
वाराणसी। प्यार, धोखा और फिर खून। यह कहानी किसी फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं, बल्कि एक सच्ची और सिहरन पैदा करने वाली वारदात है। एक प्रेमी ने अपनी ही प्रेमिका का गला घोंट दिया। इतना ही नहीं, शव को उसने ट्रॉली सूटकेस में ठूंस दिया। फिर बाथरूम में छिपाकर वह फरार हो गया। दो महीने तक यह राज दफन रहा। आखिरकार सच्चाई सामने आई और पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। अब इस दिल दहला देने वाले मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। घटना को अंजाम देने वाला आरोपी आखिरकार गिरफ्त में आ गया है। मामला दादरा नगर हवेली का है, लेकिन आरोपी को पकड़ा गया वाराणसी से। सोमवार को एसटीएफ की वाराणसी इकाई और सिलवासा पुलिस ने मिलकर यह गिरफ्तारी की। आरोपी का नाम ऋषभ कुमार सिंह है।
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नाम बदलकर फैक्ट्री में कर रहा था मजदूरी
वारदात के बाद ऋषभ कुमार सिंह सीधे वाराणसी भाग आया था। यहां उसने अपनी असली पहचान छिपा ली। उसने अपना नाम तक बदल डाला। इसी नई पहचान के सहारे वह एक फैक्टरी में मजदूरी करने लगा।

यह फैक्टरी मंडुवाडीह क्षेत्र के चांदपुर औद्योगिक आस्थान में स्थित है। इसका नाम शुभकामना रियल टेक बताया गया है। इस नौकरी करता रहा और महीनों तक पुलिस की नजरों से बचता रहा, लेकिन एसटीएफ ने खुफिया जानकारी के आधार पर उस तक पहुंचने का रास्ता खोज निकाला। टीम ने फैक्टरी में दबिश दी और उसे दबोच लिया।
दो महीने बाद मिला था सूटकेस में शव
इस पूरे मामले का खुलासा तीन अगस्त को हुआ। सिलवासा के टोकर खड़ा क्षेत्र में एक मकान है। इसी मकान से पुलिस को महिला का शव मिला। शव एक सूटकेस के अंदर बंद था। जांच में पता चला कि यह शव करीब दो महीने पुराना था। शव को प्लास्टिक से लपेटा गया था। दरअसल, मकान मालिक कमरा किसी नए किरायेदार को देना चाहता था। ऐसे में उसने कमरे का ताला तोड़ा और अंदर घुसा। कमरे से तेज दुर्गंध उठ रही थी। शक होने पर उसने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बाथरूम से सूटकेस बरामद किया। जांच के बाद शव की शिनाख्त हुई। मृतका का नाम छोटी उपाध्याय था। उसकी उम्र महज बीस साल थी। वह मूल रूप से बिहार के नवादा जिले की रहने वाली थी।
प्रेम विवाह के बाद उठा विवाद
पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। एसटीएफ की जांच में सामने आया कि आरोपी ऋषभ कुमार सिंह और मृतका छोटी उपाध्याय एक ही गांव के रहने वाले थे। दोनों के बीच प्रेम संबंध था, लेकिन छोटी की शादी कहीं और हो गई, लेकिन दोनों का प्रेम कम नहीं हुआ। रिश्ता गुपचुप तरीके से चलता रहा।
आखिरकार छोटी ने अपने पहले पति को छोड़ दिया। वह ऋषभ के साथ भाग निकली। दोनों दादरा नगर हवेली पहुंचे। वहां उन्होंने आपस में शादी रचा ली। इस मामले में एक कानूनी पेच भी है। छोटी को अगवा करने का आरोप भी लगा था। इस सिलसिले में बिहार के रोह थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज हुआ था। जब दोनों परिवारों को इस शादी की भनक लगी, तो हड़कंप मच गया। दोनों तरफ के परिवार वाले नाराज हो गए। किसी ने भी छोटी को अपनाने से इनकार कर दिया।
नौ जून को हुई थी हत्या
शादी के बाद हालात धीरे-धीरे तनावपूर्ण होते गए। छोटी बार-बार गांव लौटने की जिद करने लगी। वह लगातार ऋषभ पर दबाव बनाती रही। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर झगड़े होने लगे। नौ जून का दिन सबसे खतरनाक साबित हुआ। सुबह के वक्त दोनों में तीखी बहस हुई। शाम तक मामला बेकाबू हो गया। गुस्से में आकर ऋषभ ने बड़ा कदम उठा लिया।
उसने छोटी का गला घोंट दिया जिससे छोटी की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद ऋषभ ने सबूत मिटाने की कोशिश शुरू की। उसने शव को रस्सी से कसकर बांधा, फिर उसे सूटकेस में भर दिया। यह पूरी वारदात सिलवासा के एक किराये के कमरे में हुई। वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद ऋषभ वहां से फरार हो गया और सीधे वाराणसी पहुंचा।
ट्रांजिट रिमांड पर आरोपी
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कोई देरी नहीं की। आरोपी ऋषभ कुमार सिंह को तुरंत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। वहां से उसे ट्रांजिट रिमांड मिल गई।

इसके बाद सिलवासा पुलिस उसे लेकर तुरंत रवाना हो गई। आरोपी को आगे की सख्त पूछताछ के लिए दादरा नगर हवेली ले जाया गया। एसटीएफ वाराणसी इकाई के निरीक्षक अमित श्रीवास्तव ने इस मामले की पूरी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि आरोपी मूल रूप से बिहार के नवादा जिले का रहने वाला है। वह वहां के रोह थाना क्षेत्र के सिउर गांव का निवासी है।
आरोपी के खिलाफ बिहार में दर्ज था अपहरण का केस
इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम तक पहुंचाने में कई पुलिसकर्मियों ने मेहनत की। एसटीएफ वाराणसी इकाई की टीम में उपनिरीक्षक अंगद सिंह यादव शामिल थे। इनके साथ विनय मौर्या और रवि यादव भी टीम का हिस्सा रहे। इन सभी अधिकारियों ने मिलकर आरोपी को धर दबोचा। एसटीएफ के डिप्टी एसपी शैलेष प्रताप सिंह ने भी इस मामले पर बयान दिया।
उन्होंने बताया कि सिलवासा पुलिस और एसटीएफ वाराणसी इकाई ने संयुक्त कार्रवाई की। दोनों टीमों ने मिलकर हत्या के आरोपी को चांदपुर से गिरफ्तार किया। उन्होंने यह भी साफ किया कि आरोपी ने अपनी प्रेमिका छोटी उपाध्याय से शादी की थी। साथ ही उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ बिहार के रोह थाने में पहले से अपहरण का मामला दर्ज है।
यह पूरा घटनाक्रम प्रेम, विश्वासघात और अपराध की एक दर्दनाक दास्तान बयां करता है। दो परिवारों के बीच शुरू हुआ विवाद अंततः एक जान लेने तक जा पहुंचा। पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच में जुटी है। आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।
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