स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद को लेकर शिवपाल ने बीजेपी पर साधा निशाना, कहा- कैसे सनातनी हैं, जो…

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के सीनियर नेता शिवपाल यादव ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इस मामले को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, भाजपा धर्म और सनातन धर्म के नाम पर झूठ बोलती है। प्रयागराज में असली मेला स्नान समारोहों और संतों का होता है,  लेकिन यहां तो संतों का अपमान हो रहा है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जैसे संतों का अगर यहां अपमान हो रहा है, तो ये कैसे सनातनी हैं।

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विपक्ष ने घेरा

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद

गौरतलब है कि, प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या स्नान पर्व के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके समर्थकों की मेला प्रशासन से झड़प हो गई थी। इसके घटना से नाराज शंकराचार्य ने संगम स्नान करने से इंकार कर दिया और अपने कैंप के बाहर धरने बैठ गए, उनका धरना अभी भी जारी है। इस पूरे मामले को लेकर विपक्ष ने बीजेपी को आड़े हाथों लिया है और उसके सनातनी होने पर सवाल उठा रहा है। वहीं अब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर सपा नेता शिवपाल यादव का बयान सामने आया है।

किस धर्म की बात करते हैं बीजेपी वाले?

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा है कि, प्रशासन को शंकराचार्य से माफ़ी मांगनी चाहिए। शिवपाल ने कहा, धर्म और सनातन धर्म के नाम पर बीजेपी झूठ बोलती है। प्रयागराज में असली मेला और स्नान समारोह संतों के जरिए शुरू किया गया था। अगर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जैसे लोगों का वहां अपमान होता है और उन्हें नहाने नहीं दिया जाता, तो ये BJP वाले सनातनी कैसे माने जा सकते हैं? वे किस धर्म की बात करते हैं?

सॉफ्ट हिंदुत्व का रवैया अपना रही सपा

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद

सपा नेता ने, BJP पर सनातन धर्म का अपमान करने का भी आरोप लगाया। शिवपाल के इस बयान के बाद कई तरह चर्चाएं शुरू हो गई हैं। माना जा रहा है कि, समाजवादी पार्टी सॉफ्ट हिंदुत्व वाला रवैया अपनाने लगी है। इस पूरे विवाद को 2027 के UP चुनाव की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ प्रदर्शन शुरू

इधर, प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। दरअसल, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बसंत पंचमी स्नान पर्व के मौके पर संगम स्नान नहीं किया। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अभी मौनी अमावस्या है। शंकराचार्य का कहना है कि, प्रशासन उनसे माफी मांगे। ऐसे में विवाद अभी थमता हुआ नहीं नजर आ रहा है।

अखिलेश यादव ने भी भाजपा पर साधा निशाना

इससे पहले 23 जनवरी को समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भी प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के दौरान मौनी अमावस्या पर स्नान को लेकर ज्योतिष पीठ बद्रीनाथ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था, BJP जाएगी, तो मान बच जाएगा। सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर बसंत पंचमी की बधाई देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने लिखा- “किसी को नहाने से मत रोको, न दान करने से। सदियों से बह रही सनातनी धारा को मत रोको। BJP जाएगी तो मान बच जाएगा।”

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अहंकारी लोग बेतुके बयान देते हैं: अखिलेश 

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद

इससे पहले अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा था कि, जगद्गुरु शंकराचार्य और उनके अनुयायियों के साथ भाजपा के अभद्र और अपमानजनक व्यवहार से सच्चे सनातनी बहुत दुखी हैं और अब खुलकर बोल रहे हैं।  उन्होंने आगे लिखा- जिस तरह से इंटरनेट पर उनके समर्थन में आम लोगों के वीडियो बढ़ रहे हैं, उससे लगता है कि BJP के धर्म विरोधी पाप के खिलाफ जनता का गुस्सा चरम पर है। न्यूज़ चैनल पर पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य को जिस तरह से संबोधित किया गया, वह भी अपमानजनक है। हमारे देश में धर्म का झंडा उठाने वालों के सामने हाथ जोड़े जाते हैं, बांधे नहीं जाते हैं,  लेकिन अहंकारी लोग माफी नहीं मांगते, बल्कि बेतुके तर्क देते हैं।

क्या है विवाद की वजह

प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में 17 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद रथ और पूरे लाव-लश्कर के साथ संगम स्नान को पहुंचे थे, लेकिन प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए, उन्हें रास्ते में ही रोक लिया और आगे की यात्रा पैदल करने को कहा। इसे लेकर ज्योतिष पीठ बद्रीनाथ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, उनके शिष्यों और मेला प्रशासन के बीच तीखी झड़प हो गई थी, जो अब बड़े विवाद का रूप ले चुकी है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने योगी सरकार और मेला प्रशासन पर धार्मिक परंपराओं को नज़रअंदाज़ करने और संत समुदाय का अपमान करने का आरोप लगाया।

 

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