
देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,11,703.21 करोड़ रुपये का बजट सदन में पेश किया। यह बजट पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 11.41 प्रतिशत अधिक है और राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा बजट माना जा रहा है। गैरसैंण की भराड़ीसैंण विधानसभा में आयोजित इस ऐतिहासिक सत्र में पहली बार राज्यपाल का अभिभाषण और बजट पेश करने की प्रक्रिया एक ही दिन में पूरी हुई, जिससे मुख्यमंत्री धामी ने इतिहास रच दिया।
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संतुलित, समावेशी और विकासोन्मुख बताया
उन्होंने खुद वित्त मंत्री की हैसियत से बजट प्रस्तुत किया और इसे सभी वर्गों के लिए संतुलित, समावेशी तथा विकासोन्मुख बताया। बजट का मुख्य फोकस ‘GYAN’ पर रहा, जिसमें G से गरीब कल्याण, Y से युवा सशक्तिकरण, A से अन्नदाता (किसान) और N से नारी सशक्तिकरण शामिल है। मुख्यमंत्री ने इसे विकसित भारत के संकल्प से जोड़ते हुए कहा कि यह बजट राज्य की आर्थिक प्रगति, आत्मनिर्भरता और नवाचार को मजबूत करेगा।

राज्य की अर्थव्यवस्था में तेजी से वृद्धि का संकेत देते हुए आर्थिक सर्वेक्षण में बताया गया कि 2021-22 में 2.54 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 3.81 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। गरीब कल्याण और सामाजिक सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए बजट में अन्नपूर्ति योजना के लिए 1300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए 298.35 करोड़, शहरी के लिए 56.12 करोड़ और ईडब्ल्यूएस आवास अनुदान के लिए 25 करोड़ रुपये रखे गए हैं। निर्धन परिवारों को रसोई गैस पर 43.03 करोड़ का अनुदान, दिव्यांग पेंशन, तीलू रौतेली पेंशन, बौना पेंशन और 18 वर्ष तक के दिव्यांग बच्चों के लिए 167.05 करोड़ का प्रावधान किया गया। दैवीय आपदाओं से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए 25 करोड़ और परिवहन निगम की बसों में निर्धारित श्रेणी के यात्रियों के लिए निःशुल्क यात्रा पर 42 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के लिए 1 करोड़ रुपये का प्रावधान भी शामिल है। किसानों और अन्नदाताओं को मजबूत करने के लिए बजट में कई योजनाएं घोषित की गईं।
युवा कल्याण और रोजगार पर ध्यान
ट्राउट प्रोत्साहन योजना के लिए 39.90 करोड़, आईटीबीपी बटालियन को जीवित भेड़-बकरी और कुक्कुट आपूर्ति के लिए 3.50 करोड़, दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत 42.50 करोड़ रुपये दिए गए। मिशन एप्पल योजना के लिए 42 करोड़, दुग्ध उत्पादकों को दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन के लिए 32 करोड़, मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजना के लिए 20 करोड़, मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लिए 12.43 करोड़, मिलेट मिशन के लिए 12 करोड़ और स्थानीय फसलों को प्रोत्साहन के लिए 5.75 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
किसान पेंशन योजना के लिए 12.06 करोड़ और प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लिए 160.13 करोड़ रुपये रखे गए। गंगा कार्यकारी योजना के रखरखाव के लिए जल संस्थान को 25 करोड़ का अनुदान भी दिया गया। युवा कल्याण और रोजगार सृजन पर बजट में खास ध्यान दिया गया।
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए 60 करोड़, पलायन रोकथाम योजना के लिए 10 करोड़, पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के लिए 62.29 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। गैर-सरकारी महाविद्यालयों को सहायता अनुदान के लिए 155.38 करोड़, शिक्षा मित्रों के मानदेय के लिए 10 करोड़ और सीएम युवा भविष्य निर्माण योजना के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान है। उल्लास नव साक्षरता कार्यक्रम के लिए 3.34 करोड़ रुपये रखे गए।
महिलाओं के लिए खोला पिटारा
नारी सशक्तिकरण के क्षेत्र में बजट में खुला पिटारा खोला। नंदा गौरा योजना के लिए 220 करोड़, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के लिए 47.78 करोड़, मुख्यमंत्री बाल पोषण योजना के लिए 25 करोड़, महालक्ष्मी किट योजना के लिए 30 करोड़ और महिला पोषण योजना के लिए 13.44 करोड़ रुपये दिए गए। मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना के लिए 15 करोड़, बाल एवं महिला बहुमुखी विकास निधि के लिए 8 करोड़, निराश्रित विधवाओं की पुत्रियों के विवाह के लिए 5 करोड़ और अल्पसंख्यक मेधावी बालिका प्रोत्साहन के लिए 3.76 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
ईजा-बोई शगुन योजना के लिए 122 करोड़, महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण के लिए 5 करोड़ और महिला स्पोर्ट्स कॉलेज चंपावत के निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये शामिल हैं। गंगा गाय महिला डेयरी विकास योजना के लिए 5 करोड़ रखे गए। जेंडर बजट को बढ़ाकर 19,692.02 करोड़ रुपये किया गया, जो पिछले वर्ष के 16,961.32 करोड़ से काफी अधिक है।पर्यटन, अवसंरचना और आधुनिक तकनीक पर भी बजट में जोर दिया गया।
LIVE: बजट (वित्तीय वर्ष 2026-27) पेश करने के उपरांत गैरसैण में प्रेस वार्ता https://t.co/AYg2VhH95e
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) March 9, 2026
कुम्भ मेला के लिए भारत सरकार से अवस्थापना अनुदान के रूप में 1027 करोड़, विकसित भारत रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के लिए 705.25 करोड़, निर्भया फंड के लिए 112.02 करोड़ और पर्यटन विकास हेतु अवस्थापना निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
कोलोनाइजेशन प्रोत्साहन के लिए 25 करोड़, हरिद्वार और ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर परियोजनाओं के लिए 10-10 करोड़, साईबर सिक्योरिटी के लिए 15 करोड़, इमरजिंग टेक्नोलॉजी एवं एआई के लिए 10.50 करोड़, महक क्रांति के लिए 10 करोड़ और स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन के विकास के लिए 10 करोड़ रुपये दिए गए। हाउस ऑफ हिमालयाज के लिए 5 करोड़, उत्तराखंड एवं भारत दर्शन के लिए 4.50 करोड़, सरयू एवं अन्य रिवर फ्रंट योजनाओं के लिए 10 करोड़, आपदा सखी के लिए 2 करोड़ और ग्राम प्रहरी के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान है। नशा मुक्ति केंद्र के लिए 4.50 करोड़, पुस्तकालय निर्माण के लिए 5 करोड़, विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के लिए 3.73 करोड़, न्याय पंचायत स्तर पर स्टेडियम के लिए 10 करोड़ और रेस्क्यू सेंटर के लिए 19 करोड़ रुपये रखे गए।
स्वास्थ्य विभाग को 4252.50 करोड़ रुपये (पूंजीगत मद में 195 करोड़) का प्रावधान मिला, जिसमें बागेश्वर, डोईवाला, हरिद्वार, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, देहरादून, टिहरी और नैनीताल जैसे जिलों में अस्पतालों और योजनाओं पर काम जारी रहेगा।यह बजट देवभूमि उत्तराखंड की समग्र प्रगति, महिला-युवा-किसान सशक्तिकरण, पर्यटन-कृषि विकास और डिजिटल सुरक्षा पर केंद्रित है। मुख्यमंत्री धामी ने इसे सभी वर्गों की आकांक्षाओं को पूरा करने वाला बताया, जो राज्य को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सत्र 13 मार्च तक चलेगा, जहां इस बजट पर विस्तृत चर्चा होगी।
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