
पौड़ी गढ़वाल। उत्तराखंड की देवभूमि में साहसिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज पौड़ी गढ़वाल जिले के बिलखेत में आयोजित तीन दिवसीय ‘नयार वैली एडवेंचर फेस्टिवल-2026’ का विधिवत शुभारंभ किया।
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अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे विकास
यह उत्सव न केवल नयार घाटी की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित कर रहा है, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर पैदा करने का माध्यम भी बन रहा है। मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य ‘अंत्योदय’ है, जहां विकास की किरण अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

नयार वैली, जो लैंसडौन, ताड़केश्वर, देवप्रयाग और भैरव गढ़ी जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के बीच बसी हुई है। ये अपनी प्राकृतिक छटा, नदियों, पहाड़ों और घने जंगलों के लिए जानी जाती है। यहां का नयार नदी का प्रवाह और आसपास की ढलानें साहसिक खेलों के लिए आदर्श हैं।
फेस्टिवल के माध्यम से उत्तराखंड को एडवेंचर टूरिज्म का नया ग्लोबल हब बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि ऐसे आयोजन क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे और पलायन को रोकने में मदद करेंगे। फेस्टिवल में रोमांचक गतिविधियों की भरमार है। पैराग्लाइडिंग और पैरामोटरिंग की राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं, माउंटेन बाइकिंग और ट्रेल रनिंग के एंड्योरेंस ग्राइंड्स, व्हाइट वॉटर कयाकिंग, एंगलिंग, जीपलाइन, रिवर्स बंजी और बर्मा ब्रिज जैसी एडवेंचर एक्टिविटीज आयोजित की जा रही हैं।
28 फरवरी तक चलेगा उत्सव
इसके अलावा हॉट एयर बैलून सफारी और लोकल कल्चरल परफॉर्मेंस भी शामिल हैं। ये सभी गतिविधियां 26 से 28 फरवरी तक बिलखेत-सतपुली क्षेत्र में चल रही हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में पौड़ी जनपद के लिए चल रही प्रमुख विकास परियोजनाओं का विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने बताया कि श्रीनगर में लगभग 650 करोड़ रुपये की लागत से नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) का निर्माण युद्ध स्तर पर जारी है, जो क्षेत्र में उच्च शिक्षा को नई दिशा देगा।
LIVE: बिलखेत, पौड़ी गढ़वाल में आयोजित तीन दिवसीय ‘नयार वैली एडवेंचर फेस्टिवल-2026’
https://t.co/0ltvrHtCop— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) February 26, 2026
कोटद्वार में 50 बेड वाले आधुनिक अस्पताल का निर्माण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करेगा। पर्यावरण संरक्षण के तहत खोह नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए 135 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) लगाया जा रहा है। कोटद्वार में ही 11 करोड़ रुपये से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट स्थापित किया जा रहा है, जो कचरा प्रबंधन की समस्या को हल करेगा। पौड़ी के पुराने कलेक्ट्रेट भवन को हेरिटेज बिल्डिंग के रूप में संरक्षित किया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने इतिहास से जुड़ सकें।
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पौड़ी में बन रही एनसीसी एकेडमी
युवाओं में अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भावना जगाने के लिए प्रदेश की पहली एनसीसी एकेडमी भी पौड़ी में बन रही है। मुख्यमंत्री ने मालन नदी पर सड़क पुल और अन्य कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स का उल्लेख करते हुए कहा कि ये परियोजनाएं चारधाम यात्रा के साथ-साथ पर्यटन को आसान बनाएंगी। मुंडेश्वर, ताड़केश्वर जैसे धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाली यह घाटी अब साहसिक पर्यटन का केंद्र बनेगी।सीएम धामी ने सोशल मीडिया पर भी संदेश साझा करते हुए लिखा, “नयार वैली एडवेंचर फेस्टिवल-2026 के माध्यम से पौड़ी की सांस्कृतिक विरासत और साहसिक पर्यटन को वैश्विक मंच पर नई पहचान मिलेगी।”

उन्होंने कहा कि सरकार बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे होटल, होमस्टे, लोकल गाइड्स और अन्य सेवाओं में स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल रहा है। यह फेस्टिवल जिला प्रशासन पौड़ी गढ़वाल द्वारा आयोजित किया गया है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पर्यटन विभाग के प्रयासों का परिणाम है। विशेषज्ञों का मानना है कि नयार वैली का विकास उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में पर्यटन-आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा। यहां की प्राकृतिक सुंदरता, साफ नदियां और हिमालयी दृश्य एडवेंचर प्रेमियों को आकर्षित कर रहे हैं।
एडवेंचर टूरिज्म के केंद्र बनेगी नयार वैली
फेस्टिवल के दौरान लोक नृत्य, सांस्कृतिक प्रदर्शन और स्थानीय व्यंजनों का भी आयोजन किया जा रहा है, जो पर्यटकों को उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति से रूबरू करा रहा है। पौड़ी गढ़वाल के लिए आज का दिन एक मील का पत्थर साबित हुआ है। सीएम धामी के दूरदर्शी नेतृत्व में जहां एक ओर साहसिक पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी परियोजनाएं क्षेत्र को आत्मनिर्भर बना रही हैं। आने वाले समय में नयार वैली न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश के लिए एडवेंचर टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बन सकती है। यह उत्सव पर्यटन के साथ विकास की एक नई मिसाल पेश कर रहा है, जहां रोमांच और रोजगार साथ-साथ चल रहे हैं।
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