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रात में पैरों में होती है ऐंठन? शरीर में हो सकती है इन 3 चीजों की कमी

पैरों में दर्द होना एक आम समस्या मानी जाती है। अधिकतर लोग कभी न कभी इसका सामना भी करते हैं। लंबे समय तक खड़े रहने या लगातार बैठे रहने की वजह से पैरों में दर्द, ऐंठन और झनझनाहट जैसी समस्याएं होना स्वाभाविक है।  ज्यादातर मामलों में ये दर्द बिना किसी दवा या इलाज के थोड़ी देर आराम करने पर अपने-आप ठीक हो जाता है,

लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि, यदि यह समस्या लंबे समय तक बनी रहे और बिना किसी मेहनत, गतिविधि या चोट के भी पैरों में तकलीफ महसूस हो, तो यह शरीर में कुछ जरूरी पोषक तत्वों की कमी का संकेत हो सकता है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि, आखिर किन पोषक तत्वों की कमी से यह समस्या पैदा होती है और इन्हें किस तरह दूर किया जा सकता है।

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विटामिन डी की कमी बन सकती है दर्द की वजह

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि, शरीर की मांसपेशियों, हड्डियों और नसों के सही ढंग से काम करने के लिए विटामिन डी पर्याप्त मात्रा होना बहुत जरूरी होता है। जब शरीर में इसकी कमी हो जाती है, तो व्यक्ति को अलग-अलग हिस्सों में दर्द और कमजोरी का एहसास होने लगता है। कई मामलों में देखा गया है कि, विटामिन डी की कमी की वजह से लोगों को पीठ, कमर और पैरों में लगातार दर्द होने की समस्या रहती है।

Leg Pain

आमतौर पर शरीर को विटामिन डी की सबसे बड़ी मात्रा सूर्य की रोशनी से प्राकृतिक रूप से मिलती है। आजकल की भागदौड़ भरी जीवनशैली और सूरज की रोशनी में कम समय बिताने की आदत के चलते लोगों में विटामिन डी की कमी होने लगती है। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि, यदि किसी को विटामिन डी की कमी का संदेह हो, तो इसकी पुष्टि के लिए जांच करवानी चाहिए और इसकी कमी को पूरा करने के लिए डॉक्टर से उचित सलाह लेकर इलाज कराना चाहिए।

कैल्शियम की कमी से भी होती है मांसपेशियों में ऐंठन

आमतौर पर यह माना जाता है कि, कैल्शियम केवल हड्डियों की मजबूती के लिए ही आवश्यक होता है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है। असल में कैल्शियम की कमी का असर सिर्फ हड्डियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका प्रभाव शरीर की मांसपेशियों पर भी सीधे तौर पर पड़ता है। जब शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाती है, तो इससे शरीर के विभिन्न अंगों में खिंचाव और ऐंठन जैसी समस्याएं सामने आने लगती हैं, जो अक्सर पैरों में तेज दर्द के रूप में महसूस होती हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, कैल्शियम की कमी को दूर करने के लिए खाने में दूध, दही, पनीर और तिल जैसी चीजों को जरूर शामिल करना चाहिए। इससे काफी हद तक कैल्शियम की कमी दूर हो जाती है। ये सभी खाद्य पदार्थ प्राकृतिक रूप से कैल्शियम के अच्छे स्रोत हैं और नियमित सेवन से शरीर में इसकी कमी को काफी हद तक पूरा किया जा सकता है।

विटामिन बी12 की कमी से होता है सुन्नपन

पैरों में अचानक दर्द या सुन्नपन की एक और बड़ी वजह विटामिन बी12 की कमी को माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, जब शरीर में विटामिन बी12 की मात्रा कम हो जाती है, तो इसका सीधा असर शरीर की नसों और मांसपेशियों पर पड़ता है, जिसके चलते सुन्नपन, खिंचाव और ऐंठन जैसी परेशानियां महसूस होने लगती हैं।

खासतौर पर कई लोगों को रात के समय पैरों में अचानक ऐंठन होने की शिकायत रहती है। विशेषज्ञों के अनुसार इसकी सबसे बड़ी वजह विटामिन बी12 की कमी ही होती है। दरअसल, विटामिन बी12 शरीर की नसों के सही तरीके से काम करने के लिए बेहद जरूरी होता है और इसकी कमी सीधे तौर पर नसों को प्रभावित करती है, जिससे पैरों में बिना किसी वजह के अचानक दर्द जैसी समस्या सामने आ सकती है।

संतुलित आहार से दूर की जा सकती है पोषक तत्वों की कमी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि, शरीर में पोषक तत्वों की कमी को दूर करने के लिए किसी बड़े बदलाव की जरूरत नहीं होती, बल्कि डेली डाइट को संतुलित कर लेना चाहिए। एक संतुलित और स्वस्थ आहार शरीर को वे सभी जरूरी पोषक तत्व प्रदान करता है, जिनकी उसे सुचारू रूप से काम करने के लिए आवश्यकता होती है।

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विशेषज्ञों के अनुसार, सबसे पहले अपने भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल करना चाहिए, क्योंकि इनमें कई महत्वपूर्ण विटामिन और मिनरल्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इसके साथ ही दूध, अंडा और मौसमी फलों को भी नियमित रूप से डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए, क्योंकि ये शरीर को जरूरी मिनरल्स और विटामिन उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाते हैं।

एक्टिव लाइफस्टाइल भी है जरूरी

केवल सही खान-पान ही नहीं, बल्कि एक सक्रिय जीवनशैली और नियमित हल्की-फुल्की एक्सरसाइज भी शरीर को स्वस्थ और फिट बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित रूप से टहलना, स्ट्रेचिंग करना और शरीर को सक्रिय बनाए रखना मांसपेशियों और नसों को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है, जिससे पैरों में होने वाली दर्द और ऐंठन जैसी समस्याओं से भी काफी हद तक बचा जा सकता है।

बार-बार समस्या हो तो डॉक्टर से संपर्क करें

हालांकि, विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट रूप से आगाह करते हैं कि, यदि पैरों में दर्द, ऐंठन या सुन्नपन की समस्या बार-बार हो रही है और सामान्य घरेलू उपायों या खान-पान में बदलाव के बावजूद राहत नहीं मिल रही है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में देर किए बिना किसी योग्य डॉक्टर से संपर्क कर उचित जांच और सलाह लेना ही सबसे बेहतर विकल्प है, ताकि समय रहते समस्या की सही वजह का पता चल सके और उसका उचित इलाज किया जा सके।

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 नोट: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है। इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी लक्षण के लगातार बने रहने पर डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क जरूर करें।

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