वसंत पंचमी पर पीएम मोदी का बड़ा ऐलान, 2030-31 तक जारी रहेगी अटल पेंशन योजना

नई दिल्ली: वसंत पंचमी के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के करोड़ों लोगों को राहत देने वाला बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने अटल पेंशन योजना को 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और निम्न आय वर्ग के लोगों के कल्याण के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यह फैसला बुजुर्गों की आय सुरक्षा को और मजबूत करेगा।

पीएम मोदी ने क्या कहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में लिखा कि देशभर के असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिक भाई-बहनों के हित सरकार की प्राथमिकता हैं। इसी दिशा में अटल पेंशन योजना को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है, जिससे करोड़ों लोगों को वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा मिलती रहेगी।

क्या है अटल पेंशन योजना

अटल पेंशन योजना भारत सरकार की एक सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2015 में की गई थी। यह योजना खासतौर पर असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए बनाई गई है। योजना का मकसद सेवानिवृत्ति के बाद नियमित पेंशन के जरिए आर्थिक सहारा देना है।

कौन कर सकता है योजना में आवेदन

अटल पेंशन योजना में वही व्यक्ति शामिल हो सकता है जिसकी उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच हो, जो भारतीय नागरिक हो, जिसके पास बैंक खाता हो और जो आयकर दाता न हो। यह योजना सरकारी कर्मचारियों या अन्य पेंशन योजनाओं से जुड़े लोगों के लिए लागू नहीं है। हालांकि, बाकी सभी पात्र नागरिक इसमें शामिल हो सकते हैं।

60 साल बाद मिलती है गारंटीड पेंशन

इस योजना के तहत लाभार्थी को 60 वर्ष की आयु के बाद गारंटीड मासिक पेंशन मिलती है। पेंशन की राशि 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये प्रतिमाह तक हो सकती है, जो व्यक्ति द्वारा किए गए योगदान पर निर्भर करती है। यह पेंशन जीवनभर मिलती है। अगर कोई व्यक्ति 18 वर्ष की उम्र में योजना से जुड़ता है तो 1,000 रुपये की मासिक पेंशन के लिए उसे करीब 42 रुपये प्रति माह जमा करने होते हैं। वहीं, 5,000 रुपये की पेंशन के लिए लगभग 210 रुपये प्रतिमाह का योगदान देना होता है। योगदान जितना अधिक होगा, पेंशन उतनी ही ज्यादा मिलेगी।

मृत्यु के बाद भी परिवार को सुरक्षा

योजना के तहत लाभार्थी की मृत्यु के बाद पेंशन उसके जीवनसाथी को दी जाती है। दोनों की मृत्यु होने पर नामित व्यक्ति को जमा की गई कुल राशि दी जाती है। अगर निवेश पर मिलने वाला रिटर्न तय सीमा से कम रहता है तो सरकार अंतर की भरपाई करती है, जबकि रिटर्न अधिक होने पर लाभार्थी को अतिरिक्त फायदा मिलता है।

करोड़ों लोगों को मिल चुका है फायदा

अटल पेंशन योजना अब तक देश के करोड़ों लोगों के लिए बुजुर्गावस्था में आय का मजबूत सहारा बनी है। सरकार के इस फैसले से आने वाले वर्षों में और ज्यादा लोग इस योजना से जुड़कर सुरक्षित भविष्य की ओर कदम बढ़ा सकेंगे।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया सरकारी मंथन के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...