पुणे । नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने रविवार को कहा कि प्रौद्योगिकी हमारे सोचने-समझने की गति बदल रही है और यह भविष्य का हमारा सबसे बड़ा संसाधन है।नौसेना प्रमुख ने पुणे के खड़कवासला में ऐतिहासिक खेत्रपाल परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के 149 वें कोर्स के कैडेट की पासिंग आउट परेड को संबोधित कर रहे थे। शनिवार को हुए दीक्षांत समारोह के दौरान एनडीए से उत्तीर्ण हुए कुल 328 कैडेट को डिग्री प्रदान की गई। एनडीए से प्रशिक्षण प्राप्त ये कैडेट भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना में अधिकारी के रूप में शामिल किये जाते हैं।
इनमें से 216 कैडेट को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से स्नातक की डिग्री दी गई, जिसमें विज्ञान विषय में 72 कैडेट, कंप्यूटर साइंस विषय में 92 कैडेट और कला विषय में 52 कैडेट शामिल थे। इसके अलावा मित्र देशों के 18 कैडेट को भी डिग्री प्रदान की गई।
नौसेना और वायु सेना के 112 बी.टेक कैडेट को उनके तीन साल के पाठ्यक्रम के पूरा होने पर प्रमाणपत्र मिले। उन्हें उनके संबंधित प्री-कमीशनिंग एकेडमी इंडियन नेवल एकेडमी और एयर फ़ोर्स एकेडमी में एक और साल की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद बी.टेक डिग्री प्रदान की जाएगी।
रविवार को पासिंग आउट परेड में मुख्य अतिथि रहे एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि वह अगली पीढ़ी सैन्य अधिकारियों को अनुशासित, दृढ़निश्चयी और भारत तथा उसके साझेदार देशों की शांति, सुरक्षा एवं संप्रभुता की रक्षा करने के लिए तैयार देखते हैं।
उन्होंने कहा, प्रौद्योगिकी हमारी सोच की गति को बदल रही है, प्रौद्योगिकी भविष्य में हमारा सबसे बड़ा संसाधन है। उन्होंने कहा, जैसा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि शांति का मार्ग शक्ति से होकर जाता है और आप उसी शक्ति का प्रतीक हैं। आज की परेड इस अकादमी के उत्कृष्ट मानकों और तीन वर्षों के कठोर प्रशिक्षण का नतीजा है जिसने आपको योद्धा और काबिल लीडर बनाया है।
उन्होंने कहा, यह महिलाओं का दूसरा बैच है, आज जो कैडेट पास हो रही हैं, वे पुरुष कैडेट के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं। अपने कर्तव्य पर ध्यान दें, पुरस्कार पर नहीं। मेरा सभी को यही संदेश है कि कोई पुरस्कार आपकी क्षमता को परिभाषित नहीं करता, आपका कर्तव्य ही आपको परिभाषित करता है। महिला कैडेट का पहला बैच इस साल मई में एनडीए से स्नातक हुआ। उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद 2021 में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने महिलाओं को रक्षा अकादमी में आवेदन करने की अनुमति दी।
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