
नई दिल्ली। रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी की पत्नी और पूर्व अभिनेत्री टीना अंबानी ने मनी लांड्रिंग के एक मामले में एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) के समन को दूसरी बार अनदेखा कर दिया। मंगलवार को उन्हें पूछताछ के लिए पेश होना था, लेकिन वे एजेंसी के सामने नहीं पहुंचीं। यह घटना पिछले कुछ हफ्तों में दूसरी बार हुई है, जब टीना अंबानी ने ईडी के नोटिस का जवाब नहीं दिया।
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10 फरवरी को भेजा गया पहला नोटिस
एक रिपोर्ट के अनुसार, पहला समन 10 फरवरी 2026 को जारी किया गया था, लेकिन उस समय भी टीना अंबानी पेश नहीं हुई थीं। इसके बाद एजेंसी ने नया समन जारी किया, जिसके मुताबिक उन्हें आज मंगलवार एजेंसी के सामने पेश होना था, लेकिन इसे भी उन्होंने नजरअंदाज कर दिया। हालांकि, अभी ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि, उन्होंने पेश न होने की कोई औपचारिक वजह जांच अधिकारी को बताई है या नहीं। ईडी अधिकारी अब उन्हें नई तारीख पर समन जारी करने पर विचार कर रहे हैं, ताकि उनसे पूछताछ की जा सके।
बता दें कि, ईडी के समक्ष ये मामला प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत दर्ज है और मुख्य रूप से रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) की कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के दौरान 2023 में हुई एक संपत्ति की बिक्री से जुड़ा हुआ है। ईडी का आरोप है कि, न्यूयॉर्क के मैनहट्टन में स्थित एक लग्जरी आवासीय संपत्ति (कंडोमिनियम) को धोखाधड़ी से बेचा गया था। इस संपत्ति की बिक्री से प्राप्त लगभग 8.3 मिलियन अमेरिकी डॉलर (2023 में करीब 69.55 करोड़ रुपये) का लेन-देन संदिग्ध तरीके से हुआ।
पूछताछ में आया है टीना अंबानी का नाम
एजेंसी का कहना है कि, बिक्री की राशि अमेरिका से दुबई स्थित एक इकाई को नकली निवेश व्यवस्था के रूप में ट्रांसफर की गई, जो पाकिस्तान से जुड़े किसी व्यक्ति द्वारा नियंत्रित थी। यह सारी कार्रवाई रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (आरपी) की जानकारी या सहमति के बिना की गई। आरकॉम ने इस कथित धोखाधड़ी वाली बिक्री की जानकारी 2025 में शेयर बाजार को दी थी। ईडी ने इस मामले में पूर्व आरकॉम प्रेसिडेंट पुनित गर्ग को हाल ही में गिरफ्तार किया है।
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पूछताछ के दौरान गर्ग से मिली जानकारी के आधार पर टीना अंबानी का नाम सामने आया था। अब एजेंसी इस संपत्ति की खरीद से जुड़े धन के स्रोत और लेन-देन की जांच करना चाहती है। इसी सबंध में टीना अंबानी (68 वर्षीय) से पूछताछ की जाएगी और उनका बयान दर्ज किया जाएगा। टीना अंबानी के ये बया PMLA की धाराओं के तहत दर्ज होगा। ईडी का कहना है कि, यह जांच रिलायंस ग्रुप की विभिन्न कंपनियों से जुड़े बड़े पैमाने पर बैंक ऋण डिफॉल्ट और फंड डायवर्शन के व्यापक नेटवर्क का हिस्सा है।
बैंक लोन डिफॉल्ट का आरोप
उल्लेखनीय है कि, अनिल अंबानी की कंपनियों पर कुल 40,000 करोड़ रुपये से अधिक के बैंक लोन डिफॉल्ट का आरोप है, जिसमें आरकॉम, रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) जैसी इकाइयां शामिल हैं।ईडी ने अब तक अनिल अंबानी और उनकी ग्रुप कंपनियों की 12,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां अटैच की हैं, जिनमें बैंक बैलेंस, रिसीवेबल्स, अनकोटेड शेयरहोल्डिंग्स और अचल संपत्तियां शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एजेंसी ने अनिल अंबानी के खिलाफ जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) भी गठित की है, ताकि मामले की गहन जांच हो सके और जल्द नतीजे निकाले जा सकें। अनिल अंबानी को भी इस जांच के सिलसिले में दूसरी बार समन जारी किया गया है। उन्हें बुधवार को ईडी के सामने पेश होना है। वह इससे पहले अगस्त 2025 में एजेंसी के समक्ष पेश हो चुके हैं।
फंड्स के दुरुपयोग का आरोप
ईडी ने तीन अलग-अलग Enforcement Case Information Reports (ECIR) दर्ज किए हैं, जो PMLA के तहत पुलिस FIR के समकक्ष हैं। इनमें RHFL पर 5,400 करोड़ रुपये से अधिक के डिफॉल्ट, RCFL पर 6,281 करोड़ रुपये के डिफॉल्ट और आरकॉम पर 40,185 करोड़ रुपये के आउटस्टैंडिंग का जिक्र है। यह मामला भारतीय बैंकिंग सिस्टम में बड़े पैमाने पर फ्रॉड और मनी लांड्रिंग के आरोपों को उजागर करता है, जहां पब्लिक सेक्टर के बैंकों से लिए गए फंड्स का कथित तौर पर दुरुपयोग किया गया।
ईडी का दावा है कि, ये डिफॉल्ट प्रोसीड्स ऑफ क्राइम बनते हैं और जांच आगे बढ़ने पर कानूनी कार्रवाई तेज होगी।अभी तक टीना अंबानी या अनिल अंबानी की ओर से इस मामले पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं आया है। ईडी जांच को आगे बढ़ाते हुए नए समन जारी कर सकती है और जरूरत पड़ने पर कोर्ट की मदद भी ले सकती है। अब देखना ये होगा कि ईडी तीन अंबानी को नया समन कब जारी जारी करता है और क्या वे ईडी के समक्ष पेश होती है या नहीं। अगर नहीं पेश होती है तो ईडी उनके पूछताछ के लिए कौन सा तरीका अपनाता है।
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