बजट 2026: आर्थिक सर्वेक्षण से पहले पीएम का संबोधन, कहा- ‘सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन सरकार की पहचान बन गए हैं’

नई दिल्ली। गुरुवार 29 जनवरी को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश (बजट 2026) किया गया। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन को संबोधित करते हुए कहा, देश का ध्यान केंद्रीय बजट पर केंद्रित होना स्वाभाविक है, क्योंकि बजट देश की आर्थिक दिशा और विकास प्राथमिकताओं को तय करता है। हालांकि, सरकार की पहचान सिर्फ़ बजट तक सीमित नहीं रही है। हाल के वर्षों में, सरकार ने ‘सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन’ की नीति के माध्यम से देश के विकास को नई रफ्तार दी है।

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तेजी से आगे बढ़ रही ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’

Budget 2026

प्रधानमंत्री ने कहा कि, भारत अब सुधारों की ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। सुधारों की यह यात्रा सिर्फ़ सरकार तक सीमित नहीं है, बल्कि संसद के सभी सदस्यों के सकारात्मक सहयोग से लगातार मज़बूत हो रही है। संसद में अपने सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके सहयोग और सकारात्मक ऊर्जा के कारण, सुधारों की यह ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ लगातार आगे बढ़ रही है। देश अब लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के दायरे से आगे बढ़कर स्थायी और दूरगामी समाधानों की की तरफ कदम बढ़ा चुका है।

भारत और यूरोपीय संघ डील का जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में  भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का भी जिक्र किया और कहा  ये डील आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी भारत की दिशा में एक बड़ा कदम। उन्होंने कहा कि, यह समझौता देश के उज्ज्वल भविष्य और भारतीय युवाओं के लिए नए अवसरों का संकेत है। यह समझौता एक आत्मविश्वासी, प्रतिस्पर्धी और उत्पादक भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि मौजूदा तिमाही बहुत सकारात्मक नोट पर शुरू हुई है और आज एक आत्मविश्वासी भारत दुनिया के लिए आशा की किरण बनकर उभरा है।

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पीएम मोदी ने कहा, भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता भविष्य की उज्ज्वल दिशा और भारतीय युवाओं के भविष्य को दर्शाता है। उन्होंने इसे “महत्वाकांक्षी भारत के लिए मुक्त व्यापार, महत्वाकांक्षी युवाओं के लिए मुक्त व्यापार और आत्मनिर्भर भारत के लिए मुक्त व्यापार” बताया। पीएम मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि, विशेष रूप से भारतीय निर्माता इस अवसर का उपयोग अपनी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए करेंगे।

21वीं सदी की पहली तिमाही पूरी हुई 

पीएम मोदी ने देश के विकास के दीर्घकालिक लक्ष्यों के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी की पहली तिमाही पूरी हो गई है और अब अगला चरण शुरू हो रहा है। अगले 25 साल का यह समय 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए बहुत ज़रूरी होगा। उन्होंने बताया कि इस नए दौर का पहला बजट जल्द ही संसद में पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की भूमिका का ज़िक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वह देश की पहली महिला वित्त मंत्री हैं, जो लगातार नौवीं बार संसद में बजट पेश करेंगी। उन्होंने इसे संसदीय इतिहास में एक गर्व का पल बताया।

इसके अलावा, पीएम मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का अभिभाषण 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास, क्षमताओं और आकांक्षाओं, खासकर युवाओं की उम्मीदों की अभिव्यक्ति है। पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि, संसद के सभी सदस्य राष्ट्रपति द्वारा दिए गए संदेश को गंभीरता से लेंगे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अभिभाषण

बता दें कि, बुधवार को संसद का बजट सत्र राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने मोदी सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला, जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की ओर से प्रतिक्रियाएं आईं। अपने भाषण के दौरान राष्ट्रपति ने सभी सांसदों से विकसित भारत की दिशा में मिलकर काम करने का आग्रह किया।

 

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