स्मार्टफोन में 20,000mAh बैटरी की तैयारी! चीनी कंपनियों से आगे निकला Samsung, डुअल बैटरी टेक्नोलॉजी की टेस्टिंग शुरू

सियोल: स्मार्टफोन यूजर्स के लिए बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। अब वह दिन दूर नहीं जब फोन को बार-बार चार्ज करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सैमसंग अपने स्मार्टफोन्स के लिए 20,000mAh की दमदार बैटरी पर काम कर रहा है और इसकी टेस्टिंग भी शुरू हो चुकी है। खास बात यह है कि जिस टेक्नोलॉजी पर चीनी कंपनियां अभी तक पूरी तरह सफल नहीं हो पाईं, उसमें सैमसंग ने बड़ी बढ़त बना ली है।

चीनी कंपनियों से अलग रास्ते पर Samsung
फिलहाल कई चीनी स्मार्टफोन ब्रांड्स सिलिकॉन-कार्बन बैटरी टेक्नोलॉजी पर शिफ्ट हो चुके हैं, लेकिन सैमसंग ने अभी तक अपने फ्लैगशिप फोन्स में लिथियम-आयन बैटरी का ही इस्तेमाल किया है। Galaxy S25 Ultra और S25 Edge में भी यही टेक्नोलॉजी देखने को मिली थी। ऐसे में अचानक 20,000mAh बैटरी की टेस्टिंग की खबर ने यूजर्स के बीच उत्साह बढ़ा दिया है।

Samsung की नई डुअल-स्टैक बैटरी टेक्नोलॉजी
AndroidHeadlines की रिपोर्ट के अनुसार, Samsung SDI एक नई डुअल-स्टैक बैटरी पर काम कर रही है। इसमें दो बैटरी सेल्स को एक-दूसरे के ऊपर जोड़ा जा रहा है। बताया जा रहा है कि एक बैटरी 12,000mAh और दूसरी 8,000mAh की होगी। दोनों को मिलाकर कुल क्षमता 20,000mAh तक पहुंच जाती है, जो मौजूदा स्मार्टफोन बैटरियों से लगभग चार गुना ज्यादा है।

मोटाई बढ़ेगी, लेकिन बैकअप होगा जबरदस्त
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि इतनी बड़ी बैटरी के कारण फोन थोड़ा मोटा जरूर हो सकता है, लेकिन इसके बदले यूजर्स को शानदार बैटरी बैकअप मिलेगा। यही वजह है कि भविष्य में यह टेक्नोलॉजी न सिर्फ सैमसंग बल्कि अन्य ब्रांड्स के स्मार्टफोन्स में भी इस्तेमाल की जा सकती है।

27 घंटे का स्क्रीन ऑन टाइम!
बताया जा रहा है कि सैमसंग की यह 20,000mAh बैटरी एक सिंगल चार्ज पर करीब 27 घंटे का स्क्रीन ऑन टाइम देने में सक्षम है। फिलहाल बाजार में मौजूद बेहतरीन बैटरी बैकअप वाले स्मार्टफोन्स भी औसतन 10 से 12 घंटे का स्क्रीन ऑन टाइम ही दे पाते हैं। ऐसे में 27 घंटे का आंकड़ा स्मार्टफोन यूज के तरीके को पूरी तरह बदल सकता है।

सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
हालांकि सैमसंग के सामने सबसे बड़ी चुनौती बैटरी सेफ्टी की है। एक साल से ज्यादा चली टेस्टिंग के दौरान करीब 960 चार्जिंग साइकिल के बाद 8,000mAh वाली बैटरी में सूजन देखी गई। इसकी मोटाई 4mm से बढ़कर 7.2mm तक पहुंच गई, जो स्मार्टफोन के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। अगर सैमसंग इस समस्या का समाधान नहीं कर पाया, तो यह टेक्नोलॉजी बाजार तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना कर सकती है।

 

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