चुनावी बिगुल बजते ही लालू ने किया सक्रीय राजनीति में लौटने का ऐलान, नीतीश ने कसा तगड़ा तंज

चुनाव आयोग द्वारा फूंके गए चुनावी बिगुल की गूंज सुनने के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है । ऐसी की हलचल बिहार में भी देखने को मिल रही है। इसकी वजह दरभंगा जिले में कुशेश्‍वरस्‍थान सीट और मुंगेर जिले के तारापुर सीट है, जहां इसी महीने की 30 तारीख को उपचुनाव होने हैं। इसी क्रम में राजद के मुखिया लालू प्रसाद यादव ने जल्द ही सक्रीय राजनीति में लौटने का ऐलान किया है। हालांकि उनके इस ऐलान पर तंज कसते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पलटवार करते हुए कहा कि वे तो जेल से भी राजनीति में सक्रिय थे, रोक कौन रहा है। आएं यहां, उपचुनाव में प्रचार करें। क्या करेंगे, वे केवल भाषण ही देंगे। उनकी अपनी इच्छा है, करें।

लालू ने किया बेटे के आरोपों का खंडन

दरअसल, लालू प्रसाद यादव ने कहा है कि  वे पटना आना चाहते हैं, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें अभी इजाजत नहीं दी है। उन्होंने अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव के उस आरोप को खारिज कर दिया कि उन्हें बंधक बनाया गया है। कहा कि एम्स के डॉक्टर राकेश यादव के कारण दिल्ली में हूं। जब भी वो हरी झंडी देंगे, मैं पटना लौट जाऊंगा और लोगों के बीच रहूंगा। लालू ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे तारापुर और कुशेश्वरस्थान उपचुनाव में पूरी ताकत से लड़ें, जीत मिलेगी। उन्होंने नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहा कि जेल भरो आंदोलन करें, जेल से ही स्वराज और राज मिलता है। मुकदमों से नहीं डरें।

सीएम ने कहा कि तारापुर और कुशेश्वरस्थान के उपचुनाव में दोनों सीटों पर एनडीए पूरी मजबूती से मैदान में है। बाकी लोग क्या कर रहे हैं, वे वही जानें। उन्होंने कहा कि हम लोग कोई दावा नहीं करते हैं। बाकी कौन क्या बोलता है, किस भाषा का प्रयोग करता है, सब लोग जानते हैं। कुछ लोगों की आदत है, बोलते रहने की, वे बोलें।

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आपको बता दें कि तारापुर और कुशेश्वरस्थान विधानसभा उपचुनाव के लिए शुक्रवार 8 अक्टूबर तक नामांकन किया जा सकेगा। 13 अक्टूबर तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे। दोनों सीटों के लिए 30 अक्टूबर को वोटिंग होगी, जबकि 2 नवंबर को मतों की गिनती की जाएगी।

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