नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में रविवार की सुबह किसी खतरे की घंटी से कम नहीं रही। सुबह 6 बजे दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 391 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी की दहलीज पर खड़ा है। शहर के कई प्रमुख इलाकों में प्रदूषण का स्तर 400 के पार जा चुका है, जिसने प्रशासन और जनता दोनों की नींद उड़ा दी है। घने स्मॉग और कोहरे की चादर ने पूरी दिल्ली को अपनी आगोश में ले लिया है, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
दिल्ली के कई हिस्सों में हवा की गुणवत्ता ‘खतरनाक’ स्तर पर पहुंच गई है। आनंद विहार में AQI 445, अशोक विहार और रोहिणी में 429, बवाना में 423, और चांदनी चौक में 418 रिकॉर्ड किया गया। हालात सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं हैं; पड़ोसी शहर नोएडा में AQI 443 और गुरुग्राम में 355 दर्ज हुआ है। शनिवार को दिल्ली के 40 में से 20 केंद्रों पर प्रदूषण का स्तर 400 के पार रहा, जो बेहद चिंताजनक है।
बिना PUC नहीं मिलेगा पेट्रोल बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने अब तक का सबसे कड़ा रुख अपनाया है। पर्यावरण मंत्री ने घोषणा की है कि GRAP-4 के तहत दो नियम अब स्थायी रूप से लागू रहेंगे।बिना वैध PUCC (प्रदूषण प्रमाणपत्र) वाले वाहनों को पेट्रोल पंपों पर तेल नहीं दिया जाएगा।दिल्ली के बाहर से आने वाले ऐसे वाहन जो BS-6 मानकों को पूरा नहीं करते, उनके प्रवेश पर सख्त पाबंदी रहेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, गिरता तापमान और हवा की धीमी रफ्तार सबसे बड़े विलेन बने हुए हैं। हवा न चलने के कारण वाहनों से निकलने वाला धुआं और धूल के कण जमीन के करीब ही फंस गए हैं। मौसम विभाग ने रविवार के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है और आशंका जताई है कि आने वाले दिनों में घना कोहरा और प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है।



