
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक समय ऐसा भी था, जब कोई थाना इंचार्ज या पुलिस अधीक्षक भी अपराधी पर हाथ डालने से हिचकिचाता था। अपराधी को छूने पर सत्ता के गलियारों से फोन आते थे। कुछ ही घंटों में अपराधी के बजाय पुलिस अधिकारी पर कार्रवाई होती थी। इंस्पेक्टर थानों में बैठते थे, लेकिन फैसले कहीं और से आते थे। अपराधी खुली पुलिस जीप में ऑटोमैटिक हथियार लहराते थे, जबकि पुलिसवाले जंग लगी राइफलों से खुद की रक्षा करने को मजबूर थे। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 में सरकार ने पुलिस पर राजनीतिक बेड़ियां तोड़ दीं। अपराधियों और माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई। आज हर अपराधी को उत्तर प्रदेश में अपनी आखिरी पनाहगाह पता है।
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ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ की रिजर्व पुलिस लाइन में पुलिस स्मृति दिवस-2026 पर आयोजित स्मृति परेड को संबोधित करते हुए कही। सबसे पहले उन्होंने परेड की सलामी ली और पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि, कुछ ऋण कभी चुकाए नहीं जा सकते। शहीदों के प्रति राष्ट्र का ऋण भी ऐसा ही है। मंगलवार को जब पूरा देश विजयादशमी मना रहा था, तब पुलिसकर्मी सड़कों पर मुस्तैद रहकर लोगों की सुरक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने पुलिसकर्मियों के तीन भत्तों में वृद्धि की घोषणा की।
माफिया की संपत्ति ज़ब्त की गई
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि, राज्य में माफिया की 15,000 करोड़ रूपये से ज़्यादा की गैर-कानूनी संपत्ति ज़ब्त की गई है। अपराधियों के कब्ज़े से छुड़ाई गई ज़मीन पर गरीबों के लिए घर बनाए जा रहे हैं। प्रयागराज में ऐसी ज़मीनों पर 602 घरों के निर्माण के लिए भूमि पूजन किया गया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि, कड़ाके की ठंड, गर्मी की दोपहर और भारी बारिश में पुलिसवाले सड़कों पर मुस्तैद रहते हैं। अगर पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ़ सख्त कार्रवाई न की होती, तो उद्योगपति उत्तर प्रदेश में निवेश करने नहीं आते। माफिया सदस्यों की कब्रों पर मातम मनाने वालों को शहीदों के बच्चों की चिंता नहीं है।
#LIVE: पुलिस स्मृति दिवस-2026 के अवसर पर वीर अमर शहीदों के सम्मान में ‘स्मृति परेड’ के आयोजन में सम्मिलित होते मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी। https://t.co/ZAwvY7eDnk
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) October 21, 2026
मुख्यमंत्री योगी ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि एनकाउंटर और ज़ीरो-टॉलरेंस पॉलिसी पर सवाल उठाने वाले वही लोग हैं जो कुख्यात माफिया सदस्यों और आतंकवादियों की मौत पर मातम मनाते हैं। वे उनकी कब्रों पर जाते हैं, लेकिन माफिया की गोलियों से शहीद हुए पुलिसकर्मियों के बच्चों के आंसू नहीं पोंछते। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि, जब व्यापारियों को किडनैप किया गया और बहन-बेटियों का अपमान किया गया, तब भी इन लोगों ने कोई हमदर्दी नहीं दिखाई।
मोटरसाइकिल, वर्दी और सिम भत्ते में वृद्धि
मुख्यमंत्री योगी ने फील्ड ड्यूटी करने वाले उपनिरीक्षकों और निरीक्षकों का मोटरसाइकिल भत्ता 700 से बढ़ाकर एक हजार रुपये प्रतिमाह करने का ऐलान किया। पीपीएस अधिकारियों का वर्दी भत्ता 6400 से बढ़ाकर 15 हजार रुपये और फील्ड ड्यूटी पर तैनात आरक्षियों व मुख्य आरक्षियों का सिम भत्ता दो हजार से बढ़ाकर 2500 रुपये किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के लिए पांच लाख कैशलेस हेल्थ कार्ड बन चुके हैं।
815 दंगों से उपद्रव मुक्त उत्तर प्रदेश तक
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में 815 दंगे हुए। इन दंगों में गरीबों की दुकानें जलीं, मजदूरों की दिहाड़ी छिनी और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई। मथुरा के जवाहर बाग कांड में पुलिस अधीक्षक मुकुल द्विवेदी और थानाध्यक्ष संतोष यादव को प्राण गंवाने पड़े। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पहले अपराधियों को सत्ता का संरक्षण मिलता था। पुलिस को हुक्मरानों के पालतू पशुओं को खोजने के लिए जंगलों में दौड़ाया जाता था। आज दंगों का इतिहास किताबों में सिमट गया है। उत्तर प्रदेश उपद्रव से उत्सव प्रदेश बन चुका है।
21 अक्टूबर से जुड़ी आज़ादी और कुर्बानी की गाथा
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 21 अक्टूबर 1943 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आज़ाद हिंद सरकार की स्थापना की थी। आज ही के दिन 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में चीनी सैनिकों के हमले का सामना करते हुए CRPF के दस जवानों ने अपनी जान कुर्बान कर दी थी। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि शहीदों के नाम सिर्फ़ स्मारकों पर ही नहीं, बल्कि देश की नैतिक चेतना में भी अंकित होते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2018 में नेशनल पुलिस मेमोरियल देश को समर्पित किया था। यह पहल पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने शुरू की थी।
उत्तर प्रदेश के छह पुलिसकर्मियों ने दिया सर्वोच्च बलिदान
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पिछले साल देश भर में 154 पुलिस कर्मी शहीद हुए। इनमें उत्तर प्रदेश के सब-इंस्पेक्टर सत्यभान सिंह, सब-इंस्पेक्टर मोहित कुमार यादव, कांस्टेबल अशोक कुमार, कांस्टेबल प्रदीप कुमार, फायर सर्विस ड्राइवर शीशपाल सिंह और फायरमैन रोहित कुमार शामिल हैं। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से अब तक अपराधियों के खिलाफ ऑपरेशन में राज्य में 18 पुलिस कर्मी शहीद हुए हैं और 1,953 घायल हुए हैं। इस साल शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार को मरणोपरांत वीरता के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया। पुलिस सैलरी पैकेज के तहत शहीदों के आश्रितों को ₹425 करोड़ से ज़्यादा की मदद दी गई है।
पुलिस में 2.26 लाख से अधिक भर्तियां
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश पुलिस में 2.26 लाख से अधिक भर्तियां हुई हैं। 35 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है। महिला पुलिसकर्मियों की संख्या दस हजार से बढ़कर 45 हजार हो गई है। सात बड़े शहरों में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू की गई है। कुशल खिलाड़ी योजना के तहत एक हजार पदक विजेता पुलिस बल का हिस्सा बने हैं। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हर जिले में साइबर थाना और प्रत्येक थाने में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित है। लखनऊ में माफिया से मुक्त भूमि पर आधुनिक फॉरेंसिक संस्थान बनाया गया है।
एसटीएफ और एटीएस की कार्रवाई से अपराधियों पर शिकंजा
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि एटीएस ने देवबंद से सीमावर्ती जिलों तक कमांड सेंटर स्थापित किए हैं। एसटीएफ ने पेपर लीक माफिया, जहरीली शराब के सौदागरों और कुख्यात अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि बंद पीएसी कंपनियों को पुनर्जीवित करने के साथ वीरांगना ऊदा देवी पासी, झलकारी बाई कोरी और अवंती बाई लोधी के नाम पर तीन महिला पीएसी बटालियन गठित की गई हैं। औपनिवेशिक कानूनों की जगह भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू किए गए हैं।
छोटे अपराधों पर भी जीरो टॉलरेंस: डीजीपी
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के मार्गदर्शन में अपराध नियंत्रण की दस प्राथमिकताओं पर काम हो रहा है। उत्तर प्रदेश पुलिस आईगॉट कर्मयोगी पोर्टल पर एक करोड़ पाठ्यक्रम पूरे करने वाला देश का पहला विभाग बना है। हर थाने में मिशन शक्ति केंद्र स्थापित है। इस वर्ष छह हजार से अधिक नशा तस्कर गिरफ्तार हुए हैं और 26 कार्टेल ध्वस्त किए गए हैं।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
समारोह में पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, पीएसी के पुलिस महानिदेशक आलोक सिंह, जनप्रतिनिधिगण, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी और शहीद पुलिसकर्मियों के परिजन उपस्थित रहे।
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