सोमनाथ (गुजरात) । सोमनाथ मंदिर में रविवार को आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत निकाली गई शौर्य यात्रा में वीरता, परंपरा और सांस्कृतिक वैभव का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खुली छत वाली गाड़ी से इस भव्य यात्रा का अवलोकन किया।शौर्य यात्रा शंख सर्कल से प्रारंभ होकर सोमनाथ मंदिर परिसर के सामने स्थित वीर हमीरजी गोहिल सर्कल तक लगभग एक किलोमीटर के मार्ग से गुजरी। यात्रा में डमरू बजाते हुए पुरुषों का एक समूह सबसे आगे चल रहा था। प्रधानमंत्री मोदी ने यात्रा की शुरुआत में कुछ क्षणों के लिए ढोल बजाया, बाद में उसे सुरक्षाकर्मियों को सौंप दिया।
यात्रा के दौरान मार्ग के दोनों ओर मौजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए और कई स्थानों पर फूलों की पंखुड़ियां बरसाईं। मार्ग पर बने विभिन्न मंचों पर कलाकारों ने भारत के अलग-अलग क्षेत्रों के पारंपरिक नृत्य रूपों की मनोहारी प्रस्तुतियां दीं, जिससे वातावरण उत्सवमय हो गया।शौर्य यात्रा में शामिल 108 घोड़ों का अश्वदल विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। घुड़सवारों ने सफेद कमीज, खाकी पतलून और केसरिया रंग की टोपी पहन रखी थी। ये घोड़े और उनके सवार गुजरात के विभिन्न हिस्सों से लाए गए थे।

गुजरात पुलिस के कांस्टेबल भरत कुमार जटाभाई ने कहा,ये घोड़े और उनके सवार गुजरात के अलग-अलग क्षेत्रों से आए हैं। हम सभी गुजरात पुलिस से हैं और पिछले दस दिनों से इसके लिए अभ्यास कर रहे थे। मैं पाटन जिले में तैनात हूं और इस शौर्य यात्रा का हिस्सा बनकर मुझे गर्व महसूस हो रहा है।उन्होंने बताया कि उनका घोड़ा 17 वर्ष का है और वह काठियावाड़ी तथा मारवाड़ी संकर नस्ल का है। पाटन जिले से लगभग दस घोड़े शौर्य यात्रा में शामिल किए गए।

प्रधानमंत्री मोदी दो दिवसीय गुजरात दौरे पर शनिवार शाम को सोमनाथ पहुंचे थे। उन्होंने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम का अवलोकन किया।प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की शौर्य यात्रा में शामिल होकर अत्यंत गौरवान्वित हूं। इस अवसर पर मंदिर की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाली मां भारती की अनगिनत वीर संतानों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उनका अदम्य साहस और पराक्रम देशवासियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।
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