BJP नेताओं ने अखिलेश पर किए तीखे वार, बोले- ‘सपा राज में नहीं होने पाते थे धार्मिक आयोजन’

लखनऊ। सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्रियों और भाजपा के मुख्य प्रवक्ता ने तीखे हमले किए हैं। मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह ने धार्मिक आयोजनों और पत्रकारों को लेकर सपा के रुख पर सवाल खड़े किए। मंत्री संजय निषाद ने सामाजिक न्याय और संविधान के मुद्दे पर सपा को कटघरे में खड़ा किया। वहीं भाजपा के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को रावण के रूप में दिखाने वाले सपा के एआई वीडियो और महंगाई के आरोपों पर पलटवार किया।

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अब बिना भेदभाव मन रहा त्यौहार

कैबिनेट मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि, सपा सरकार के समय कांवड़ यात्रा, रामनवमी के जुलूस और हिंदुओं के धार्मिक आयोजनों में अड़चनें पैदा की जाती थीं। उन्होंने कहा कि, योगी सरकार में सभी वर्गों को बिना भेदभाव त्योहार मनाने का मौका मिला है। उन्होंने अखिलेश यादव पर तुष्टीकरण की राजनीति करने और बहुसंख्यक समाज का अपमान करने का आरोप लगाया।

भूपेंद्र सिंह ने पत्रकारों के प्रति सपा के व्यवहार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि, पत्रकारों के सवाल पूछने पर अखिलेश यादव उनकी जाति पूछते हैं और मीडिया का अपमान करते हैं। उन्होंने सपा से पत्रकार जगत से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि, सपा और कांग्रेस ने युवाओं को भटकाकर अराजकता फैलाने की कोशिश की।

सामाजिक मुद्दों के हल के लिए भाजपा के साथ आए

कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि, वह राजनीति में खाना खाने के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक मुद्दों का समाधान कराने के लिए भाजपा के साथ आए हैं। भाजपा इन मुद्दों के हल के लिए पहल कर रही है। उन्होंने कहा कि, यदि भाजपा सामाजिक मुद्दों का समाधान नहीं करेगी और इस दिशा में दरवाजे बंद करेगी, तो आगे विचार किया जाएगा।

सत्ता में आते ही वादे भूल जाते हैं दल

संजय निषाद ने कहा कि, संविधान की मूल भावना समता, स्वतंत्रता, बंधुत्व और न्याय पर टिकी है। सभी राजनीतिक दल लोगों को सम्मान, सुरक्षा, समृद्धि, समानता और स्वावलंबन देने की बात करते हैं, मगर सत्ता मिलते ही अपने वादे भूल जाते हैं। उन्होंने कहा कि, इसी कारण अब जनता मोदी और योगी को बुला रही है, क्योंकि उनकी सरकार लोगों के हित में काम कर रही है।

अखिलेश यादव के संविधान बचाने के बयान पर पलटवार करते हुए निषाद ने सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि, सरकारी नौकरियों में कुछ खास वर्गों के परिवारों की हिस्सेदारी ज्यादा है। उन्होंने सवाल किया कि दूसरी जातियों को उनका हक क्यों नहीं मिलना चाहिए? निषाद ने कहा कि, संविधान का मकसद सभी को बराबर अवसर और अधिकार देना है, कुछ वर्गों तक मौके सीमित रखना नहीं।

दिनेश प्रताप ने AI वीडियो पर दी प्रतिक्रिया

भाजपा के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को रावण के रूप में दिखाने वाले एआई वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, चुनाव करीब आने के साथ अखिलेश यादव की बौखलाहट बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता सपा को जवाब देगी। सपा शासन में गुंडागर्दी, माफियाराज और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश रामराज्य की ओर बढ़ रहा है।

महंगाई की वजह से बाजारों की रौनक गायब होने के अखिलेश यादव के आरोप पर उन्होंने कहा कि, त्योहारों में बाजारों में खुशहाली है और लोगों के चेहरों पर मुस्कान है। दैनिक जागरण के बहिष्कार वाले बयान पर उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव पत्रकारिता को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और सपा को मीडिया को निशाना बनाने के बजाय अपना रवैया सुधारना चाहिए।

 

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