यूपी कैबिनेट: मैनपुरी सैनिक स्कूल को मिलेगी 9.524 हेक्टेयर जमीन, निर्माण कार्यों का रास्ता साफ

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में सैनिक स्कूल, मैनपुरी के विकास से जुड़े अहम प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई। स्कूल में अलग-अलग निर्माण कार्यों के लिए ग्राम सभा नौनेर की 9.524 हेक्टेयर जमीन बिना किसी शुल्क के वापस लेकर सैनिक स्कूल सोसाइटी, रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार को सौंपी जाएगी। इस फैसले से स्कूल में जरूरी बुनियादी सुविधाओं के विकास की राह आसान होगी।

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निर्माण कार्यों में आएगी तेजी

वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि सैनिक स्कूल, मैनपुरी के मौजूदा परिसर के बीच से दो उच्चदाब बिजली लाइनें निकल रही हैं। इस वजह से परिसर का एक बड़ा और अहम हिस्सा निर्माण के लायक नहीं रह गया है। ऐसे में निर्माण कार्य पूरे करने के लिए स्कूल को अतिरिक्त जमीन की जरूरत महसूस की गई।

इसी जरूरत को देखते हुए ग्राम सभा नौनेर, तहसील और जनपद मैनपुरी की भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय हुआ। कैबिनेट की मंजूरी के अनुसार खाता संख्या 03560, गाटा संख्या 9470 मि. की 9.524 हेक्टेयर जमीन को नि:शुल्क पुनर्ग्रहित कर पहले माध्यमिक शिक्षा विभाग के नियंत्रण में रखा जाएगा। उसके बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग यह जमीन सैनिक स्कूल सोसाइटी, रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार को नि:शुल्क हस्तांतरित करेगा।

कैडेटों और कर्मचारियों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

जमीन मिलने के बाद मैनपुरी सैनिक स्कूल में कैडेटों के लिए विभिन्न अवस्थापना सुविधाएं बनाई जाएंगी। साथ ही शिक्षण और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए भी जरूरी सुविधाओं का विकास होगा। इससे स्कूल की शैक्षणिक गतिविधियां और अन्य कामकाज सुचारु रूप से चल सकेंगे।

प्रयागराज में ऑडिटोरियम और कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास

कैबिनेट ने प्रयागराज के सिविल स्टेशन स्थित नजूल भूखंड संख्या-यूईए-3 (किताब घर) की 7,912 वर्गमीटर जमीन नगर निगम, प्रयागराज को नि:शुल्क देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इस जमीन पर ऑडिटोरियम और कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास बनाया जाएगा।

यह जमीन नगर विकास विभाग के जरिए नगर निगम, प्रयागराज को प्रभावी जिलाधिकारी सर्किल दर में छूट देते हुए, तय शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन नि:शुल्क आवंटित होगी। यह हस्तांतरण अपवाद के तौर पर किया जा रहा है और भविष्य के अन्य मामलों में इसे नजीर नहीं माना जाएगा। इससे प्रयागराज में ऑडिटोरियम और कामकाजी महिलाओं के छात्रावास के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा।

 

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