मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी 2025-26: सीएम धामी ने विजेताओं को सौंपा 5 लाख का चेक, कहा- ‘देवभूमि को मिल रही नई पहचान’

देहरादून। उत्तराखंड की खेल संस्कृति को ऊंचाई तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रही मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी 2025-26 का भव्य समापन बुधवार को ननूरखेड़ा मिनी स्टेडियम में हुआ। इस समापन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौजूद रहे और उन्होंने विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया।

इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम धामी ने कहा, राज्य सरकार की नई खेल नीति से खेलों और खिलाड़ियों को नई पहचान मिली है। वहीं,  ग्रामीण क्षेत्रों की छिपी प्रतिभाओं को बड़ा मंच मिल रहा है, जिससे यह प्रतियोगिता सफल रही है।

इसे भी पढ़ें- सीएम धामी ने किया सड़क सुरक्षा मैराथन को फ्लैग ऑफ, युवाओं को दिलाई शपथ

विजेता टीम को मिला पांच लाख का चेक

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने देहरादून जनपद की विजेता टीम को ट्रॉफी और 5 लाख रुपये का चेक प्रदान किया। कैबिनेट मंत्री तथा खेल मंत्री रेखा आर्या ने भी इस मौके पर विजेताओं को बधाई दी और कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष प्रतियोगिता को नए प्रारूप में आयोजित किया गया, जो न्याय पंचायत स्तर से शुरू होकर विधानसभा और संसदीय क्षेत्र स्तर से गुजरते हुए राज्य स्तर तक पहुंची। इस संरचना ने लाखों युवाओं को भाग लेने का मौका दिया और नए चैंपियन तैयार किए।

मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि, उत्तराखंड अब देवभूमि के साथ-साथ खेलभूमि के रूप में भी अपनी पहचान बन रहा है। नई खेल नीति के तहत खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, प्रोत्साहन, छात्रवृत्ति और सरकारी सेवाओं में विशेष अवसर दिए जा रहे हैं। सीएम ने कहा कि, पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में 4 प्रतिशत का आरक्षण का लाभ दिया जायेगा। साथ ही आउट ऑफ टर्न नियुक्तियां भी प्रदान की जा रही हैं। इससे युवाओं का मनोबल बढ़ता है और वे खेल को करियर के रूप में अपनाने केलिए प्रेरित होते हैं

खेल क्षेत्र में लिए गये क्रांतिकारी फैसले

खेल मंत्री रेखा आर्या ने अपने संबोधन के कहा कि, पिछले चार वर्षों में प्रदेश सरकार ने खेल क्षेत्र में कई क्रांतिकारी फैसले लिए हैं, जिनमें पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए आउट ऑफ टर्न प्रोन्नति, सरकारी नौकरियों में 4 प्रतिशत आरक्षण, युवा खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति, प्रदेश में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना और लोहाघाट में गर्ल्स स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण आदि। खेल मंत्री ने कहा, यह समय प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए स्वर्णिम काल रहा है। खेल इंफ्रास्ट्रक्चर का सुनियोजित विकास किया जा रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।

मंत्री रेखा आर्या ने खेल के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया, 39वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारी में यह प्रतियोगिता महत्वपूर्ण मंच साबित होगी। साथ ही वर्ष 2030 में भारत में प्रस्तावित कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 में संभावित ओलंपिक मेजबानी को देखते हुए खिलाड़ियों को अभी से कड़ी मेहनत करनी होगी। उन्होंने जोर दिया कि ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के युवा खिलाड़ी अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं और सरकार उनकी हर संभव मदद कर रही है।

इसे भी पढ़ें- ग्रामीणों से सीधे जुड़ेंगे CM धामी, विकास कार्यों की करेंगे समीक्षा, आज शामिल होंगे मुख्य जन सेवक चौपाल में

दिसंबर में शुरू हुई थी प्रतियोगिता

मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी की यह प्रतियोगिता दिसंबर 2025 में शुरू हुई थी और पूरे प्रदेश में न्याय पंचायत, ब्लॉक, जिला, संसदीय क्षेत्र और राज्य स्तर पर विभिन्न खेलों में मुकाबले हुए। इसमें एथलेटिक्स, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, जूडो, कुश्ती जैसे कई खेल शामिल थे। हजारों खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों के युवा प्रमुख थे।

इस आयोजन ने न केवल खेल प्रतिभाओं को उजागर किया बल्कि युवाओं में खेल के प्रति उत्साह भी बढ़ाया। कार्यक्रम में विधायक उमेश शर्मा काऊ, विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा, खेल निदेशक आशीष चौहान, अपर निदेशक अजय अग्रवाल और जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी 13 जनपदों से आए हजारों खिलाड़ी, कोच और अभिभावक भी इस समापन समारोह में शामिल हुए। मिनी स्टेडियम उत्साह और जोश से भरा हुआ था, जहां खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों का जोरदार स्वागत किया।

 

खेल को जीवन का हिस्सा बनाएं

मुख्यमंत्री धामी ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि, खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है बल्कि अनुशासन, टीम वर्क और दृढ़ संकल्प सिखाता है। उन्होंने युवाओं से अपील की, कि वे खेल को जीवन का हिस्सा बनाएं और राज्य का नाम रोशन करें। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि उत्तराखंड के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर स्वर्ण पदक जीत सकें।

यह समापन समारोह उत्तराखंड सरकार की खेल नीति की सफलता का प्रतीक बना। पिछले कुछ वर्षों में राज्य ने खेल क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।

खेल में बढ़ेगी लड़कियों की भागीदारी

खेल विश्वविद्यालय और गर्ल्स स्पोर्ट्स कॉलेज जैसे कदम लड़कियों की भागीदारी बढ़ाने में मददगार साबित हो रहे हैं। आउट ऑफ टर्न प्रोन्नति और आरक्षण जैसी सुविधाएं खिलाड़ियों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रही हैं, जिससे वे बिना चिंता के खेल पर फोकस कर सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी विजेताओं को प्रमाण पत्र और पुरस्कार दिए गए। देहरादून की टीम ने शानदार प्रदर्शन कर ट्रॉफी अपने नाम की, जो राज्य स्तर पर उनकी मेहनत और टीम स्पिरिट का प्रमाण था।

मुख्यमंत्री और खेल मंत्री ने सभी प्रतिभागियों को बधाई दी और कहा कि यह सिर्फ एक प्रतियोगिता का समापन नहीं, बल्कि नए सपनों और नई ऊर्जा की शुरुआत है।

 

इसे भी पढ़ें- सीएम धामी ने देहरादून को दी 12 करोड़ की सौगात, कहा- पर्यटन को मिलेगी गति, रुकेगा पलायन

Related Articles

Back to top button