पंचायत चुनाव में ‘आप’ ने बनाई नई रणनीति, अपना वजूद बनाने को चुना गांव का रास्ता

त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में अपने वजूद को बढ़ाने के लिए आम आदमी पार्टी (आप) भी अब गांवों की ओर चल पड़ी है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस, सपा के बाद आप ने भी गंवई राजनीति में कदम आगे बढ़ा दिया है। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गुरूवार को ब्लॉक चिरईगांव के ग्राम गोबरहा (ढाब क्षेत्र) में चौपाल लगा ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं को जाना। कार्यकर्ताओं ने पंचायत चुनाव में ईमानदार और कर्मठ प्रत्याशी को जीताने के लिए ग्रामीणों से अपील की।

चौपाल में पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता मुकेश सिंह ने कहा कि आज के दौर में ग्राम प्रधान के चुनाव में धनबल काफी हावी हो चुका हैं। जो प्रत्याशी ज्यादा पैसा खर्च करता हैं, उसके चुनाव जीतने की संभावना ज्यादा प्रबल होती हैं, इस परिपाटी को अब बदलने की जरूरत हैं, तभी अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँच पायेगी। ग्रामीण बिना धन-बल के चुनाव में अच्छे उम्मीदवार को सफलता दिलायें और ईमानदार राजनीति के वाहक बनें।

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चौपाल में पार्टी के पदाधिकारी अखिलेश पांडेय ने दिल्ली के विकास मॉडल का हवाला देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था लोगों के जीवन स्तर में सुधार करने में सक्षम होता हैं। चौपाल के बाद गोबरहा ग्राम इकाई के 23 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। ग्राम इकाई अध्यक्ष माया शंकर मिश्रा, महासचिव अजय यादव, शुभम सिंह को उपाध्यक्ष बनाया गया।

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