
नई दिल्ली। आज शुक्रवार को इंडिया एआई इंपैक्ट समिट का आखिरी दिन था, लेकिन आज वहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जमकर हंगामा किया। दरअसल, भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने समिट के प्रदर्शनी हॉल में शर्टलेस होकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर भी आपत्ति जताई।
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बढ़ा राजनीतिक पारा
इस प्रदर्शन से देश भर में राजनीतिक तापमान बढ़ गया। बीजेपी ने इसे ‘राष्ट्रीय शर्म’ और ‘भारत की वैश्विक छवि खराब करने की साजिश’ करार दिया। वहीं, कांग्रेस ने इसे बेरोजगारी और युवा असंतोष के खिलाफ लोकतांत्रिक अधिकार बताया।
समिट के हॉल नंबर 5 के लॉबी एरिया में दोपहर करीब साढ़े 12 बजे 10 से 12 युवा कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंचे। इन सभी ने QR कोड से रजिस्ट्रेशन कराकर एंट्री ली और स्वेटर/जैकेट पहने हुए अंदर घुसे, जैसे ही वे अंदर पहुंचे अचानक उन्होंने अपने कपड़े उतार दिए और मार्च करते हुए नारेबाजी करने लगे। उनके हाथों में सफेद टी-शर्ट थे, जिन पर पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीरें छपी थीं। टी-शर्ट पर इंडिया यूएस ट्रेड डील, एपस्टीन फाइल्स, पीएम इज कम्प्रोमाइज्ड जैसे नारे लिखे थे। प्रदर्शनकारियों ने ‘इंकलाब जिंदाबाद’ और मोदी विरोधी नारे लगाए। इस प्रदर्शन ने लाबी एरिया में अफरा-तफरी मच गई। कुछ प्रतिभागियों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस हुई।
पुलिस ने लिया हिरासत में
प्रदर्शन कुछ मिनटों तक चला, तभी दिल्ली पुलिस में हालात को कंट्रोल कर लिया और प्रदर्शनकारियों को हॉल से बाहर निकाल दिया। डीसीपी देवेश कुमार महला ने बताया कि लगभग 10 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें बिहार से कृष्णा (35 वर्षीय, IYC राष्ट्रीय सचिव), कुंदन यादव (33 वर्षीय, प्रदेश सचिव), उत्तर प्रदेश से अजय कुमार (प्रदेश उपाध्यक्ष) और तेलंगाना से नरसिम्हा यादव (राष्ट्रीय समन्वयक) शामिल हैं। पुलिस ने कहा कि, इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि उन्होंने आपत्तिजनक टी-शर्ट पहने थे और समिट में व्यवधान डाला।
बीजेपी ने पूरे मामले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे बेशर्मी और राष्ट्रविरोधी बताया और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया, “राष्ट्रीय शर्म! भारत एक प्रतिष्ठित वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है, जहां हम प्रौद्योगिकी में नवाचार और नेतृत्व दिखा रहे हैं, लेकिन कांग्रेस ने गरिमा की जगह व्यवधान चुना। राहुल गांधी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने शर्टलेस होकर हंगामा किया, जो स्पष्ट रूप से भारत को विश्व मंच पर शर्मिंदा करने के उद्देश्य से था।
बीजेपी ने जताई नाराजगी
उन्होंने आगे कहा कि, राजनीतिक विरोध लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन भारत की वैश्विक छवि धूमिल करना नहीं। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने लिखा, कांग्रेस पर शर्म आती है! राहुल गांधी के निर्देश पर अंतरराष्ट्रीय एआई समिट में हंगामा किया। भारत विरोधी कांग्रेस! कांग्रेस को देश से माफी मांगनी चाहिए। ये शहरी नक्सलियों जैसा व्यवहार कर रही है। अन्य बीजेपी नेताओं जैसे संबित पात्रा, पीयूष गोयल और शहजाद पूनावाला ने भी इसे कांग्रेस की अराजकता, ब्रेनलेस और ‘राष्ट्र की छवि खराब करने वाली हरकत बताया।
भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने प्रदर्शन का बचाव करते हुए कहा कि, यह बेरोजगारी से त्रस्त युवाओं का गुस्सा है। उन्होंने कहा, हमने पीएम इज कम्प्रोमाइज्ड जैसे नारे लगाए क्योंकि ट्रेड डील से किसानों और आम नागरिकों को नुकसान हो सकता है। यह लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है। चिब ने दावा किया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण था और युवा कांग्रेस देश के लिए लड़ रही है।
16 से 20 फरवरी तक था कार्यक्रम
इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026′ 16 से 20 फरवरी तक भारत मंडपम में चल रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को इसका उद्घाटन किया। इसमें कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष, वैश्विक एआई विशेषज्ञ, शिक्षाविद, शोधकर्ता और टेक कंपनियों के प्रमुख जैसे सुंदर पिचाई, सैम ऑल्टमैन समेत सैकड़ों दिग्गज शामिल हुए। समिट का उद्देश्य भारत को एआई महाशक्ति के रूप में स्थापित करना है। प्रदर्शन के बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
मौके पर मौजूद एक पुलिस ऑफिसर ने कहा कि, इस घटना के बाद हॉल के अंदर सिक्योरिटी और कड़ी कर दी जाएगी। प्रोटेस्ट कुछ ही मिनट तक चला, जिसके बाद ग्रुप को हॉल से निकाल दिया गया। इस घटना से गेस्ट और दूसरे विज़िटर्स हैरान रह गए, क्योंकि AI इम्पैक्ट समिट के लिए यह अनएक्सपेक्टेड था। पुलिस अधिकारी ने कहा, हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं से पूछताछ की जा रही है। कानून तोड़ने वालों को बक्शा नहीं जायेगा।
राजनीतिक रूप ले सकती है घटना
ये घटना चुनावों के समय राजनीतिक रूप ले सकती है और आरोप प्रत्यारोप की वजह बन सकती है। बीजेपी जहां इसे राष्ट्रविरोधी मानसिकता के रूप में पेश कर रही है। वहीं, कांग्रेस इसे युवा मुद्दों पर केंद्रित बता रही है। ह प्रदर्शन न केवल समिट में व्यवधान पैदा करने वाला रहा, बल्कि देश की वैश्विक मंच पर छवि को लेकर बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजरें इस पर हैं कि कानूनी कार्रवाई क्या रूप लेती है और राजनीतिक पार्टियां इसे कैसे भुनाती हैं।
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