
माता-पिता बनना एक सुखद एहसास होने के साथ-साथ एक बहुत ही बड़ी ज़िम्मेदारी भी होती है. आंकड़ें बताते हैं कि भारत में हर साल लगभग 2.5 करोड़ महिलाएं गर्भधारण करती हैं और रोज़ाना तकरीबन 65,000 शिशु जन्म लेते हैं. ये आंकड़ें दर्शाते हैं कि परिवार न केवल खुशियों की तैयारी कर रहे हैं, बल्कि वे अपने नन्हें-मुन्ने का स्वागत करने के लिए भी अत्यधिक उत्सुक हैं. घर में नन्हें मेहमान के आने से आपके जीवन में खुशियों भरे नए अध्याय की शुरुआत होती है, लेकिन इसके लिए आपको एक मज़बूत तैयारी भी करनी होती है, खासतौर पर आर्थिक मोर्चे पर. मौजूदा समय में अनुमान है कि मेडिकल महंगाई 12–14% है, जो कि सामान्य महंगाई से काफी ज़्यादा है. ऐसे में गर्भावस्था से जुड़े खर्चे काफी ज़्यादा बढ़ सकते हैं.
चाहे नॉर्मल डिलीवरी की बात हो या फिर सीज़ेरियन की, दोनों में ही खर्च लाखों रुपये तक पहुंच सकते हैं. ये खर्च अक्सर तब सामने आ जाते हैं जब परिवार मातृत्व देखभाल और भावनात्मक रूप मज़बूत होने बारे में सोचते हैं, न कि अस्पताल के खर्चों के बारे में. एक उपयुक्त हेल्थ इंश्योरेंस अस्पताल और प्रसव से जुड़े हुए इन खर्चों को कवर करते हुए आपको इन सभी चुनौतियों से निजात दिलाता है. और तो और इससे जीवन के इस अहम पड़ाव पर परिवार को मां और बच्चे के स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है.
मैटरनिटी कवर क्या है?
अधिकांश कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसियों में मैटरनिटी कवर एक खास फीचर होता है. जो दंपति अपना परिवार शुरू करना चाहते हैं उन्हें यह कवरेज न केवल आर्थिक रूप से मज़बूत बनाता है, बल्कि प्रसव से जुड़े खर्चों के साथ-साथ प्रसव के उपरांत होने वाले देखभाल के खर्चों में भी मदद प्रदान करता है. इसमें प्रसव पूर्व और प्रसव उपरांत 90 दिनों तक के खर्च शामिल होते हैं, जैसे कि अस्पताल में भर्ती होने पर खर्च, दवाइयों का खर्च, डॉक्टर की फीस और सर्जन, नर्स व एम्बुलेंस की फीस इत्यादि. यही नहीं, यह नवजात के स्वास्थ्य की देखभाल करते हुए पहले वर्ष में ज़रूरी टीकों पर होने वाले खर्चों को भी कवर करता है. ध्यान दीजिए कि यह पॉलिसी से जुड़े नियमों और शर्तों पर आधारित हो सकता है.
फीटल फ्लोरिश इंश्योरेंस करता है गर्भस्थ शिशु की खास देखभाल
ध्यान देने वाली बात यह है कि मैटरनिटी कवर में प्रसव के खर्च तो कवर किए जाते हैं, लेकिन इसमें गर्भधारण से लेकर प्रसव तक की जो अवधि होती है, उसके लिए खर्च कवर नहीं किए जाते हैं. यहां आपकी मदद करता है बजाज जनरल इंश्योरेंस का फीटल फ्लोरिश प्रोडक्ट – यह एक ऐसा कवर है जो गर्भ में पल रहे शिशु के मेडिकल खर्चों को पूरा करता है. इसकी यही खासियत इसे पारंपरिक मैटरनिटी कवर से जुदा करती है. यह एडवांस्ड इन-यूट्रो प्रोसीजर को कवर करने के साथ-साथ गर्भावस्था के दौरान जिन महिलाओं को अधिक खतरा होता है उनकी खास देखरेख करते हुए प्रसव पूर्व इलाज की सुविधा भी प्रदान करता है. भारत में लगभग 17% महिलाएं 35 वर्ष के बाद मां बन रही हैं, जिससे कि गर्भावस्था से जुड़े खतरों में भी वृद्धि देखने मिल रही है. इससे एड-ऑन कवर उन परिवारों के लिए बेहद अहम हो जाते हैं जो गर्भावस्था की संपूर्ण अवधि के दौरान पूरी तरह से सुरक्षा प्राप्त करना चाहते हैं. ये ऐसे ज़रूरी इलाज होते हैं जो बच्चे और मां की सेहत की खुशहाली में अहम भूमिका निभाते हैं.
गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य की जांच: इस कवर में ज़रूरी टेस्ट शामिल होते हैं, जिससे कि डॉक्टर को आपके अजन्मे शिशु के स्वास्थ्य की सही जानकारी पता लगाने में मदद मिलती है. इन जांचों से न केवल आनुवंशिक दिक्कतों या खून से जुड़ी किसी समस्या का समय रहते पता चल सकता है, बल्कि डॉक्टर और मेडिकल टीम इलाज का पूरा-पूरा इंतज़ाम भी कर पाते हैं.जीवनरक्षक उपचार: अगर गर्भावस्था के दौरान कोई मामला जटिल हो जाए तो यह इंश्योरेंस इमरजेंसी के साथ-साथ जीवन की रक्षा के लिए बेहतरीन मेडिकल इलाज की सुविधा भी प्रदान करता है. इसमें गर्भ में ही बच्चे को खून की कमी होने पर रक्त चढ़ाना, गर्भ में जुड़वां शिशु होने पर जटिलताओं के मद्देनज़र लेज़र के ज़रिए इलाज करना और अजन्मे शिशु के दिल और वॉल्व से जुड़ी समस्याओं का इलाज करना शामिल है. हालांकि ऐसे मामले दुर्लभ होते हैं, लेकिन ज़रूरत के समय यह इंश्योरेंस आपके लिए जीवनरक्षक साबित हो सकता है.
एडवांस्ड सर्जिकल सुरक्षा: कुछ शिशुओं में जन्म से पहले ही रीढ़, श्वसन तंत्र या उनके पूरे विकास से जुड़ी समस्याएं नज़र आती हैं. ऐसे में प्रसव पूर्व ही सर्जरी के ज़रिए शिशु स्वास्थ्य में सुधार किया जा सकता है. यह कवर खास फीटल मेडिसिन सेंटर में होने वाले एडवांस्ड इलाज के खर्चों को आसानी से कवर करता है, जिससे कि मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य लंबे समय तक खुशहाल बने रहते हैं.
गर्भ में पल रहे शिशु के लिए बेहतरीन इलाज: यह कवर एमनियोटिक फ्लूइड लेवल जो कि शिशु के लिए एक सुरक्षा कवच होता है, के स्तरों को बनाए रखने के लिए बेहतरीन इलाज की सुविधा भी प्रदान करता है. इसके अलावा, इस इंश्योरेंस में शिशु के शरीर के तापमान का नियंत्रण और उसके संपूर्ण विकास की देखरेख की जाती है, जिससे कि शिशु के स्वस्थ विकास के लिए एक योग्य परिवेश का निर्माण होता है.
फीटल मेडिसिन एक ऐसा उभरता हुआ क्षेत्र है, जिसमें गर्भावस्था के दौरान समय रहते मां और शिशु के स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का पता लगाकर उनके स्वास्थ्य में सुधार किया जाता है. अगर आप अपने कवरेज में इस तरह के इलाज या देखभाल को शामिल करते हैं, तो यह हेल्थ इंश्योरेंस गर्भ में पल रहे शिशु और मां दोनों के स्वास्थ्य को सुरक्षा प्रदान करता है. इस इंश्योरेंस की सबसे खास बात यह है कि यह मानता है कि गर्भ में पल रहे शिशु का स्वास्थ्य और उसकी मां का स्वास्थ्य आपस में गहराई से जुड़े हुए हैं. जिससे यह बात पक्की होती है कि परिवार को मुश्किल से मुश्किल समय और गंभीर से गंभीर समस्या में पूरी सुरक्षा मिलेगी. परिवार को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि मैटरनिटी कवर में आमतौर पर कम से कम 2 साल की प्रतीक्षा अवधि होती है, जबकि फीटल फ्लोरिश जैसे प्रसव पूर्व कवर (प्रीनेटल कवर) में प्रतीक्षा अवधि 9 महीने की होती है. यह उन दंपतियों के लिए उपयुक्त है जो अपना माता-पिता बनने की सोच रहे हैं, बजाय उनके जो पहले से ही माता-पिता बनने की राह पर हैं.
अक्सर प्रसव पूर्व देखभाल कवर यानी प्रीनेटल केयर को मैटरनिटी कवर का हिस्सा समझ लिया जाता है, जबकि वास्तव में यह बेहद खास होता है और इसकी अपनी अहम भूमिका होती है. अब जबकि मातृत्व लाभ में मुख्य रूप से प्रसव और प्रसव के उपरांत होने वाली देखभाल पर ध्यान केंद्रित किया जाता है, वहीं प्रीनेटल केयर में गर्भ में पल रहे भ्रूण की देखभाल और ज़रूरतों पर ध्यान दिया जाता है, जिसकी आवश्यकता गर्भावस्था या शिशु के जन्म से कुछ महीने पहले कभी भी हो सकती है. फीटल मेडिसिन में जिस तरह से तरक्की हुई है, उससे न केवल गर्भावस्था के दौरान समय रहते ही शिशु और उसकी मां के स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का पता लग जाता है, बल्कि समय पर इलाज मिलने से दोनों की सेहत खुशहाल हो जाती है. गौरतलब है कि आज भी लोग इस तरह की सहूलियतों के बारे में ज़्यादा जागरूक नहीं हैं.
कई परिवार इस तरह के इंश्योरेंस या विकल्प के बारे में तब सोचते हैं जब कोई मुश्किल की घड़ी आती है. यानी ऐसे समय जब उनके पास वक्त बहुत कम होता है. अगर प्रसव पूर्व देखभाल के लिए ‘प्रीनेटल केयर’ पर विचार किया जाए, तो परिवार इससे मिलने वाली मदद की अहमियत समझ पाएंगे. साथ ही, वे यह भी जान पाएंगे कि किस तरह से यह पारंपरिक कवरेज से अलग है और हमेशा पहले ही सोच-समझकर फैसला लेना इतना अहम क्यों होता है. अब जैसे-जैसे गर्भावस्था की यात्रा में जटिलताएं आ रही हैं ऐसे में आपके के लिए यह जानना भी बेहद ज़रूरी है कि आपको किस-किस तरह की देखभाल मिल सकती हैं, ताकि जो दंपति माता-पिता बनने की दिशा में आगे बढ़ने की योजना बना रहे हैं वे सभी विकल्पों को समझते हुए अपने लिए सर्वश्रेष्ठ निर्णय ले पाएं.



