
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लोकभावन में सैकड़ों युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। ये युवा उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित होकर आये हैं। नियुक्ति पत्र सौंपने के बाद युवाओं को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने स्पष्ट संदेश दिया कि, राज्य में अब सरकारी नौकरी पाने के लिए किसी सिफारिश, जाति या मजहब के आधार पर भेदभाव और अनैतिक दबाव की कोई जगह नहीं बची है।
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चयनित अभ्यर्थियों को दी बधाई
उन्होंने कहा कि, उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य की श्रेणी से निकलकर देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन चुका है, जहां युवाओं की प्रतिभा का सम्मान होता है और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से उन्हें रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उनसे पूरी ईमानदारी के साथ प्रदेश की प्रगति में योगदान देने का आह्वान किया।
लोकभवन में आयोजित भव्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि, आज के उत्तर प्रदेश में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष और तकनीक पर आधारित हो चुकी है। उन्होंने बताया कि, आयुष विभाग और व्यावसायिक शिक्षा विभाग सहित विभिन्न विभागों के लिए चयनित 202 प्रोफेसर, रीडर, चिकित्सा अधिकारी, स्टाफ नर्स और 272 अनुदेशकों के साथ-साथ दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के कर्मियों को मिलाकर कुल 481 नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि, आयुष विभाग के वेरिफिकेशन में भले ही कुछ तकनीकी कारणों से देरी हुई, लेकिन पूरी प्रक्रिया के दौरान किसी भी अभ्यर्थी को किसी दलाल के पास जाने या किसी से पैरवी करवाने की आवश्यकता नहीं पड़ी। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि, पहले की व्यवस्था में पैसा लेकर भर्तियां होती थीं और प्रतिभाशाली युवाओं का शोषण किया जाता था, लेकिन आज की सरकार की नीयत साफ है और नीति स्पष्ट है, जिससे बिना किसी भेदभाव के योग्य युवाओं का चयन हो रहा है।
15 दिनों में चौथा बड़ा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की बदलती छवि का जिक्र करते हुए कहा कि, पिछले नौ वर्षों में सरकार ने सुशासन के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि, एक समय था जब कोई सोच भी नहीं सकता था कि, उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में बिना किसी भ्रष्टाचार के सरकारी नियुक्तियां संभव हैं। हमने भर्ती बोर्डों और आयोगों को जवाबदेही के साथ काम करने की स्वतंत्रता दी और तकनीक का बेहतर प्रयोग सुनिश्चित किया ताकि किसी भी युवा के साथ कोई अन्याय न हो सके।
मुख्यमंत्री ने खुशी जताते हुए कहा कि, पिछले 15 दिनों में यह चौथा बड़ा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम है, जो इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार देने के अपने संकल्प पर कितनी तेजी से काम कर रही है। उन्होंने हाल ही में संपन्न हुई 60 हजार पुलिस आरक्षियों की पासिंग आउट परेड का भी उल्लेख किया और इसे राज्य की सुरक्षा व प्रगति के लिए एक मील का पत्थर बताया।
उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रगति पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि, कभी अराजकता और गुंडागर्दी के लिए बदनाम रहने वाला यह प्रदेश आज देश का सबसे सुरक्षित और प्रगतिशील राज्य बन गया है। उन्होंने गर्व से कहा कि, आज आप देश में कहीं भी चले जाइए, उत्तर प्रदेश का नाम लेते ही सामने वाले का चेहरा चमक उठता है और वह आपके स्वागत के लिए उत्सुक रहता है।
हर क्षेत्र में नं. बन रहा यूपी
पिछले सात वर्षों के कार्यकाल के दौरान यूपी की अर्थव्यवस्था तीन गुना बढ़ी है और प्रति व्यक्ति आय में भी तीन गुना की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी अब बीमारू नहीं बल्कि एक सरप्लस स्टेट है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी के सपने को पूरा करने में सबसे बड़ी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि आज यूपी हर क्षेत्र में नंबर वन बनने की ओर अग्रसर है, चाहे वह किसानों को इंसेंटिव देना हो या युवाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना।
रोजगार और निवेश के अंतर्संबंधों को समझाते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछली सरकारों ने जिन गुंडों और माफियाओं को अपने गले का हार बना रखा था, उन्हें आज कानून के शिकंजे में कस दिया गया है। इसी का परिणाम है कि आज प्रदेश में भयमुक्त वातावरण बना है और निवेश के लिए दुनिया भर के बड़े उद्योगपति यूपी की ओर देख रहे हैं। पिछले वर्ष ही प्रदेश में 4000 से ज्यादा बड़े निवेशक आए और उद्योगों की संख्या 14 हजार से बढ़कर 32 हजार तक पहुंच गई है।
उन्होंने नवनियुक्त कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए और प्रोत्साहित करते हुए कहा कि जो कामचोरी करेगा, वह अपनी दुर्गति से नहीं बच पाएगा। हमें यह तय करना होगा कि हमें विकास की गति चाहिए या आलस्य की दुर्गति। मुख्यमंत्री ने आयुष विभाग की महत्ता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि आयुष केवल चिकित्सा पद्धति नहीं है, बल्कि यह हेल्थ टूरिज्म का एक बहुत बड़ा केंद्र बन सकता है, जो दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता रखता है।
हनुमान जी से की सीएम की तुलना
इस विशेष अवसर पर व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने भी मुख्यमंत्री के नेतृत्व की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि योगी सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश ने हर क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। मंत्री अग्रवाल ने बताया कि सरकार ने पिछले 9 वर्षों में 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां बिना किसी भ्रष्टाचार के प्रदान की हैं, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।
उन्होंने अपने विभाग की उपलब्धियों को साझा करते हुए बताया कि, व्यावसायिक शिक्षा विभाग ने 14 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया है और लगभग 7.5 लाख युवाओं को निजी व सरकारी क्षेत्रों में रोजगार से जोड़ा है। उन्होंने डीडीयूजीकेवाई (DDUGKY) जैसी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को कुशल बनाने और टाटा जैसे बड़े औद्योगिक समूहों के साथ मिलकर आईटीआई (ITI) में सोलर, एविएशन, 3डी प्रिंटिंग और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स जैसे आधुनिक ट्रेड्स शुरू करने की जानकारी दी।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने मुख्यमंत्री के व्यक्तित्व की तुलना सेवा और समर्पण के प्रतीक हनुमान जी से करते हुए कहा कि, जैसे हनुमान जी ने प्रभु राम के कार्यों को सिद्ध किया, वैसे ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश की जनता के कल्याण के लिए दिन-रात कार्य कर रहे हैं। उन्होंने नए नियुक्त कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे अपनी नौकरी को केवल एक आजीविका का साधन न समझें, बल्कि इसे सेवा का माध्यम बनाकर पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करें।
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