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आठ फ्रेम में योगी ने सुनाई बदलते यूपी की कहानी, छह महीने में एक लाख नौकरियों का लक्ष्य
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एचसीएल में नाइट शिफ्ट करने वाली बाराबंकी, उन्नाव और सीतापुर की बेटियां बिना भय आती-जाती हैं
लखनऊ। एक समय था जब उत्तर प्रदेश में बेटियों का स्कूल पहुंचना भी आसान नहीं था। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में माता-पिता बेटियों की पढ़ाई के लिए उन्हें दूसरे राज्यों में भेजने को विवश थे। आज वही बेटियां रात दो बजे ड्यूटी पूरी कर बिना किसी डर के अपने घर लौटती हैं।
ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को राजधानी में एक मीडिया संस्थान के यूथ आइकॉन कॉन्क्लेव में प्रदेश की कानून व्यवस्था में आए परिवर्तन पर चर्चा के दौरान कही। उन्होंने कहा कि साढ़े नौ वर्ष पहले प्रदेश दो बड़ी समस्याओं से घिरा था, एक पहचान की और दूसरी सुरक्षा की। प्रदेश से बाहर जाने पर लोग अपनी पहचान बताने से कतराते थे, जबकि प्रदेश के भीतर परिवारों को अपनी सुरक्षा की फिक्र सताती रहती थी। आज उत्तर प्रदेश को उसके प्रतिभाशाली युवाओं, उद्योगों और उपलब्धियों के कारण जाना जा रहा है।
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समारोह में खेल, उद्यमिता, कला, संस्कृति, सामाजिक कार्य और डिजिटल कंटेंट क्रिएशन समेत कई क्षेत्रों के 37 यूथ आइकॉन को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इन युवाओं की सफलता लाखों अन्य युवाओं को आगे बढ़ने का हौसला देगी।
आठ फ्रेम में समझाया बदलाव
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लोकप्रिय ‘बिफोर एंड आफ्टर’ रील का उदाहरण लेते हुए साढ़े नौ वर्षों में आए बदलाव को आठ फ्रेम में प्रस्तुत किया।
- पहले फ्रेम में उन्होंने प्रदेश की पहचान और कानून व्यवस्था को रखा।
- दूसरे में सरकारी भर्तियों में सिफारिश की जगह योग्यता को मौका मिलने की बात कही।
- तीसरे में खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने की बात कही
- चौथे में युवाओं के नौकरी मांगने वाले से रोजगार देने वाले बनने का जिक्र किया।
- पांचवें फ्रेम में आधुनिक तकनीक, छठे में अर्थव्यवस्था, निवेश और बुनियादी ढांचा, सातवें में आस्था व पर्यटन से मिलते रोजगार और आठवें में विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका रही।
उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल सरकारी उपलब्धियों की नहीं, बल्कि युवाओं के भरोसे और अवसरों में आए बदलाव की भी कहानी है।
HCL की बेटियों का दिया उदाहरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि, 2017 से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अनेक जिलों में बेटियों की सुरक्षा को लेकर परिवार हमेशा चिंतित रहते थे। जिन परिवारों के पास संसाधन थे, वे बेटियों को पढ़ने के लिए दूसरे राज्यों में भेज देते थे, लेकिन गरीब परिवारों की बेटियों के लिए तो स्कूल तक पहुंचना ही कठिन था।

उन्होंने लखनऊ में एचसीएल की महिला कर्मचारियों का उदाहरण दिया। मुख्यमंत्री के अनुसार बाराबंकी, उन्नाव और सीतापुर जैसे जिलों से महिलाएं नाइट शिफ्ट में काम करने आती हैं। हाल ही में जब उन्होंने इनसे पूछा कि रात में घर लौटने में कोई दिक्कत तो नहीं होती, तो उन्होंने बताया कि रात दो बजे ड्यूटी खत्म होने पर भी वे निश्चिंत होकर घर जाती हैं। मुख्यमंत्री ने इसे कानून व्यवस्था में आए सुधार का जीवंत प्रमाण बताया।
मिटटी में मिल चुके हैं माफिया
योगी ने कहा कि, कभी प्रदेश में अपराधियों और माफिया का बोलबाला था, लेकिन अब माफिया मिट्टी में मिल चुके हैं और अपराधी केला बेचने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि पहले हालात ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ जैसे थे, जबकि आज ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ के जरिए हर जिले के विशेष उत्पाद को पहचान मिल रही है। प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयां संचालित हैं, जिनसे 3.25 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार मिल रहा है। साथ ही सरकार पांच लाख रुपये का सुरक्षा बीमा कवर भी उपलब्ध करा रही है।
बिना परीक्षा मिल गया था नियुक्ति पत्र
भर्ती व्यवस्था पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले के दौर का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि सरकार बनने के बाद एक ऐसा मामला सामने आया था, जिसमें एक व्यक्ति ने न आवेदन किया था और न ही परीक्षा दी थी, फिर भी उसे नियुक्ति पत्र थमा दिया गया। उनका आरोप था कि उस समय नियुक्तियों में सिफारिश और लेनदेन का बोलबाला था, जबकि अब चयन योग्यता के आधार पर होता है। उन्होंने बताया कि साढ़े नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख सरकारी नियुक्तियां की गई हैं।
Night Shift में भी बेटियां काम कर सकें, ये सुरक्षा का सबसे बड़ा मापदंड हो सकता है, सुरक्षा की यही कसौटी है…
ये तब हुआ है, जब उस प्रकार की स्थिति पैदा की गई… https://t.co/Hbi2oasrmt
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 27, 2026
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले छह महीनों में एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य है। अगले सप्ताह लगभग साढ़े चार हजार सब इंस्पेक्टरों को नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे। इसके अलावा 32 हजार से अधिक पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उन्होंने होमगार्ड और विभिन्न भर्ती आयोगों के जरिए हो रही नियुक्तियों का भी उल्लेख किया।
1400 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी
योगी ने बताया कि राज्य सरकार ने पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सीधे सरकारी सेवा में नियुक्ति देने की व्यवस्था बनाई है। अब तक करीब 1400 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। उन्होंने पारुल चौधरी, राजकुमार पाल और ललित उपाध्याय का नाम लेते हुए कहा कि देश के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रदेश में सम्मान के साथ रोजगार भी मिल रहा है। सरकार का संदेश साफ है देश के लिए पदक लाओ और उत्तर प्रदेश में पद पाओ।
युवा उद्यमी योजना बनी सरकारी शार्क टैंक
मुख्यमंत्री के अनुसार 2017 से पहले प्रदेश में सिर्फ 120 स्टार्टअप थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 25 हजार हो गई है। स्टार्टअप को सहारा देने के लिए एक हजार करोड़ रुपये का फंड ऑफ फंड बनाया गया है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत हर साल एक लाख युवाओं को बिना ब्याज और बिना गारंटी के ऋण दिया जाता है। उन्होंने इसे सरकार का अपना ‘शार्क टैंक’ बताया और कहा कि इसमें युवाओं को अपनी इक्विटी भी नहीं देनी पड़ती।
उन्होंने जानकारी दी कि एचसीएल के लखनऊ परिसर में कर्मचारियों की संख्या करीब सौ से बढ़कर 12,500 पहुंच गई है, और कंपनी ने छह हजार और युवाओं की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया है। ब्रह्मोस परियोजना से प्रदेश के 500 युवाओं को रोजगार मिला है, और मिसाइलों की बिक्री से राज्य सरकार को 35 करोड़ रुपये का जीएसटी भी मिला है।
साइबर सुरक्षा के नए मुख्यालय को मंजूरी
मुख्यमंत्री ने बताया कि, मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में साइबर सुरक्षा के नए मुख्यालय को स्वीकृति दी गई है। उन्होंने कहा कि लखनऊ में एआई सिटी, कानपुर में ड्रोन तकनीक और नोएडा में रोबोटिक्स के क्षेत्र में काम चल रहा है। एआई के संदर्भ में उन्होंने कहा कि मशीन निर्णय सुझा सकती है, लेकिन अंतिम निर्णायक की भूमिका मनुष्य को ही निभानी होगी।
अर्थव्यवस्था की बात करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था 12 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये हो गई है और 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। एक्सप्रेसवे, हवाई अड्डों और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से रोजगार के नए अवसर बने हैं, जबकि आस्था और पर्यटन भी स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति दे रहे हैं।
2047 के भारत की कमान संभालेंगे आज के युवा
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, 2047 में जब देश आजादी की शताब्दी मनाएगा, तब आज के युवा विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व की भूमिका में होंगे। इसलिए उन्हें अभी से अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर भविष्य की तैयारी में जुट जाना चाहिए।
उन्होंने युवाओं से मतदान के प्रति जागरूक रहने की अपील करते हुए कहा कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराना और वोट डालना सिर्फ अधिकार नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक कर्तव्य भी है। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों के साथ युवाओं को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति भी सजग रहना चाहिए।
37 यूथ आइकॉन हुए सम्मानित
कार्यक्रम में मीडिया संस्थान की ओर से खेल, उद्यमिता, कला, संस्कृति, सामाजिक कार्य और डिजिटल क्रिएशन सहित अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाले 37 यूथ आइकॉन को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी को बधाई दी और कहा कि उनकी सफलता लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी।
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