअल फिटनेस जांच को पूरी तरह बंद करने का दबाव बढ़ाया है, तब जाकर विभाग ने अपनी गलतियों को सुधारते हुए केंद्रीय नियमावली को अपनाने का फैसला किया है।</p>
<h5><strong>मैनुअल फिटनेस की मिली मोहलत</strong></h5>
<p>नियमों में इस आमूलचूल बदलाव की सबसे बड़ी वजह वह संकट रहा, जो इसी साल पांच जनवरी को केंद्रीय मंत्रालय के एक आदेश के बाद पैदा हुआ था। केंद्र ने निर्देश दिया था कि प्रदेश में वाहनों की मैनुअल फिटनेस जांच पूरी तरह बंद की जाए। उस समय पूरे प्रदेश में केवल 13 निजी एटीएस ही संचालित थे। परिणाम यह हुआ कि परिवहन विभाग को एक एटीएस केंद्र से लगभग 100 किलोमीटर तक के दायरे को जोड़ना पड़ा।</p>
<p>उदाहरण के तौर पर, लखनऊ के बख्शी का तालाब स्थित एकेआरएस एटीएस केंद्र पर न केवल लखनऊ के वाहनों का बोझ बढ़ा, बल्कि उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, हरदोई और सीतापुर जैसे दूरदराज के जिलों के व्यावसायिक वाहनों को भी यहीं फिटनेस कराने के लिए मजबूर होना पड़ा। इससे वाहन स्वामियों का खर्च और समय दोनों बढ़ गए, जिसके बाद चौतरफा विरोध शुरू हुआ और सरकार को अपनी नीतियों पर दोबारा विचार करना पड़ा।</p>
<p>इस संकट को देखते हुए केंद्रीय मंत्रालय के सचिव यतेंद्र कुमार ने बीते 27 अप्रैल को राज्यों को कुछ शर्तों के साथ मैनुअल फिटनेस जांच जारी रखने की मोहलत दी। निर्देश दिए गए कि, जिन जिलों में एटीएस निर्माणाधीन हैं, वहां कार्य पूरा होने तक मैनुअल जांच की जा सकती है, जिसके लिए अंतिम समय सीमा 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ाई गई है। इसी राहत की अवधि के दौरान उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने अपनी एसओपी का नए सिरे से तकनीकी परीक्षण कराया।</p>
<h5><strong>भ्रष्टाचार पर लगेगा अंकुश</strong></h5>
<p>इस परीक्षण में यह स्पष्ट हुआ कि यूपी ने 23 अगस्त 2023 को जो नियम लागू किए थे, वे केंद्र सरकार के मानकों से कहीं अधिक कठिन थे। केंद्र की नियमावली में न तो जिलों में केंद्रों की संख्या सीमित है और न ही भूमि की अनिवार्यता इतनी कड़ी है। यूपी में एटीएस के लिए न्यूनतम दो एकड़ भूमि की शर्त रखी गई थी, जबकि केंद्र सरकार इससे काफी कम क्षेत्रफल में भी एटीएस निर्माण की अनुमति दे रही है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-111109 size-full" src="https://sarkarimanthan.com/wp-content/uploads/2026/05/Automated-Testing-Station-c-e1778571352701.webp" alt="Automated Testing Station (" width="600" height="447" /></p>
<p>परिवहन विभाग के अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) संजय सिंह के अनुसार, विभाग अब पूरी तरह से केंद्र सरकार की उदार नियमावली का अनुसरण करेगा। संशोधित प्रस्ताव में भूमि की अनिवार्यता को कम करने और केंद्रों की संख्या पर लगे बैरियर को हटाने की बात कही गई है।</p>
<p>इससे उन 25 जिलों में भी निवेश के रास्ते खुलेंगे जहां अब तक एक भी आवेदन नहीं आया था। इस नीतिगत बदलाव का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि भविष्य में हर जिले में पर्याप्त संख्या में एटीएस केंद्र उपलब्ध होंगे, जिससे वाहन स्वामियों को अपने ही जिले में आधुनिक मशीनों से फिटनेस कराने की सुविधा मिलेगी। इससे न केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा, बल्कि मशीनी जांच से वाहनों की फिटनेस गुणवत्ता में सुधार होगा, जो अंततः सड़क सुरक्षा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।</p>
<h5><strong>बदलने वाली है ट्रांसपोर्ट सेक्टर की तस्वीर</strong></h5>
<p>शासन को भेजे गए इस प्रस्ताव के मंजूर होते ही यूपी में ट्रांसपोर्ट सेक्टर की तस्वीर बदलने वाली है। अब तक परिवहन विभाग के अधिकारी मैनुअल जांच के नाम पर होने वाले खेल को खत्म नहीं कर पा रहे थे, लेकिन एटीएस की संख्या बढ़ने से यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल हो जाएगी।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-111110 size-full" src="https://sarkarimanthan.com/wp-content/uploads/2026/05/Automated-Testing-Station-d-e1778571375316.webp" alt="Automated Testing Station (" width="600" height="449" /></p>
<p>निवेशकों के लिए अब राज्यभर में तीन से ज्यादा केंद्र चलाने का रास्ता भी साफ हो जाएगा, जिससे बड़ी कंपनियां इस क्षेत्र में कदम रख सकेंगी। सरकार का लक्ष्य है कि 31 दिसंबर की समय सीमा समाप्त होने से पहले प्रदेश के हर प्रमुख जिले में कम से कम दो से तीन सक्रिय आटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन काम करना शुरू कर दें, ताकि फिर कभी मैनुअल जांच की जरूरत ही न पड़े और यूपी का परिवहन तंत्र आधुनिक और सुरक्षित मानकों पर खड़ा हो सके।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>इसे भी पढ़ें- <a href="https://sarkarimanthan.com/old-age-pension-became-the-support-of-29-lakh-women-of-up">यूपी की 29 लाख महिलाओं का सहारा बनी वृद्धावस्था पेंशन, हर महीने मिल रहे 1000 रुपये, जौनपुर टॉप पर</a></strong></p>
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		<title>यूपी कैबिनेट विस्तार: मंत्रियों को आवंटित हुए दफ्तर, आज शाम तक मिल जाएगी आवास की चाबी</title>
		<link>https://sarkarimanthan.com/up-cabinet-expansion-ministers-allotted-offices</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nisha Shukla]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 12 May 2026 07:10:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>लखनऊ। यूपी की सियासत में पिछले कई दिनों से हलचल मची हुई है। योगी सरकार के हालिया कैबिनेट विस्तार के बाद शासन और प्रशासन में जबरदस्त सक्रियता देखने को मिल रही है। राजधानी लखनऊ के सचिवालय परिसरों में नए मंत्रियों के स्वागत और उनके बैठने की व्यवस्था को लेकर दिनभर गहमागहमी बनी रही। एक तरफ &#8230;</p>
<p>&lt;p&gt;The post <a rel="nofollow" href="https://sarkarimanthan.com/up-cabinet-expansion-ministers-allotted-offices">यूपी कैबिनेट विस्तार: मंत्रियों को आवंटित हुए दफ्तर, आज शाम तक मिल जाएगी आवास की चाबी</a> first appeared on <a rel="nofollow" href="https://sarkarimanthan.com">Sarkari Manthan</a>.&lt;/p&gt;</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ।</strong> यूपी की सियासत में पिछले कई दिनों से हलचल मची हुई है। योगी सरकार के हालिया कैबिनेट विस्तार के बाद शासन और प्रशासन में जबरदस्त सक्रियता देखने को मिल रही है। राजधानी लखनऊ के सचिवालय परिसरों में नए मंत्रियों के स्वागत और उनके बैठने की व्यवस्था को लेकर दिनभर गहमागहमी बनी रही। एक तरफ जहां मंत्रियों को उनके नए कार्यालय आवंटित कर दिए गए हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके रहने के लिए सरकारी आवासों के आवंटन की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में पहुंच गई है।</p>
<p><strong>इसे भी पढ़ें- <a href="https://sarkarimanthan.com/big-decision-of-up-cabinet-1192-lakh-teachers-got-cashless-treatment-facility">यूपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: 11.92 लाख शिक्षकों को मिली कैशलेस इलाज की सुविधा</a></strong></p>
<h5><strong>बदला-बदला नजर आया बापू भवन का नजारा</strong></h5>
<p>शासन स्तर पर इस बदलाव को लेकर सचिवालय के गलियारों में काफी उत्साह है, क्योंकि नए मंत्रियों के आने से अब प्रशासनिक कामकाज में नई ऊर्जा आने की उम्मीद की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य संपत्ति विभाग ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है, ताकि मंत्रियों को कार्यभार संभालने में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-111104 size-full" src="https://sarkarimanthan.com/wp-content/uploads/2026/05/UP-cabinet-expansion-b-e1778568872284.webp" alt="UP cabinet expansion" width="601" height="338" /></p>
<p>उत्तर प्रदेश की राजधानी के विधान भवन स्थित मुख्य भवन और बापू भवन में सोमवार को नजारा बदला-बदला सा रहा। कैबिनेट विस्तार के बाद नए मंत्रियों को उनके दफ्तरों का आवंटन कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और अब कैबिनेट मंत्री के रूप में नई भूमिका निभा रहे भूपेंद्र सिंह चौधरी को विधान भवन के मुख्य भवन के प्रथम तल पर कमरा नंबर 81-सी आवंटित किया गया है।</p>
<p>यह कमरा सामरिक और प्रशासनिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है, जो सत्ता के केंद्र में उनकी मजबूत स्थिति को दर्शाता है। वहीं दूसरी ओर, कैबिनेट मंत्री बनाए गए मनोज पांडेय सहित अन्य राज्य मंत्रियों और राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों के लिए बापू भवन में कार्यालयों की व्यवस्था की गई है। बापू भवन में सुबह से ही साफ-सफाई और नेमप्लेट लगाने का कार्य चलता रहा, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि नए मंत्री जल्द ही अपनी कुर्सी संभालकर जनहित के कार्यों में जुट जाएंगे।</p>
<h5><strong>शाम तक सौंप दी जाएंगी चाबियां</strong></h5>
<p>दफ्तरों के आवंटन के साथ-साथ मंत्रियों के रहने के लिए सरकारी आवासों को लेकर भी फाइलें तेजी से आगे बढ़ रही हैं। राज्य संपत्ति विभाग ने मंत्रियों के लिए नए आवास आवंटन की विस्तृत फाइल तैयार कर ली है और इसे अंतिम मंजूरी के लिए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के कार्यालय को भेज दिया गया है।</p>
<p>फिलहाल स्थिति यह है कि भूपेंद्र सिंह चौधरी, सोमेंद्र तोमर और अजीत पाल के पास पहले से ही मंत्री स्तर के आवास उपलब्ध हैं, क्योंकि वे पूर्व में भी सरकार का हिस्सा रहे हैं या किसी न किसी जिम्मेदारी में थे, लेकिन बाकी नए चेहरों के लिए गौतमपल्ली और राजभवन के आसपास के वीवीआईपी इलाकों में बंगलों को व्यवस्थित किया जा रहा है। सचिवालय के सूत्रों का दावा है कि मंगलवार शाम तक सभी मंत्रियों को उनके आवासों की चाबियां सौंप दी जाएंगी, जिससे वे अपने कैंप कार्यालयों को पूरी तरह संचालित कर सकेंगे।</p>
<p>सोमवार का दिन लखनऊ में मेल-मुलाकातों और बधाई देने वालों के नाम रहा। नए बने मंत्रियों के अस्थाई आवासों और कैंप कार्यालयों पर सुबह से ही समर्थकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों का भारी जमावड़ा लगा रहा। जश्न का सबसे बड़ा केंद्र भूपेंद्र सिंह चौधरी का आवास रहा, जहां फूलों के गुलदस्ते और मिठाइयों के साथ लोग उनकी नई पारी के लिए बधाई देने पहुंच रहे थे।</p>
<h5><strong>भूप्नेद्र चौधरी से मिलने पहुंचे मनोज पांडेय </strong></h5>
<p>इसी बीच एक दिलचस्प नजारा तब देखने को मिला जब नवनियुक्त कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय खुद भूपेंद्र चौधरी से मिलने उनके आवास पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक चर्चा हुई और भूपेंद्र चौधरी ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। इस मुलाकात को राजनीतिक गलियारों में समन्वय और एकजुटता के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।</p>
<p>जश्न और मुलाकातों का यह दौर केवल एक आवास तक सीमित नहीं था, बल्कि राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. सोमेंद्र तोमर के आवास पर भी भारी भीड़ जुटी रही। ब्रज क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय शाक्य और मांट विधानसभा के चर्चित विधायक राजेश चौधरी ने भी सोमेंद्र तोमर से मुलाकात की और उन्हें जीत व नई जिम्मेदारी की बधाई दी। इसके अलावा, नए राज्य मंत्री सुरेंद्र दिलेर ने भी वरिष्ठ मंत्रियों से शिष्टाचार भेंट की।</p>
<p>मनोज पांडेय के आवास पर भी सुबह से ही कार्यकर्ताओं का तांता लगा रहा, जो अपने नेता को कैबिनेट में जगह मिलने से उत्साहित थे। सोमेंद्र तोमर के गौतमपल्ली स्थित कैंप कार्यालय में पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आए कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ अपनी खुशी जाहिर की। इसी क्रम में सोमेंद्र तोमर ने वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से भी उनके आवास पर जाकर मुलाकात की और उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया।</p>
<h5><strong>विकास कार्यों को मिलेगी गति</strong></h5>
<p>लखनऊ के बापू भवन के पास स्थित रॉयल होटल में भी राजनीतिक सरगर्मी तेज रही। यहां ठहरे हुए नए राज्य मंत्री सुरेंद्र दिलेर से मिलने उनकी विधानसभा क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। समर्थकों का कहना है कि उनके क्षेत्र के प्रतिनिधि को सरकार में जगह मिलने से विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-111105 size-full" src="https://sarkarimanthan.com/wp-content/uploads/2026/05/UP-cabinet-expansion-b-1-e1778568897294.webp" alt="UP cabinet expansion" width="600" height="338" /></p>
<p>वहीं दूसरी ओर, कृष्णा पासवान, हंसराज विश्वकर्मा और कैलाश राजपूत के घरों पर भी उत्सव जैसा माहौल रहा। इन मंत्रियों ने अपने-अपने क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याएं भी सुनीं और आश्वासन दिया कि विभागों का बंटवारा होते ही वे जनसमस्याओं के निस्तारण को अपनी प्राथमिकता बनाएंगे। दिनभर चली इन मुलाकातों ने यह साफ कर दिया कि संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बिठाने की कोशिशें जारी हैं।</p>
<h5><strong>सीएम योगी पर टिकीं निगाहें</strong></h5>
<p>अब सबकी निगाहें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर टिकी हैं, क्योंकि मंत्रियों को उनके विभागों के बंटवारे का बेसब्री से इंतजार है। हालांकि सोमवार को विभागों की घोषणा होने की उम्मीद थी, लेकिन मुख्यमंत्री के व्यस्त दौरों के कारण इसे टाल दिया गया। सीएम योगी आदित्यनाथ सोमवार को वाराणसी, बागपत और फिर दिल्ली के दौरे पर रहे, जिसके चलते शासन स्तर पर अंतिम फाइल पर मुहर नहीं लग सकी।</p>
<p>राजनीतिक चर्चा यह भी है कि इस बार न केवल नए मंत्रियों को विभाग दिए जाएंगे, बल्कि पुराने मंत्रियों के विभागों में भी बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। कुछ मंत्रियों के कामकाज के आधार पर उनकी जिम्मेदारी बढ़ाई जा सकती है, तो कुछ के विभागों को काटकर नए चेहरों को मजबूती दी जा सकती है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>इसे भी पढ़ें- <a href="https://sarkarimanthan.com/lucknow-13-proposals-passed-in-up-cabinet-meeting-allowance-of-34-thousand-soldiers-of-ups-provincial-guard-increased">यूपी कैबिनेट की बैठक में 13 प्रस्ताव पास, प्रांतीय रक्षक दल के 34 हजार जवानों का बढ़ा भत्ता</a></strong></p>
<p>&lt;p&gt;The post <a rel="nofollow" href="https://sarkarimanthan.com/up-cabinet-expansion-ministers-allotted-offices">यूपी कैबिनेट विस्तार: मंत्रियों को आवंटित हुए दफ्तर, आज शाम तक मिल जाएगी आवास की चाबी</a> first appeared on <a rel="nofollow" href="https://sarkarimanthan.com">Sarkari Manthan</a>.&lt;/p&gt;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>लखनऊ में घर बनाना हुआ महंगा, बढ़े आवास विकास की जमीन के दाम, जानें नए रेट</title>
		<link>https://sarkarimanthan.com/housing-development-land-prices-rise-in-lucknow</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nisha Shukla]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 11 May 2026 12:10:45 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>लखनऊ। लखनऊ में अपना आशियाना बनाने का सपना देख रहे लोगों को अब अपनी जेब और ढीली करनी पड़ेगी, क्योंकि उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने शहर की तीन सबसे प्रमुख आवासीय योजनाओं में जमीन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी का फैसला किया है। परिषद की हालिया बोर्ड बैठक और नई गणना नीति के &#8230;</p>
<p>&lt;p&gt;The post <a rel="nofollow" href="https://sarkarimanthan.com/housing-development-land-prices-rise-in-lucknow">लखनऊ में घर बनाना हुआ महंगा, बढ़े आवास विकास की जमीन के दाम, जानें नए रेट</a> first appeared on <a rel="nofollow" href="https://sarkarimanthan.com">Sarkari Manthan</a>.&lt;/p&gt;</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ।</strong> लखनऊ में अपना आशियाना बनाने का सपना देख रहे लोगों को अब अपनी जेब और ढीली करनी पड़ेगी, क्योंकि उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने शहर की तीन सबसे प्रमुख आवासीय योजनाओं में जमीन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी का फैसला किया है। परिषद की हालिया बोर्ड बैठक और नई गणना नीति के बाद अब जमीन के दाम 3,000 रुपये प्रति वर्गमीटर तक महंगे हो गए हैं।</p>
<p><strong>इसे भी पढ़ें- <a href="https://sarkarimanthan.com/mission-2027-mayawati-plays-the-brahmin-card">मिशन 2027: मायावती ने चला ब्राह्मण कार्ड, लखनऊ की घटना का जिक्र कर लगाया उपेक्षा का आरोप</a></strong></p>
<h5><strong> रियल एस्टेट मार्केट में हलचल</strong></h5>
<p>खास बात यह है कि, जहां एक तरफ खाली प्लॉट और जमीन की कीमतों में वृद्धि की गई है, वहीं फ्लैटों की कीमतों को फिलहाल स्थिर रखा गया है। परिषद का यह फैसला शहर के रियल एस्टेट मार्केट में हलचल पैदा कर सकता है, खासकर उन इलाकों में जहां हाल के वर्षों में बुनियादी ढांचों का तेजी से विकास हुआ है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-111076 size-full" src="https://sarkarimanthan.com/wp-content/uploads/2026/05/Housing-development-land-B-e1778500380486.webp" alt="Housing development land" width="600" height="338" /></p>
<p>आमतौर पर आवास विकास परिषद की संपत्तियों की दरें हर साल 1 अप्रैल से संशोधित की जाती हैं। इस वर्ष बोर्ड बैठक के समय पर न हो पाने और चुनाव व अन्य प्रशासनिक कारणों के चलते इसमें थोड़ी देरी हुई। 29 अप्रैल को हुई महत्वपूर्ण बोर्ड बैठक में लंबी चर्चा के बाद नई गणना नीति और मार्जिन कॉस्ट लैंड रेट (एमसीएलआर) के आधार पर कीमतों को बढ़ाने का प्रस्ताव पास किया गया। अधिकारियों के अनुसार, इस बढ़ोतरी का औपचारिक आदेश अगले तीन-चार दिनों में पूरी तरह लागू हो जाएगा, लेकिन प्रभावी दरें 1 अप्रैल से ही मानी जाएंगी।</p>
<p>परिषद की इस नई नीति ने उन निवेशकों और घर खरीदारों को चौंका दिया है, जो डीएम सर्किल रेट के आधार पर राहत की उम्मीद कर रहे थे। नीति में प्रावधान है कि नई विकसित होने वाली कॉलोनियों में जमीन के दाम डीएम सर्किल रेट से अधिक नहीं होंगे, लेकिन परिषद ने अपनी पुरानी और चालू योजनाओं में एमसीएलआर अधिनियम के तहत 8.7 प्रतिशत सालाना की दर से वृद्धि करने की छूट का लाभ उठाया है।</p>
<h5><strong>इन तीन योजनाओं में रेट में इजाफा</strong></h5>
<p>लखनऊ में आवास विकास परिषद की दर्जनों योजनाएं हैं, लेकिन परिषद के पास फिलहाल केवल तीन मुख्य योजनाओं अवध विहार,  वृंदावन और आम्रपाली योजना में ही आवंटन के लिए जमीन उपलब्ध है। पुरानी योजनाओं जैसे राजाजीपुरम या इंदिरानगर में परिषद के पास अब कोई नई भूमि शेष नहीं है। इसी कमी और बढ़ती मांग के चलते इन तीन योजनाओं में रेट बढ़ाए गए हैं।</p>
<p>सबसे ज्यादा मांग वाली अवध विहार योजना जो सुल्तानपुर रोड और शहीद पथ के पास स्थित है, वहां बुनियादी ढांचे के विकास के कारण जमीन की कीमत में अच्छी-खासी वृद्धि हुई है। वहीं रायबरेली रोड स्थित वृंदावन योजना और हरदोई रोड स्थित आम्रपाली योजना में भी कीमतों को संशोधित किया गया है। वर्तमान में आम्रपाली योजना में जमीन की कीमत 30,000 रुपये, अवध विहार में 38,000 रुपये और वृंदावन योजना में 41,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक पहुंच गई है। यह बढ़ोत्तरी लगभग 9 प्रतिशत के करीब बैठती है, जिससे मध्यम वर्ग के लिए प्लॉट लेना अब और भी चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।</p>
<p>राजधानी लखनऊ के भौगोलिक विस्तार और आधारभूत संरचना में सुधार ने इन इलाकों की किस्मत बदल दी है। सुल्तानपुर रोड पर स्थित अवध विहार योजना की मांग आसमान छू रही है। इसके पीछे मुख्य कारण शहीद पथ से इसकी कनेक्टिविटी, पास में स्थित बड़े शॉपिंग मॉल्स, विश्वस्तरीय अस्पताल और इकाना इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम हैं। पिछले साल परिषद ने यहां दरें नहीं बढ़ाई थीं, जिसका कैरियर फॉरवर्ड असर इस साल की कीमतों में दिख रहा है।</p>
<h5><strong>कम हो सकती है बिक्री</strong></h5>
<p>इसी तरह हरदोई रोड पर स्थित आम्रपाली योजना को ग्रीन कॉरिडोर और मेट्रो के दूसरे फेज के काम से संजीवनी मिली है। आने वाले समय में मेट्रो कनेक्टिविटी की संभावना ने यहां निवेशकों की भीड़ बढ़ा दी है। दूसरी तरफ, वृंदावन योजना डिफेंस एक्सपो के आयोजन और प्रस्तावित एआई सिटी (AI City) के चलते चर्चा में है। इन तमाम कारकों ने परिषद को जमीन की कीमतें बढ़ाने का ठोस आधार प्रदान किया है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-111077 size-full" src="https://sarkarimanthan.com/wp-content/uploads/2026/05/Housing-development-land-C-e1778500427542.webp" alt="Housing development land" width="600" height="338" /></p>
<p>जहां एक ओर जमीन की कीमतों में परिषद ने एमसीएलआर का हवाला देते हुए वृद्धि की है। वहीं फ्लैट खरीदारों के लिए राहत भरी खबर है। परिषद ने स्पष्ट किया है कि फ्लैटों के दाम में कोई इजाफा नहीं किया जाएगा। इसके पीछे मुख्य कारण फ्लैटों की कम मांग और परिषद के पास पहले से मौजूद अनबिके फ्लैटों का स्टॉक है। रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि फ्लैटों की कीमत बढ़ाने से उनकी बिक्री और कम हो सकती थी, इसलिए परिषद ने केवल जमीन (प्लॉट्स) पर ही फोकस किया है, जहां मांग की कोई कमी नहीं है।</p>
<h5><strong>निजी बिल्डर भी बढ़ा सकते हैं दाम</strong></h5>
<p>आवास विकास परिषद की नई गणना नीति में यह स्पष्ट किया गया है कि, संपत्तियों के दाम डीएम सर्किल रेट से ज्यादा नहीं होने चाहिए। हालांकि, जानकारों का कहना है कि अवध विहार और वृंदावन जैसे पॉश इलाकों में परिषद के वर्तमान रेट पहले से ही सर्किल रेट से अधिक हैं। परिषद ने यहां तर्क दिया है कि, गणना नीति में उन चालू योजनाओं के लिए छूट दी गई है, जहां विकास कार्य अभी भी प्रगति पर हैं। इसी तकनीकी छूट का उपयोग करते हुए परिषद ने सालाना करीब 9 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी को लागू कर दिया है।</p>
<p>इस फैसले से लखनऊ के प्रॉपर्टी मार्केट में निजी बिल्डरों को भी अपनी कीमतें बढ़ाने का मौका मिल सकता है। जब सरकारी संस्था जमीन के दाम बढ़ाती है, तो इसका सीधा असर आसपास की निजी जमीनों की कीमतों पर भी पड़ता है। ऐसे में लखनऊ के आउटर इलाकों में भी अब प्रॉपर्टी के रेट बढ़ने की पूरी आशंका जताई जा रही है।</p>
<p>&nbsp;</p>
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<p>&lt;p&gt;The post <a rel="nofollow" href="https://sarkarimanthan.com/housing-development-land-prices-rise-in-lucknow">लखनऊ में घर बनाना हुआ महंगा, बढ़े आवास विकास की जमीन के दाम, जानें नए रेट</a> first appeared on <a rel="nofollow" href="https://sarkarimanthan.com">Sarkari Manthan</a>.&lt;/p&gt;</p>
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		<item>
		<title>मिशन 2027: मायावती ने चला ब्राह्मण कार्ड, लखनऊ की घटना का जिक्र कर लगाया उपेक्षा का आरोप</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Nisha Shukla]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 11 May 2026 10:00:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>लखनऊ। यूपी में योगी कैबिनेट के विस्तार के बाद अब बयानबाजी का सिलसिला शुरू हो गया है। सूबे की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। मायावती ने इस कैबिनेट विस्तार को न सिर्फ राजनीतिक जुगाड़ करार दिया, बल्कि उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण समाज की सुरक्षा को &#8230;</p>
<p>&lt;p&gt;The post <a rel="nofollow" href="https://sarkarimanthan.com/mission-2027-mayawati-plays-the-brahmin-card">मिशन 2027: मायावती ने चला ब्राह्मण कार्ड, लखनऊ की घटना का जिक्र कर लगाया उपेक्षा का आरोप</a> first appeared on <a rel="nofollow" href="https://sarkarimanthan.com">Sarkari Manthan</a>.&lt;/p&gt;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ।</strong> यूपी में योगी कैबिनेट के विस्तार के बाद अब बयानबाजी का सिलसिला शुरू हो गया है। सूबे की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। मायावती ने इस कैबिनेट विस्तार को न सिर्फ राजनीतिक जुगाड़ करार दिया, बल्कि उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण समाज की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बसपा प्रमुख ने लखनऊ में भाजपा के ही एक युवा नेता पर हुए हमले का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि, वर्तमान सरकार में ब्राह्मण समाज न केवल उपेक्षित महसूस कर रहा है, बल्कि वह पूरी तरह से असुरक्षित भी है।</p>
<p><strong>इसे भी पढ़ें- <a href="https://sarkarimanthan.com/mayawati-exposes-congresss-dark-secrets">मायावती ने खोला कांग्रेस का कच्चा चिट्ठा, बोलीं- जातिवादी मानसिकता की वजह से रोका था यूपी का विकास</a></strong></p>
<h5><strong>जनता की अपेक्षा सर्वोपरि</strong></h5>
<p>मायावती का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब भाजपा आगामी चुनावों को देखते हुए सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश कर रही है और अपने मंत्रिमंडल में ब्रह्मण समाज से आने वाले मनोज पांडे को जगह भी दी है। मायावती ने साफ तौर पर कहा है कि अगर सरकार की नीतियों का लाभ गरीबों, मजदूरों और युवाओं तक नहीं पहुंचता, तो ऐसे विस्तार केवल सरकारी खजाने पर बोझ ही साबित होते हैं।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-111062 size-full" src="https://sarkarimanthan.com/wp-content/uploads/2026/05/Mayawati-B-e1778492567616.webp" alt="Mayawati" width="600" height="338" /></p>
<p>मायावती ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर विस्तृत टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी भी सरकार के लिए मंत्रिमंडल का घटाना, बढ़ाना या उसका विस्तार करना विशुद्ध रूप से सत्ताधारी पार्टी का आंतरिक मामला होता है। उन्होंने कहा कि, संवैधानिक मर्यादाओं के तहत इस पर सीधे तौर पर टीका-टिप्पणी करना उचित नहीं है, लेकिन लोकतंत्र में जनता की अपेक्षाएं सर्वोपरि होती हैं।</p>
<p>मायावती के अनुसार, किसी भी कैबिनेट विस्तार की सफलता की कसौटी यह होनी चाहिए कि, उसका जमीनी स्तर पर क्या प्रभाव पड़ता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि, अगर इस विस्तार से सर्वसमाज के गरीबों, असहाय मजदूरों, अन्नदाता किसानों और रोजगार की तलाश में भटक रहे युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव नहीं आता, तो जनता इसे महज एक चुनावी स्टंट और सरकारी संसाधनों की बर्बादी ही मानेगी।</p>
<h5><strong>कागजों पर नहीं हकीकत में दिलाएं सुरक्षा का एहसास</strong></h5>
<p>बसपा प्रमुख ने महिला सुरक्षा और सम्मान को लेकर भी सरकार को घेरा और कहा कि कागजी दावों के बजाय सुरक्षा का अहसास महिलाओं के दैनिक जीवन में परिलक्षित होना चाहिए। अपने विस्तृत बयान में मायावती ने समाज के कमजोर तबकों की सुरक्षा और न्याय प्रक्रिया पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि, सरकार और उसके मंत्रियों की यह पहली संवैधानिक जिम्मेदारी बनती है कि वे हर वर्ग के व्यक्ति को, चाहे वह किसी भी मजहब या जाति का हो, उसकी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करें।</p>
<p>मायावती ने उत्तर प्रदेश की वर्तमान कानून-व्यवस्था की तुलना अपनी पूर्ववर्ती सरकारों से करते हुए कहा कि, बसपा के शासनकाल में &#8216;सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय&#8217; की नीति पर चलते हुए हर वर्ग को समान रूप से न्याय दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि, वर्तमान परिवेश में लोगों को न्याय मिलता हुआ महसूस नहीं हो रहा है, जो किसी भी स्वस्थ लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है। मायावती ने कहा कि सरकार को केवल पदों का बंटवारा करने के बजाय अपने मंत्रियों के कार्यकलापों पर ध्यान देना चाहिए ताकि जनता को संवैधानिक सुरक्षा का लाभ मिल सके।</p>
<p>इस पूरे बयान का सबसे अहम हिस्सा ब्राह्मण राजनीति से जुड़ा रहा। मायावती ने लखनऊ में हाल ही में हुए एक घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए भाजपा को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने बताया कि, राजधानी में ही ब्राह्मण समाज से ताल्लुक रखने वाले भाजपा के एक युवा नेता पर जानलेवा हमला हुआ है, जिसने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया है। मायावती ने इस घटना को आधार बनाते हुए कहा कि जब सत्ताधारी दल का अपना युवा नेता सुरक्षित नहीं है, तो आम ब्राह्मण समाज की क्या स्थिति होगी।</p>
<h5><strong>भाजपा की दुखती रग पर हाथ</strong></h5>
<p>उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि आज उत्तर प्रदेश के कोने-कोने में यह चर्चा आम हो गई है कि ब्राह्मण समाज यहां केवल उपेक्षित ही नहीं है, बल्कि वह अत्यंत असुरक्षित महसूस कर रहा है। मायावती के इस बयान को उत्तर प्रदेश की जातिगत राजनीति में एक बड़े दांव के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि उन्होंने सीधे तौर पर भाजपा के कोर वोट बैंक माने जाने वाले वर्ग की दुखती रग पर हाथ रखा है।</p>
<p>मायावती ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि ब्राह्मणों की सुरक्षा को लेकर उत्पन्न हुई यह स्थिति अति-चिंतनीय है। उन्होंने याद दिलाया कि, बहुजन समाज पार्टी की जब भी उत्तर प्रदेश में सरकार रही, तब समाज के हर वर्ग के जान, माल और मजहब की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई थी। उन्होंने कहा कि बसपा शासन में कानून का इकबाल इतना मजबूत था कि अपराधी जेल के भीतर होते थे और आम नागरिक, विशेषकर ब्राह्मण और दलित समाज, खुद को सुरक्षित महसूस करता था।</p>
<p>मायावती ने कहा कि, उनकी सरकार की नीतियां किसी एक वर्ग के लिए नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए थीं, जिसमें ब्राह्मणों को भी उचित प्रतिनिधित्व और सम्मान मिला था। उन्होंने वर्तमान सरकार को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर कानून-व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और समाज के हर वर्ग को न्याय नहीं मिला, तो जनता आगामी समय में इसका करारा जवाब देगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>इसे भी पढ़ें- <a href="https://sarkarimanthan.com/up-politics-mayawati-jumps-into-the-credit-war-for-jewar-airport">UP Politics: जेवर एयरपोर्ट की क्रेडिट वॉर में कूदीं मायावती, अलग राज्य की मांग उठाकर फंसाया सियासी पेंच</a></strong></p>
<p>&lt;p&gt;The post <a rel="nofollow" href="https://sarkarimanthan.com/mission-2027-mayawati-plays-the-brahmin-card">मिशन 2027: मायावती ने चला ब्राह्मण कार्ड, लखनऊ की घटना का जिक्र कर लगाया उपेक्षा का आरोप</a> first appeared on <a rel="nofollow" href="https://sarkarimanthan.com">Sarkari Manthan</a>.&lt;/p&gt;</p>
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		<title>सीएम योगी ने अखिलेश के पीडीए को किया कुंद, कैबिनेट में इन्हें दी जगह</title>
		<link>https://sarkarimanthan.com/cm-yogi-blunts-akhileshs-pda-gives-him-cabinet-berth</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nisha Shukla]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 11 May 2026 08:20:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
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		<category><![CDATA[Akhilesh Yadav PDA]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2027 के मिशन को फतह करने की तैयारी में जुट गये है। इसके लिए उन्होंने अभी से ही बिसात बिछाना शुरू कर दिया है। बीते दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रिमंडल विस्तार के जरिये अपने तरकश से जो नए तीर छोड़े वह अखिलेश के पीडीए को धराशायी करने वाले हैं। &#8230;</p>
<p>&lt;p&gt;The post <a rel="nofollow" href="https://sarkarimanthan.com/cm-yogi-blunts-akhileshs-pda-gives-him-cabinet-berth">सीएम योगी ने अखिलेश के पीडीए को किया कुंद, कैबिनेट में इन्हें दी जगह</a> first appeared on <a rel="nofollow" href="https://sarkarimanthan.com">Sarkari Manthan</a>.&lt;/p&gt;</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ।</strong> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2027 के मिशन को फतह करने की तैयारी में जुट गये है। इसके लिए उन्होंने अभी से ही बिसात बिछाना शुरू कर दिया है। बीते दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रिमंडल विस्तार के जरिये अपने तरकश से जो नए तीर छोड़े वह अखिलेश के पीडीए को धराशायी करने वाले हैं। हालांकि सीएम के तीर किस हद तक निशाने पर लगेंगे, ये तो चुनाव के बाद ही पता चल पायेगा।</p>
<p><strong>इसे भी पढ़ें- <a href="https://sarkarimanthan.com/cm-yogi-handed-over-appointment-letters-to-the-youth">सीएम योगी ने युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र, बोले- अब नौकरी के लिए नहीं करनी पड़ती सिफारिश.</a>..  </strong></p>
<h5><strong>जातीय समीकरण साधा</strong></h5>
<p>अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए सीएम योगी ने इस बार के कैबिनेट विस्तार में जो जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधा है, वह उन समुदायों को वापस पार्टी जोड़ने का काम करेगा, जिसने कुछ वजहों से पिछले लोकसभा चुनावों में भाजपा से  दूरी बना ली थी। इस विस्तार में 3 ओबीसी, 2 दलित और 1 ब्राह्मण चेहरे को शामिल कर भाजपा ने यह साफ कर दिया है कि, उसकी नजर अब उन छोटी और हाशिये पर पड़ी जातियों पर है, जो चुनावी नतीजों को पलटने की क्षमता रखती है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-111048 size-full" src="https://sarkarimanthan.com/wp-content/uploads/2026/05/up-cabinet-expansion-a-e1778485642216.webp" alt="cm yogi" width="600" height="338" /></p>
<p>उत्तर प्रदेश की राजनीति वर्तमान में जातीय ध्रुवीकरण के एक नए दौर से गुजर रही है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने पिछले लोकसभा चुनाव में जिस पीडीए फॉर्मूले को आजमाया था, उसने भाजपा को भारी नुकसान पहुंचाया था। भाजपा की 2019 की 62 सीटों की संख्या 2024 में घटकर 33 पर आ गई, जिसने पार्टी के भीतर खतरे की घंटी बजा दी थी। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उसी फॉर्मूले की धार को कमजोर करने के लिए &#8216;सोशल इंजीनियरिंग&#8217; का सहारा लिया है।</p>
<p>इस कैबिनेट विस्तार के माध्यम से भाजपा ने संदेश दिया है कि, वह केवल बड़े जातिगत समूहों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन उप-जातियों को भी सत्ता में हिस्सेदारी दे रही है जिन्हें अब तक राजनीतिक रूप से कम प्रभावशाली माना जाता रहा है।</p>
<h5><strong>छह नए चेहरों को मिली जगह</strong></h5>
<p>योगी कैबिनेट के इस दूसरे और संभवतः आखिरी विस्तार में जिन छह नए चेहरों को जगह दी गई है, उनमें क्षेत्रीय और जातीय प्रतिनिधित्व का अद्भुत संतुलन देखने को मिल रहा है। भाजपा की यह रणनीति स्पष्ट करती है कि, वह 2027 के चुनाव में किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लेना चाहती। पार्टी ने उन समुदायों के बीच अपनी पैठ फिर से मजबूत करने की कोशिश की है, जिनके पास भले ही व्यक्तिगत रूप से विशाल वोट बैंक न हो, लेकिन करीबी मुकाबले वाली सीटों पर वे निर्णायक भूमिका निभाते हैं।</p>
<p>मंत्रिमंडल विस्तार में सबसे प्रमुख नाम वाराणसी के एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा का है। ओबीसी समुदाय से ताल्लुक रखने वाले विश्वकर्मा को मंत्रिमंडल में शामिल कर योगी सरकार ने पूर्वांचल के एक बड़े हिस्से को साधने की कोशिश की है। हंसराज जमीन से जुड़े नेता माने जाते हैं और विश्वकर्मा समाज का प्रतिनिधित्व करते है।</p>
<p>संगठन में इनकी गहरी पकड़ है। उन्हें प्रमोट कर पार्टी ने अपने वफादार कार्यकर्ताओं को यह संदेश दिया है कि मेहनत और निष्ठा का फल जरूर मिलता है। माना जा रहा है कि, उन्हें कोई अहम मंत्रालय भी सौंपा जायेगा, ताकि पूर्वांचल के ओबीसी  वोटर्स को साधा जा सके।</p>
<h5><strong>दलित समुदाय में पैठ बनाने  की कोशिश</strong></h5>
<p>पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दलित समुदाय के बीच पैठ बनाने के लिए बुलंदशहर की खुर्जा सीट से विधायक सुरेंद्र दिलेर को कैबिनेट में शामिल किया गया है। दिलेर वाल्मीकि समाज से हैं और इस वर्ग का प्रतिनिधत्व करते हैं। इन्हें सरकार में प्रतिनिधित्व देकर भाजपा ने पश्चिमी यूपी के दलित समीकरणों को अपने पक्ष में करने की कोशिश की है। इसी तरह, बुंदेलखंड क्षेत्र के खागा से विधायक कृष्णा पासवान को मंत्रिमंडल में शामिल करना एक मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।</p>
<p>पासी समुदाय, जो दलित वर्ग में एक प्रभावशाली समूह है, अक्सर बड़ी राजनीति के बीच हाशिये पर रहा है। कृष्णा पासवान को कैबिनेट में लाकर भाजपा ने बुंदेलखंड में अपनी पकड़ और मजबूत करने का दांव खेला है। योगी सरकार ने इस फेरबदल में लोध और गुर्जर समुदायों को भी विशेष अधिमान दिया है। कैलाश राजपूत को शामिल कर मध्य और पश्चिमी यूपी के लोध वोट बैंक को सुरक्षित करने की कोशिश की गई है।</p>
<p>वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कद्दावर गुर्जर नेता सोमेंद्र तोमर को प्रमोट कर भाजपा ने उस नाराजगी को दूर करने का प्रयास किया है, जो पिछले चुनावों के दौरान गुर्जर समुदाय में देखी गई थी। पाल समुदाय से आने वाले अजीत पाल का कद बढ़ाकर भाजपा ने पशुपालक ओबीसी समुदायों को अपने पाले में बनाए रखने की जुगत लगाई है। इनका प्रभाव मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में निर्णायक माना जाता है।</p>
<h5><strong>मनोज पांडे को मिली जगह</strong></h5>
<p>इसके अतिरिक्त, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी को कैबिनेट में शामिल करना, पश्चिमी यूपी के जाट समीकरणों को साधने की दिशा में बड़ा कदम है। भूपेंद्र चौधरी न केवल एक अनुभवी संगठनकर्ता हैं, बल्कि जाट समाज में उनका बड़ा प्रभाव है। उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाकर भाजपा ने क्षेत्रीय संतुलन के साथ-साथ संगठन की शक्ति को भी सरकार के साथ जोड़ने का प्रयास किया है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-111049 size-full" src="https://sarkarimanthan.com/wp-content/uploads/2026/05/cabinet-extension-10-may-2026-up-c-e1778485675643.webp" alt="cm yogi" width="600" height="338" /></p>
<p>इस मंत्रिमंडल विस्तार में उच्च जातियों का प्रतिनिधित्व बेहद सीमित रखा गया है, लेकिन जो एक नाम सामने आया है, वह राजनीतिक रूप से सबसे ज्यादा चर्चा में है। अवध क्षेत्र के कद्दावर ब्राह्मण नेता मनोज पांडे को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। मनोज पांडे हाल ही में राज्यसभा उपचुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका देते हुए भाजपा में शामिल हुए थे। उन्हें कैबिनेट में लेना केवल प्रतिनिधित्व का मामला नहीं है, बल्कि सपा के खिलाफ एक रणनीतिक जीत का प्रदर्शन भी है।</p>
<h5><strong>पिछड़े और दलित वर्ग को साधा</strong></h5>
<p>दिलचस्प बात यह है कि इस विस्तार में ठाकुर समुदाय से किसी भी नए चेहरे को जगह नहीं दी गई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि मुख्यमंत्री का पूरा ध्यान अब पिछड़े और दलित वर्गों के उन लूज एंड्स को ठीक करने पर है, जो 2024 में भाजपा के हाथ से फिसल गए थे। इस विस्तार के बाद अब योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल में सदस्यों की कुल संख्या 60 हो गई है, जो कि अधिकतम सीमा है। इसमें अब 23 कैबिनेट मंत्री, 16 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 21 राज्य मंत्री शामिल हैं।</p>
<p>भाजपा ने इस फेरबदल के जरिए यह साफ कर दिया है कि उसकी 2027 की रणनीति अति पिछड़ों और अति दलितों के इर्द-गिर्द घूमेगी। पार्टी का मानना है कि अखिलेश यादव के पीडीए के जवाब में उनका सर्व समावेशी और सूक्ष्म जातीय प्रबंधन ज्यादा प्रभावी साबित होगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>इसे भी पढ़ें- <a href="https://sarkarimanthan.com/cm-yogi-expressed-happiness-over-bjps-lead-in-bengal-assam-and-puducherry">भगवा लहर में उड़े विरोधी! बंगाल, असम और पुडुचेरी में बीजेपी की बढ़त पर सीएम योगी ने जताई ख़ुशी</a></strong></p>
<p>&lt;p&gt;The post <a rel="nofollow" href="https://sarkarimanthan.com/cm-yogi-blunts-akhileshs-pda-gives-him-cabinet-berth">सीएम योगी ने अखिलेश के पीडीए को किया कुंद, कैबिनेट में इन्हें दी जगह</a> first appeared on <a rel="nofollow" href="https://sarkarimanthan.com">Sarkari Manthan</a>.&lt;/p&gt;</p>
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		<title>पल्लवी पटेल का चक्का जाम, यूजीसी रेगुलेशन के लिए उतरीं रेलवे ट्रैक पर</title>
		<link>https://sarkarimanthan.com/pallavi-patels-road-blockade-came-on-railway-tracks-for-ugc-regulation</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nisha Shukla]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 09 May 2026 12:50:19 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p> अपना दल कमेरावादी के साथ विभिन्न सामाजिक, छात्र युवा संगठनों ने मार्च निकाला यूजीसी रेगुलेशन 2026 लागू कराने के लिए अंतिम दम तक लड़ेंगे- पल्लवी लखनऊ। अपना दल कमेरावादी और विभिन्न सामाजिक, छात्र-युवा संगठनों के द्वारा यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन किया गया। चारबाग रेलवे स्टेशन &#8230;</p>
<p>&lt;p&gt;The post <a rel="nofollow" href="https://sarkarimanthan.com/pallavi-patels-road-blockade-came-on-railway-tracks-for-ugc-regulation">पल्लवी पटेल का चक्का जाम, यूजीसी रेगुलेशन के लिए उतरीं रेलवे ट्रैक पर</a> first appeared on <a rel="nofollow" href="https://sarkarimanthan.com">Sarkari Manthan</a>.&lt;/p&gt;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li>
<h5><strong><em> अपना दल कमेरावादी के साथ विभिन्न सामाजिक, छात्र युवा संगठनों ने मार्च निकाला</em></strong></h5>
</li>
<li>
<h5><strong><em>यूजीसी रेगुलेशन 2026 लागू कराने के लिए अंतिम दम तक लड़ेंगे- पल्लवी</em></strong></h5>
</li>
</ul>
<p><strong>लखनऊ।</strong> अपना दल कमेरावादी और विभिन्न सामाजिक, छात्र-युवा संगठनों के द्वारा यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन किया गया। चारबाग रेलवे स्टेशन से निकले जुलूस को आरक्षण केंद्र पर बैरिकेडिंग लगाकर रोके जाने से आक्रोशित डॉ. पल्लवी पटेल ने अपने हजारों समर्थकों के साथ रेलवे ट्रैक पर उतरकर चक्काजाम कर दिया, जिससे दिल्ली से अयोध्या जाने वाली वंदे भारत ट्रेन को आउटर पर रोक दिया गया, जो लगभग 1 घंटे लेट हो गई और स्टेशन पर आवागमन प्रभावित हो गया।</p>
<p><strong>इसे भी पढ़ें- <a href="https://sarkarimanthan.com/students-protest-against-ugc-net-paper-cancellation-in-lucknow-university">लखनऊ विश्वविद्यालय में यूजीसी नेट पेपर कैंसिल को लेकर छात्रों का प्रदर्शन</a></strong></p>
<h5><strong>ट्रेन के इंजन पर चढ़ीं पल्लवी</strong></h5>
<p>पुलिस कर्मियों और कार्यकर्ताओं में तीखी नोक झोक होती रही। पुलिस और रेल के अधिकारियों ने काफी मशक्कत के बाद ट्रेन के इंजन पर चढ़ीं डॉ. पल्लवी पटेल को उतारा। डॉ. पटेल समेत भारी संख्या में प्रदर्शन कर रहे हैं कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-111005 size-full" src="https://sarkarimanthan.com/wp-content/uploads/2026/05/PALLAVI-PATEL-A-e1778326964999.webp" alt="Pallavi on UGC" width="600" height="400" /></p>
<p>पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुसार शनिवार को मध्याह्न लगभग 12 बजे से लखनऊ चारबाग रेलवे स्टेशन पर प्रदेश भर के विभिन्न जनपदों से जुटे प्रदर्शनकारियों ने सिराथू विधायक डॉ. पल्लवी पटेल के नेतृत्व में आन्दोलन किया। प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 लागू करो, &#8220;हम सबका है ऐलान, सबको शिक्षा सबको मान&#8221;, &#8220;शिक्षण संस्थानों में वंचितों का उत्पीड़न बंद करो&#8221; आदि नारे लगाते हुए हाथों में तख्तियां लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।</p>
<div style="width: 848px;" class="wp-video"><video class="wp-video-shortcode" id="video-111003-1" width="848" height="478" preload="metadata" controls="controls"><source type="video/mp4" src="https://sarkarimanthan.com/wp-content/uploads/2026/05/पल्लवी.mp4?_=1" /><a href="https://sarkarimanthan.com/wp-content/uploads/2026/05/पल्लवी.mp4">https://sarkarimanthan.com/wp-content/uploads/2026/05/पल्लवी.mp4</a></video></div>
<p>इस दौरान अपना दल कमेरावादी की शीर्ष नेता व सिराथू विधायक डॉ. पल्लवी पटेल ने कहा कि, जाति लिंग धर्म या अक्षमता के आधार पर उच्च शिक्षण संस्थानों में हो रहे भेदभाव एवं उत्पीड़न की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए, सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के मुताबिक विश्वविद्यालय अनुदान आयोग विनिमय 2026 लाया गया, जिसे तथ्यों और तर्कों के आधार पर समझने की बजाय कुतर्कों के आधार प्रायोजित विरोध की आड़ में न्यायिक प्रक्रिया में ले जाकर फंसा दिया गया, एक अस्थाई स्थगन के आधार पर विश्वविद्यालयों में समता स्थापित करने वाले विनिमय 2026 को न्यायालय में लंबित कर दिया गया।</p>
<h5><strong>बीजेपी पर लगाया दोहरी साजिश का आरोप </strong></h5>
<p>फूट डालो और राज करो की नीति पर चलने वाली भाजपा सरकार की नियत कभी भी इस देश के वंचित एससी एसटी ओबीसी और अल्पसंख्यकों के प्रति ठीक नहीं रही है। अगड़ा और पिछड़ा के बीच में खाई को और चौड़ा करने तथा जनता की बुनियादी कमाई दवाई एवं पढ़ाई जैसे सवालों पर सरकारों की विफलता से ध्यान हटाने के दोहरी लाभ की साजिशों के तहत यह सब किया जा रहा है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-111006 size-full" src="https://sarkarimanthan.com/wp-content/uploads/2026/05/PALLAVI-PATEL-B-e1778326996844.webp" alt="Pallavi on UGC" width="600" height="400" /></p>
<p>उन्होंने कहा कि रोहित वेमुला, दर्शन सोलंकी, पायल तडवी, अनिल कुमार जैसे ज्ञात और अनगिनत अज्ञात पीड़ितों साथ हुई घटनाओं के पुनरावृति को रोकने के लिए तथा उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षा के अवसरों में समानता के लिए बनाए जा रहे प्रावधानों को भ्रामक बहसों एवं अफवाहों में फंसा कर पीड़ितों के साथ न्याय के लिए बनाए गए यूजीसी विनिमय 2026 को अगड़ा बनाम पिछड़ा की लड़ाई का हथियार बना दिया गया,  जबकि यह विनियम किसी भी तरीके से किसी खास सामाजिक समुदाय के विरुद्ध नहीं बल्कि हर तरह के शोषक के खिलाफ तथा शोषण परंपराओं पर रोक के लिए है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि वर्तमान सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी, बड़े सुनियोजित साजिश के तहत यूजीसी रेगुलेशन 2026 को न्यायिक प्रक्रिया में फंसा कर इससे होने वाले वोट के लाभ हानि के जोड़ घटाना में लग गई है। वंचित समुदाय का दमन बदस्तूर जारी है। उन्होंने कहा कि ऐसी दमनकारी व्यवस्था और घोर अन्याय के खिलाफ अब सड़क पर लड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है, सामाजिक न्याय के लिए यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 लागू करने के लिए अंतिम दम तक लड़ेंगे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>इसे भी पढ़ें-<a href="https://sarkarimanthan.com/cuet-exam-will-be-conducted-in-hybrid-mode-ugc-chairman">हाइब्रिड मोड में आयोजित होगी सीयूईटी की परीक्षा : यूजीसी चेयरमैन</a> </strong></p>
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		<title>अखिलेश का ऐलान, सपा सरकार आने पर महाराणा प्रताप को मिलेगा &#8216;स्वर्ण सम्मान&#8217;, 2 दिन की छुट्टी भी होगी</title>
		<link>https://sarkarimanthan.com/maharana-pratap-will-receive-the-golden-honor-if-the-sp-government-comes-to-power</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nisha Shukla]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 09 May 2026 11:50:10 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अभी विधानसभा चुनाव होने में लगभग एक साल का समय बाकी है, लेकिन राजनीतिक दलों के बीच वार पलटवार का दौर तेज हो गया है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को राजधानी लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में एक प्रेस कांफ्रेस को संबोधित किया। इस दौरान &#8230;</p>
<p>&lt;p&gt;The post <a rel="nofollow" href="https://sarkarimanthan.com/maharana-pratap-will-receive-the-golden-honor-if-the-sp-government-comes-to-power">अखिलेश का ऐलान, सपा सरकार आने पर महाराणा प्रताप को मिलेगा &#8216;स्वर्ण सम्मान&#8217;, 2 दिन की छुट्टी भी होगी</a> first appeared on <a rel="nofollow" href="https://sarkarimanthan.com">Sarkari Manthan</a>.&lt;/p&gt;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ।</strong> उत्तर प्रदेश में अभी विधानसभा चुनाव होने में लगभग एक साल का समय बाकी है, लेकिन राजनीतिक दलों के बीच वार पलटवार का दौर तेज हो गया है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को राजधानी लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में एक प्रेस कांफ्रेस को संबोधित किया। इस दौरान उनके तेवर काफी तल्ख नजर आए। अखिलेश ने बीजेपी की नीतियों, कार्यशैली और उसकी नीयत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।</p>
<p><strong>इसे भी पढ़ें- <a href="https://sarkarimanthan.com/mission-2027-bjp-plans-49-seats-sp-also-eyeing-success-ups-next-cm">मिशन 2027: बीजेपी का 49 सीटों का प्लान, सपा की भी नजर, सफल होने वाला ही होगा यूपी का अगला CM!</a></strong></p>
<h5><strong>सत्तापक्ष पर लगाया नफरत फैलाने का आरोप</strong></h5>
<p>अखिलेश यादव ने न केवल सत्तापक्ष पर समाज में नफरत फैलाने का आरोप लगाया, बल्कि भविष्य की चुनावी रणनीति और सत्ता में आने पर किए जाने वाले वादों का पिटारा भी खोल दिया। इस प्रेसवार्ता की सबसे बड़ी चर्चा महाराणा प्रताप की प्रतिमा और ईवीएम को लेकर दिए गए उनके बयानों की रही।  प्रेसवार्ता की शुरुआत करते हुए अखिलेश यादव ने सीधे तौर पर भाजपा की कार्यसंस्कृति पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि, भारतीय जनता पार्टी के पास जनहित का कोई ठोस एजेंडा नहीं है।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि, भाजपा का पूरा तंत्र केवल और केवल नकारात्मकता फैलाने में जुटा रहता है। अखिलेश के अनुसार, सत्ताधारी दल का मुख्य काम लोगों के बीच झगड़ा करवाना और समाज को बांटना रह गया है। उन्होंने चुनौती भरे लहजे में पूछा कि अगर भाजपा के पास विकास या जनकल्याण का कोई सकारात्मक काम है, तो वे जनता के सामने उसे रखें। उन्होंने कहा कि जब भी चुनाव नजदीक आते हैं, भाजपा असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए नए-नए विवाद पैदा करती है।</p>
<h5><strong>महाराणा प्रताप जयंती पर अवकाश का वादा</strong></h5>
<p>इस दौरान सपा मुखिया ने  एक बड़ा चुनावी कार्ड भी खेल महाराणा प्रताप के सम्मान में बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि, यदि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है, तो महाराणा प्रताप की जयंती पर दो दिन का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाएगा। इतना ही नहीं, उन्होंने गोमती रिवर फ्रंट पर महाराणा प्रताप की एक भव्य प्रतिमा स्थापित करने का संकल्प लिया। उन्होंने प्रतिमा की भव्यता का जिक्र करते हुए कहा कि, महाराणा प्रताप के पराक्रम के प्रतीक उनके घोड़े चेतक और उनके भाले को सोने से मढ़वाया जाएगा। राजनीतिक गलियारों में इस कदम को सपा द्वारा क्षत्रिय समाज और राष्ट्रभक्तों को साधने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।</p>
<h5><strong> कानून व्यवस्था ध्वस्त होने का आरोप </strong></h5>
<p>कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने योगी सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग &#8216;जीरो टॉलरेंस&#8217; की डींगें हांकते थे, आज उन्हीं के राज में कानून का इकबाल खत्म हो गया है और अपराध चरम पर है। उन्होंने नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि, ये सरकारी आंकड़े खुद इस बात की गवाही दे रहे हैं कि, उत्तर प्रदेश में महिलाएं, व्यापारी और आम नागरिक असुरक्षित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन का इस्तेमाल केवल विपक्षियों को दबाने के लिए किया जा रहा है, जबकि अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं।</p>
<p>चुनावों की शुचिता पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने एक नया शब्द उछाला &#8220;मल्टी लेयर इलेक्शन माफिया&#8221;। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे इस माफिया के खिलाफ एकजुट होकर काम करें। उन्होंने गंभीर आरोप लगाया कि भाजपा के कार्यकर्ता और पदाधिकारी प्रशासन के साथ मिलकर साजिश रच रहे हैं। अखिलेश के मुताबिक, भाजपा के लोग फॉर्म-7 भरकर समाजवादी पार्टी के समर्थकों और उन वर्गों के वोट कटवाने का काम कर रहे हैं जो सपा के पक्ष में मतदान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को दूषित करने के लिए भाजपा हर हथकंडा अपना रही है, जिससे कार्यकर्ताओं को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है।</p>
<h5><strong>ईवीएम पर भी सवाल</strong></h5>
<p>ईवीएम का मुद्दा एक बार फिर सपा प्रमुख की प्रेस कॉन्फ्रेंस का केंद्र रहा। अखिलेश यादव ने हाल ही में यूनाइटेड किंगडम में हुए चुनावों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां चुनाव बैलेट पेपर से कराए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि, क्या भारत तकनीक या लोकतांत्रिक समझ में इंग्लैंड से भी आगे निकल गया है कि, वह उन खतरों को नजरअंदाज कर रहा है जो ईवीएम के साथ जुड़े हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी ईवीएम की चुनौतियों के बावजूद भाजपा को हराने का माद्दा रखती है। उन्होंने कहा कि 2022 के चुनावों में भी जनता ने हमें भारी समर्थन दिया था, लेकिन कुछ तकनीकी और प्रशासनिक हेरफेर से परिणाम प्रभावित किए गए।</p>
<h5><strong> यूपी में भी जल्द आएगी ईडी</strong></h5>
<p>अखिलेश यादव ने यह आशंका भी जताई कि, आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में ईडी की सक्रियता बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि, जब भी भाजपा खुद को कमजोर महसूस करती है, वह अपने सहयोगी संगठनों ईडी, सीबीआई और आईटी को मैदान में उतार देती है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की तस्वीर से जुड़े विवाद पर उन्होंने कहा कि, भाजपा केवल विवादों की राजनीति करती है। उन्होंने विश्वास जताया कि विपक्षी गठबंधन पूरी तरह मजबूत रहेगा और भाजपा की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ लड़ता रहेगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>इसे भी पढ़ें- <a href="https://sarkarimanthan.com/sp-alleges-voter-list-rigging-submits-memorandum-to-election-commission">2027 से पहले गरमाई सियासत, सपा ने मतदाता सूची में धांधली का लगाया आरोप, EC को सौंपा ज्ञापन</a></strong></p>
<p>&lt;p&gt;The post <a rel="nofollow" href="https://sarkarimanthan.com/maharana-pratap-will-receive-the-golden-honor-if-the-sp-government-comes-to-power">अखिलेश का ऐलान, सपा सरकार आने पर महाराणा प्रताप को मिलेगा &#8216;स्वर्ण सम्मान&#8217;, 2 दिन की छुट्टी भी होगी</a> first appeared on <a rel="nofollow" href="https://sarkarimanthan.com">Sarkari Manthan</a>.&lt;/p&gt;</p>
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		<item>
		<title>बांदा बनेगा बुंदेलखंड का ग्रीन एनर्जी हब, 2800 करोड़ के निवेश से लगेंगे 5 विशाल सोलर पार्क</title>
		<link>https://sarkarimanthan.com/banda-will-become-the-green-energy-hub-of-bundelkhand</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nisha Shukla]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 09 May 2026 06:19:56 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>बांदा। एक समय था जब उत्तर प्रदेश का बुंदेलखंड क्षेत्र अपनी पथरीली जमीन, पानी की किल्लत और आर्थिक पिछड़ेपन के लिए जाना जाता था। लोग यहां आने से भी कतराते थे, लेकिन अब वहीं बुंदेलखंड विकास की एक नई इबारत लिख रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नए उत्तर प्रदेश के विजन और ग्लोबल इन्वेस्टर्स &#8230;</p>
<p>&lt;p&gt;The post <a rel="nofollow" href="https://sarkarimanthan.com/banda-will-become-the-green-energy-hub-of-bundelkhand">बांदा बनेगा बुंदेलखंड का ग्रीन एनर्जी हब, 2800 करोड़ के निवेश से लगेंगे 5 विशाल सोलर पार्क</a> first appeared on <a rel="nofollow" href="https://sarkarimanthan.com">Sarkari Manthan</a>.&lt;/p&gt;</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>बांदा।</strong> एक समय था जब उत्तर प्रदेश का बुंदेलखंड क्षेत्र अपनी पथरीली जमीन, पानी की किल्लत और आर्थिक पिछड़ेपन के लिए जाना जाता था। लोग यहां आने से भी कतराते थे, लेकिन अब वहीं बुंदेलखंड विकास की एक नई इबारत लिख रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नए उत्तर प्रदेश के विजन और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का असर अब यूपी में दिखने लगा है, जिससे इस क्षेत्र का बांदा जिला भी अछूता नहीं रहा।</p>
<p><strong>इसे भी पढ़ें- <a href="https://sarkarimanthan.com/under-the-leadership-of-cm-yogi-up-is-emerging-as-a">सीएम योगी के नेतृत्व में ग्रीन एनर्जी हब के रूप में उभर रहा है यूपी</a></strong></p>
<h5><strong>खत्म होगी बिजली की किल्लत</strong></h5>
<p>बांदा अब अपनी केन नदी और शजर पत्थर के लिए नहीं, बल्कि आने वाले समय में देश के मानचित्र पर एक ग्रीन एनर्जी हब के रूप में उभरने जा रहा है। इसका न सिर्फ पूरा खाका तैयार हो चुका, बल्कि 2800 करोड़ रुपये के भारी-भरकम निवेश भी हो गया है, जो न केवल बांदा की बिजली की किल्लत को खत्म करेगा, बल्कि यहां के औद्योगिक परिदृश्य को पूरी तरह से बदल कर रख देगा।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-110963 size-full" src="https://sarkarimanthan.com/wp-content/uploads/2026/05/Green-Energy-b-e1778307532375.webp" alt="green energy hub" width="600" height="600" /></p>
<p>बांदा में ऊर्जा के क्षेत्र में आने वाला यह बदलाव महज एक सरकारी घोषणा भर नहीं है, बल्कि धरातल पर इसकी तैयारी पूरी तेजी के साथ चल रही है। जिला प्रशासन और उद्योग विभाग के सक्रिय प्रयासों के चलते उन बाधाओं को दूर कर लिया गया है, जो अक्सर बड़े निवेश परियोजनाओं के आड़े आती थीं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान जिस उत्साह के साथ निवेशकों ने बांदा के लिए एमओयू साइन किए थे, वे अब धरातल पर सोलर पैनलों और गैस संयंत्रों के रूप में आकार लेते दिखाई दे रहे हैं।</p>
<p>जिले में पांच विशाल सोलर पार्कों की स्थापना की प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरणों की ओर बढ़ रही है। इन परियोजनाओं की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि, इनके लिए आवश्यक भूमि क्रय की प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और गति के साथ पूरा कर लिया गया है। 2800 करोड़ रुपये से अधिक की यह समेकित निवेश राशि बांदा के इतिहास में ऊर्जा क्षेत्र का अब तक का सबसे बड़ा निवेश है।</p>
<h5><strong>जमीन पर उतर रहीं परियोजनाएं</strong></h5>
<p>उद्योग विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो सौर ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की इच्छा जताने वाले 57 उद्यमियों में से पांच प्रमुख बड़े खिलाड़ियों ने अपनी परियोजनाओं को जमीन पर उतारने की शुरुआत कर दी है। राजस्व, वन और अन्य संबंधित विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करने की कार्यवाही युद्ध स्तर पर जारी है, ताकि निर्माण कार्य में कोई देरी न हो।</p>
<p>ऊर्जा उत्पादन की क्षमता के लिहाज से देखें, तो बांदा जल्द ही एक सरप्लस जिला बनने की राह पर है। वर्तमान में जिले में दो सोलर पार्क पहले से ही क्रियाशील हैं, जो करीब 75 मेगावाट बिजली पैदा कर ग्रिड को दे रहे हैं, लेकिन आगामी पांच परियोजनाओं के शुरू होते ही इसमें 240 मेगावाट की अतिरिक्त क्षमता जुड़ जाएगी। यह छलांग बांदा को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ पड़ोसी जिलों की मांग को पूरा करने में भी सक्षम बनाएगी। बिजली की आपूर्ति में सुधार होने का सीधा लाभ स्थानीय किसानों को सिंचाई के लिए और छोटे उद्यमियों को निर्बाध उत्पादन के लिए मिलेगा।</p>
<h5><strong>सोलर पार्क पर काम शुरू</strong></h5>
<p>जमीनी स्तर पर काम की प्रगति को देखें तो नरैनी तहसील का गुढ़ा क्षेत्र और आलोना का इलाका इस औद्योगिक क्रांति का केंद्र बन गया है। रिमझिम इस्पात प्लांट द्वारा 45 मेगावाट क्षमता के सोलर पार्क पर काम शुरू किया जा चुका है, जो इस बात का प्रमाण है कि निजी क्षेत्र अब बुंदेलखंड की संभावनाओं पर पूरा भरोसा कर रहा है। इसी तरह अबाडा परियोजना के तहत भी निर्माण गतिविधियां संचालित हो रही हैं। इन परियोजनाओं से न केवल स्वच्छ ऊर्जा पैदा होगी, बल्कि निर्माण और संचालन के दौरान हजारों स्थानीय युवाओं को रोजगार के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष अवसर भी प्राप्त होंगे।</p>
<p>बांदा की यह महत्वाकांक्षा सिर्फ सौर ऊर्जा तक ही सीमित नहीं है। जिले को एक मुकम्मल ग्रीन हब बनाने के लिए गैस आधारित ऊर्जा परियोजनाओं पर भी काम शुरू हो गया है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने बांदा और पड़ोसी चित्रकूट जिले के लिए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया है। इसके तहत क्षेत्र में आधुनिक गैस प्लांट स्थापित किए जाएंगे, जो न केवल स्वच्छ ईंधन का विकल्प देंगे, बल्कि क्षेत्र की ऊर्जा सुरक्षा को एक नया आयाम प्रदान करेंगे। गैस आधारित ऊर्जा, सौर ऊर्जा के लिए एक बेहतरीन पूरक साबित होगी, जिससे ग्रिड की स्थिरता बनी रहेगी।</p>
<h5><strong>बांदा के लिए तीन साल अहम </strong></h5>
<p>उपायुक्त उद्योग गुरुदेव का मानना है कि, बांदा का यह कायाकल्प जिले की आर्थिक नियति को बदल देगा। उनके अनुसार, प्रशासन का पूरा ध्यान इस बात पर है कि निवेशकों को सिंगल विंडो सिस्टम के तहत जल्द से जल्द सभी अनुमतियां मिलें। इन ग्रीन एनर्जी पार्कों की स्थापना से बांदा की छवि एक पिछड़े जिले से हटकर एक प्रगतिशील औद्योगिक केंद्र की बनेगी। यह निवेश न केवल स्थानीय जीडीपी में इजाफा करेगा, बल्कि भविष्य में यहां लगने वाले अन्य भारी उद्योगों के लिए सस्ती और हरित बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-110964 size-full" src="https://sarkarimanthan.com/wp-content/uploads/2026/05/green-energy-hub-a-e1778307570844.webp" alt="green energy hub" width="600" height="387" /></p>
<p>आने वाले दो से तीन साल बांदा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होने वाले हैं। जैसे ही ये सोलर पैनल सूरज की किरणों को बिजली में बदलना शुरू करेंगे, वैसे ही बुंदेलखंड की इस तपती धूप को एक वरदान के रूप में देखा जाने लगेगा। बांदा का ग्रीन एनर्जी हब बनना न केवल उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौतियों के खिलाफ भारत की जंग में एक स्थानीय योगदान भी है। विकास की यह लहर अब रुकने वाली नहीं है, क्योंकि बांदा अब उजाले की एक नई किरण के साथ भविष्य की ओर कदम बढ़ा चुका है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>इसे भी पढ़ें- <a href="https://sarkarimanthan.com/lucknow-will-become-countrys-first-ai-city-plan-ready-to-make-green-energy-hub">लखनऊ बनेगी देश की पहली AI सिटी, ग्रीन एनर्जी हब बनाने का प्लान तैयार</a></strong></p>
<p>&lt;p&gt;The post <a rel="nofollow" href="https://sarkarimanthan.com/banda-will-become-the-green-energy-hub-of-bundelkhand">बांदा बनेगा बुंदेलखंड का ग्रीन एनर्जी हब, 2800 करोड़ के निवेश से लगेंगे 5 विशाल सोलर पार्क</a> first appeared on <a rel="nofollow" href="https://sarkarimanthan.com">Sarkari Manthan</a>.&lt;/p&gt;</p>
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		<title>यूपी की 29 लाख महिलाओं का सहारा बनी वृद्धावस्था पेंशन, हर महीने मिल रहे 1000 रुपये, जौनपुर टॉप पर</title>
		<link>https://sarkarimanthan.com/old-age-pension-became-the-support-of-29-lakh-women-of-up</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nisha Shukla]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 08 May 2026 13:30:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>लखनऊ। यूपी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं का असर अब जमीनी स्तर पर साफ दिखने लगा है। प्रदेश की गरीब और असहाय बुजुर्ग महिलाओं के लिए वृद्धावस्था पेंशन योजना किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रही है। इसे भी पढ़ें- सीएम योगी ने युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र, बोले- &#8230;</p>
<p>&lt;p&gt;The post <a rel="nofollow" href="https://sarkarimanthan.com/old-age-pension-became-the-support-of-29-lakh-women-of-up">यूपी की 29 लाख महिलाओं का सहारा बनी वृद्धावस्था पेंशन, हर महीने मिल रहे 1000 रुपये, जौनपुर टॉप पर</a> first appeared on <a rel="nofollow" href="https://sarkarimanthan.com">Sarkari Manthan</a>.&lt;/p&gt;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ।</strong> यूपी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं का असर अब जमीनी स्तर पर साफ दिखने लगा है। प्रदेश की गरीब और असहाय बुजुर्ग महिलाओं के लिए वृद्धावस्था पेंशन योजना किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रही है।</p>
<p><strong>इसे भी पढ़ें- <a href="https://sarkarimanthan.com/cm-yogi-handed-over-appointment-letters-to-the-youth">सीएम योगी ने युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र, बोले- अब नौकरी के लिए नहीं करनी पड़ती सिफारिश&amp;#8217;</a></strong></p>
<h5><strong>महिलाओं को मिल रहा आर्थिक संबल</strong></h5>
<p>ताजा आंकड़ों के अनुसार, राज्य सरकार वर्तमान में 29 लाख 23 हजार 364 बुजुर्ग महिलाओं को इस योजना के जरिए सीधा लाभ पहुंचा रही है। यह योजना न केवल इन महिलाओं को आर्थिक संबल दे रही है, बल्कि बुढ़ापे में उन्हें किसी और पर निर्भर रहने की मजबूरी से भी आजादी दिला रही है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के प्रति सरकार की यह संवेदनशीलता आज प्रदेश के लाखों परिवारों में खुशहाली और सम्मान का कारण बनी है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-110955 size-full" src="https://sarkarimanthan.com/wp-content/uploads/2026/05/Old-Age-Pension-a-e1778246594782.webp" alt="Old Age Pension" width="600" height="336" /></p>
<p>उत्तर प्रदेश सरकार की वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत प्रत्येक पात्र लाभार्थी महिला को 1,000 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। व्यवस्था को पूरी तरह भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर का सहारा ले रही है। हर तिमाही में 3,000 रुपये की किश्त सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा की जाती है।</p>
<h5><strong>बिचौलियों का आतंक खत्म</strong></h5>
<p>इस प्रणाली ने न केवल बिचौलियों के आतंक को खत्म किया है, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया है कि सरकारी खजाने का पैसा बिना किसी कटौती के सीधे उस बुजुर्ग मां या महिला के हाथ में पहुंचे, जिसे इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। नियमित रूप से मिलने वाली यह राशि दवाओं, राशन और दैनिक खर्चों के लिए बुजुर्ग महिलाओं का सबसे बड़ा सहारा बन गई है।</p>
<p>समाज कल्याण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस योजना के क्रियान्वयन में जौनपुर जिला पूरे प्रदेश में शीर्ष स्थान पर उभरा है। जौनपुर में रिकॉर्ड 1,00,820 बुजुर्ग महिलाएं इस योजना का लाभ उठा रही हैं। इसके बाद आजमगढ़ दूसरे स्थान पर है, जहां 86,166 महिलाओं को पेंशन से जोड़ा गया है।</p>
<p>वहीं, बलिया 79,160 लाभार्थियों के साथ तीसरे स्थान पर है। खास बात यह है कि पूर्वांचल के इन जिलों में सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ी महिलाओं को चिन्हित कर उन्हें रिकॉर्ड स्तर पर इस सुरक्षा घेरे में लाया गया है। प्रशासनिक स्तर पर लगातार अभियान चलाकर पात्र महिलाओं की पहचान की जा रही है, ताकि कोई भी जरूरतमंद इस सरकारी लाभ से वंचित न रह जाए।</p>
<h5><strong>पूरा हो रहा सीएम योगी का सपना</strong></h5>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन स्वस्थ और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश का है, जिसमें समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का सम्मान सुरक्षित हो। इस योजना ने ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के जीवन स्तर में क्रांतिकारी बदलाव लाया है। पहले जिन छोटी-छोटी जरूरतों के लिए महिलाओं को अपने बच्चों या दूसरों के आगे हाथ फैलाना पड़ता था, अब वे आत्मनिर्भरता के साथ अपना जीवन जी रही हैं।</p>
<p>समाजशास्त्रियों का मानना है कि आर्थिक स्वतंत्रता मिलने से परिवारों के भीतर भी बुजुर्ग महिलाओं की स्थिति मजबूत हुई है और उन्हें अब और भी अधिक सम्मान की दृष्टि से देखा जाने लगा है। पेंशन की इस राशि ने न केवल आर्थिक बल्कि मानसिक शांति भी प्रदान की है। वृद्धावस्था में अकेलेपन और बीमारी से जूझ रही महिलाओं के लिए समय पर मिलने वाली यह मदद एक बड़ी सामाजिक सुरक्षा की गारंटी है।</p>
<h5><strong>महिलाओं के साथ है सरकार</strong></h5>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं समय-समय पर इन योजनाओं की समीक्षा करते हैं और अधिकारियों को निर्देश देते हैं कि आवेदन प्रक्रिया को जितना हो सके सरल बनाया जाए। सरकार की इस पहल ने ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों की बुजुर्ग महिलाओं को यह विश्वास दिलाया है कि प्रदेश सरकार उनके साथ एक मजबूत स्तंभ की तरह खड़ी है। यह योजना आज सही मायनों में  सबका साथ, सबका विकास  के नारे को चरितार्थ कर रही है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>इसे भी पढ़ें- <a href="https://sarkarimanthan.com/cm-yogi-takes-action-amid-harsh-weather-instructs-officials-to-remain-in-the-field">मौसम की मार के बीच एक्शन में सीएम योगी, अधिकारियों को दिए फील्ड में रहने के निर्देश</a></strong></p>
<p>&lt;p&gt;The post <a rel="nofollow" href="https://sarkarimanthan.com/old-age-pension-became-the-support-of-29-lakh-women-of-up">यूपी की 29 लाख महिलाओं का सहारा बनी वृद्धावस्था पेंशन, हर महीने मिल रहे 1000 रुपये, जौनपुर टॉप पर</a> first appeared on <a rel="nofollow" href="https://sarkarimanthan.com">Sarkari Manthan</a>.&lt;/p&gt;</p>
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		<title>स्वास्थ्य विभाग में चला डिप्टी सीएम का हंटर, 5 डॉक्टर बर्खास्त, 16 के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश</title>
		<link>https://sarkarimanthan.com/deputy-cms-whip-on-health-department-5-doctors-sacked</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nisha Shukla]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 08 May 2026 11:03:16 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>लखनऊ। सूबे के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने स्वास्थ्य विभाग में अब तक की सबसे बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की और कइयों को नौकरी से निकाल दिया। वहीं, कई के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं। डिप्टी सीएम ने ड्यूटी से लंबे समय तक गैरहाजिर रहने, एडमिनिस्ट्रेटिव लापरवाही, प्राइवेट हॉस्पिटल्स के रजिस्ट्रेशन में गड़बड़ी &#8230;</p>
<p>&lt;p&gt;The post <a rel="nofollow" href="https://sarkarimanthan.com/deputy-cms-whip-on-health-department-5-doctors-sacked">स्वास्थ्य विभाग में चला डिप्टी सीएम का हंटर, 5 डॉक्टर बर्खास्त, 16 के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश</a> first appeared on <a rel="nofollow" href="https://sarkarimanthan.com">Sarkari Manthan</a>.&lt;/p&gt;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ।</strong> सूबे के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने स्वास्थ्य विभाग में अब तक की सबसे बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की और कइयों को नौकरी से निकाल दिया। वहीं, कई के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं। डिप्टी सीएम ने ड्यूटी से लंबे समय तक गैरहाजिर रहने, एडमिनिस्ट्रेटिव लापरवाही, प्राइवेट हॉस्पिटल्स के रजिस्ट्रेशन में गड़बड़ी और मरीजों के इलाज में लापरवाही बरतने वाले पांच मेडिकल ऑफिसर्स को बर्खास्त कर दिया है, जबकि एक चीफ मेडिकल ऑफिसर समेत 16 मेडिकल ऑफिसर्स के खिलाफ डिपार्टमेंटल डिसिप्लिनरी एक्शन का ऑर्डर दिया गया।</p>
<p><strong>इसे भी पढ़ें- <a href="https://sarkarimanthan.com/bjps-damage-control-in-the-shankaracharya-controversy">शंकराचार्य विवाद में भाजपा का डैमेज कंट्रोल, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने 101 बटुकों का किया सम्मान</a></strong></p>
<h5><strong>महकमे में हड़कंप</strong></h5>
<p>सरकार की इस कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मच गया है। साथ ही ये संदेश भी गया कि, जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बक्शा नहीं जायेगा, चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो। दरअसल, सीएम को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि, स्वास्थ्य विभाग में भारी अनियमितता और मरीजों की देखभाल में लापरवाही बरती जा रही है।</p>
<p>इसी के आधार पर सीएम कड़ा रुख अपनाते हुए कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि, बर्खास्त किए गए डॉक्टरों पर ड्यूटी से बिना किसी सूचना के लंबे समय तक गायब रहने और निजी हितों के लिए सरकारी जिम्मेदारियों को दरकिनार करने के गंभीर आरोप सिद्ध हुए हैं।बर्खास्त होने वाले डॉक्टरों की सूची में गोरखपुर जिला चिकित्सालय की डॉ. अलकनंदा, कुशीनगर की डॉ. रामजी भरद्वाज, बलरामपुर के डॉ. सौरभ सिंह, अमेठी के सीएचसी जगदीशपुर में तैनात डॉ. विकलेश कुमार शर्मा और औरैया के सीएचसी दिबियापुर की डॉ. मोनिका वर्मा शामिल हैं।</p>
<p>इन सभी अधिकारियों ने महीनों तक अपनी तैनाती स्थल पर उपस्थिति दर्ज नहीं कराई थी, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही थीं। डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया कि, सरकारी संसाधनों का लाभ लेकर निजी प्रैक्टिस करना या बिना बताए गायब रहना शासन के नियमों का घोर उल्लंघन है।</p>
<h5><strong>सामने आया अनियमितता का खेल</strong></h5>
<p>अंबेडकरनगर में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितता का एक बड़ा खेल सामने आया है। यहां के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार शैवाल और डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय वर्मा पर पद के दुरुपयोग का आरोप लगा था। एडीएम स्तर की तीन सदस्यीय उच्चाधिकार समिति ने जब जांच की, तो यह पाया गया कि इन अधिकारियों ने निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और अल्ट्रासाउंड केंद्रों के पंजीकरण व नवीनीकरण की प्रक्रिया में न केवल शासनादेशों की अनदेखी की, बल्कि भारी अनियमितता भी बरती।</p>
<p>यह जांच रिपोर्ट सिद्ध करती है कि, जिले के आला अधिकारी अवैध स्वास्थ्य केंद्रों को संरक्षण दे रहे थे। जांच समिति की सिफारिशों के आधार पर दोनों शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है, जो इस बात का प्रतीक है कि सरकार अब केवल छोटे कर्मचारियों पर ही नहीं, बल्कि जिले के कप्तानों पर भी नकेल कसने के लिए तैयार है।</p>
<p>हरदोई के संडीला क्षेत्र में भी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोज कुमार सिंह की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। उन पर आरोप है कि, उन्होंने अपने क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित हो रहे निजी अस्पतालों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की और अपने दायित्वों के प्रति उदासीन रहे। इसके अतिरिक्त, हरदोई के सीएमओ को भी इस बात के लिए घेरा गया है कि उन्होंने वरिष्ठ डॉक्टरों की उपलब्धता के बावजूद एक कनिष्ठ डॉक्टर को वरिष्ठ पद का प्रभार कैसे दे दिया।</p>
<h5><strong>तत्काल प्रभाव से ट्रांसफर के आदेश</strong></h5>
<p>इस प्रशासनिक चूक के लिए सीएमओ से जवाब तलब किया गया है और डॉ. मनोज के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। वहीं प्रयागराज के मेजा सीएचसी में तैनात अधीक्षक डॉ. शमीम अख्तर पर अपने मातहतों पर नियंत्रण न रख पाने और प्रशासनिक शिथिलता बरतने के कारण कार्रवाई की गई है और उन्हें तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित कर दिया गया है।</p>
<p>बताया जा रहा है कि, उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी लापरवाही के पुराने मामलों की फाइलें दोबारा खोली जा रही हैं। सुल्तानपुर के लंभुआ सीएचसी में एक महिला मरीज के इलाज के दौरान बरती गई लापरवाही का मामला गहरा गया है। इस घटना में तत्कालीन अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार सिंह, चिकित्साधिकारी डॉ. धर्मराज और फार्मासिस्ट अवधनारायण को दोषी माना गया है और उनके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है।</p>
<p>मथुरा के जिला अस्पताल में भी मेडिकल परीक्षण की रिपोर्ट में हेरफेर और कथित धांधली के आरोप में इमरजेंसी मेडिकल अफसर डॉ. देवेंद्र कुमार और सर्जन डॉ. विकास मिश्रा को जांच के घेरे में लिया गया है। बलरामपुर, वाराणसी, बदायूं, खीरी और संभल जैसे जिलों में भी कई डॉक्टर प्रशासनिक रडार पर हैं, जहां उनके खिलाफ कर्तव्य पालन में कोताही और पद के दुरुपयोग की जांच जारी है।</p>
<h5><strong>अभद्रता का आरोप</strong></h5>
<p>बदायूं के राजकीय मेडिकल कॉलेज में तो अनुशासनहीनता का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। वहां अस्थिरोग विभाग में तैनात सह-आचार्य डॉ. रितुज अग्रवाल पर आरोप है कि, उन्होंने अपनी महिला सहकर्मी और अन्य डॉक्टरों के साथ सार्वजनिक रूप से अभद्रता की और गाली-गलौज की। इस तरह के आचरण को चिकित्सा पेशे की गरिमा के खिलाफ मानते हुए शासन ने सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया है।</p>
<p>इसके साथ ही, विभाग ने बहराइच की डॉ. प्रतिभा यादव और मथुरा के डॉ. राकेश सिंह को परिनिंदा दंड देते हुए उनके सेवा रिकॉर्ड को खराब किया है। स्टेट हेल्थ एजेंसी में प्रतिनियुक्ति पर तैनात डॉ. आदित्य पांडेय को भी उनकी कार्यप्रणाली में असंतोष पाए जाने पर हटाकर उनके मूल तैनाती स्थल रायबरेली वापस भेज दिया गया है।</p>
<p>उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इन सभी कार्यवाहियों को लेकर एक कड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं आम आदमी की पहुंच में होनी चाहिए और इसमें किसी भी तरह का भ्रष्टाचार या बिचौलियापन स्वीकार नहीं है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर का पद सेवा का होता है, और जो लोग इसे व्यापार बनाकर मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं, उनके लिए स्वास्थ्य विभाग में कोई जगह नहीं है। सरकार की यह &#8216;जीरो टॉलरेंस&#8217; नीति अब निरंतर जारी रहेगी और हर जिले के अस्पतालों की औचक जांच की जाएगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>इसे भी पढ़ें- <a href="https://sarkarimanthan.com/hundreds-of-salutes-to-bapu-cm-yogi-and-brajesh-pathak-paid-floral-tribute-to-the-father-of-the-nation-in-gpo-park">बापू को शत-शत नमन, सीएम योगी और ब्रजेश पाठक ने जीपीओ पार्क में दी राष्ट्रपिता को पुष्पांजलि</a></strong></p>
<p>&lt;p&gt;The post <a rel="nofollow" href="https://sarkarimanthan.com/deputy-cms-whip-on-health-department-5-doctors-sacked">स्वास्थ्य विभाग में चला डिप्टी सीएम का हंटर, 5 डॉक्टर बर्खास्त, 16 के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश</a> first appeared on <a rel="nofollow" href="https://sarkarimanthan.com">Sarkari Manthan</a>.&lt;/p&gt;</p>
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