
इस्लामाबाद/कुआलालंपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मलेशिया की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दौरान ही पाकिस्तान के नौसेना प्रमुख एडमिरल नावीद अशरफ ने मलेशिया पहुंचकर रॉयल मलेशियाई नौसेना के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की। यह दौरा ऐसे समय में हुआ जब पीएम मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहीम के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं और दोनों देशों ने रक्षा, सुरक्षा, सेमीकंडक्टर और व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने पर कई समझौते किए।
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समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर चर्चा
पाकिस्तानी नौसेना की मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने इस मुलाकात की पुष्टि की है, जिसमें क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर विस्तृत चर्चा हुई। एडमिरल नावीद अशरफ 3 से 7 फरवरी तक मलेशिया में थे, लेकिन उनकी प्रमुख मुलाकात 8 फरवरी को ठीक उसी दिन हुई, जब पीएम मोदी ने मलेशिया में अपनी प्रमुख द्विपक्षीय बैठकें पूरी कीं।

ISPR के बयान के अनुसार, एडमिरल अशरफ को रॉयल मलेशियाई नौसेना मुख्यालय में चीफ ऑफ रॉयल मलेशियाई नौसेना एडमिरल तन श्री (डॉ.) जुल्हेल्मी बिन इथनैन ने गार्ड ऑफ ऑनर के साथ स्वागत किया। दोनों नौसेना प्रमुखों ने रणनीतिक दृष्टिकोणों को संरेखित करने, ऑपरेशनल सहयोग बढ़ाने, क्षमता निर्माण और समुद्री सुरक्षा चुनौतियों पर समन्वित प्रतिक्रिया पर फोकस किया।
पेशेवर सहयोग पर जोर
एडमिरल अशरफ ने पाकिस्तान नौसेना की क्षेत्रीय स्थिरता में भूमिका को रेखांकित किया, जिसमें रीजनल मैरीटाइम सिक्योरिटी पैट्रोल्स (RMSP) और कॉम्बाइंड मैरीटाइम फोर्सेस (CMF) में भागीदारी शामिल है। उन्होंने मलेशिया के नेशनल हाइड्रोग्राफिक सेंटर का दौरा भी किया, जहां पाकिस्तान के नेशनल हाइड्रोग्राफिक ऑफिस के साथ प्रशिक्षण, डेटा एक्सचेंज और पेशेवर सहयोग पर जोर दिया गया।
ISPR ने कहा कि यह दौरा पाकिस्तान-मलेशिया नौसैनिक साझेदारी की मजबूती और भविष्योन्मुखी समुद्री सहयोग की प्रतिबद्धता को दोहराता है। दोनों पक्षों ने पेशेवर संबंधों को मजबूत करने, नौसैनिक जुड़ाव का विस्तार करने, संयुक्त अभ्यास, प्रशिक्षण और सूचना साझा करने पर चर्चा की।
समुद्री सुरक्षा पर बनी सहमति
समुद्री डकैती, आतंकवाद और सुरक्षित समुद्री संचार मार्गों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सहयोग के महत्व पर सहमति बनी। एडमिरल अशरफ ने हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान नौसेना की प्रतिबद्धता दोहराई और मलेशिया के साथ रक्षा संबंधों को गहरा करने की इच्छा जताई।
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बता दें कि, पीएम मोदी 7-8 फरवरी 2026 को मलेशिया में थे, जहां उन्होंने अनवर इब्राहीम के साथ व्यापक बैठकें कीं। दोनों देशों के बीच 11 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। इसमें रक्षा और सुरक्षा सहयोग, सेमीकंडक्टर, व्यापार, डिजिटल इकोनॉमी, विज्ञान-प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति और पर्यटन शामिल हैं। दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत-मलेशिया को कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप (CSP) को और मजबूत करने पर बल दिया।
व्यापार बढ़ाने पर सहमति

इस दौरान पीएम मोदी ने अपने सबोधन में कहा कि, आतंकवाद पर कोई समझौता नहीं होगा और दोनों देशों ने स्थानीय मुद्राओं (भारतीय रुपया और मलेशियाई रिंगिट) में व्यापार को बढ़ावा देने पर सहमति जताई। मलेशिया में 10वें इंडिया-मलेशिया CEO फोरम की बैठक भी हुई, जिसमें व्यापार और निवेश पर चर्चा हुई। यह यात्रा भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और दक्षिण-पूर्व एशिया में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने का हिस्सा है।
ऑपरेशन सिन्दूर के बाद से एक्टिव है पाक नेवी
यह दौरा पिछले साल मई 2025 में हुए भारत-पाकिस्तान संघर्ष ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान की सेना और नौसेना की सक्रिय कूटनीति का हिस्सा माना जा रहा है। अप्रैल 2025 में पहलगाम (जम्मू-कश्मीर) में हुए आतंकी हमले (जिसमें 26 नागरिक मारे गए) के जवाब में भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, जिसमें पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए गए। ये संघर्ष चार दिन तक चला था। इस संघर्ष में दोनों पक्षों की तरफ से हवाई हमले और मिसाइलें दागी गई थीं। इससे पहले पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान और पीओके में घुसकर जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के ठिकानों को तबाह कर दिया था।
विभिन्न देशों का दौरा कर रहे पाक अधिकारी
इस कार्रवाई से नाराज पाकिस्तान ने ‘मार्का-ए-हक’ और ‘ऑपरेशन बुन्यानुम मारसूस’ के नाम से जवाबी कार्रवाई की। इस घटना के बाद पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी विभिन्न देशों का दौरा कर रहे हैं और रक्षा सहयोग मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, मलेशिया के साथ उसके रिश्ते साल 1957 से राजनयिक रूप से घनिष्ठ हैं और पिछले वर्षों में रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग भी बढ़ा है।जानकार मानते हैं कि, भारत की सक्रियता को देखते हुए पाकिस्तान हिंद महासागर में अपनी उपस्थिति मजबूत करने और क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा में भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है।
पीएम मोदी की यात्रा में रक्षा सहयोग पर फोकस

इधर, मलेशिया दोनों देशों के साथ संतुलित संबंध रखने में भरोसा कर रहा है। भारत के साथ CSP और पाकिस्तान के साथ नौसैनिक साझेदारी दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। पीएम मोदी की यात्रा के दौरान रक्षा सहयोग पर फोकस रहा। वहीं, पाकिस्तानी नेवी चीफ की मुलाकात समुद्री सुरक्षा पर केंद्रित थी। यह संयोग क्षेत्रीय शक्ति संतुलन की जटिलता को दर्शाता है, जहां मलेशिया जैसे देश कई पक्षों से लाभ लेने की कोशिश करते हैं।
कुल मिलाकर, यह दौरा पाकिस्तान की नौसेना कूटनीति की सक्रियता को दिखाता है, जबकि भारत अपनी रणनीतिक साझेदारियों को मजबूत कर रहा है। दोनों घटनाएं हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का संकेत हैं, जहां समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद विरोध और आर्थिक सहयोग प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं।
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