किसान ही तय करेगा कि उसे अपनी फसल को कहां बेचना है: योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को मेरठ में कहा कि किसान अन्नदाता है। अपनी फसल और उपज का मालिक भी है। वही तय करेगा कि उसे अपनी फसल को कहां बेचना है। उस पर कोई टैक्स न मण्डी के अंदर न बाहर, कहीं नहीं लगना चाहिए। आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने यही कहा है। उन्होंने कहा कि किसान भाइयों के कंधे पर बंदूक रखकर भारत की एकता और अखंडता को चुनौती दी जा रही है, देश की सुरक्षा में सेंध लगाने का कार्य किया जा रहा है( यह कतई स्वीकार्य नहीं होगा… समाधान संवाद से होगा, संघर्ष से नहीं…।

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किसान ही तय करेगा कि उसे अपनी फसल को कहां बेचना है: योगी आदित्यनाथ

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने ‘किसान सम्मान निधि योजना’ का शुभारंभ किया। विपक्ष कहता था कि चुनावी शिगूफा है, लोग कहते थे कि कोरोना कालखण्ड में यह रुक जाएगी। प्रधानमंत्री जी ने कहा कि मंत्री, सांसद, विधायक का वेतन रुकेगा लेकिन किसान की किसान सम्मान निधि नहीं रुकेगी। हम किसान भाइयों से मिलें तो हमारा संबोधन “राम राम” होना चाहिए और हमारी बहन-बेटियों की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले दुराचारियों व अपराधियों की “राम नाम सत्य है” की यात्रा निकलनी चाहिए…। किसान ही तय करेगा कि उसे अपनी फसल को कहां बेचना है: योगी आदित्यनाथ

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भारत सरकार के सहयोग से ₹32,000 करोड़ की लागत से मेट्रो रेल का एक नया विकल्प आरआरटीएस ट्रेन के माध्यम से पहली बार इतनी लंबी दूरी के रूट के तौर पर मेरठ से दिल्ली को जोड़ने की कार्ययोजना बन रही है। इस ट्रेन को मेरठ के बाद मुजफ्फरनगर तक चलाने का भी प्रस्ताव भेजा गया है। किसान ही तय करेगा कि उसे अपनी फसल को कहां बेचना है: योगी आदित्यनाथ

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