हिंदी ज़ी5 का ‘जब खुली किताब’ का ट्रेलर लॉन्च

फिल्म के ट्रेलर में हमें गोपाल [पंकज कपूर] और अनुसूया [डिंपल कपाड़िया] की खामोशी भरी और जानी-पहचानी दुनिया की झलक दिखाई देती है

नई दिल्ली।  हिंदी ज़ी5 ने आज अपनी आने वाली फिल्म ‘जब खुली किताब’ का ट्रेलर रिलीज़ किया, जो दर्शकों को पर्दे पर बड़ी उम्र के प्यार की दिल को छूने वाली, मज़ेदार और ताज़गी भरी कहानी की झलक दिखाता है। सौरभ शुक्ला की लिखी और उनके निर्देशन में बनी इस फिल्म में पंकज कपूर और डिंपल कपाड़िया की शानदार जोड़ी नज़र आने वाली है। इस फिल्म में शादी के पचास साल बाद पति-पत्नी के जज्बाती उलझनों को बड़ी बारीकी से दिखाया गया है, और यह शादी एक लंबे अरसे से दबी हुई सच्चाई के सामने आने पर टूट जाती है।

फिल्म के ट्रेलर में हमें गोपाल [पंकज कपूर] और अनुसूया [डिंपल कपाड़िया] की खामोशी भरी और जानी-पहचानी दुनिया की झलक दिखाई देती है, जो बीते 50 सालों से एक-दूसरे की रोजाना की आदतों, यादों और बिना कहे समझ लेने वाले रिश्ते से जुड़े हैं। उनकी शांत सी लगने वाली ज़िंदगी में उस वक्त अचानक एक मोड़ आता है, जब अनुसूया लंबे अरसे से सीने में दफ़न एक राज़ से पर्दा उठाती है, जिससे उनके रिश्ते की जड़ें हिल जाती है।

गोपाल के लिए इस सच्चाई को स्वीकार करना मुश्किल है जो खुद को दिल टूटने और इज्ज़त के बीच फंसा हुआ पाता है, और आखिर में तलाक लेने का फैसला करता है।उनकी ये कहानी उन्हें एक युवा वकील के पास ले जाती है, जिसका किरदार अपारशक्ति खुराना ने निभाया है, जहाँ कड़वी बातचीत से सालों के अनकहे जज्बात, छिपा हुआ दर्द और दिल में दबी हुई मोहब्बत बाहर आने लगती है। ट्रेलर में बड़ी बारीकी से दिखाया गया है कि जैसे-जैसे पुरानी यादें ताज़ा होती हैं और सच सामने आता है, वैसे ही वक्त के साथ प्यार का इम्तिहान होता है।

संजीदगी, अपनेपन और सच्चाई के बेहतरीन तालमेल पर आधारित यह फिल्म रिश्तों, माफ़ी और अतीत का सामना करते हुए पुराने रिश्ते को फिर से जोड़ने की ताकत की एक जबरदस्त कहानी है।थोड़ी-बहुत हंसी-मजाक और बड़े सहज तरीके से आगे बढ़ाने वाले लम्हों को मिलाकर तैयार की गई यह फिल्म हल्की-फुल्की बनी रहती है और अंत में वाकई एक मज़ेदार अनुभव बन जाती है।जब खुली किताब थोड़ी हंसी और दिल के दर्द की बेमिसाल जुगलबंदी है, जिसमें बड़ी उम्र के प्यार और उसे फिर से शुरू करने की हिम्मत को बिल्कुल अनोखे और संजीदा तरीके से दिखाता है। अलग-अलग पहलू वाले किरदारों, दमदार लेखन और भारत के कुछ शानदार कलाकारों के बेहतरीन अभिनय के साथ, यह फिल्म हर उम्र के दर्शकों को पसंद आएगी।

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