एशियन पैरा गेम्स में स्वाति चौधरी ने जीता रजत, बढ़ाया यूपी का मान, सीएम ने दी बधाई

  • देश के अनगिनत युवाओं के लिए प्रेरणा है स्वाती की सफलता- मुख्यमंत्री

  • योगी सरकार में प्रतिभा को मिल रहा प्रशिक्षण

  • 75 जिलों में खेलो इंडिया सेंटर, पांच स्पोर्ट्स कॉलेजों में मिल रहा प्रशिक्षण

लखनऊ। एशियन पैरा गेम्स-2026 की तीरंदाजी प्रतियोगिता में महिला W1 स्पर्धा का रजत पदक जीतकर उत्तर प्रदेश की बेटी स्वाति चौधरी ने प्रदेश का मान बढ़ाया है। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें बधाई दी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने इस सफलता को ऐतिहासिक बताया और कहा कि, स्वाति की कामयाबी देश के अनगिनत युवाओं को अपने सपने पूरे करने की प्रेरणा देगी।

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स्वाति की उपलब्धि पर गर्व

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वाति चौधरी पर हम सभी को गर्व है। उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा कि, उनकी सरकार में बीते वर्षों में प्रदेश में खेलों और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने की दिशा में बड़े बदलाव हुए हैं। प्रतिभाओं को निखारने के लिए प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं, आर्थिक सहायता, पुरस्कार और सरकारी नौकरी तक के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मकसद यह है कि, प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए अनुकूल माहौल मिल सके।

खेल किट भी दी जा रही

प्रदेश में स्टेडियम, बहुउद्देशीय क्रीड़ा हॉल, स्विमिंग पूल और सिंथेटिक कोर्ट जैसी सुविधाओं का दायरा बढ़ाया जा रहा है। ‘एक जनपद-एक खेल’ योजना के तहत सभी 75 जिलों में खेलो इंडिया सेंटर स्वीकृत किए गए हैं। इन केंद्रों पर स्थानीय प्रतिभाओं को प्रशिक्षण, खेल किट और जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जाती है।

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बेहतर प्रशिक्षण के लिए लखनऊ, गोरखपुर, सैफई, फतेहपुर और सहारनपुर में पांच स्पोर्ट्स कॉलेज संचालित हो रहे हैं। यहां 14 खेलों की ट्रेनिंग के साथ खिलाड़ियों को निःशुल्क आवास, भोजन और शिक्षा की सुविधा भी दी जाती है। इसके अलावा मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय की स्थापना को खेल शिक्षा और उच्चस्तरीय प्रशिक्षण की दिशा में नई पहल माना जा रहा है।

पदक पाने पर पुरस्कार और नौकरी

खिलाड़ियों के प्रदर्शन को सम्मान देने के लिए सरकार ने आकर्षक पुरस्कार राशि तय की है। ओलंपिक में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने पर छह करोड़, रजत पर चार करोड़ और कांस्य पदक पर दो करोड़ रुपये देने का प्रावधान है। इसके साथ ही लक्ष्मण और रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कारों के जरिए उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाता है।

खिलाड़ियों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए सरकारी नौकरियों में भी अवसर बढ़ाए गए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर के पदक विजेताओं को राजपत्रित पदों पर नियुक्ति देने का प्रावधान है।

गांव से स्टेडियम तक विस्तार की तैयारी

गांवों में खेल मैदानों के विकास और गोरखपुर व वाराणसी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियमों के निर्माण से खेल सुविधाओं को और विस्तार मिलने की उम्मीद है। खेल नीति-2023 के तहत सरकार का जोर प्रतिभा की पहचान, बेहतर प्रशिक्षण और खिलाड़ियों को रोजगार से जोड़ने पर है। इन पहलों के जरिए प्रदेश में खेलों को नई पहचान देने और युवाओं के लिए बेहतर अवसर तैयार करने की कोशिश की जा रही है।

 

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