मुंबई में पहली बार होगा BJP का मेयर! रितु तावड़े ने किया नामांकन, संजय घाड़ी बनेंगे उप महापौर, चुनाव 11 फरवरी को

मुंबई। महायुति गठबंधन ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के महापौर और उप महापौर पदों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने रितु तावड़े को महापौर पद के लिए अपना उम्मीदवार नामित किया है, जबकि एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना ने संजय शंकर घाड़ी को उप महापौर पद के लिए चुना है। यह घोषणा 7 फरवरी 2026 को हुई, जब नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि समाप्त हो रही थी।

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तीसरी बार पार्षद बनी हैं ऋतु

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बता दें कि, महापौर का चुनाव 11 फरवरी को होना है और बहुमत के आधार पर महायुति की जीत लगभग तय मानी जा रही है।    महापौर पद के लिए मुंबई के बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम ने रितु तावड़े का नाम घोषित किया। रितु तावड़े घाटकोपर वार्ड नंबर 132 से पार्षद हैं और वे तीसरी बार पार्षद चुनी गई हैं। इससे पहले वे बीएमसी की शिक्षा समिति की अध्यक्ष रह चुकी हैं। महापौर पद इस बार खुली श्रेणी (ओपन कैटेगरी) में महिलाओं के लिए आरक्षित है, इसलिए महिला उम्मीदवार अनिवार्य थी। भाजपा के लिए ये एक ऐतिहासिक पल है, क्योंकि 25 वर्षों बाद शिवसेना से महापौर पद छिन गया है और बीजेपी का नेता इस पद पर बैठेगा।

1997 से था शिवसेना का कब्जा

उल्लेखनीय है कि, 1997 से इस पद पर शिवसेना का कब्जा था, उस वक्त शिवसेना का विभाजन नहीं हुआ था, लेकिन अब बीजेपी पहली बार मुंबई में बीजेपी का मेयर होगा। रितु तावड़े एक अनुभवी नेता हैं। वे 2017 में पहली बार घाटकोपर वार्ड 121 से पार्षद चुनी गईं थी। इसके बाद उन्होंने वार्ड 132 से जीत दर्ज की।

उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे जैसे मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई है। महायुति में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है, इसलिए महापौर पद बीजेपी को मिलना तय था। ऐसे में शिवसेना शिंदे गुट ने उप महापौर के पद पर दावा ठोंका, जिसे मान लिया गया। इसके बाद शिवसेना नेता राहुल शेवाले ने संजय शंकर घाड़ी को उप महापौर पद का उम्मीदवार घोषित किया। घाड़ी मागाथाने वार्ड नंबर 5 से पार्षद चुने गये हैं।

डेढ़ साल उप महापौर रहेंगे घाड़ी

शिवसेना सचिव संजय मोरे ने स्पष्ट किया कि घाड़ी 15 महीने (डेढ़ साल) तक उप महापौर रहेंगे। इसके बाद शिवसेना अपने अन्य तीन पार्षदों को अवसर देगी। घाड़ी उन वरिष्ठ पूर्व पार्षदों में से हैं जो शिवसेना (यूबीटी) से अलग होकर एकनाथ शिंदे के साथ आए थे। यह फैसला गठबंधन में संतुलन बनाए रखने के लिए लिया गया है।

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बीएमसी के 227 सदस्यीय सदन में महायुति गठबंधन के पास स्पष्ट बहुमत है। हाल ही में 15 जनवरी 2026 को हुए चुनावों में बीजेपी ने 89 सीटें जीतीं, जबकि शिंदे गुट की शिवसेना ने 29 सीटें हासिल कीं। कुल 118 सीटें महायुति के पास हैं, जो बहुमत के आंकड़े 114 से ज्यादा हैं। इससे महापौर और उप महापौर दोनों पद महायुति के खाते में जाने तय हैं।

शिवसेना (यूबीटी) के हाथ से फिसली मुंबई

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इधर, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) को इस इस चुनाव में करारी हार का सामना करना पर और उसके हिस्से में 65 सीटें आई। नतीजतन उसे महापौर का पद गंवाना पड़ा। उसके सहयोगी गुट महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने 6 और शरद पवार की एनसीपी ने 1 सीट जीतीं। विपक्षी गठबंधन के पास कुल 72 सीटें हैं। कांग्रेस ने 24, एआईएमआईएम ने 8, अजीत पवार गुट की एनसीपी ने 3, समाजवादी पार्टी ने 2 सीटें जीतीं। दो निर्दलीय भी जीते।

9 साल बाद हुआ चुनाव

महापौर पद के लिए 11 फरवरी को बीएमसी मुख्यालय में मतदान होगा, जहां सभी पार्षद अपना महापौर चुनेंगे। आज नामांकन का आखिरी दिन है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस विपक्ष में उम्मीदवार उतार सकती हैं, लेकिन बहुमत के अभाव में जीत मुश्किल है।

बीएमसी चुनाव 9 साल बाद हुए थे, क्योंकि पिछली बार 2017 में चुनाव हुए थे और उसके बाद प्रशासक शासन चला। बीएमसी देश का सबसे अमीर नागरिक निकाय है, जिसका 2025-26 का बजट 74,450 करोड़ रुपये है। ये कई छोटे राज्यों के बजट से काफी ज्यादा है। नए महापौर और उप महापौर को इस बजट का प्रबंधन, बुनियादी ढांचा, सफाई, स्वास्थ्य और विकास परियोजनाओं की जिम्मेदारी मिलेगी।

बढ़ी मुंबई के लोगों की उम्मीदें

15 जनवरी 2026 को हुए बीएमसी के चुनाव में महायुति (बीजेपी-शिवसेना शिंदे गुट) के लिए जीत हासिल हुई थी।  इस जीत के साथ ही 25 साल से राज कर रही शिवसेना के हाथ से मुंबई चली गई। उद्धव ठाकरे गुट अब बीएमसी में मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएगा। चुनाव परिणामों में महाराष्ट्र की राजनीति में ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार (केंद्र-राज्य-नगर निगम) की ताकत देखने को मिली। रितु तावड़े और संजय घाड़ी की जोड़ी मुंबई को नई दिशा देगी। मुंबई के लोगों को उम्मीद है कि नए नेतृत्व में विकास कार्य तेज होंगे और मुंबई की समस्याओं जैसे- ट्रैफिक, बाढ़, स्लम और प्रदूषण पर मेन फोकस होगा।

 

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