लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा और हरित परिवहन की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रहा है। देश में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग अवसंरचना के विकास और विस्तार के बीच उत्तर प्रदेश अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रहा है। प्रदेश में पिछले पांच सालों में 2,316 इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं। यह उपलब्धि प्रदेश के बढ़ते शहरीकरण और औद्योगिक विकास को दर्शानें के साथ-साथ योगी सरकार की दूरदर्शी नीतियों का भी स्पष्ट प्रमाण हैं। याहवी ग्रुप के सीईओ संदीप यादव का कहना है कि उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन को स्थापित करने की दिशा में तेजी आगे बढ़ रहा है। याहवी ग्रुप की ओर से उत्तर प्रदेश के मथुरा और वृंदावन में ईवी चार्जिंग स्टेशन (ट्रकों के लिए) स्थापित किये गए हैं।

चार्जिंग नेटवर्क में उत्तर प्रदेश की मजबूत हिस्सेदारी
देश भर में स्थापित कुल 29,151 इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों में उत्तर प्रदेश का उल्लेखनीय योगदान है। प्रदेश में स्थापित 2,316 चार्जिंग स्टेशनों में 540 फास्ट चार्जर और 1,776 स्लो चार्जर शामिल हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि प्रदेश सरकार ने शहरी और अर्ध शहरी दोनों क्षेत्रों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए संतुलित चार्जिंग नेटवर्क विकसित किया है। लखनऊ, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज और आगरा जैसे प्रमुख शहरों में ईवी चार्जिंग सुविधाओं का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
योगी सरकार की स्पष्ट नीति और विजन
उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करना सरकार की प्राथमिकता में सम्मिलित है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में निवेश अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए निजी कंपनियों और निवेशकों को लगातार प्रोत्साहन मिल रहा है।
पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास का संतुलन
योगी सरकार का फोकस विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी है। इलेक्ट्रिक वाहनों और चार्जिंग अवसंरचना के विस्तार से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और प्रदूषण नियंत्रण को मजबूती मिलेगी। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े और घनी आबादी वाले प्रदेश में यह पहल वायु गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। इसके साथ ही पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम होने से अर्थव्यवस्था को भी दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।केंद्र सरकार की फेम-1 और फेम-2 योजनाओं के अंतर्गत देश भर में 9,576 ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं, जिनका लाभ उत्तर प्रदेश को भी मिला है। इसके अतिरिक्त पीएम ई-ड्राइव योजना के अंतर्गत ईवी चार्जिंग विस्तार के लिए 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले कुछ साल में उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में तेज वृद्धि होगी। इसे ध्यान में रखते हुए योगी सरकार एक्सप्रेस-वे, औद्योगिक क्षेत्रों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और पर्यटन स्थलों पर चार्जिंग स्टेशन विकसित करने की रणनीति पर काम कर रही है।
Sarkari Manthan Hindi News Portal & Magazine