ममता सरकार को उखाड़ फेंकने की कसम खाकर बुरे फंसे मिथुन चक्रवर्ती, उठाना पड़ रहा खामियाजा  

अभिनेता से नेता बने मिथुन चक्रवर्ती के खिलाफ बुधवार को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यक्रम में ‘भड़काऊ’ बयान देने को लेकर एफआईआर दर्ज की गई। चक्रवर्ती ने भाजपा के सदस्यता अभियान कार्यक्रम के पश्चिम बंगाल चरण में कथित ‘भड़काऊ’ बयान दिया, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल हुए थे।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि चक्रवर्ती के खिलाफ शिकायत 27 अक्टूबर को साल्ट लेक इलाके में ईजेडसीसी में भाजपा के एक कार्यक्रम के दौरान दिए गए भाषण से संबंधित है, जिसके आधार पर पुलिस ने बिधाननगर दक्षिण पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की है। बिधाननगर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हमने मामले की जांच शुरू कर दी है।

प्रतिशोध की राजनीति: केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने एफआईआर को प्रतिशोध की राजनीति का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि उनके भाषण में कुछ भी भड़काऊ नहीं है। यह पुलिस को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करके उन्हें डराने का प्रयास मात्र है।

चक्रवर्ती, जिन्हें इस वर्ष की शुरूआत में भारत के सर्वोच्च फिल्म सम्मान दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, ने 27 अक्टूबर को कहा था कि 2026 के विधानसभा चुनावों के बाद पश्चिम बंगाल का मसनद (सिंहासन) भाजपा का होगा और उन्होंने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कुछ भी करने का वादा किया था।

पूर्वी क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र (ईजेडसीसी) में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए चक्रवर्ती ने कहा कि 2026 में मसनद हमारा होगा और हम इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।

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लोकसभा चुनाव के दौरान टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर द्वारा भाजपा कार्यकर्ताओं पर की गई सांप्रदायिक टिप्पणी का स्पष्ट संदर्भ देते हुए चक्रवर्ती ने चेतावनी दी कि किसी को भी भगवा पार्टी के मतदाताओं को अगले विधानसभा चुनाव में मतदान से दूर रखने के लिए धमकाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। उन्होंने अपनी पार्टी के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से ऐसे किसी भी प्रयास का विरोध करने का आह्वान किया।

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