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उत्तराखंड में अग्निवीरों के लिए बनेगा अलग सेल, स्वास्थ्य, रोजगार और वाहन नीति पर भी हुए बड़े फैसले

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई है। इस बैठक में कुल 17 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें हाइब्रिड वाहनों को लेकर एक बड़ा फैसला, ऋषिकेश में कैंसर इंस्टीट्यूट स्थापित करने की योजना और अग्निवीरों के लिए एक अलग सेल गठित करने का निर्णय प्रमुख रूप से शामिल है। सरकार का कहना है कि, इन फैसलों का सीधा असर आम जनता के साथ-साथ राज्य के युवाओं और वाहन खरीदारों पर भी पड़ने वाला है, इसलिए इन्हें प्रदेश के विकास से जुड़े अहम कदमों के रूप में देखा जा रहा है।

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हाइब्रिड गाड़ियों पर मिलने वाली छूट वापस

कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों में सबसे चर्चा में रहने वाला निर्णय हाइब्रिड वाहनों से जुड़ा है। सरकार ने पहले हाइब्रिड गाड़ियों की खरीद पर दी जा रही छूट को अब वापस लेने का फैसला किया है। इसका सीधा मतलब यह है कि, अब राज्य में हाइब्रिड कार खरीदने वाले उपभोक्ताओं को पहले जैसी वित्तीय राहत नहीं मिल पाएगी। सरकार के इस फैसले का असर राज्य में हाइब्रिड वाहनों की बिक्री और उनकी अंतिम कीमत पर पड़ने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

हालांकि, सरकार की ओर से इस फैसले के पीछे के ठोस कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन आमतौर पर इस तरह के फैसले राजस्व संग्रह और नीतिगत पुनर्समीक्षा से जुड़े होते हैं। वाहन उद्योग से जुड़े लोग इस फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे सकते हैं, क्योंकि छूट खत्म होने से हाइब्रिड वाहनों की मांग पर असर पड़ सकता है।

ऋषिकेश में बनेगा अत्याधुनिक कैंसर इंस्टीट्यूट

स्वास्थ्य क्षेत्र में राज्य सरकार ने इस बैठक के जरिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कैबिनेट ने ऋषिकेश में कैंसर इंस्टीट्यूट की स्थापना से जुड़े प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी दे दी है। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड और उससे सटे आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले कैंसर मरीजों को उनके ही राज्य में बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराना है।

पहाड़ी और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए अक्सर गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दिल्ली या अन्य बड़े महानगरों की ओर रुख करना एक बड़ी आर्थिक और शारीरिक चुनौती साबित होता रहा है। ऐसे में इस नए संस्थान की स्थापना से उम्मीद जताई जा रही है कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को अपने ही प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सकेगा और उन्हें इलाज के लिए बार-बार दूसरे राज्यों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। यह फैसला राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक दीर्घकालिक और महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

अग्निवीरों के लिए बनेगी विशेष सेल

कैबिनेट बैठक में सेना से जुड़े युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए भी एक अहम फैसला लिया गया है। सरकार ने अग्निवीरों के लिए एक विशेष और अलग सेल का गठन करने का निर्णय लिया है। इस सेल के माध्यम से उन युवाओं को सहायता प्रदान की जाएगी, जो अग्निवीर योजना के तहत सेना में अपनी सेवा पूरी करने के बाद वापस समाज में लौटते हैं।

CM Dhami

इस विशेष सेल का मुख्य उद्देश्य इन युवाओं को सेवा पूरी करने के बाद रोजगार से जुड़ी जानकारी, विभिन्न सरकारी योजनाओं और अन्य आवश्यक सुविधाओं के बारे में मार्गदर्शन प्रदान करना है। सरकार का मानना है कि इस तरह की व्यवस्था से अग्निवीरों को अपने भविष्य को लेकर सही दिशा और अवसर मिलने में मदद मिलेगी, और वे सेना की सेवा के बाद भी एक सुरक्षित और स्थिर करियर की ओर आगे बढ़ सकेंगे।

युवाओं और रोजगार पर विशेष ध्यान

कैबिनेट के इन फैसलों में यह साफ नजर आता है कि, राज्य सरकार का बड़ा फोकस युवाओं और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर भी रहा है। अग्निवीरों के लिए बनाई जा रही विशेष व्यवस्था इसी सोच का एक अहम हिस्सा मानी जा रही है। सरकार को उम्मीद है कि, इस पहल के जरिए अग्निवीर युवाओं को सेना की सेवा के बाद अलग-अलग क्षेत्रों में नए अवसर तलाशने में आसानी होगी। इस तरह की योजनाएं न केवल संबंधित युवाओं के लिए फायदेमंद साबित होंगी, बल्कि दीर्घकालिक रूप से राज्य के समग्र रोजगार परिदृश्य को भी सकारात्मक दिशा देने में मदद कर सकती हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम

ऋषिकेश में प्रस्तावित कैंसर इंस्टीट्यूट को राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिहाज से एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है। उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में दूरदराज और दुर्गम इलाकों से आने वाले मरीजों के लिए विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं जुटाना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है।

अक्सर ऐसे मरीजों को कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की जांच और इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है, जिसमें न सिर्फ आर्थिक बोझ बढ़ता है बल्कि समय पर इलाज मिलने में भी देरी होती है। नए कैंसर संस्थान की स्थापना से उम्मीद की जा रही है कि कैंसर से जुड़ी जांच, उपचार और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं अब राज्य के भीतर ही उपलब्ध हो सकेंगी, जिससे मरीजों और उनके परिवारों को काफी राहत मिलने की संभावना है।

 17 प्रस्तावों पर लगी मुहर

मुख्यमंत्री धामी की अध्यक्षता में आयोजित इस महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक में कुल मिलाकर 17 अलग-अलग प्रस्तावों को औपचारिक मंजूरी प्रदान की गई। सरकार की ओर से कहा गया है कि, इन तमाम फैसलों के पीछे मुख्य उद्देश्य राज्य में समग्र विकास को गति देना, स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाना, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है। हाइब्रिड वाहनों पर मिलने वाली छूट को वापस लेने, ऋषिकेश में कैंसर इंस्टीट्यूट स्थापित करने और अग्निवीरों के लिए विशेष सेल गठित करने जैसे फैसले इस बैठक के सबसे प्रमुख और चर्चित निर्णयों में गिने जा रहे हैं।

 

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