
नई दिल्ली। केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक कथित मामले में अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार तड़के ईडी की टीमों ने एक साथ दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश समेत देश के कुल 6 अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। यह पूरी कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम के कड़े प्रावधानों के तहत की जा रही है। इस नए घटनाक्रम के बाद पंजाब और दिल्ली की सियासत में एक बार फिर भूचाल आ गया है।
इसे भी पढ़ें- फार्मर आईडी बनाने में यूपी ने पेश की मिसाल, केंद्र ने इस तारीख तक बढ़ाई समय सीमा
व्यापारिक हलकों में हड़कंप
सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि, प्रवर्तन निदेशालय की विभिन्न टीमों ने मंगलवार की सुबह बेहद गोपनीय तरीके से अपनी रणनीतिक कार्रवाई शुरू की। जांच एजेंसी ने पंजाब के औद्योगिक शहर लुधियाना और जालंधर, उत्तर प्रदेश के बरेली, तथा दिल्ली-एनसीआर में स्थित कुल 6 लोकेशनों पर एक साथ दस्तक दी।

ईडी की इस बड़ी कार्रवाई के दायरे में मामले से जुड़े संदिग्ध व्यक्तियों और संबंधित संस्थाओं के निजी आवास और उनके व्यावसायिक कार्यालय शामिल हैं। अचानक हुई इस छापेमारी से संबंधित परिसरों और व्यापारिक हलकों में हड़कंप मच गया। सुरक्षा के लिहाज से केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों को भी इन ठिकानों के बाहर तैनात देखा गया, ताकि तलाशी अभियान में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
जांच से जुड़े आधिकारिक सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईडी की यह ताजा और आक्रामक कार्रवाई मुख्य रूप से हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड नामक कंपनी से जुड़े संदिग्ध और कथित वित्तीय लेन-देन और उससे पैदा हुए मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
आप ने खोला मोर्चा
दिल्ली से सटे नोएडा और ग्रेटर नोएडा के इलाकों में भी ईडी की विशेष टीमें मौजूद हैं, जो कंपनी के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स, वित्तीय बही-खातों, बैंक ट्रांजेक्शन्स और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की गहनता से स्क्रूटनी कर रही हैं। कंप्यूटर हार्ड डिस्क, मोबाइल फोन और महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेजों को जांच के दायरे में लिया गया है। हालांकि, इस छापेमारी और अब तक की बरामदगी को लेकर प्रवर्तन निदेशालय की ओर से अभी तक कोई विस्तृत या आधिकारिक प्रेस बयान जारी नहीं किया गया है।
इस छापेमारी की खबर सामने आते ही आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने केंद्र सरकार और जांच एजेंसी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस पूरी कार्रवाई पर बेहद तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक के बाद एक कई पोस्ट कर इस कार्रवाई को राजनीतिक रूप से प्रेरित और एक खास वर्ग को निशाना बनाने वाला बताया।
हिन्दू व्यापारियों को परेशान करने का आरोप
उन्होंने लिखा, ईडी आज पंजाब में हिंदू व्यापारियों के यहां फिर से छापेमारी कर रही है। प्रवर्तन निदेशालय पंजाब में छोटे हिंदू व्यापारियों को जानबूझकर परेशान कर रहा है। मैं पंजाब के सभी व्यापारियों से पुरजोर अपील करता हूं, आपको घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। पूरा पंजाब और हमारी पंजाब सरकार आपके साथ मजबूती से खड़ी है। हम सब मिलकर इस तानाशाही और ईडी की कार्रवाई का डटकर सामना करेंगे।
केजरीवाल के इस बयान ने इस पूरी कानूनी कार्रवाई को एक नया राजनीतिक और सामाजिक मोड़ दे दिया है। आम आदमी पार्टी का सीधा आरोप है कि, केंद्र सरकार केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करके विपक्षी दलों के नेताओं और उनके समर्थकों को डराने का प्रयास कर रही है।
पहले भी जेल जा चुके हैं संजीव अरोरा
गौरतलब है कि, यह पहला मौका नहीं है जब संजीव अरोड़ा ईडी की रडार पर आए हैं। इससे पहले पिछले महीने ही केंद्रीय एजेंसी ने चंडीगढ़ स्थित संजीव अरोड़ा के आधिकारिक सरकारी आवास पर दिनभर चली लंबी छापेमारी और गहन पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के बाद अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया था और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में ही हैं। अरोड़ा की गिरफ्तारी के समय भी आम आदमी पार्टी ने इसे पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित कार्रवाई करार दिया था, जबकि भाजपा और अन्य विपक्षी दलों ने पंजाब सरकार में फैले कथित भ्रष्टाचार को लेकर आप को घेरा था।
संजीव अरोड़ा पंजाब की भगवंत मान सरकार में बेहद रसूखदार और कद्दावर मंत्री माने जाते थे। उनके पास पंजाब सरकार के कई महत्वपूर्ण और भारी-भरकम विभाग थे, जिनमें मुख्य रूप से विद्युत (बिजली), उद्योग और वाणिज्य मंत्रालय शामिल थे।
कई घोटाले की कड़ियां जुड़ी
हालांकि, पिछले महीने जब प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें गिरफ्तार किया, तो राज्य में एक बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक संकट खड़ा हो गया था। इसके तुरंत बाद, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कड़ा और त्वरित फैसला लेते हुए संजीव अरोड़ा के विभागों को वापस ले लिया और कैबिनेट के अन्य वरिष्ठ मंत्रियों को इन विभागों की जिम्मेदारी आवंटित कर दी, ताकि राज्य के विकास कार्य और औद्योगिक नीतियां प्रभावित न हों।

मंगलवार को हुई यह छापेमारी दर्शाती है कि प्रवर्तन निदेशालय हैम्पटन स्काई रियल्टी और संजीव अरोड़ा के वित्तीय साम्राज्य की जड़ों तक पहुंचना चाहता है। नोएडा से लेकर लुधियाना तक फैले इस कथित वित्तीय घोटाले की कड़ियां आपस में कैसे जुड़ी हैं, इसका खुलासा ईडी की जांच रिपोर्ट के बाद ही हो पाएगा।
एक तरफ जहां ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के पुख्ता सबूत जुटाने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी इसे आगामी चुनावों और राजनीतिक द्वेष से जोड़कर जनता के बीच ले जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर पंजाब और दिल्ली की राजनीति में टकराव और बढ़ने के पूरे आसार हैं।
इसे भी पढ़ें- अंसल समूह की 313 करोड़ की संपत्ति अटैच, ईडी की कार्रवाई से फ्लैट खरीदारों को बड़ी राहत



