
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अवैध निर्माण और प्लाटिंग के खिलाफ लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की कार्रवाई तेज हो गई है। शुक्रवार को एलडीए की प्रवर्तन टीमों ने गोसाईंगंज, सैरपुर और काकोरी क्षेत्रों में कुल 40 बीघा लगभग 25-30 एकड़ क्षेत्रफल में फैली 8 अवैध प्लाटिंग को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। साथ ही, हजरतगंज के डालीबाग इलाके में एक तीन मंजिला अवैध व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स को कोर्ट के आदेश पर सील कर दिया गया।
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विकसति की जा रही थी अवैध कालोनी

यह कार्रवाई एलडीए की तरफ से शहर में अनधिकृत विकास को रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है, जो हाल के महीनों में और सख्त हो गया है। एलडीए के प्रवर्तन जोन-2 के जोनल अधिकारी रवि नंदन सिंह ने बताया कि गोसाईंगंज के ग्राम कासिमपुर बिरूहा में चांद सराय क्रासिंग के पास लगभग 10 बीघा जमीन पर राजेंद्र श्रीवास्तव और अन्य लोगों द्वारा ले-आउट स्वीकृत कराए बिना अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी। यहां सड़कें बनाई जा रही थीं, प्लॉट नंबरिंग की जा रही थी और बिक्री के लिए विज्ञापन भी लगाए गए थे।
एलडीए टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी और बुलडोजर से पूरी प्लाटिंग को समतल कर दिया। अधिकारी ने कहा कि ऐसी अवैध गतिविधियां न केवल शहर की मास्टर प्लान को प्रभावित करती हैं, बल्कि खरीदारों को भी ठगी का शिकार बनाती हैं। एलडीए ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्लॉट या प्रॉपर्टी की खरीद से पहले प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृति की जांच जरूर करें।
समतल की जमीन
प्रवर्तन जोन-3 के जोनल अधिकारी अतुल कृष्ण सिंह ने काकोरी क्षेत्र की कार्रवाई की जानकारी दी। यहां ग्राम इब्राहिमगंज, खुदाईंट और पलेंहदा में सोनू कनौजिया, छोटू, पप्पू लोधी, सोनू और प्रमोद यादव जैसे लोगों द्वारा करीब 20 बीघा जमीन पर 4 अवैध प्लाटिंग चल रही थीं।
इनमें प्लॉट बेचने के लिए बोर्ड लगाए गए थे और कुछ जगहों पर निर्माण भी शुरू हो चुका था। एलडीए ने इन सभी को ध्वस्त कर जमीन को पूरी तरह से समतल कर दिया। अधिकारी ने बताया कि, ये प्लाटिंग बिना किसी स्वीकृति के की जा रही थीं, जो एलडीए एक्ट और भू-उपयोग नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध जताया, लेकिन टीम ने सुरक्षा के साथ काम पूरा किया।इसी तरह, प्रवर्तन जोन-4 के जोनल अधिकारी राजीव कुमार ने सैरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पलहरी, बौरूमऊ और कोडरी भौली में चल रही 10 बीघा की 3 अवैध प्लाटिंग को नष्ट किया।
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व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स सील
यहां दीपू यादव, राजेश वर्मा, स्वरूप और अन्य द्वारा प्लॉटिंग की जा रही थी। एलडीए ने इन क्षेत्रों में बुलडोजर चलाकर अवैध सड़कें, बाउंड्री वॉल और प्लॉट मार्किंग को पूरी तरह मिटा दिया। अधिकारी ने कहा कि, ऐसी गतिविधियां शहर के बाहरी इलाकों में तेजी से फैल रही हैं, लेकिन एलडीए अब जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रहा है। शहर के दिल हजरतगंज में भी एलडीए ने सख्ती दिखाई। प्रवर्तन जोन-6 के जोनल अधिकारी प्रभाकर सिंह ने बताया कि डालीबाग के बटलर रोड पर अंकित शर्मा और अन्य लोगों द्वारा 300 वर्गमीटर भूखंड पर तीन मंजिला व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बनाया जा रहा था।

यह निर्माण बिना मानचित्र स्वीकृति के हो रहा था और कोर्ट में वाद योजित होने के बाद सीलिंग के आदेश पारित हुए थे। एलडीए टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरे कॉम्प्लेक्स को सील कर दिया। इसमें दुकानें और ऑफिस स्पेस बनने वाले थे, लेकिन अब निर्माण पूरी तरह रुक गया है। अधिकारी ने कहा कि, व्यावसायिक क्षेत्रों में नियमों का पालन अनिवार्य है, अन्यथा सख्त कार्रवाई होगी। विभाग की ये कार्रवाई हाल के महीनों में शहर भर में चल रहे अभियान का हिस्सा है।
जब्त हो सकती है संपत्ति
प्राधिकरण ने पिछले कुछ समय में गोसाईंगंज, काकोरी, दुबग्गा, गुडंबा और अन्य इलाकों में सैकड़ों बीघा अवैध प्लाटिंग ध्वस्त की है। एलडीए के उपाध्यक्ष के निर्देश पर ये अभियान तेज हुए हैं, ताकि शहर का मास्टर प्लान प्रभावित न हो और खरीदारों को ठगी से बचाया जा सके। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अवैध प्लाटिंग करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जायेगी और संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है। यह कार्रवाई शहर में रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
अधिकारियों का कहना है कि, अवैध कॉलोनियां न केवल बुनियादी सुविधाओं की कमी पैदा करती हैं, बल्कि जलभराव, ट्रैफिक और पर्यावरणीय समस्याओं में भी इजाफा करती हैं। एलडीए ने आम जनता से अपील की है कि वे केवल स्वीकृत प्रोजेक्ट्स में ही निवेश करें, ताकि बाद में उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। अवैध संपत्तियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और जल्द ही अन्य जोनों में भी ऐसी कार्रवाई की जाएगी।



