नई दिल्ली: भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने घोषणा की है कि उत्तर प्रदेश की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट मंगलवार को पब्लिश की जाएगी। यह कदम राज्य में चुनावी तैयारियों में पारदर्शिता और सभी योग्य वोटर्स को शामिल करने के उद्देश्य से उठाया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग (सीईओ) और जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) इस प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।

ड्राफ्ट रोल का उद्देश्य और प्रक्रिया
अधिकारियों के मुताबिक, ड्राफ्ट रोल की हार्ड कॉपी राज्य की सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों को उपलब्ध कराई जाएगी। इसका मकसद पार्टी प्रतिनिधियों को जांच की सुविधा देना और अगर कोई गड़बड़ी हो तो आपत्ति उठाने या सुधार सुझाने का अवसर देना है। आयोग चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता में विश्वास को मजबूत करने के लिए सीधे राजनीतिक हितधारकों को शामिल कर रहा है।
ऑनलाइन सुविधा से घर बैठे चेक करें अपना नाम
डिजिटल एक्सेस के जरिए ये रोल्स जनता के लिए आसानी से उपलब्ध होंगे। नागरिक सरकारी दफ्तरों में जाए बिना अपनी जानकारी का सत्यापन कर सकेंगे। इसमें अनुपस्थित, शिफ्ट हुए, मृत या डुप्लीकेट वोटर्स की लिस्ट भी शामिल होगी। यह कदम वोटर डेटाबेस की सटीकता और गलत एंट्री रोकने के लिए उठाया गया है।
आपत्ति और सुधार की प्रक्रिया
नागरिक और राजनीतिक पार्टियां ड्राफ्ट रोल की समीक्षा कर सकेंगे। यदि किसी नाम को गलत तरीके से कैटेगराइज किया गया है, तो आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। अधिकारियों ने बताया कि ड्राफ्ट रोल का पब्लिकेशन अंतिम चरण नहीं है, बल्कि निरंतर रिवीजन की प्रक्रिया का हिस्सा है। फाइनल लिस्ट पब्लिश होने से पहले सभी आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
यूपी चुनाव में पारदर्शिता और भागीदारी की नींव
यह पहल यह सुनिश्चित करने पर जोर देती है कि उत्तर प्रदेश में हर योग्य वोटर सही ढंग से रजिस्टर्ड हो और लिस्ट में कोई त्रुटि न हो। राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य में यह कदम चुनावी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सहभागी बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
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