
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित सचिवालय में कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में कुल 12 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई, जो राज्य के विभिन्न क्षेत्रों शिक्षा, पर्यटन, कृषि, पशुपालन, आबकारी और कर्मचारी कल्याण से जुड़े हुए हैं।
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बैठक की शुरुआत एक भावपूर्ण शोक प्रस्ताव से हुई, जिसमें उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और सेना के वरिष्ठ अधिकारी मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी तथा देश के मशहूर निशानेबाज और पद्म श्री से सम्मानित जसपाल राणा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद विस्तृत चर्चा के बाद एक-एक कर सभी महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
चुनिन्दा राज्यों में शामिल हुआ उत्तराखंड
धामी कैबिनेट के सबसे ऐतिहासिक फैसलों में से एक यह रहा कि, उत्तराखंड को पूर्णतः साक्षर राज्य घोषित करने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। यह उत्तराखंड के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। राज्य सरकार लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में विशेष प्रयास कर रही थी और अब इस घोषणा के साथ उत्तराखंड देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है जो पूर्ण साक्षरता का दर्जा प्राप्त कर चुके हैं। इससे राज्य की शैक्षिक प्रतिष्ठा में इजाफा होगा और केंद्र सरकार की योजनाओं में भी राज्य को प्राथमिकता मिलने की संभावना बढ़ेगी।
संस्कृत नियमावली में संशोधन को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में उत्तराखंड संस्कृत नियमावली 2026 में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। उत्तराखंड पहले से ही संस्कृत को अपनी दूसरी राजभाषा का दर्जा दे चुका है और इस संशोधन के जरिए संस्कृत शिक्षा और उससे जुड़े प्रशासनिक ढांचे को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। इससे राज्य में संस्कृत शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों को लाभ मिलेगा।
समान वेतन के प्रस्ताव पर मुहर
आज की कैबिनेट बैठक की सबसे बड़ी और सबसे चर्चित खबर उपनल कर्मचारियों के लिए आई। धामी कैबिनेट ने उपनल के सभी कर्मचारियों को समान कार्य, समान वेतन देने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। इसके साथ ही कट ऑफ डेट से इतर वाले कर्मचारियों को भी इस फैसले के दायरे में शामिल किया गया है। उपनल कर्मचारी वर्षों से इस मांग के लिए संघर्ष करते आ रहे थे। कई बार आंदोलन हुए, धरने-प्रदर्शन हुए, लेकिन आज उनकी यह सालों पुरानी मांग आखिरकार पूरी हो गई। यह फैसला हजारों उपनल कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं है।
आबकारी नियमावली में बड़ा बदलाव
कैबिनेट ने आबकारी नियमावली में भी एक महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी दी। अब तक वेट और सेस के रूप में लगने वाले दोहरे कर की व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। यह फैसला व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए राहत भरा है। दोहरे कराधान की समस्या से लंबे समय से कारोबारी परेशान थे और अब इस संशोधन से कारोबारी माहौल सरल और पारदर्शी बनेगा।
हिमालय कार रैली को मिली हरी झंडी
पर्यटन के क्षेत्र में उत्तराखंड को एक बड़ी सौगात देते हुए धामी कैबिनेट ने पर्यटन विभाग द्वारा प्रस्तावित हिमालय कार रैली के आयोजन को मंजूरी दे दी। यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्तर का होगा जिसमें विश्व के 25 देश भाग लेंगे। धामी सरकार इस आयोजन को भव्य और यादगार बनाना चाहती है। हिमालय की वादियों में आयोजित होने वाली यह कार रैली न केवल राज्य में पर्यटन को नई ऊंचाई देगी, बल्कि उत्तराखंड को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित करेगी। इससे स्थानीय रोजगार, होटल उद्योग और परिवहन क्षेत्र को भी सीधा लाभ मिलेगा।
सगंध पौधा केंद्र में बनेगी परफ्यूम जांच प्रयोगशाला
कृषि विभाग के अंतर्गत सेलाकुई स्थित सगंध पौधा केंद्र में परफ्यूम की जांच के लिए एक आधुनिक प्रयोगशाला स्थापित करने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी। उत्तराखंड में सगंध फसलों की खेती तेजी से बढ़ रही है और इस प्रयोगशाला के बनने से किसानों को अपनी फसल की गुणवत्ता जांचने की सुविधा राज्य में ही मिल सकेगी। इससे किसानों को बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी और उन्हें उचित मूल्य दिलाने में भी मदद मिलेगी।
घोड़े खच्चर का होगा बीमा
चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आस्था और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस यात्रा में इस्तेमाल होने वाले पशुओं — खच्चर, घोड़े आदि — के बीमे को लेकर भी कैबिनेट ने अहम फैसला किया। अब इन पशुओं की बीमा धनराशि का 20 फीसदी हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी। इस योजना पर सरकार करीब एक करोड़ रुपये खर्च करेगी। इससे पशु मालिकों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और यात्रा मार्गों पर पशुओं की बेहतर देखभाल भी सुनिश्चित होगी।
कृत्रिम गर्भधारण योजना को मंजूरी
पशुपालन विभाग के अंतर्गत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कृत्रिम गर्भधारण योजना को भी कैबिनेट ने स्वीकृति दी। इस योजना के जरिए उन्नत नस्ल के पशुओं की संख्या बढ़ाई जाएगी, जिससे दूध उत्पादन में वृद्धि होगी और पशुपालक किसानों की आय में सुधार होगा।
सड़क निर्माण टेंडर की समयसीमा बढ़ी
कोलतार की अनुपलब्धता के कारण कई सड़क निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे थे। इसे देखते हुए कैबिनेट ने संबंधित टेंडरों की अनुबंध अवधि बढ़ाने का फैसला किया। इससे ठेकेदारों को राहत मिलेगी और निर्माण कार्य समय पर पूरे होने की संभावना बनेगी।
राज्य आंदोलनकारियों को मिलेगा आरक्षण
कैबिनेट बैठक में राज्य आंदोलनकारियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। हाल में हुई भर्तियों में राज्य आंदोलनकारियों को 10 फीसदी क्षैतिज आरक्षण देने का प्रस्ताव मंजूर किया गया। उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में भाग लेने वाले लोगों और उनके परिजनों के लिए यह एक सम्मानजनक निर्णय है।
अभ्यस्त अपराधी की परिभाषा तय
कैबिनेट बैठक में कारागार नियमावली को लेकर भी एक अहम निर्णय लिया गया। इसमें अभ्यस्त अपराधी की स्पष्ट परिभाषा निर्धारित की गई है, जिससे जेल प्रशासन को बार-बार अपराध करने वाले कैदियों से निपटने में स्पष्ट कानूनी दिशानिर्देश मिलेंगे।
कुल मिलाकर धामी कैबिनेट की यह बैठक उत्तराखंड के विकास की दिशा में कई मोर्चों पर एक साथ कदम बढ़ाने वाली साबित हुई।
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