MLC चुनाव: यूपी में भाजपा को 5 सीटें, वाराणसी सपा के खाते में, बिहार में 4 सिटिंग MLC हारे

लखनऊ। चार राज्यों की 28 विधान परिषद (MLC) सीटों के नतीजों में सबसे बड़ा उलटफेर बिहार में देखने को मिला। यहां भाजपा के पांच बार के MLC नवल किशोर यादव समेत चार सिटिंग MLC चुनाव हार गए। वहीं प्रशांत किशोर की जन सुराज ने दरभंगा शिक्षक सीट जीतकर विधान परिषद में अपना खाता खोल लिया। उत्तर प्रदेश में भाजपा ने 5 सीटों पर कब्जा जमाया, जबकि वाराणसी शिक्षक सीट सपा के खाते में गई। कर्नाटक की चारों सीटें भाजपा-जेडीएस गठबंधन ने जीत लीं, जहां कांग्रेस को एक सीट गंवानी पड़ी। महाराष्ट्र की 5 सीटों पर मतगणना जारी है, जिसमें महायुति 3 और NCP (SCP) 2 सीटों पर आगे चल रही है।

 इसे भी पढ़ें- MLC चुनाव 2026: यूपी में बीजेपी का दबदबा, कर्नाटक में एनडीए का क्लीन स्वीप, देखें पूरी लिस्ट

यूपी: गोरखपुर में भाजपा को निर्दलीय की कड़ी टक्कर

उत्तर प्रदेश में गोरखपुर सीट पर मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है। यहां भाजपा प्रत्याशी ध्रुव त्रिपाठी की बढ़त लगातार घटती जा रही है। निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं।

MLCElection

आगरा शिक्षक सीट पर सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल ने जीत दर्ज की। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी हरि किशोर तिवारी को हराया। आकाश अग्रवाल हाल में उस समय चर्चा में आए थे, जब वह फूट-फूटकर रोते हुए इस्लाम धर्म कबूलने की धमकी देते नजर आए थे। आगरा की स्नातक सीट पर भाजपा के मानवेंद्र प्रताप सिंह और झांसी स्नातक सीट पर सपा के डॉ. मान सिंह यादव ने जीत का दावा किया है, हालांकि, दोनों सीटों पर आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।

बिहार: पटना में 30 साल बाद भाजपा की हार

बिहार विधान परिषद की 8 सीटों में से 4 शिक्षक निर्वाचन सीटों के नतीजे आ चुके हैं। सबसे बड़ा झटका पटना शिक्षक सीट पर भाजपा को लगा, जहां 30 साल बाद पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। राजद के डॉ. संजीव ने नवल किशोर यादव को 1,057 वोटों से मात दी।

तिरहुत शिक्षक सीट पर भाजपा के नरेन्द्र सिंह 600 वोटों से जीते। सारण शिक्षक सीट पर भाजपा के बागी और निर्दलीय उम्मीदवार राहुल राज ने 1,815 वोटों से जीत हासिल की। दरभंगा में जन सुराज के सुरेश प्रसाद राय विजयी रहे। तिरहुत स्नातक सीट पर वंशीधर लगातार बढ़त बनाए हुए हैं।

कर्नाटक: कांग्रेस को झटका, चारों सीटें NDA के खाते में

कांग्रेस की सरकार वाले कर्नाटक में विधान परिषद की चार सीटों पर पार्टी को हार झेलनी पड़ी। विपक्षी जनता दल (सेक्युलर) यानी जेडीएस ने कांग्रेस से एक सीट छीन ली, जबकि उसकी सहयोगी भाजपा ने अपनी तीनों सीटें बरकरार रखीं।

बेंगलुरु शिक्षक सीट पर भाजपा के समर्थन से मैदान में उतरे जेडीएस उम्मीदवार एपी रंगनाथ ने कांग्रेस के मौजूदा MLC पुट्टन्ना को 908 वोटों से हराया। रंगनाथ को 10,810 और पुट्टन्ना को 9,902 वोट मिले।

उत्तर-पूर्व शिक्षक सीट पर भाजपा के मौजूदा MLC शशिल जी. नामोशी ने कांग्रेस उम्मीदवार शरणप्पा मत्तूर को 3,297 वोटों के अंतर से हराया। नामोशी को 15,596 और मत्तूर को 12,299 वोट मिले। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, नामोशी ने इस सीट पर लगातार पांचवीं बार जीत दर्ज की है।

भाजपा का दावा: कांग्रेस को जनता का समर्थन नहीं

नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि MLC चुनाव के परिणाम बताते हैं कि कांग्रेस को जनता का समर्थन नहीं मिला। उन्होंने यह भी कहा कि ये चुनाव ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर और बैलेट बॉक्स से कराए गए थे। त्रिवेदी के अनुसार, इस चुनाव में कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला और पार्टी वोट चोरी के आरोप लगाकर अपने चुनावी प्रदर्शन से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है। यह भाजपा का पक्ष है।

कैसे होते हैं शिक्षक और स्नातक सीटों के चुनाव?

सामान्य तौर पर विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन सीटों पर वही मतदाता वोट डालते हैं, जो इन श्रेणियों में पंजीकृत होते हैं। यानी शिक्षक सीट पर शिक्षक और स्नातक सीट पर पंजीकृत स्नातक मतदाता। इन चुनावों में आमतौर पर बैलेट पेपर का इस्तेमाल होता है और मतगणना में समय लगता है, इसीलिए कई सीटों के नतीजे चरणबद्ध तरीके से आते हैं।

अब इन सीटों पर टिकी नजरें

फिलहाल गोरखपुर में भाजपा और निर्दलीय के बीच कांटे की टक्कर, आगरा और झांसी की स्नातक सीटों पर आधिकारिक घोषणा और महाराष्ट्र की 5 सीटों के अंतिम नतीजे सबसे अहम हैं। बिहार की बाकी सीटों पर भी मतगणना के नतीजे आना शेष है। इन नतीजों के बाद ही साफ होगा कि चार राज्यों के इन चुनावों में किस दल का पलड़ा कितना भारी रहा।

 

 इसे भी पढ़ें- शिक्षकों को 5 लाख तक कैशलेस इलाज, 1.5 करोड़ तक बीमा, MLC चुनाव से पहले CM ने गिनाईं उपलब्धियां 

Related Articles

Back to top button