UP Budget 2026: योगी सरकार का ऐतिहासिक कदम, बजट में महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आज अपना 10वां बजट पेश किया। ये 2027 में होने वाले विधान सभा चुनाव के पहले का आखिरी बजट है। आज वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना द्वारा विधानसभा में पेश गए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य की लड़कियों की शादी में आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली योजनाओं को मजबूत बनाने के लिए बड़ा प्रावधान किया है।

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बेटियों के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान

बजट में अनुसूचित जाति (SC) और पिछड़े वर्ग (OBC) की लड़कियों की शादी के लिए 100 करोड़ रुपये तथा सामान्य वर्ग की लड़कियों के लिए 50 करोड़ रुपये का अलग-अलग प्रावधान किया गया है। यह फैसला राज्य की गरीब और वंचित परिवारों की बेटियों को सम्मानजनक विवाह में मदद पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

यह बजट योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट है, जिसका अनुमानित आकार 9.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सरकार ने महिलाओं, युवाओं, किसानों और पिछड़े वर्गों को लक्षित कई सौगातें दी हैं। लड़कियों की शादी सहायता योजना में यह नया प्रावधान मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना और अन्य संबंधित योजनाओं को और प्रभावी बनाने का प्रयास है।

बजट भाषण में वित्त मंत्री ने बताया कि, SC और OBC वर्ग की बेटियों की शादी के लिए 100 करोड़ रुपये का अलग फंड बनाया गया है। यह राशि उन परिवारों को दी जाएगी, जहां आय सीमा निर्धारित स्तर से कम है। इसी तरह, सामान्य वर्ग की आर्थिक रूप से कमजोर लड़कियों के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कुल मिलाकर इस मद में 150 करोड़ रुपये से अधिक का बजट रखा गया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में काफी वृद्धि दर्शाता है।

दूर होगी आर्थिक बाधा

सरकार का उद्देश्य है कि, गरीबी और सामाजिक पिछड़ेपन के कारण लड़कियों की शादी में आने वाली आर्थिक बाधाएं दूर हों। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत पहले से ही गरीब परिवारों की बेटियों को 1 लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है, जिसमें नकद, घरेलू सामान और अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल होती हैं।

नए प्रावधान से इस योजना को और मजबूती मिलेगी, खासकर SC/OBC समुदायों में जहां बाल विवाह और आर्थिक तंगी के कारण लड़कियों की शिक्षा प्रभावित होती है। वित्त मंत्री ने कहा, “हमारी सरकार ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ और ‘महिला सशक्तिकरण’ के संकल्प को साकार कर रही है। लड़कियों की शादी में आर्थिक सहायता से न केवल परिवारों को राहत मिलेगी, बल्कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियां भी कम होंगी।

SC/OBC वर्ग के लिए अधिक राशि इसलिए रखी गई है क्योंकि ये समुदाय अधिक प्रभावित होते हैं।

योजना का लाभ और पात्रता

परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम होने पर अधिकतम सहायता (विस्तृत राशि योजना के तहत तय)।

सामान्य वर्ग: EWS (आर्थिक रूप से कमजोर) परिवारों के लिए 50 करोड़ का फंड, जहां आय सीमा 8 लाख तक हो सकती है।
सहायता में नकद ट्रांसफर, सोना-चांदी की बढ़ती कीमतों को देखते हुए अतिरिक्त प्रावधान और सामूहिक विवाह शिविरों में आयोजन।
पिछले वर्षों में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से लाखों लड़कियों को लाभ मिला है। 2017 से अब तक 4 लाख से अधिक गरीब बेटियों की शादी कराई गई है, जिसमें दलित और पिछड़े वर्ग की सबसे ज्यादा संख्या है।

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महिलाओं और बालिकाओं पर फोकस

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बजट में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई अन्य घोषणाएं भी हैं।

मेधावी छात्राओं को स्कूटी: योजना को जारी रखा गया, जिसमें टॉपर्स बेटियों को स्कूटी दी जाएगी।
वृद्धावस्था पेंशन और निराश्रित महिलाओं की पेंशन में 500 रुपये की बढ़ोतरी।
शी-मार्ट योजना का विस्तार: स्वयं सहायता समूहों को बाजार और पूंजी उपलब्ध कराना।
1.43 लाख शिक्षा मित्रों का मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 17 से 20 हजार रुपये करना।
पूर्वांचल और बुंदेलखंड में विकास निधि बढ़ाकर 1900 करोड़, जहां महिला शिक्षा और विवाह पर विशेष ध्यान।

राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव

2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले यह बजट लोकलुभावन माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि यह बजट ‘सबका साथ, सबका विकास’ की नीति का अहम हिस्सा है। विपक्ष का कहना है कि ऐसी योजनाएं केवल चुनावी लाभ के लिए हैं, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि सामूहिक विवाह योजना से दलित, OBC और अल्पसंख्यक परिवारों को सबसे ज्यादा फायदा हुआ है।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा, “यह बजट उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने और हर वर्ग को मुख्यधारा में लाने का रोडमैप है। लड़कियों की शादी में सहायता से सामाजिक न्याय और लिंग समानता को बढ़ावा मिलेगा।” यह प्रावधान राज्य की 25 करोड़ आबादी में महिलाओं और बालिकाओं के लिए एक बड़ा कदम है।

राजनीति के जानकारों का कहना है कि, इससे बाल विवाह में कमी आएगी और लड़कियों की शिक्षा-स्वास्थ्य में सुधार होगा। योगी सरकार ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए बजट का एक बड़ा हिस्सा समर्पित किया है, जो आने वाले वर्षों में राज्य की सामाजिक संरचना को मजबूत करेगा।

 

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