योगी आदित्यनाथ ने पैतृक गांव में बच्चे को खिलाई चॉकलेट, दुलारा, कहा- हम भी तुम्हारे दादा है

देहरादून। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस समय उत्तराखंड दौरे पर हैं। वे अपने पैतृक गांव पंचूर (पौड़ी गढ़वाल) में समय बिता रहे हैं। शुक्रवार छह फरवरी को गांव पहुंचकर उन्होंने रात्रि विश्राम किया। शनिवार सुबह उन्होंने गांव का भ्रमण किया और रिश्तेदारों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने गांव और परिवार के बच्चों को दुलारा, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

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बच्चों को दुलारा

वायरल वीडियो में योगी आदित्यनाथ एक बच्चे को गोद में लेकर चॉकलेट खिलाते दिखाई दे रहे हैं और मुस्कुराते हुए कह रहे हैं, “हम भी तुम्हारे दादा हैं…”। मुख्यमंत्री का आत्मीय और भावुक पल सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया जा रहा है, जहां लोग मुख्यमंत्री की सादगी और पारिवारिक लगाव की तारीफ कर रहे हैं।

अपने गांव पहुंचे सीएम योगी

आपको बता दें कि पौड़ी गढ़वाल का ये पंचूर गांव योगी आदित्यनाथ का जन्मस्थान है। उनका बचपन यही बीता है। यही पर रहकर उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण की। दौरे के दौरान उन्होंने गांव की पगडंडियों पर टहलते हुए बुजुर्गों का हालचाल जाना और बच्चों से देर तक बात की। वायरल वीडियो में बच्चे को चॉकलेट देते हुए उनका ठहाका और प्यार भरी बातें दिल छू लेने वाली हैं।

योगी ने ग्रामीणों को गांव में रहने, खेतीबाड़ी करने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा, गांव की जड़ें मजबूत रहेंगी तो देश मजबूत बनेगा। यह दौरा उनके लिए न केवल व्यक्तिगत बल्कि भावनात्मक भी था, जहां वे मुख्यमंत्री की हैसियत से नहीं, बल्कि एक गांव वाले के रूप में नजर आए।

यमकेश्वर इंटर कॉलेज भवन का लोकार्पण

गांव पहुंचने से पहले शुक्रवार को सीएम योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यमकेश्वर स्थित इंटर कॉलेज के नवनिर्मित दो मंजिला भवन का संयुक्त उद्घाटन किया। कार्यक्रम से पहले दोनों नेताओं ने यमकेश्वर के प्राचीन शिव मंदिर में दर्शन किया और पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने उनका स्वागत किया।

व्यवहारिक ज्ञान पर दिया बल

उद्घाटन समारोह में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, भौतिक विकास जीवन का अंतिम उद्देश्य नहीं है, बल्कि यह तात्कालिक आवश्यकताओं की पूर्ति का माध्यम है। विद्यालय केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाएं।

उन्होंने पौराणिक गुरुकुल परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि गुरुकुल व्यक्ति को सशक्त, संस्कारवान और पारंगत बनाने का प्रभावी माध्यम था। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए योगी ने कहा कि इसमें अध्ययन के साथ व्यवहारिक ज्ञान पर विशेष बल है। उत्तराखंड सरकार इस दिशा में सराहनीय कार्य कर रही है।

धामी ने की योगी की तारीफ़

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ को सुरक्षा, सुशासन और विकास का प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्रवासियों के लिए गर्व की बात है कि योगी का इसी क्षेत्र में बचपन बिता है और उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा भी यही से प्राप्त की है। आज वे देश के सशक्त नेतृत्वकर्ता हैं। धामी ने योगी के जीवन को सेवा, त्याग और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण की मिसाल बताया। उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई और विकास की नई छवि अंकित हुई।

धामी ने कहा कि विद्या मनुष्य का सबसे बड़ा आभूषण है। शिक्षा रोजगार का साधन नहीं, बल्कि संस्कार, चेतना और नैतिक मूल्यों का विकास है। सनातन संस्कृति में शिक्षा को जीवन निर्माण का आधार माना गया है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सरकार ने पिछले चार वर्षों में 28 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं।

शिक्षा पर दिया जोर

यह दौरा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच मजबूत संबंधों का प्रतीक है। योगी आदित्यनाथ के पैतृक गांव दौरे ने उन्हें एक आम इंसान के रूप में पेश किया, जहां वे मुख्यमंत्री से ज्यादा एक परिवार के सदस्य लगे।

वीडियो में बच्चे को दुलारते हुए “हम भी तुम्हारे दादा हैं” कहना उनकी सादगी और मानवीयता को दर्शाता है। शिक्षा पर जोर देते हुए योगी ने ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक शिक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों के संतुलन की बात की। दोनों मुख्यमंत्रियों का संयुक्त कार्यक्रम क्षेत्रीय विकास और सहयोग का संदेश देता है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

गांववासियों के लिए यह दौरा प्रेरणा स्रोत बना, जहां मुख्यमंत्री ने खेती, शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर फोकस किया। यह घटना सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है, जहां लोग योगी की सादगी और बच्चों से लगाव की तारीफ कर रहे हैं। उत्तराखंड दौरे के दौरान योगी ने कई अन्य कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया, लेकिन पैतृक गांव का यह पल सबसे भावुक और यादगार रहा।

 

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